यह शर्मनाक घटना कानपुर की है, जहाँ के नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित मछरिया में मदरसा बना हुआ है। यहाँ मदरसे में बतौर मौलवी मोहम्मद जावेद ने परिसर में आने वाली 16 वर्षीय मासूम को अपनी हवस का शिकार बना डाला।
पीड़ित परिवार को लगातार केस वापस लेने की धमकी मिल रही है। मीना (बदला हुआ नाम) की माँ ममता सिंह ने बताया कि उनके परिवार पर केस दर्ज न करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। फ़िलहाल, गाँव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
इस मामले को आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार), 511 (दंडनीय अपराध), 325 एससी/ एसटी अधिनियम और 7/8 POCSO के तहत FIR दर्ज कर लिया है और शाहनवाज़ को हिरासत में ले लिया है।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून अख़बार ने सिविल अस्पताल में मेडिकल जाँच में बलात्कार की पुष्टि का दावा किया है। दावा जिले के डिस्ट्रिक्ट हेल्थ अफसर के हवाले से किया गया है।
असलम के बारे में पता चला है कि इससे पहले भी वो कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। उसने अपने ही रिश्तेदार की बच्ची का बलात्कार किया था जिसके लिए उसे साल 2014 में गिरफ़्तार भी किया गया था।
टप्पल में बच्ची के परिवार से मिलने के लिए डीएम भी पहुँचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। साथ ही बाल आयोग की टीम भी मौके पर पहुँची।
'सोनम' की माँ ने कहा है कि असलम नाम के आरोपित ने अपनी 4 साल की बेटी के साथ भी बलात्कार किया था और उसकी पत्नी अपनी बेटी को लेकर अपने पिता के घर चली गई थी।
ऐसे समय में जब लोग अपनी ग़लती को सुधारने के लिए तैयार हैं और आगे की तरफ बढ़ रहे हैं, इस तरह की फ़िल्में जातिगत पहचान के पुराने ढकोसले को अपने गले से नीचे उतारने का एक बेशर्म प्रयास है, जिसकी जितनी निंदा की जाए वो कम है।