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गोरखपुर में चौथी के बच्चों ने पढ़ा- पाकिस्तान हमारी प्रिय मातृभूमि है, पढ़ाने वाली हैं शादाब खानम

शादाब खानम ने व्हाट्सएप ग्रुप पर जो पीडीएफ फाइल उपलब्ध कराई थी, उसमें पाकिस्तान से संबंधित तीन उदाहरण दिए गए थे। पहले में पाकिस्तानी आर्मी ज्वाइन करने का उल्लेख था। दूसरे में पाकिस्तान को मातृभूमि बताया गया था। तीसरे में पाकिस्तानी पायलट राशिद मिन्हास की बहादुरी का बखान था।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के जीएन नेशनल पब्लिक स्कूल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। स्कूल के बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बने व्हाट्सएप ग्रुप में कक्षा 4-ए की क्लास टीचर शादाब खानम ने संज्ञा (Noun) समझाते-समझाते पाकिस्तान प्रेम का पाठ पढ़ा डाला।

शिक्षिका ने अपने मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप ग्रुप पर जो पीडीएफ फाइल उपलब्ध कराई थी, उसमें पाकिस्तान से संबंधित तीन अलग-अलग उदाहरण दिए गए थे। पहले में पाकिस्तानी आर्मी ज्वाइन करने का उदाहरण था, तो दूसरे में पाकिस्तान को मातृभूमि बताया गया। तीसरे उदाहरण में पाकिस्तानी पायलट राशिद मिन्हास की बहादुरी का बखान किया गया था। तीनों उदाहरण इस तरह थे- पाकिस्तान हमारी प्रिय मातृभूमि है, मैं पाकिस्तानी सेना में शामिल होऊँगा और रशीद मिन्हास एक बहादुर सैनिक था।

जैसे ही इस पोस्ट की जानकारी अभिभावकों को हुई तुरन्त हंगामा खड़ा हो गया। अभिभावकों ने तत्काल इसकी जानकारी स्कूल प्रबंधन को दी। अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षिका के जरिए पाकिस्तान के पक्ष में बच्चों का ब्रेनवॉश किया जा रहा है। कई अभिभावकों का आरोप है कि संज्ञा पढ़ाने के जरिए शिक्षिका ने उनके बच्चों के अंदर राष्ट्र विरोधी मानसिकता पैदा करने का प्रयास किया गया है। 

जानकारी के अनुसार, इस व्हाट्सएप ग्रुप में 40 से 50 बच्चे जुडे़ हैं। ग्रुप की एडमिन शादाब खान ही हैं। अभिभावकों का कहना है बच्चों का मन बेहद कोमल होता है, उनके अंदर राष्ट्र विरोधी मानसिकता पैदा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने माँग की है कि शिक्षिका शादाब खानम को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाना चाहिए, क्योंकि यह कृत्य राष्ट्रदोह की श्रेणी में आता है।

मामले पर सफाई देते हुए शादाब खानम ने कहा, “पढ़ाई के लिए अध्ययन सामग्री और उदाहरण को इंटरनेट से कॉपी करके बच्चों के लिए व्हाट्सएप ग्रुप पर डाल दिया था। सिर्फ मानवीय भूल के चलते ऐसा हुआ। मेरी मंशा बच्चों के मन में राष्ट्र विरोधी मानसिकता को बढ़ाने की नहीं थी और न कभी रहेगी। यहीं पैदा हुई, यहीं पली बढ़ी हूँ। भारतीय होने पर गर्व है। 11 साल से स्कूल में पढ़ा रही हूँ। उदाहरण के लिए अध्ययन सामग्री को कॉपी करके डाला जरूर, लेकिन उसे नहीं देख सकी। यही सबसे बड़ी गलती थी। क्लास के लिए लेट हो रहा था। व्हाट्सएप ग्रुप पर सबसे माफी माँग ली है।”

वहीं जीएन नेशनल स्कूल के डायरेक्टर गोरख सिंह ने बताया कि शिक्षिका को तत्काल नोटिस जारी किया गया है, उनका जितना वेतन बनेगा, उसका भुगतान करके स्कूल से बर्खास्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों के कोमल मन में जहर घोलने वाले किसी शिक्षक के लिए विद्यालय में कोई जगह नहीं है। शिक्षिका गलती भी मान रही हैं, लेकिन इससे  गलत काम सहीं नहीं हो जाता है।

वहीं भाजपा नेता देशबंधु शुक्‍ल ने कहा कि शादाब खान नामक महिला शिक्षक से यही उम्‍मीद की जा सकती है। उनके जेहन में पाकिस्‍तान और पाकिस्‍तानी ही हैं। भारत और भारतवासी नहीं है। वह और उनके जैसे लोग इस तरह की शिक्षा दे रहे हैं तो कोई आश्‍चर्यजनक नहीं है। वह अपने मकसद में कामयाब हैं। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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