Monday, May 6, 2024
Homeबड़ी ख़बरकॉन्ग्रेस ने स्वीकारी राहुल गाँधी के जमीन सौदे की बात, पर पाहवा-भंडारी लिंक पर...

कॉन्ग्रेस ने स्वीकारी राहुल गाँधी के जमीन सौदे की बात, पर पाहवा-भंडारी लिंक पर अभी भी चुप

रॉबर्ट वाड्रा की पत्नी प्रियंका गाँधी वाड्रा ने भी पाहवा से ज़मीन खरीदी थी और उसे वापस ऊँचे दामों पर बेच दिया था। अब कॉन्ग्रेस ने स्वीकार किया है कि भूमि को राहुल गाँधी ने एचएल पाहवा से खरीदा था और प्रियंका गाँधी वाड्रा को उपहार में दिया था।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की प्रेस वार्ता के बाद आखिरकार कॉन्ग्रेस ने राहुल गाँधी द्वारा की गई जमीन की डील को स्वीकार कर लिया गया है, लेकिन पार्टी अभी तक भी जमीन विक्रेता एचएल पाहवा और संजय भंडारी के बीच सम्बन्ध को लेकर चुप है।  

आज सुबह (मार्च 13, 2019) स्मृति ईरानी ने OpIndia द्वारा किए गए खुलासे के आधार पर कहा, “एक समाचार सूत्र के माध्यम से राष्ट्र को जानकारी मिली है कि एचएल पाहवा नाम के एक व्यक्ति के यहाँ ED की रेड में उसके पास से राहुल गाँधी के साथ लेनदेन के दस्तावेज मिले हैं। जमीन की खरीददारी से संबंधित इन दस्तावेजों से ये बात सामने आई कि एचएल पाहवा के साथ राहुल गाँधी के आर्थिक संबंध हैं।”

इस अनौपचारिक नोट के अनुसार, वर्ष 2008 में राहुल गाँधी द्वारा जमीन खरीदने के बाद वर्ष 2012 में राहुल गाँधी ने प्रियंका वाड्रा को जमीन गिफ्ट की थी। यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि 2008 से 2012 की अवधि में, हथियार डीलर संजय भंडारी कॉन्ग्रेस सरकार के तहत सक्रिय रूप से अपने ‘बिज़नेस’ के लिए वापसी कर रहे थे और दसाँ (Dassault) के ऑफ-सेट पार्टनर बनने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास भी कर रहे थे। दसाँ ने संजय भंडारी के ऑफ-सेट पार्टनर बनने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।

हालाँकि, भूमि सौदे को स्वीकार करते हुए, कॉन्ग्रेस ने राहुल गाँधी को भूमि के विक्रेता एचएल पाहवा के साथ संबंधों पर चुप्पी ही साध रखी है। एचएल पाहवा ने रॉबर्ट वाड्रा और प्रियंका गाँधी वाड्रा को भी जमीन बेची थी। OpIndia ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया था कि किस तरह से इस जमीन को बाद में एचएल पाहवा द्वारा रॉबर्ट वाड्रा और प्रियंका गाँधी वाड्रा को एक बढ़ी हुई कीमत पर वापस बेच दिया गया था। असल में एचएल पाहवा ने भुगतान के लिए सीसी थम्पी से पैसे उधार लिए थे, जिसके पास हथियार डीलर संजय भंडारी के साथ कई वित्तीय सौदे हुए हैं।

संयोगवश, कॉन्ग्रेस द्वारा की गई इस बेकार प्रतिक्रिया ने राहुल गाँधी को लेन-देन की इस प्रक्रिया को और भी जटिल बना दिया है। इस लेन-देन की प्रक्रिया की ‘व्याख्या’ करने की कोशिश करते हुए राहुल गाँधी ने परिवार और पाहवा की भूमिका को और अधिक स्पष्ट कर दिया है। रॉबर्ट वाड्रा की पत्नी प्रियंका गाँधी वाड्रा ने भी पाहवा से ज़मीन खरीदी थी और उसे वापस ऊँचे दामों पर बेच दिया था। अब कॉन्ग्रेस  ने स्वीकार किया है कि भूमि को राहुल गाँधी ने एचएल पाहवा से खरीदा था और प्रियंका गाँधी वाड्रा को उपहार में दिया था।

इस पुरे काण्ड में राहुल गाँधी के एचएल पाहवा, सीसी थम्पी और संजय भंडारी के बीच लिंक के विवाद पर अभी भी बयान नहीं दिया गया है। एक और सवाल यह भी उठता है कि आखिर कॉन्ग्रेस के युवा अध्यक्ष राहुल गाँधी इन जमीनों सौदों की फंडिंग किस तरह से कर रहे हैं?

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘400 पार’ और ‘जय श्री राम’ से गूँजी अयोध्या नगरी: रामलला के सामने साष्टांग दण्डवत हुए PM मोदी, फिर किया भव्य रोडशो

पीएम मोदी ने भव्‍य एवं दिव्य राम मंदिर में रामलला के दर्शन के बाद राम जन्‍मभूमि पथ से रोड शो शुरू किया।

नसीरुद्दीन शाह की बीवी ने ‘चिड़िया की आँख’ वाली कथा का बनाया मजाक: हरिद्वार से लेकर मणिपुर और द्वारका तक घूमे थे अर्जुन, फिर...

अर्जुन ने वन, पर्वत और सागर से लेकर एक से एक रमणीय स्थल देखे। हरिद्वार में उलूपी, मणिपुर में चित्रांगदा और द्वारका में सुभद्रा से विवाह किया। श्रीकृष्ण के सबसे प्रिय सखा रहे, गुरु द्रोण के सबसे प्रिय शिष्य रहे। लेकिन, नसीरुद्दीन शाह की बीवी को लगता है कि अर्जुन के जीवन में 'चिड़िया की आँख' के अलावा और कुछ नहीं था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -