उरूज रहमान की हरकतों के बारे में प्रॉसीक्यूटर ने कोर्ट में कहा कि ये सामान्य व्यक्ति का व्यवहार नहीं हो सकता। उसने कहा कि जिस तरह से शहर में अफरातफरी का माहौल है, उन्हें छोड़ना खतरे से खाली नहीं होगा।
अमेरिका ने भारत को डोनेशन के रूप में 200 मोबाइल वेंटिलेटर्स देने का फ़ैसला लिया है। इनकी क़ीमत $30 लाख के क़रीब होगी। ख़ुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्विटर पर इसकी घोषणा की थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पुष्टि की है कि उनके प्रशासन ने चीन में अमेरिकी पेंशन फंड निवेश में अरबों डॉलर को वापस ले लिया है, साथ ही ट्रम्प ने कहा है कि इसी तरह के अन्य कार्यों पर भी विचार चल रहा है।
"मैं तुम्हें अँधेरा कहता हूँ। तुमने मुझे क्रोधित किया है। जिस तरह गॉड ने ईडन के बगीचे में तुम्हारे सिर पर पैर रख तुम्हें आदेश दिया था उसी तरह मैं तुम्हें आदेश देता हूँ कि अपने पेट के बल लेट कर घिसटो। ये समाप्त हो गया। ये खत्म हो गया। और संयुक्त राज्य अमेरिका फिर से स्वस्थ और अच्छा हो गया है।"
एक व्यक्ति ने अपना अनुभव साझा करते हुए सलाह दी कि मोजों के एक दर्जन पैकेट्स ख़रीद लो और उनका टॉयलेट पेपर के रूप में प्रयोग कर के फिर 'ड्राई वाश' कर के सूखने के लिए डाल दो, फिर टॉयलेट पेपर की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी।
सर्बिया के राष्ट्रपति ने तो यूरोपीय सहयोग और बंधुत्व को महज एक 'दिवास्वप्न' करार देते हुए कहा कि सिर्फ चीन ही था, जिसने उनकी मदद की। - चीन के इसी प्रोपेगेंडा का शिकार होने की लाइन में ईरान, इराक और इटली जैसे देश भी हैं। जहाँ रोजाना हजारों मौतें हो रहीं, वहीं चीन इस दुर्भाग्यपूर्ण समय को एक अवसर के तौर पर देख रहा।
"पत्रकार बेलमैन के खिलाफ शिकायत सरकार के ऑनलाइन शिकायत निवारण प्लेटफॉर्म 'ऑनलाइन ग्रीवांस रिड्रेसल प्लेटफॉर्म' पर एक व्यक्ति ने निजी हैसियत से की। संबंधित विभाग को शिकायत फॉरवर्ड करना एक रूटीन प्रक्रिया है और इस जर्नलिस्ट के डिपोर्टेशन पर विदेश मंत्रालय ने कोई फैसला नहीं लिया है।"
गुलाम फई कश्मीर में पैदा हुआ। 1980 में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा। इसके बाद कश्मीर से भागकर सऊदी अरब चला गया। फिर किंग फैसल फाउंडेशन के जरिए वो अमेरिका चला गया। अब भारत विरोधी प्रोपेगेंडा में फई इतना बड़ा नाम है कि पाकिस्तान से 4 मिलियन डॉलर लेकर...
3.5 बिलियन डॉलर की सपत्ति के मालिक पॉल सिंगर डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के बड़े डोनरों में से एक हैं। वो 'एलियट मैनेजमेंट' नामक इन्वेस्टमेंट कम्पनी के संस्थापक हैं। ये कम्पनी जहाँ भी स्टेक ख़रीदती है, वहाँ के मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव करती है।