साल 2017 में काजोल बीफ पार्टी के कारण विवादों में घिरी थीं। कथित तौर पर काजोल ने महाराष्ट्र में बीफ बैन होने के बावजूद अपने दोस्त के घर बीफ पार्टी की थी।
एक अन्य लिबरल भी अपने भीतर की पीड़ा छिपा नहीं पाए। उन्होंने खिलाड़ी को तथाकथित योग्य, प्रामाणिक मूवमेंट को जोड़ने के लिए आगे बढ़ने की सलाह दे डाली। यह एक और उदाहरण है अपने देश को नीचा दिखाने का।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली जिस तरह से कोरोना की चौथी लहर का सामना कर रही है, उसी तरह मोदी विरोधी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर भी लगातार फेक न्यूज की लहर चला रहे हैं।
केजरीवाल सरकार ने इस साल जनवरी से मार्च तक विज्ञापनों पर 150 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए हैं। इसी बीच उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जो पोर्नोग्राफी वेबसाइट पोर्नहब के स्क्रीनशॉट की तरह दिखाई दे रही है।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने पिछले सप्ताह कहा था कि अगर वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट्स पर प्रधानमंत्री मोदी की फोटो लगाई जाती है, तो कोविड-19 से जान गँवाने वालों के मृत्यु प्रमाणपत्र पर भी उनकी फोटो लगाई जानी चाहिए।
एक अन्य ट्विटर हैन्डल से कहा गया कि मोदी किसी अगले जन्म में सजा नहीं भुगतेगा। यह सत्ता में रहने वालों की बनाई हुई एक कल्पना है जिससे आम आदमी शासकों के महलों को न जलाएँ।
एक यूजर ने लिखा, "भाई हम आपके परिवार के लिए पैसे दे देंगे। इसे मुद्दा मत बनाओ। मैंने तुम्हारी फिल्म कभी थिएटर में नहीं देखी तो ये मौका है अल्पसंख्यकों की मदद के लिए और मैं जरूर करूँगा।"
पाकिस्तान में टीवी पर रमजान के दौरान कई विशेष कार्यक्रम चलाए जाते हैं। ऐसे में कहा गया, “क्या कोई आलिम-ए-इस्लाम एक शैतान के रूप में रमजान ट्रांसमिशन कर सकता है?”