एक जाँच अधिकारी ने आरोपित के ख़िलाफ़ 2011 में हलफनामा दर्ज करवाया था, लेकिन सही प्रक्रिया फॉलो न करने के कारण उसे प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज कर दिया गया था। इसके बाद ये मामला उस समय सुर्खियों में आया जब दोबारा मनोज को 2012 में सपा से टिकट मिला और साथ ही उन्हें मंत्री भी बनाया गया।
गिरफ़्तार होने के बाद मौलाना ने बताया कि जब वो बच्चा था तब वो ख़ुद भी यौन शोषण का शिकार हुआ था। मौलाना ने कहा कि उसने एक व्यक्ति से बदला लेने के लिए उसकी बेटी का बलात्कार किया क्योंकि कभी उसने भी उसका (यूसुफ़) यौन उत्पीड़न किया था।
अलवर में एक युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई क्योंकि उसने अपने 2 दोस्तों के साथ मिलकर शादी से लौट रही एक बच्ची का रेप किया था। हत्या का आरोप पीड़िता के परिजन पर लगा है। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है।
ये लड़ाई हवसी मानसिकता को सुधारने की है, लड़कियों को समाज में भोग की वस्तु के बजाय सशक्त बनाने की है... शरिया के लागू होने का सुझाव सिर्फ़ आक्रोश में उचित लग सकता है, लेकिन एक सभ्य समाज में हर अपराध पर ऐसे कानून की बात करना अनुचित है।
पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती आतंकी मानसिकता वाले शरिया कानून को थोपने की बात कह गईं। चुनावी मौसम में और आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए मुस्लिम वोट बैंक को खुश करने का इससे बेहतर अवसर (या घिनौना?) शायद उन्हें दुबारा नहीं मिलता।
दलित महिला 5 मई को अपनी गर्भवती बहू को लेकर कठूमर सामूदायिक अस्पताल पहुँची थी। यहाँ डिलीवरी के बाद छुट्टी नहीं मिलने से अस्पताल में रुकी हुई थी। रेप पीड़िता ने बताया कि मंगलवार की रात एंबुलेंस 108 के ड्राइवर ने डिलीवरी से जुड़े जरूरी कागजों की बात कही और अपने साथ डिलीवरी रूम ले गया। वहाँ उसके मुँह में कपड़ा ठूँसकर उसके साथ रेप किया।
ये मेरा ही तो रूप है जो बसों में उस पर गिर जाता है, जो गर्ल्स हॉस्टल की खिड़कियों की सीध में अपने लिंग पर हाथ फेरता है। वो मैं ही तो होता हूँ जो अपनी किसी जान-पहचान की बच्ची को चॉकलेट देकर कहीं ले जाता हूँ, और उसके साथ हैवानियत दिखाने के बाद उसकी हत्या भी कर देता हूँ।
पीड़िता के पिता द्वारा दी गई शिकायत के मुताबिक, छोटू और सूरज दोनों उनके घर गए और बेटी का विश्वास जीतकर उसे अगवा कर ले गए। यह घटना मार्च के पहले सप्ताह में हुई थी।