इससे पहले की बात आगे बढ़ती आमिर ने उस ट्वीट को अनलाइक कर दिया। लेकिन ऐसा करना उनके लिए कारगर साबित नहीं हो सका क्योंकि तब तक कई यूज़र्स ने मोहम्मद आमिर का यह स्क्रीनशॉट ले लिया था। अब यह स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने अपने ट्विटर अकाउंट से 1962 के भारत-चीन युद्ध के नायकों में एक एयर मार्शल डेन्ज़िल कीलोर का डॉक्टर्ड वीडियो शेयर किया है। इसमें 62 के युद्ध में हिंदुस्तानी फ़ौज को हुई कुछ ऐसी जान की हानि के किस्सों की बात की जा रही है, जिनसे शायद बचा जा सकता था।
अफ़गानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म को मानने वाले अल्पसंख्यक समुदाय को 12 साल के बजाय छह साल भारत में गुजारने पर और बिना उचित दस्तावेज़ों के भी भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी।
इस ट्वीट पर विभिन्न ट्विटर यूजर्स और इमाम के प्रशंसकों की मिश्रित प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। जहाँ कुछ ने लड़कियों को दोषी ठहराते हुए पाकिस्तानी खिलाड़ी का बचाव किया, तो वहीं अन्य ने इमाम के व्यवहार की आलोचना की।
फ़वाद चौधरी की इस घोषणा के बाद ट्विटर पर हैशटैग पाकिस्तान ट्रेंड करने लगा। अपने मंत्री के इस ऐलान को पाकिस्तानियों ने भी गंभीरता से नहीं लिया। उनके ट्वीट को रिट्वीट कर मजाक उड़ाने में कोई कोताही नहीं बरती।
“जब मैं अस्पताल में कराह रही थी तब मेरा मशहूर पति अपनी गर्लफ्रेंड के साथ सो रहा था। 2 दिन बाद केवल दिखावे और प्रचार के लिए वो अस्पताल आया, बच्चे के साथ फोटो ली और फिर उसे पोस्ट कर दिया। उसे बच्चे की फिक्र नहीं थी। वह केवल प्रचार करना चाहता था।”
अमेरिकी विदेश मंत्री, माइकल पोम्पेओ ने उइगरों को क़ैद रखने की चीन की नीति को 'सदी का दाग' भी कहा। विदेश विभाग का अनुमान है कि 8 लाख उइगरों समेत 20 लाख तुर्क मुस्लिमों को बीजिंग ने आंतरिक शिविरों में “re-education” के नाम पर क़ैद कर रखा है।