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Terrorism

‘ज़्यादा हँसो मत, एक दिन रोओगे’- अब्दुल हमीद के कॉमेंट के कारण श्री लंका की मस्जिदों पर अटैक

श्री लंका में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। स्थानीय आबादी और समुदाय विशेष के बीच ताजा तनातनी एक फेसबुक पोस्ट को लेकर हुई और देखते ही देखते कर्फ्यू लगाने की स्थिति आ गई। यह घटना चिलॉव नाम के शहर में हुई है। स्थानीय पुलिस ने...

मोहम्मद फैज को लेकर NIA ने अमरोहा में की छापेमारी, देर रात तक जुटाए साक्ष्य

26 दिसंबर 2018 को NIA ने अमरोहा में छापा मारकर आतंकी संगठन हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम के कथित सरगना मुफ्ती सुहैल के साथ दो सहे भाईयों सईद व रईस तथा मुहल्ला पचदरा के निवासी और आटो चालक इरशाद को भी गिरफ्तार किया था।

UN ने पुलवामा हमले के बाद ही शुरू की मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकवादी घोषित करने की पहल: MediaReports

मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् द्वारा पुलवामा आतंकी हमले के बाद सख्त रवैया अपनाया गया और तमाम साक्ष्य और सुबूतों के आधार पर ही उन्होंने यह फैसला लिया है।

मस्जिद संचालक से ED ने जब्त की ₹73 लाख की संपत्ति, हाफिज सईद से तार जुड़े होने का शक

मोहम्मद सलमान से पिछले साल भी ₹1.53 करोड़ की सम्पत्ति बरामद हुई थी, और वह फ़िलहाल तिहाड़ जेल में है।

बुरहान वानी गैंग का आखिरी आतंकी लतीफ़ टाइगर भी कुत्ते की मौत मारा गया

मुठभेड़ में एक अन्य आतंकवादी तारिक मौलवी उर्फ ​​मुफ्ती वकास भी मारा गया है। हालाँकि, अधिकारियों ने अभी तक इस खबर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

‘द वायर’ के हिसाब से भारतीय हिन्दू ही आतंकी हैं जिन्होंने समुदाय विशेष पर हिंसा की है! हाउ क्यूट!

मतलब, संकट मोचन मंदिर से लेकर लोकतंत्र के मंदिर संसद तक हमले में मरने वाले अधिकतर लोग हिन्दू ही होते हैं (क्योंकि जनसंख्या ज्यादा है और टार्गेट पर भी वही होते हैं) और मारने वाले हर बार कट्टरपंथी होते हैं, फिर भी असली हिंसा तो गौरक्षकों द्वारा गौतस्करों को सरेराह पीट देना है।

गढ़चिरौली को अब पुलवामा वाली प्रतिक्रिया की ज़रूरत है: निशानदेही और घेर कर वार

माओवादी कहीं ना कहीं अब ये बात जान और समझ गए हैं कि 'जल-जंगल-जमीन' का उनका नारा अब प्रासंगिक नहीं रहा है। इनके पोषक ये बात अच्छे से जानते है कि यदि अब यह 3 मुद्दे ही प्रासंगिक नहीं रहे, तो अब माओवंशी किस तरह से अपना अभियान आगे बढ़ाएँ? लोगों के बीच डर पैदा कर के ही ये आतंकवादी संगठन अब प्रासंगिक बने रहना चाहते हैं।

30000 मदरसों को सरकारी नियंत्रण में लिया जाएगा, चरमपंथ और आतंक पर दुनिया के आगे झुका Pak

मेजर जनरल आसिफ गफूर ने रावलपिंडी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि 1947 में पाकिस्तान में 247 मदरसे थे, जो कि 1980 में बढ़कर 2861 हो गए और मौजूदा वक्त में पाकिस्तान में 30 हजार से ज्यादा मदरसे चलाए जा रहे हैं।

हाँ, हैं हमारे यहाँ जिहादी, इस्लामी चरमपंथी आतंकी: पाकिस्तानी सेना

“हमने हिंसक चरमपंथी संगठनों और जिहादी संगठनों को प्रतिबंधित कर दिया है और हम उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। दहशतगर्दी का समूल नाश करने के लिए बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। हमारे देश ने इस दहशत के साम्राज्य के कारण बहुत नुकसान उठाया है। आतंकवाद के कारण लाखों डॉलर गँवाए हैं।”

मैं खुश हूँ कि वो मारा गया, वह गलत रास्ते और गलत लोगों के साथ था: श्री लंका आतंकी की अपनी बहन

वह दूसरे मज़हबों ही नहीं, उदारवादी मुसलामानों और सूफ़ियों को भी अपशब्द कहता था - उसके लिए सूफ़ी नशेड़ी थे। इस्लामिक पढ़ाई में उसकी रुचि इतनी ज्यादा थी कि उसने केवल कुरान रटने के लिए अरबी का कोर्स किया और 2006 में एक इस्लामिक अध्ययन केंद्र खोल डाला था।

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