निखिल पाल ने बताया कि उन्हें जब पहली बार धमकी भरा कॉल आया तो उन्होंने इसे किसी की शरारत समझ कर नज़रअंदाज़ कर दिया। लेकिन दोबारा यही धमकी दी गई तो उन्होंने पलट कर जवाब देते हुए कहा, "कश्मीर तुम्हारे बाप का नहीं है।"
जम्मू-कश्मीर का माहौल बिगाड़ने के लिए आतंकी कई तरह की साजिशें रच रहे हैं। हालॉंकि अब तक उन सारे मंसूबे सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के कारण नाकाम रहे हैं। आतंकी भारतीय सीमा में घुसपैठ की भी लगातार कोशिश कर रहे हैं।
राम माधव ने अनुच्छेद 370 को 70 सालों का कैंसर करार देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी ने इसे महज 70 घंटे में हटा दिया। उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र महीनों तक कानून- व्यवस्था की समस्या में उलझा रहता था, वह अब शांत है।
पोस्टरों पर नारा लिखा है, 'एलओसी तोड़ दो, बिखरा कश्मीर जोड़ दो।' गुलाम कश्मीर के लोगों को आगे कर सीमा पर बड़े पैमाने पर हिंसा की रची गई साजिश को देखते हुए भारत ने सीमा पर सुरक्षा के काफी पुख्ता प्रबंध किए हैं।
दिल्ली में आतंकी गतिविधि को अंजाम देने के लिए गुप्त योजना पाँच दिन पहले क़रीब 900 किलोमीटर दूर कश्मीर में सेब के बाग में तैयार हुई। इसका खाका आतंकी संगठन जैश के जम्मू-कश्मीर कमांडर अबु उस्मान ने तैयार किया और इस गुप्त योजना को नाम दिया ‘डी’।
सीमा पर सुरक्षा बल की तैनाती से आतंकियों का प्लॉन ए और बी में नाकामयाब हो गया है, इसलिए अब वह नवरात्रि में धार्मिक स्थल पर दंगे करवाकर माहौल खराब करने की कोशिश में है। साथ ही घुसपैठ के जरिए प्लॉन बी को भी कामयाब करने की कोशिशों में हैं।
कुलभूषण जाधव का केस मात्र 1 रुपए की फीस में लड़ने वाले हरीश साल्वे ने हैदराबाद के निज़ाम वाले मामले में ब्रिटेन कोर्ट के द्वारा भारत के पक्ष में सुनाए गए फ़ैसले की भी तारीफ़ की। उनका कहना था कि पाकिस्तान के द्वारा इस मामले पर अब तक जो दावा किया जा रहा था, वो पूरी तरह से ग़लत था।
जम्मू-कश्मीर के 310 ब्लॉकों में ब्लॉक विकास परिषदों के अध्यक्षों के चुनाव के लिए मंगलवार को अधिसूचना जारी की गई थी। अधिसूचना के मुताबिक 24 अक्टूबर को चुनाव होंगे। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख नौ अक्टूबर है।
शफी और 5 अन्य लोग मसूद अहमद मट्टू, मोहम्मद मुजफ्फर शाह, गुलाम मोहम्मद, तौसीफ अहमद गंडना और सैयद अहमद का नाम एफआईआर (संख्या: 229/2019) में शामिल है और उन पर हिजबुल मुजाहिदीन के सक्रिय आतंकवादियों को शरण देने और उनकी आवाजाही की व्यवस्था को अंजाम देने का आरोप है।
विदेश मंत्री ने बताया कि पिछले 70 सालों से राज्य में स्थिति बिगाड़ने का काम चल रहा है। जयशंकर ने कहा कि भारत विरोधी ताक़तों द्वारा जम्मू कश्मीर के स्थानीय लोगों को स्वार्थ के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है।