सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का बयान भी इस आरोप की पुष्टि करता है कि अगर राजीव गाँधी ने कॉन्ग्रेस नेताओं के नेतृत्व में किए जा रहे दंगे को रोकने के लिए सेना को बुलाने की अपील पर ध्यान दिया होता तो 1984 के सिख नरसंहार को रोका जा सकता था।
यूपी में कॉन्ग्रेसी भी योगी सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर निकल गए। लेकिन उत्तर प्रदेश विधानसभा के बाहर कॉन्ग्रेस के झंडे लेकर पहुँचे कार्यकर्ताओं ने तब भागना शुरू कर दिया, जब यूपी पुलिस ने लाठियों से उन्हें जम कर पीटा। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी वायरल हो गया।
विधायक रामकेश मीणा ने विधानसभा में संघ की शाखाओं में जाने वाले सरकारी कर्मचारियों के बारे में जानकारी मॉंगी थी। ऐसे कर्मचारियों पर कार्रवाई को लेकर भी उन्होंने पूछा था। इसके बाद ही यह कवायद शुरू हुई है।
"सदन में कुछ पुरुष सांसद मेरी ओर बॉंह चढ़ाकर आए। उनमें से एक ने कहा कि स्मृति ईरानी बोल क्यों रही है? जो कुछ हुआ उससे मैं स्तब्ध हैं। क्या बीजेपी का सांसद होना मेरी गलती है?"
ईरानी की पीछे वाली सीट पर बैठी सांसद संगीता देव ने कहा कि कांग्रेस सांसद आस्तीन चढ़ाकर मारने के अंदाज में आए थे। यह घटना तब हुई जब ईरानी ने बंगाल में रेप की घटनाओं पर विपक्ष की चुप्पी को लेकर सवाल उठाए।
कुल 90 सीटों में से कॉन्ग्रेस-शिवसेना के 59 पार्षद थे। वहीं, बीजेपी समर्थित कोणार्क विकास अघाड़ी के पास केवल 31 पार्षद थे। लेकिन, जब अंतिम परिणाम आया तो कॉन्ग्रेस के 47 में से 18 पार्षदों ने बीजेपी के पक्ष में मतदान किया और कोणार्क विकास अघाड़ी की उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल 49 वोटों के साथ मेयर चुनी गईं।
तीनों ही पार्टियाँ गृह, वित्त, हाउसिंग, राजस्व जैसे विभागों पर नज़रें गड़ाए बैठे हैं, जिनमें भ्रष्टाचार, काली कमाई और बंदरबाँट का भरपूर 'स्कोप' है। सरकार अभी 6 मंत्रियों को ही जब विभाग नहीं बाँट पा रही है, तो ज़ाहिर सी बात है मंत्रिमंडल विस्तार कर बाकी पद भरना तो और बड़ी चुनौती होगी।
चाहे झूठ बोलना हो या फिर गबन का मामला। ये न केवल कानूनी रूप से गलत हैं, बल्कि नैतिक और सामाजिक तौर पर भी ये गुनाह ही माने जाते हैं। इन तमगों के लिए राहुल गॉंधी को सार्वजनिक तौर पर वैसे ही माफी मॉंगना चाहिए जैसे सुप्रीम कोर्ट से मॉंगी थी।
"जहाँ कहीं हमारी पार्टी को 600-700 वोटों की लीड मिली, वहाँ पार्टी ने 50-50 करोड़ रुपए सड़क बनवाने के लिए मुहैया कराए हैं। अब और पैसे तब मिलेंगे जब हमारी पार्टी को लीड (चुनावों में बढ़त) मिलेगी।"
कॉन्ग्रेस IT सेल में दक्षिण भारतीय अभिनेत्री की जगह किसी प्रोफेशनल का आना या फिर JNU कनेक्शन है बड़ा कारण? वही कनेक्शन जो अब राहुल गाँधी के भाषण लिखता है लेकिन कभी मनमोहन को काले झंडे दिखा चुका है। राहुल ने जिन-जिन को अनफॉलो किया है, उन सभी 69 अकाउंट्स के बारे में...