ईडी को अब एक फ़ारूक़ पटेल की तलाश है, जिसने इक़बाल मिर्ची और प्रफुल्ल पटेल के बीच डील में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। इक़बाल मिर्ची के साले मुक्तार पटका से पूछताछ के दौरान ईडी को फ़ारूक़ के बारे में पता चला।
ED की चार्जशीट में उल्लेख किया गया है कि रतुल पुरी, जो मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ के भांजे हैं, और उनके सहयोगियों ने लगभग 30 बैंकों और वित्तीय संस्थानों से व्यवसाय के लिए 8000 करोड़ रुपए की धनराशि ली और उनका दुरुपयोग किया।
कोर्ट में कपिल सिब्बल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि कस्टोडियल पूछताछ की ज़रूरत है तब इन्होंने तुरंत 5 सितंबर को कस्टडी क्यों नहीं ली। ईडी ने जब भी चिदंबरम को बुलाया है वो आए हैं। आख़िरी बार चिदंबरम ईडी के सामने 8 फ़रवरी 2019 को पेश हुए थे।
मिलेनियम डेवेलपर्स और इक़बाल मिर्ची ने मिल कर जिस 15 मंजिला कमर्शियल इमारत का निर्माण किया था, उसे अब सीजे हाउस के नाम से जाना जाता है। उसके शेयरहोल्डर्स में एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल का नाम भी शामिल है। ईडी ने इस मामले में 2 लोगों को गिरफ़्तार किया है।
ईडी के अनुसार, यह लोन धोखाधड़ी का बहुत बड़ा मामला है। कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। आरोप है कि शुगर फैक्ट्रीज को स्टेट कोऑपरेटिव बैंक द्वारा तय किए गए मूल्य से कम दाम में बेच दिया गया।
ED ने 2003 में खरीदी गई इन सम्पत्तियों को ज़ब्त इसलिए कर लिया था, क्योंकि उसे शक था कि इसके लिए विदेशी मुद्रा का उपयोग बिना RBI की पूर्वानुमति लिए किया गया है। किसी विदेशी द्वारा अचल सम्पत्ति खरीदे जाने के मामले में यह इजाजत ज़रूरी है।
कई शिकायतकर्ता एक हाउसिंग प्रोजेक्ट के निवेशक हैं, जिन्होंने कहा है कि उनका सारा रुपया डूब गया। इसके अलावा कई अन्य किस्म के आरोप भी हैं। इनकम टैक्स द्वारा दायर की गई चार्जशीट के आधार पर ईडी शिवकुमार के ख़िलाफ़ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला चला रही है।
मोईन कुरैशी दुबई और लंदन से लेकर यूरोप तक के हवाला कारोबार में संलग्न रहा है। केंद्र सरकार के कई बड़े अधिकारियों का कहना है कि कॉन्ग्रेस के बड़े नेताओं ने मोईन कुरैशी को बचाने के लिए पूरा जोर लगाया और उसे संरक्षण दिया।
ED ने अदालत को बताया कि 317 बैंक खातों के जरिए धन शोधन किया गया है। ईडी ने कहा कि शिवकुमार के खिलाफ जाँच के अनुसार, शोधित धन 200 करोड़ रुपए से अधिक है और करीब 800 करोड़ रुपए मूल्य की बेनामी संपत्ति है।
यह नोटिस देश में नागरिक व सामाजिक गतिविधियों के लिए 51.72 करोड़ रुपए की उधारी और ऋण से संबंधित है। इसमें एनमेस्टी पर आरोप है कि उसने अपने मूल निकाय एमनेस्टी इंटरनेशनल (ब्रिटेन) से सेवा निर्यात के नाम पर यह राशि हासिल की और...