बुधवार को सामने आए नए 63 केस के अलावा चीन में दो मौत भी हुई हैं, जिसके साथ ही कोरोना वायरस से मरने वालों का आँकड़ा 3335 हो गया है। जबकि कुल केस की संख्या 81 हजार के पार चली गई है। दूसरे फेज़ में चीन में कोरोना वायरस के केस की संख्या 1104 हो गई है।
सुरक्षाबलों द्वारा जैश आतंकी सज्जाद अहमद डार को बुधवार को मार गिराने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया इस हिदायत के साथ कि जनाजे में ज्यादा लोग एकत्र न हों, लेकिन इसके बाद भी जैसे ही आतंकी के शव को परिजनों को सौंप दिया गया। नियमों और कोरोना से खतरे को ताक पर रखकर एक के बाद एक भारी संख्या में स्थानीय लोगों की भीड़ उसके जनाजे में जुटने लगी।
मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियों में जमात के कनेक्शन के चलते कोरोना वायरस फैला है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुंबई के अस्पतालों में 90 फीसदी मरीजों का तबलीगी जमात से कनेक्शन सामने आया है।
हरियाणा में पकड़े जा चुके 1562 जमातियों के कोरोना टेस्ट कराने का निर्णय भी राज्य सरकार ने लिया है। इनमें से अब तक 884 का टेस्ट हो चुका है। 590 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। 212 लोगों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। बाकी जमातियों के भी टेस्ट चल रहे हैं। जो शुक्रवार तक पूरे होने की संभावना है।
आप बताइए कि पेशाब बोतल में रखने पर रोक है! अरे! आज क्या मजहबी इन्सान इतना पराया हो गया कि अपना ही पेशाब बोतल में नहीं रख सकता? मतलब थूकने पर मनाही है, शौच करने पर मनाही है, तब हमने बोतलों में पेशाब रख लिया, तो भी दिक्कत!
महाराष्ट्र कोरोना वायरस के संक्रमण से देश के सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में हैं। ऐसे वक्त में सोशल मीडिया में एक समूह रोजाना उसकी प्रशस्ति गान में जुटा है। लेकिन, इस गैंग के दावे और जमीनी हालात कहीं मेल नहीं खाते।
इस सवाल पर पुलिस अधिकारी भी ठहाका मारने से खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने सवाल पूछने वाले व्यक्ति से कहा कि अनुमति नहीं मिलने की बात कह वह अपनी दूसरी बीवी से नहीं आने का बहाना बना सकता है।
अंधराठाढ़ी थाना के गीदरगंज गाँव से चार जमाती और हरना गाँव की एक मस्जिद से 11 बंगाली जमातियों को क्वारंटाइन किया गया था। इन सभी को क्वारंटाइन करने के बाद पुलिस ने मस्जिद को भी सैनिटाइज किया। ब्लीचिंग पाउडर और केमिकल्स के साथ पूरे इलाक़े में अग्निशमन विभाग को लगाया गया था।
अस्पताल में शौच करने से लेकर संक्रमण फैलाने के उद्देश्य से थूकने और हमला करने तक, भारत से लेकर पाकिस्तान तक जमातियों में विचित्र एकरूपता देखी जा रही है। परिस्थितियाँ ऐसी बन गई हैं कि स्वास्थ्यकर्मी और पुलिसकर्मियों के बड़े हिस्से का कीमती वक़्त इनकी बदसलूकी से निपटने में जाया हो रहा है।
तेलंगाना के रहने वाले इस व्यक्ति के अनुसार तबलीगी जमात पूरी दिनचर्या तय करता है। खाने-पीने से लेकर मल-मूत्र त्याग करने तक सब कुछ। यहाँ तक कि सेक्स कैसे करना है, ये भी जमात ही सिखाता था। यह भी कहा जाता था कि बीमार पड़ने पर डॉक्टरों के पास नहीं जाना चाहिए और अल्लाह में यकीन करना चाहिए।