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नक्शा विवाद के बीच नेपाल में शिक्षा की रोशनी फैलाएगा भारत, 7 जिलों में 56 स्कूलों का करेगा पुनर्निर्माण

नेपाल ने 18 मई को नया राजनीतिक नक्शा जारी किया था। इसमें कालापानी, लिपुलेख और लिमिपियाधुरा को अपने क्षेत्र के रूप में दिखाया था। नेपाल ने अपने नक़्शे में कुल 335 वर्ग किलोमीटर के इलाके को शामिल किया था। इसके बाद 22 मई को संसद में संविधान संशोधन का प्रस्ताव पेश किया था।

नेपाल और भारत​ के बीच शिक्षा क्षेत्र में एक अहम समझौता हुआ है। नेपाल के सात जिलों में भारत स्कूलों का पुनर्निर्माण करेगा। समझौते पर हस्ताक्षर नेपाल के नए नक्शे पर जारी विवाद के बीच हुआ है।

नेपाल के भारतीय मिशन ने समझौते पर सोमवार (08 जून, 2020) को हस्ताक्षर किए गए। समझौते के मुताबिक नेपाल के सात जिलों में कुल 56 उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। यह समझौता ऐसे समय में आगे बढ़ा है कि जब भारत और नेपाल के बीच एक नक्शे को लेकर विवाद जारी है।

नेपाल ने 18 मई को नया राजनीतिक नक्शा जारी किया था। इसमें कालापानी, लिपुलेख और लिमिपियाधुरा को अपने क्षेत्र के रूप में दिखाया था। नेपाल ने अपने नक़्शे में कुल 335 वर्ग किलोमीटर के इलाके को शामिल किया था। इसके बाद 22 मई को संसद में संविधान संशोधन का प्रस्ताव पेश किया था।

इस पर भारत के विदेश मंत्रालय ने नेपाल को भारत की संप्रभुता का सम्मान करने की नसीहत दी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा था, “हम नेपाल सरकार से अपील करते हैं कि वो ऐसे बनावटी कार्टोग्राफिक प्रकाशित करने से बचें। साथ ही भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करें।”

ये इलाके भारत की सीमा में आते हैं। वहीं सोशल मीडिया पर लोग यह आशंका भी व्यक्त करते नजर आ रहे हैं कि हो सकता है नेपाल यह सब चीन के इशारे पर कर रहा हो। दरअसल, 8 मई को भारत ने उत्तराखंड राज्य के लिपुलेख दर्रे से कैलाश मानसरोवर के लिए सड़क का उद्घाटन किया था, जिसे लेकर नेपाल ने कड़ी आपत्ति जताई थी। इसके बाद नेपाल ने नया राजनीतिक नक्शा जारी किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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