अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि जब पार्टी चुनाव में उतरने वाली हो, तब इस तरह की टिप्पणियाँ कॉन्ग्रेस को फायदा पहुँचाने वाली नहीं हैं। बाहर बयानबाजी करने की बजाए खुर्शीद को अपनी राय पार्टी के भीतर ही जाहिर करनी चाहिए।
खुर्शीद ने सोनिया के अंतरिम अध्यक्ष बनने पर नाखुशी जताते हुए कहा था कि पार्टी को करारी हार की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राहुल के इस्तीफे के कारण पार्टी जनादेश का विश्लेषण नहीं कर पाई। इससे पार्टी में एक शून्य पैदा हो गया।
उत्तर प्रदेश कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रह चुके खुर्शीद ने कहा कि कॉन्ग्रेस एकजुट होकर हार का विश्लेषण नहीं कर सकी क्योंकि उनका नेता ही उन्हें छोड़ कर चला गया। खुर्शीद ने सोनिया गाँधी को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर भी नाराज़गी जताई।
सोनिया, राहुल और प्रियंका अगर विदेश दौरों पर भी जाते हैं तो एसपीजी दस्ता उनके साथ ही जाएगा। कॉन्ग्रेस ने इस फ़ैसले का विरोध करते हुए कहा कि मोदी सरकार गाँधी परिवार की निगरानी कराने के लिए ऐसा कर रही है।
कॉन्ग्रेस में ओल्ड गार्ड और न्यू गार्ड की लड़ाई 2007 में राहुल के पार्टी महासचिव बनने के बाद ही शुरू हो गई थी। पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश में इनके सामने राहुल को सरेंडर करना पड़ा था। अब सोनिया की वापसी के साथ ही ओल्ड गार्ड हिसाब चुकता करने में लग गए हैं।
सोनिया गॉंधी ने कॉंन्ग्रेस की कमान संभालने के बाद तंवर को उनके पद से हटा कर पूर्व केंद्रीय मंत्री शैलजा को प्रदेश की जिम्मेदारी दी थी। साथ ही हुड्डा को भी आगे किया जा रहा है, जबकि राहुल गॉंधी ने पूर्व मुख्यमंत्री की तमाम चेतावनियों के बावजूद तंवर को उनके पद से हटाने से इनकार कर दिया था।
मुंबई कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष निरुपम टिकट बॅंटवारे के बाद से खुलकर अपनी नाराजगी जता रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि मुंबई की 3-4 सीटों को छोड़ सभी पर कॉन्ग्रेस उम्मीदवारों की जमानत जब्त होगी। साथ ही प्रचार से दूर रहने की बात भी दोहराई है।
"कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी चाहते हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग बांदीपुर वन से गुज़रने वाले वाहनों को रात के समय भी वाहनों के आवागमन के लिए खोला जाए। इससे स्पष्ट है कि जंगली जानवरों की सुरक्षा और जीवन की तुलना में कॉन्ग्रेस के लिए विभिन्न माफ़ियाओं के हित अधिक महत्वपूर्ण हैं।"
निरुपम और तंवर दोनों टिकट बॅंटवारे में उपेक्षा से नाराज हैं। तंवर राहुल के काफी करीबी माने जाते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की चेतावनियों के बावजूद राहुल ने उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से नहीं हटाया था। सोनिया के कमान सॅंभालने के बाद तंवर की अनदेखी कर हुड्डा को आगे किया गया।
टिकट बॅंटवारे के बाद हरियाणा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक तंवर और मुंबई के पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई है। निरुपम ने पार्टी छोड़ने की धमकी दी है। एक के बाद एक दो ट्वीट कर उन्होंने कहा कि शायद पार्टी को अब उनकी जरूरत नहीं रही।