अब चीन ने पाकिस्तान को अपने ड्रोन्स मुहैया कराने शुरू कर दिए हैं, ताकि उनका इस्तेमाल कर के पंजाब के रास्ते भारत में दहशत फैलाने की सामग्री भेजी जा सके।
26/11 हमलों की बरसी के मौके पर मेंगलुरु की दीवारों पर भयावह बातें लिखी (ग्राफिटी) हुई थीं। जिसमें चेतावनी दी गई थी कि ‘संघी और मनुवादियों’ को ख़त्म करने के लिए लश्कर-ए-तैय्यबा और तालिबान की मदद ली जा सकती है।
भारत सरकार ने जैश-ए-मुहम्मद द्वारा भारतीय सरजमीं पर लगातार किए जा रहे आतंकी हमलों के खिलाफ कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए याद दिलाया कि फ़रवरी 2019 में हुए पुलवामा आतंकी हमले सहित कई वारदातों में इसकी भूमिका रही है।