आम आदमी पार्टी की विधायक ने ट्वीट में दिल्ली पुलिस को भी टैग किया। अंदाजा लगाया जा रहा था कि कोई मनचला युवक लाम्बा को फोन कर के परेशान कर रहा है। लेकिन, एक यूजर ने जवाब देते हुए उस नंबर से जुड़ी हैरान करने वाली जानकारी दी।
गाने के बोल हैं- ‘जो ना बोले जय श्री राम, भेज दो उसको कब्रिस्तान।’ इस गाने को लेकर सोशल मीडिया में काफी चर्चा हो रही है। इसे लेकर लोग सोशल मीडया पर अपनी-अपनी अलग प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। कुछ लोग इसे आपत्तिजनक बता रहे हैं, तो कुछ लोगों को इस गाने में कुछ भी गलत नहीं लग रहा है।
मोदी जिस तकनीक का इस्तेमाल करते हुए चँदा मामा की सैर का श्रेय लेते हुए लहरिया लूटने की सोच रहे हैं, वो तकनीक भी नेहरू जी द्वारा स्थापित (फ़िलहाल गुप्त) राजीव गाँधी टेलीपोर्टेशन अनुसन्धान संस्थान की ही देन है। नेहरू ने ही माउंटबेटेन के साथ मिलकर आग का आविष्कार किया था। लेकिन गोदी मीडिया आपको...
सड़कछाप पंक्तियों को ग़ालिब का बताते हुए श्री थरूर जी ब्रो ने यह जानकारी भी दी कि मिर्ज़ा ग़ालिब उनके 'ऑल टाइम फेवरेट' हैं। कल वो ग़ालिब के नाम से ये न ट्वीट कर दें कि 'गुल गया, गुलबदन गया, गई होंठों की लाली,/ अब तो पीछा छोड़ दे मैं हो गई बच्चों वाली', इस कारण लोगों में डर का माहौल है।
महिला को उसकी हरकत के लिए गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन पादरी ने उस पर किसी तरह के आरोप नहीं लगाए। जिसके कारण उसे बाद में रिहा कर दिया गया। महिला की दोस्तों का कहना है कि वो मानसिक परेशानी से जूझ रही है।
तिरंगे को उल्टा रखने के साथ ही ट्विटर यूज़र्स ने सजा भोग रहे संजीव भट्ट की पत्नी और बच्चे से मुलाकात पर भी आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि संजीव भट्ट के लिए 'Detention' शब्द इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है, क्योंकि वे एक अपराधी हैं और उन्हें इसके लिए सजा मिली है।
वीडियो के विवादों में आने के बाद तेलंगाना के गृह मंत्री ने कहा, "मेरा पोता सिर्फ वाहन के ऊपर बैठा था और किसी स्थानीय व्यक्ति ने यह वीडियो बनाया। हम इसकी जाँच करेंगे। मेरे पोते का इससे कोई लेना-देना नहीं है।"
ऋचा भारती उर्फ़ ऋचा पटेल के ख़िलाफ़ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में अबु आजमी वसीम खान के ख़िलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फिलहाल अबु आजमी वसीम खान फरार है और पुलिस ने उसकी धड़-पकड़ की कोशिशें तेज कर दी हैं।
आधार भारत सरकार की योजना थी। इससे जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग़रीबों तक पहुँचा। लेकिन, FaceApp रूस की कम्पनी है। अमेरिकी चुनाव में रूस का साइबर हस्तक्षेप का मामला याद ही होगा? आप ऐप बेशक यूज करें लेकिन इससे पहले कुछ बातें जान लें।