परिजन कहते हैं कि जो लड़के (बीजेपी के) मारे गए हैं उस पर विपक्षियों ने कुछ नहीं कहा। आखिर ये भी तो किसान के बच्चे हैं। उनको सिर्फ बीजेपी का क्यों बताया जा रहा है।
श्याम के गले और चेहरे पर इस तरह वार हुए थे कि उनकी वहीं मौत हो गई। बाद में उनकी लाश खेत में फेंकी गई और फिर शाम को पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा।