Homeव्हाट दी फ*₹80 करोड़ का बिजली बिल मिलते ही बुजुर्ग का BP हाई, अस्पताल में भर्ती:...

₹80 करोड़ का बिजली बिल मिलते ही बुजुर्ग का BP हाई, अस्पताल में भर्ती: महाराष्ट्र के इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड का कारनामा

नाइक के पोते नीरज ने कहा कि वो लोग काम कर रहे थे, जब ये बिल आया और वो सभी बिल को देखकर शॉक्ड थे। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले तो ऐसा लगा कि कहीं पूरे जिले का बिल उनके ही घर में तो नहीं भेज दिया गया है। वो लोग इसीलिए डर गए थे, क्योंकि....

उद्धव ठाकरे के महाराष्ट्र में छोटी सी मिल चलाने वाले एक बुजुर्ग की तबीयत तब अचानक से बिगड़ गई, जब उनके पास 80 करोड़ रुपए का बिजली बिल आया। ये घटना नालासोपारा की है, जहाँ गणपत नाइक नामक 80 वर्षीय बुजुर्ग को ‘महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL)’ की तरफ से 80 करोड़ का बिजली बिल मिला। इसके बाद उनका रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) अचानक से बढ़ गया। उन्हें इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा।

हालाँकि, बाद में पता चला कि बिल के अमाउंट में गड़बड़ी हुई है और प्रिंट करने के समय ही ऐसा हुआ। निर्मल गाँव के बुजुर्ग के साथ ये घटना सोमवार (फरवरी 22, 2021) को हुई। गणपत नाइक पहले से ही दिल के मरीज हैं, ऐसे में बिजली बिल को देखते हुए उनका BP हाई हो गया। उन्हें मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल लेकर जाना पड़ा। MSEDCL ने कहा कि बिल में हुई गड़बड़ी में सुधार कर लिया गया है। अब बुजुर्ग की तबीयत भी ठीक है।

असल में जिस एजेंसी को मीटर रीडिंग का ठेका दिया गया है, उसने ही ये गलती की थी। एजेंसी को 6 अंकों का बिल बनाना था, लेकिन गलती से ये 9 अंकों का हो गया और इस तरह से 8 लाख रुपए का बिल 80 करोड़ रुपए का हो गया। एजेंसी ने बिल में सुधार कर के उसे फिर से नाइक के पास भेजा। बिजली अधिकारी सुरेंद्र मोनेरे ने कहा कि ताज़ा बिल से गणपत नाइक संतुष्ट हैं और वो सही बिल है।

इसी बिजली बिल से बुजुर्ग को लगा सदमा

नाइक के पोते नीरज ने कहा कि वो लोग काम कर रहे थे, जब ये बिल आया और वो सभी बिल को देखकर शॉक्ड थे। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले तो ऐसा लगा कि कहीं पूरे जिले का बिल उनके ही घर में तो नहीं भेज दिया गया है। वो लोग इसीलिए डर गए थे, क्योंकि कोरोना वायरस लॉकडाउन के बाद बिजली विभाग ने बकाए बिल की वसूली शुरू कर दी है। हालाँकि, खबर आते ही अधिकारी हरकत में आए और सुधार किया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -