अरविंद केजरीवाल के इस ट्वीट के बाद यूजर्स अलग-अलग मौक़ो पर उनके दिए बयानों का उल्लेख करते हुए कहने लगे कि अब चुनाव नजदीक होने के कारण ढोंग न करें। क्योंकि केजरीवाल ही वो शख्स है जो कल तक नरेंद्र मोदी को देशद्रोही, आतंकवादी कह रहे थे।
हंसल अपनी कुंठा निकालते हुए विवेक के लिए लिखते हैं, "बदकिस्तमकी से ट्विटर तुम जैसे घृणा फैलाने वालों की जगह बन गया है। मैं सच में उम्मीद करता हूँ कि तुम इस्लाम में परिवर्तित हो जाओ, ताकि तुम्हें समझ आए कि इस मजहब के लोग किसकी लड़ाई लड़ रहे है।"
कुणाल कामरा ने अपने ट्विटर अकाउंट से एक स्क्रीनशॉट ट्वीट करते हुए लिखा है- "मुझे अर्णब का नंबर मिला, मैं अभी भी उन्हें डिबेट करने के लिए पूछ रहा हूँ लेकिन वो जवाब नहीं दे रहे हैं।" इसी ट्वीट में रिपब्लिक न्यूज़ चैनल को टैग करते हुए कामरा ने लिखा है क्या उनके एडिटर कायर हैं या राष्ट्रवादी?
खुद को कनेरिया की गेंदबाजी का प्रशंसक बताने वाली यह महिला है आमना गुल। उसने ट्वीट कर ने कनेरिया से कहा, "आप प्लीज इस्लाम कबूल कर लीजिए। इस्लाम सोना है। इस्लाम के बगैर कुछ भी नहीं है। आप की जिंदगी मौत की तरह है। आप इस्लाम कबूल कर लीजिए।"
"ये सब अल्लाह कर रहे हैं। कुदरती रूप से सारा सामान सुबह एक जगह पर रखा मिलता है और हम सिर्फ़ उसे उठाकर बाँटने का काम करते हैं। हम अल्लाह के बंदे हैं। हमें इंसान ने पैदा नहीं किया।"
एक यूजर ने लिखा, "बेचारा नवाब बन रहा था। पूरी नवाबी एक फोटो अपलोड होने से निकाल गई।" कुछ ने इसे सीएए और एनआसी से जोड़कर चुटकी ली और पूछा कि अगर खान साहब कागज़ नहीं दिखाएँगे तो कितने का जुर्माना लगेगा।
मैनफोर्स ने ट्विटर पर एक पोस्टर शेयर करते हुए दिखाया है कि 'कमरा' और 'कामरा' के लिए किस तरह से सुरक्षा अपनाई जानी चाहिए। ज्ञात हो कि कंडोम का प्रयोग यौन रोगों से बचाव के लिए भी आवश्यक होता है।
देश के ख़िलाफ़ बयानबाजी करने वालों को अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ में छिपाया जाता रहा है। उनके प्रति संवेदना दिखाई जाती रही है। एक तय क्रम के साथ उनके विवादों में आने के बाद उन्हें हीरो बनाने की कोशिश हुई। उससे पहले से मालूम चल चुका है कि शर्जील इमाम के मामले में अब आगे क्या होगा?
".....लगा कि मुझे तो कोई प्रॉब्लम ही नहीं है, दुनिया बदल गई। यहाँ तक कि वहाँ मौजूद सभी नर्सों में मुझे हूरें नजर आने लगी। मैंने डॉक्टर को दोबारा वही टीका लगाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने मुझे दूसरा पेनकिलर नहीं दिया। यहाँ के डॉक्टर वाकई तारीफ के काबिल हैं।”
"यह पागलपन और हास्यास्पद है। मैंने आज तक कभी ऐसा कुछ नहीं सुना; कम से कम भारत में तो बिल्कुल नहीं। मुझे नहीं पता कि यह किस तरह की मानसिकता है। अगली बार जब आप यहाँ आएँगे तो हो सकता है कि आपको बैकग्राउंड में चर्च की प्रेयर या भगवत गीता सुनाई दे।"