अहमदाबाद के साणंद तहसील के कलाणा गाँव में हिंदुओं के साथ हो रही घटनाओं को लेकर कई बातें सामने आ रही हैं। यहाँ के पीड़ित हिंदुओं ने ऑपइंडिया के सामने अपना दर्द बयाँ किया है और आरोप लगाया है कि गाँव के ही कुछ मुस्लिम कट्टरपंथी उन्हें बार-बार प्रताड़ित कर रहे हैं। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि ये कट्टरपंथी उन्हें न तो त्योहार मनाने देते हैं और न ही मस्जिद के सामने से बारात (वरघोड़ा) निकालने देते हैं।
इस पूरी घटना में जिस पर सबसे पहला हमला हुआ, वह एक हिंदू नाबालिग लड़का है। हमले में उसके पिता भी घायल हो गए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने ऑपइंडिया को बताया कि उनके बेटे ने बांग्लादेश में हुई दीपू दास की हत्या को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली थी, जिसमें उसने न्याय की माँग की थी। आरोप है कि इस पोस्ट को देखने के बाद स्थानीय मुस्लिम भड़क गए और धमकी देने लगे कि जो बांग्लादेश में हुआ, वही हाल यहाँ भी करेंगे।
बहन-बेटियों से अश्लील हरकतें- पीड़ित महिलाएँ
पीड़ित हिंदू महिलाओं ने रोते-रोते ऑपइंडिया को अपनी आपबीती सुनाई और बताया कि किस तरह मुस्लिम कट्टरपंथी उन्हें लंबे समय से परेशान कर रहे हैं। महिलाओं का आरोप है कि पिछले 12 महीनों से गाँव के कुछ मुस्लिम युवक उन्हें तंग कर रहे हैं। हिंदू बच्चों को माथे पर तिलक लगाने को लेकर धमकियाँ दी जाती हैं और गाँव में कोई भी हिंदू त्योहार या उत्सव शांति से नहीं मनाने दिया जाता।
‘આ આજનું નથી, છેલ્લા 12થી વધુ મહિનાઓથી અમને હેરાન કરી રહ્યા છે…’
— ઑપઇન્ડિયા (@OpIndia_G) December 31, 2025
‘હિંદુ મહિલાઓ-દીકરીઓ નીકળે એટલે મુસલમાનો જાહેરમાં તેમની સામે પેન્ટ ખોલીને ઊભા રહી જાય છે…’
‘અમારા છોકરા તિલક લગાવે તો એમને ધમકીઓ આપે છે…’
‘ગામમાં કોઈ હિંદુ તહેવાર આ મુસલમાનો અમને ઉજવવા નથી દેતા…’
સાણંદના… pic.twitter.com/wSvG19r7gb
एक अन्य महिला ने अपना दर्द बयाँ करते हुए कहा, “जब भी हिंदू महिलाएँ या बेटियाँ वहां से गुजरती हैं, तो मुस्लिम युवक सरेआम उनके सामने अपनी पैंट खोलकर खड़े हो जाते हैं।” महिलाओं ने दावा किया कि पिछले काफी समय से कुछ कट्टरपंथी मुस्लिम हिंदू बहन-बेटियों के सामने अश्लील हरकतें कर रहे हैं और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
हिंदू बच्चों को तिलक लगाने पर धमकियाँ
महिलाओं ने आगे बताया कि स्थानीय मुस्लिम युवक छोटे बच्चों को भी निशाना बना रहे हैं और माथे पर तिलक लगाने पर उन्हें धमकियाँ देते हैं। वे हमें हिंदू त्योहार भी नहीं मनाने देते। एक महिला ने आरोप लगाया कि जब उनके पति या घर के अन्य सदस्य नौकरी से वापस लौट रहे होते हैं, तब भी उनके साथ मारपीट की जाती है। साथ ही, जब भी हिंदू बहन-बेटियाँ बाहर निकलती हैं, तो उनके साथ अश्लील इशारे किए जाते हैं।
‘ઘરવાળા નોકરીથી ઘરે આવ્યા તોય એ લોકો મારવા આવ્યા…’
— ઑપઇન્ડિયા (@OpIndia_G) December 31, 2025
‘હિંદુ બૈરાઓને ભાળીને મુસલમાનો નાઈટી કાઢીને ઊભા રહી જાય છે…’
‘અમને ન્યાય જોઈએ, અમને ન્યાય અપાવો… આરોપીઓનો વરઘોડો કાઢો…’
સાણંદના કલાણા ગામની હિંદુ મહિલાએ રડતાં રડતાં ઑપઇન્ડિયા સામે મૂકી આપવીતી…
Sanand | Kalana | Attack on… pic.twitter.com/Dti5SlJhep
महिलाओं ने बार-बार न्याय की माँग की है और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी से इस घटना पर ध्यान देने की अपील की है। एक अन्य महिला ने ठाकोर समाज के नेता अल्पेश ठाकोर पर भी सवाल उठाए हैं। महिलाओं का दावा है कि हर बार हिंदुओं को ही प्रताड़ित किया जाता है और बिना किसी वजह के उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
‘હર્ષભાઈને કહેવું છે કે અમને હિંદુઓને ન્યાય આપવો..’
— ઑપઇન્ડિયા (@OpIndia_G) December 31, 2025
‘અલ્પેશભાઈ તમે કહેતા હતા કોલ કરજો હું અડધા કલાકમાં આવી જઈશ, તો ૩ દિવસ થયા તમે કયા છો?’
‘3 દિવસથી અમે ખાધાપીધા વગરના બેઠા છીએ…’
સાણંદના કલાણા ગામની હિંદુ મહિલાએ રડતાં રડતાં જોળી ફેલાવીને હર્ષ સંઘવી અને અલ્પેશ ઠાકોરને ન્યાય… pic.twitter.com/jWwGEdpfLf
सुनियोजित साजिश: मस्जिद के सामने बारात निकालने पर पाबंदी
ऑपइंडिया से बात करते हुए महिलाओं ने इस पूरी घटना के पीछे किसी गहरी साजिश का शक जताया है। उनका दावा है कि यह हमला अचानक नहीं हुआ, बल्कि एक सोची-समझी प्लानिंग थी। पत्थरबाजी का जिक्र करते हुए एक महिला ने तर्क दिया कि एक ही दिन में इतने सारे पत्थर इकट्ठा होना मुमकिन नहीं है, इसके लिए कम से कम 10 दिन पहले से तैयारी की गई होगी। उन्होंने बताया कि वे सुबह उठकर अपनी रोजाना की दिनचर्या (चाय-पानी) में लगे ही थे कि अचानक चारों तरफ से पत्थर बरसने शुरू हो गए।
‘હુમલો પ્લાનિંગથી જ કરાયો હતો, એ લોકો 10 દિવસથી તૈયારી કરી રહ્યા હતા…’
— ઑપઇન્ડિયા (@OpIndia_G) December 31, 2025
‘મુસલમાનોએ પહેલેથી ધાબાઓ પર પથ્થર લાવીને મૂકેલા હતા…’
ગામમાં 1 વર્ષના બાળકથી લઈને 50 વર્ષના વડીલો સુધી તમામ હિંદુઓને મુસ્લિમોએ ફેંકેલા પથ્થર વાગ્યા…
સાણંદના કલાણા ગામથી ઑપઇન્ડિયાનો એક્સક્લૂઝિવ અહેવાલ…… pic.twitter.com/W61MTxL7xv
इसके अलावा यह आरोप भी लगाया गया है कि गाँव में जब भी किसी हिंदू परिवार में शादी-ब्याह का मौका होता है, तो बार-बार हंगामा खड़ा किया जाता है और मस्जिद के सामने से बारात निकालने के लिए साफ मना कर दिया जाता है। महिलाओं ने अपना दुख जताते हुए कहा कि कट्टरपंथी शादी के समय न तो बारात निकलने देते हैं और ऊपर से धमकियाँ भी देते हैं।
इसके अलावा भी महिलाओं ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं और इंसाफ की गुहार लगाई है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जाँच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरी घटना सोमवार (29 दिसंबर 2025) की रात को हुई थी, जिसके बाद मंगलवार (30 दिसंबर 2025) की सुबह भी जमकर पत्थरबाजी हुई। हालात बिगड़ते देख पुलिस की भारी फौज गाँव में पहुँच गई और पूरे इलाके की तलाशी (कॉम्बिंग) शुरू कर दी। दूसरी तरफ, पुलिस की कार्रवाई के डर से आरोपित अपने घर छोड़कर खेतों में भाग गए, जिन्हें पुलिस ने ड्रोन की मदद से ढूँढ-ढूँढकर गिरफ्तार किया।
एक हिंदू नाबालिग की शिकायत पर पुलिस ने शाहरुख समेत 22 मुस्लिम युवकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस शिकायत के आधार पर साणंद GIDC पुलिस स्टेशन में आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब तक 42 लोगों को हिरासत में ले लिया है और आगे की जाँच जारी है।
यह रिपोर्ट मूल रुप से गुजराती में लिंकन सोखाडिया ने लिखी है। मूल रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।


