पुलवामा के फिदायीन हमलावर आदिल डार ने अपने आखिरी वीडियो में कहा था, "गौमूत्र पीने वाले भद्दे लोग उनके आक्रमणों का सामना नहीं कर पाएँगे।" लेकिन गाय या गौमूत्र से घृणा करने वालों में लेटेस्ट नाम है महिला IPS अधिकारी - असलम खान का।
सोचिए उस एसिड अटैक विक्टिम के बारे में अब। सोचिए कि दीपिका के एक गलत कदम (विषय के लिए गलत, फिल्म के लिए मास्टरस्ट्रोक) से उन तमाम लोगों को कैसा लग रहा होगा जिसने इस विषय को ले कर उम्मीद बनाई थी। ये एक राजनैतिक विषय नहीं है। ये घोर सामाजिक विषय है।
आज सुनवाई के दौरान चारों आरोपितों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया। फ़ैसला आने के बाद दोषियों के वकील ने कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट में क्यूरिटिव याचिका दायर करेंगे। फाँसी का समय सुबह 7 बजे तय किया गया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि चुनाव सिंगल फेज में होगा और इसके लिए 14 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी होगा। नॉमिनेशन की अंतिम तिथि 21 जनवरी होगी और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 24 जनवरी रखी गई है।
एनडीटीवी के कार्यक्रम में आप के कई छोटे नेता आम आदमी के लिबास में दिखे। अपनी ही सरकार के कार्यों की तारीफ की। इससे पता चलता है कि केजरीवाल की सभाओं व इंटरव्यू में कुछ लोग उनकी तारीफ करने के लिए फिक्स करके रखे जाते हैं।
हिंसा में शामिल बांग्लादेशी घुसपैठिए सीमापुरी में छिपकर रह रहे थे। जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा के दौरान जमकर उत्पात मचाया गया था। उपद्रवियों ने पुलिस पर हमले भी किए थे।
20 दिन की उम्मी हबीबा को उसकी ही अम्मी ने कड़ाके के ठंड में मोदी विरोध की आग में झोंक दिया है। वामपंथी उस पर हाथ सेंक रहे। जबकि यही उम्मी बड़ी होगी तो पूछेगी- बिना कानून पढ़े, किसके उकसाने पर मेरी जान को खतरे में डाल आई थी?
अदालत ने आरोपित को नाबालिग नहीं माना है। अब उसकी जमानत याचिका पर अगली तारीख पर बालिग़ मान कर सुनवाई की जाएगी। इससे पहले उसे बाकी आरोपितों से अलग रखने का निर्देश दिया गया था क्योंकि उसने ख़ुद को नाबालिग बताया था।
वर्ष 2019 जाने वाला है और इसी के साथ ऑपइंडिया हिन्दी के भी एक साल पूरे हो रहे हैं। इस साल राजनीति और समाज से ले कर न्यायपालिका और मीडिया से जुड़ी कई ऐसी खबरें थीं, जिन्हें पाठकों ने खूब पढ़ा और पसंद किया। 2020 में हम और भी उत्साह से बने रहेंगे आपके साथ।