इक़बाल अंसारी ने कॉन्ग्रेस द्वारा अपने 60 वर्षों के शासन के दौरान अयोध्या की अनदेखी पर हमला किया। उन्होंने कहा कि शहर में कॉन्ग्रेस द्वारा कोई विकास कार्य नहीं किया गया, न तो रोज़गार उत्पन्न हुआ और न ही कोई मिल या कारखाना स्थापित किया गया।
जिन तनुतश्री को टिकट देने के लिए कॉन्ग्रेस ने इतनी आतुरता दिखाई है, उनके माता-पिता (अमरमणि त्रिपाठी और उनकी पत्नी मधुमणि) कवियत्री मधुमिता हत्याकांड में जेल में हैं।
कॉन्ग्रेस को यह बख़ूबी मालूम है कि पीएम मोदी ने पिछले पाँच साल में न सिर्फ़ अपने संसदीय क्षेत्र में विकास किया बल्कि समूचे भारत में विकास की नींव को मज़बूत भी किया।
अरुण जेटली की मानें तो इस मामले में जिस तरह से 2007 और उसके बाद जाँच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया, उससे साफ़ होता है कि कुछ संगठनों को बदनाम करने की कोशिश की गई ।
कॉन्ग्रेस ने पार्टी फ़ंड से इसरो नहीं बनवाया था, न ही डीआरडीओ के कर्मचारियों और वैज्ञानिकों को सोनिया गाँधी के हस्ताक्षर वाले चेक जारी हुआ करते थे। कॉन्ग्रेस के नाम ये संस्थान महज़ संयोग के कारण हैं क्योंकि सबसे पहले सत्ता में वही आई।
वसीम के इस विवादित बयान से कॉन्ग्रेस में काफी गुस्सा देखने को मिल रहा है। नाराज़गी के चलते पार्टी की यूथ शाखा के प्रदेश महासचिव शरद शुक्ल ने वसीम के ख़िलाफ़ शिक़ायत भी की है।
मान लीजिए किसी किसान पर 31 मार्च 2018 की स्थिति में 2 लाख रुपए का ऋण है। अगर क़र्ज़माफ़ी योजना के तहत सरकार ने मार्च 2019 में वो ऋण अगर चुका भी दिया तो किसानों को 7% की दर से 14,000 रुपए अतिरिक्त देने पड़ेंगे।
"हमने एंटी सेटेलाइट सिस्टम के परीक्षण पर प्रधानमंत्री मोदी के बयान को देखा। भारत के साथ अपने मजबूत सामरिक साझेदारी के मद्देनज़र, हम अंतरिक्ष, विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्रों में सहयोग सहित, अतंरिक्ष सुरक्षा में सहभागिता के साझा हितों पर लगातार साथ मिलकर काम करते रहेंगे।"
कॉन्ग्रेस महासचिव की मानें तो देश में दियासलाई से लेकर मिसाइल तक बना कर देने का काम कॉन्ग्रेस ने किया है। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी सिर्फ़ विश्व का भ्रमण कर रहे हैं।
जिन परिवारों की आय 12,000 रुपए से कम है, उन्हें हर महीने 12,000 रुपए तक की आमदनी पर ले जाना है - शर्त यही है कि अगर उनकी पार्टी मतलब कॉन्ग्रेस लोकसभा चुनाव में जीतेगी, मतलब राहुल गाँधी पीएम बनेंगे, तभी यह वादा पूरा होगा।