ट्विटर इंडिया, सूचना और प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति द्वारा भेजे गए नोटिस का जवाब देने में विफल रही। उसे लिखित में जवाब देने के लिए 48 घंटे की अवधि दी गई थी।
आयोग इस बात से परेशान है कि ऐसे कंटेंट के बारे में पता होने के बावजूद ट्विटर ने उन्हें बैन नहीं किया जबकि ये न सिर्फ भारतीय कानून का उल्लंघन है बल्कि उनकी अपनी पॉलिसी के भी विरुद्ध है।
कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर की अध्यक्षता वाली सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसद की स्थायी समिति ने सचिवालय को 2 दिनों के भीतर ट्विटर से लिखित में जवाब माँगने का निर्देश दिया है।
भले बीबीसी ने अपनी रिपोर्टिंग में आतंकवादी शब्द का इस्तेमाल न करने का फैसला एक नीति के तौर पर भले ही 2019 में अपनाया हो पर कश्मीरी आतंकवाद के मामले में उसने यह नीति कई वर्षों से अपना रखी है।
यह पहली बार नहीं है कि ट्विटर भारत के भाग को मानचित्र में गलत प्रस्तुत कर रहा हो। इससे पहले ट्विटर ने लेह की ‘जियो लोकेशन’ जम्मू कश्मीर, पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना में दिखाई थी।