एमएल शर्मा ने कहा था कि बलात्कार के लिए पुरुष से ज्यादा महिलाएँ जिम्मेदार होती हैं। उन्होंने कहा था कि बलात्कार होते समय महिलाओं को संघर्ष नहीं करना चाहिए बल्कि जो हो रहा है, उसे होने देना चाहिए। साथ ही वो कहते हुए दिखे थे कि निर्भया चुपचाप रेप होने देती तो आरोपित 'सब कुछ कर के' उसे घर तक छोड़ देते।
ऑटो के नजदीक पहुँचने पर जंगल के अंदर से बच्ची के रोने की आवाज़ आई। आवाज़ सुनते ही परिजन रात के अँधेरे में मोबाइल का टॉर्च जला कर उस तरफ़ दौड़ पड़े। लोगों की आवाज़ सुन कर आरोपित वहाँ से भाग निकला।
23 वर्षीय पीड़िता के साथ ये घटना तब हुई, जब वह रायबरेली कोर्ट में सुनवाई के लिए जा रही थीं। पीड़िता ने मरने से कुछ देर पहले अपने भाई से कहा था- "भैया, बचा लो! मैं मरणा नहीं चाहती। जिन्होंने मेरे साथ ग़लत किया है, उन्हें मैं मौत की सज़ा पाते देखना चाहती हूँ।"
हैदराबाद एनकाउंटर को फ़र्ज़ी बताते हुए कोर्ट में पीआईएल दाखिल की गई। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि चारों आरोपितों के शवों के पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफ़ी कराई जाए। उन वीडियो फुटेज को कोर्ट में सब्मिट किया जाएगा। इसके बाद...
जब नागरिक ऐसे मामलों से उब जाते हैं तो फिर ऐसी मौतों का जश्न मनाते हैं। इसलिए ऐसे मामलों में जब किसी की हत्या ही न्यायोचित थी, भले ही उस पर केस न चला हो, आम नागरिक के लिए यह एक छोटी-सी जीत है, जिस पर खुश होने का उन्हें हक है।
2017 में यौन हिंसा के 2936 और 2018 में 3045 मामले सामने आए। बलात्कार के प्रयास की 587 शिकायतें मिली। उत्पीड़न के अन्य मामले बिना सहमति के छूने और चुंबन से संबंधित हैं।
पीड़ित लड़कियों की शिकायत पर इन सभी आरोपितों को इसी साल 17 जून को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। लेकिन एनजीओ की शिकायत पर सुनवाई के दौरान इन सभी आरोपितों को बरी कर दिया गया।