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कार में पड़ी मिली दिल्ली दंगों की जाँच कर रहे पुलिस अधिकारी की लाश, चोट के कोई निशान नहीं: मौत का कारण स्पष्ट नहीं

पुलिस को शनिवार की शाम 4 बजे ही सूचना दी गई थी कि रुमाल वाली गली के पास एक कार सुबह 11 बजे से ही खड़ी है। साथ ही उसके भीतर एक शख्स के बेहोशी में पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर पाया कि उनकी पहले ही मौत हो चुकी थी।

दिल्ली पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर की लाश एक कार में संदिग्ध अवस्था में मिली है। उनकी लाश केशवपुरम थाना क्षेत्र के रामपुर इलाके में मिली। इंस्पेक्टर विशाल खानवलकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में कार्यरत थे। उनके शव पर चोट के कोई निशान नहीं थे, जिससे फ़िलहाल मौत के कारण का अंदाजा नहीं लगाया जा सका है। लोधी कॉलनी में तैनात विशाल दिल्ली में हुए हिन्दू विरोधी दंगों की जाँच कर रही टीम का भी हिस्सा थे।

पुलिस को शनिवार (जून 6, 2020) की शाम 4 बजे ही सूचना दी गई थी कि रुमाल वाली गली के पास एक कार सुबह 11 बजे से ही खड़ी है। साथ ही उसके भीतर एक शख्स के बेहोशी में पड़े होने की सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुँच कर पाया कि उनकी पहले ही मौत हो चुकी थी। 47 वर्षीय विशाल अपने परिवार के साथ शालीमार बाग़ क्षेत्र में रहते थे। वो फ़िलहाल डीसीपी प्रमोद कुशवाहा के एसओ का काम देख रहे थे।

लाश को पोस्टमोर्टम के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे। विशाल 1998 बैच के अधिकारी थे। पुलिस ने गाड़ी में से उन्हें निकाल कर बीजेआरएम हॉस्पिटल लेकर गई, जहाँ डॉक्टरों द्वारा अधिकारिक रूप से मृत घोषित किया गया। पुलिस ने इस मामले में जाँच शुरू कर दी है।

बता दें कि फ़रवरी में दिल्ली में हिन्दू-विरोधी दंगे भड़क गए थे, जिसमें कई लोगों की हत्या हुई थी। हाल ही में पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दायर किए थे, जिसमें ताहिर हुसैन को मुख्य आरोपित बनाया गया था। साथ ही इससे सम्बंधित अन्य मामलों में ‘पिंजरा तोड़’ की महिलाओं सहित सफूरा जरगर और उमर खालिद भी आरोपित हैं। दिल्ली में हुए अंकित शर्मा के हत्या ममले में भी ताहिर हुसैन आरोपित था। इस मामले में यूएपीए के तहत कार्रवाई की जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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