सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कर दिया कि 1857 से पहले हिन्दू यहाँ पूजा करते थे। यानी, अंग्रेजों के आने से पहले ही राम चबूतरा, सीता रसोई और विवादित ज़मीन के बाहरी हिस्से में हिन्दू पूजा किया करते थे।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कर दिया कि राम जन्मभूमि कोई ज्यूरिस्टिक पर्सन नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कर दिया कि बाबरी मस्जिद खाली ज़मीन पर नहीं बनी थी। उससे पहले वहाँ स्ट्रक्चर था, जो इस्लामिक नहीं था।
पिछले कुछ महीने से सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई निरंतर हो रही थी। आज आने वाला फ़ैसला इसलिए भी अनूठा है क्योंकि आमतौर पर शनिवार को कोर्ट की छुट्टी रहती है, लेकिन फ़ैसले के लिए शनिवार का दिन चुनना भी अपने आप में एक ऐतिहासिक क़दम है।
असंतुष्ट पक्ष के पास दूसरा विकल्प क्यूरेटिव याचिका दाखिल करने का होगा। इसे उपचार याचिका भी कहा जाता है। पुनर्विचार याचिका ख़ारिज होने के 30 दिनों के भीतर क्यूरेटिव याचिका दायर की जा सकती है।
अलीगढ़ डीएम ने जिले में शुक्रवार रात 12 बजे से इंटरनेट सेवाएँ बंद करने का निर्देश दिया है। अयोध्या की ओर जाने वाली बसों व अन्य बड़े वाहनों को भी रोक दिया गया है। ऐहतियात के तौर पर शनिवार को जिले के सभी स्कूल, कॉलेज, इंस्टीट्यूट और कोचिंग सेंटर बंद कर दिए गए हैं।
एक 'एक्सपर्ट' गवाह ने अयोध्या गए बिना ही विवादित स्थल के ऊपर एक भारी-भरकम पुस्तक लिख डाली। उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन्हें बाबर के बारे में बस इतना पता है कि वह 16वीं शताब्दी का शासक था।
"इस तरह के मामले में, ऐसी आशंका क्यों नहीं हो सकती कि पूरा क्षेत्र या स्थान अशांत हो सकता है?" इस पर सिब्बल ने तर्क दिया कि अधिकारियों द्वारा संचार और परिवहन व्यवस्था समेत अनेक पाबंदियाँ लगाना अधिकारियों का बेजा इस्तेमाल था।
सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या के फैसले को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एडवाइजरी भेजी है। सभी राज्यों को फैसले को लेकर अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही अतिरिक्त सुरक्षा के लिए गृह मंत्रालय ने अर्धसैनिक बलों की 40 कंपनियाँ भेजी हैं। इन 40 कंपनियों में...
अयोध्या मामले पर फैसला सुर्ख़ियों में रहने के कारण इस समय इसे सबसे महत्तवपूर्ण बताया जा रहा है। लेकिन इसके अलावा कुछ और ऐसे मामले हैं जिनकी सुनवाई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने की थी......
अदालत ने कहा कि आपको शर्म नहीं आती कि इसी प्रदूषण के कारण विमानों के हवाई मार्ग बदले जा रहे हैं, करोड़ों लोग अपने घर में भी सुरक्षित नहीं हैं, उनके लिए यह जिंदगी और मौत का सवाल बन गया है