Homeदेश-समाजकहीं सड़क पर बवाल, तो कहीं सोशल मीडिया पर घृणा: बकरीद पर भारत को...

कहीं सड़क पर बवाल, तो कहीं सोशल मीडिया पर घृणा: बकरीद पर भारत को ‘इस्लामी मुल्क’ लिखने वाला सैयद हुसैन छपरा में गिरफ्तार, राजस्थान में ‘कुर्बानी’ के विरोध में उतरे हिंदू संगठन

बकरीद पर फेसबुक पोस्ट के माध्यम से भारत को 'इस्लामिक देश' कहकर विवाद खड़ा किया गया, तो कहीं सड़कों पर नमाज पढ़ने और जानवरों की कुर्बानी को लेकर प्रदर्शन देखने को मिले।

बकरीद के दिन भारत के कुछ हिस्सों से शांति भंग करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने की कोशिशों की खबरें सामने आई हैं। यह कोई पहला मौका नहीं है जब बकरीद पर इस तरह के विवाद देखने को मिले हों। पिछले वर्ष 2024 में भी बकरीद के दौरान कुछ समूहों द्वारा हंगामा और शांति भंग की घटनाएँ सामने आई थीं। साल 2025 में भी बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों से अशांति और विवाद की खबरें मिली हैं। कहीं फेसबुक पोस्ट पर भारत को ‘इस्लामिक देश’ कहकर विवाद खड़ा किया गया, तो कहीं सड़कों पर नमाज पढ़ने और जानवरों की कुर्बानी को लेकर प्रदर्शन देखने को मिले।

बिहार के छपरा में ‘इस्लामी देश’ विवाद

बकरीद से ठीक पहले बिहार के छपरा में एक फेसबुक पोस्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सैयद हुसैन नामक एक युवक ने अपने फेसबुक अकाउंट पर भारत को ‘इस्लामी देश’ बताते हुए लिखा, “कल इस्लामिक देश भारत मे ईद-उल-अजहा मनाई जाएगी।” इसके बाद उसने लोगों को बधाई दी। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिससे विभिन्न समुदायों में आक्रोश फैल गया और बड़े पैमाने पर हंगामा हुआ।

छपरा के SSP ने तुरंत इस मामले का संज्ञान लिया और साइबर सेल को जाँच के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे किसी भी भड़काऊ पोस्ट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने आरोपित सैयद हुसैन को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहनता से जाँच की जा रही है। छपरा में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

राजस्थान में सड़कों पर नमाज से यातायात भंग

इसी तरह राजस्थान में भी, यहाँ हिंदुओं ने बकरीद के मौके पर माँग की थी कि जानवरों की कुर्बानी पर रोक लगे और ऐसे काम सार्वजनिक जगहों पर न किए जाएँ। इसके अलावा नमाज के नाम पर भी आवाजाही बाधित न हो क्योंकि इससे आम लोगों को दिक्कत होती है।

हालाँकि मुस्लिम समुदाय ने इस पर क्या गौर किया क्या नहीं, ये नहीं सामने आया। मगर नाराज हिंदू संगठन ने ऐसी स्थिति से निपटने के लिए योगी मॉडल अपनाने की वकालत की है।

पहले भी बकरीद पर हुए कई हंगामे

साल 2024, कुशीनगर में बकरीद के दिन सरकारी जमीन पर जबरन नमाज पढ़ने का मामला सामने आया था। आरोप था कि ग्राम प्रधान के पति की साजिश से बरात घर की आड़ में मस्जिद निर्माण की कोशिश की जा रही थी। एक हिन्दू पंच की शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी और 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में कार्यवाही में ढिलाई बरतने के आरोप में भी 3 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर उन पर जाँच बिठाई गई है।

वहीं बरेली में बकरीद के मौके पर एक गाँव में मंदिर के सामने भैंस की कुर्बानी दी गई थी। हिन्दू पक्ष की शिकायत पर FIR दर्ज कर इस्लाम, शफी, अखलाक और इसरार के बेटों सहित कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

एक मामला शामली से भी देखने को मिला था। बकरीद के समय पशु हत्या की वीभत्स तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में पुलिस ने जावेद को गिरफ्तार किया था। यह तस्वीर आरोपित जावेद ने व्हाट्सएप स्टेटस पर लगाई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राष्ट्रीय हितों की अनदेखी, मुस्लिम तुष्टिकरण पर जोर: गाँधी परिवार की चाहत- इजरायल को छोड़ फिलिस्तीन का समर्थन करे मोदी सरकार, अखबारी लेख में...

भाजपा का आरोप है कि कॉन्ग्रेस विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी वोट-बैंक की राजनीति कर भारत की वैश्विक छवि कमजोर करती है।

जब भगवान पड़ते हैं बीमार… पुरी की जगन्नाथ परंपरा में 15 दिनों तक बंद हो जाते हैं मंदिर के द्वार: जानें भक्त-भगवान के इस...

पुरी में देव स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान जगन्नाथ के बीमार होने, अनसर गृह में विश्राम, गुप्त सेवा और रथयात्रा से जुड़ी अनोखी सनातन परंपरा।
- विज्ञापन -