Homeसोशल ट्रेंडकॉन्ग्रेस की बैठक में राजस्थान के CM ने खड़े होकर बलिदानी सैनिकों को दी...

कॉन्ग्रेस की बैठक में राजस्थान के CM ने खड़े होकर बलिदानी सैनिकों को दी श्रद्धांजलि, लोगों ने पूछा- ‘मैडम’ क्यों बैठी हैं

अशोक गहलोत ने दो तस्वीरें साझा कीं। एक तस्वीर में गहलोत खड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरे में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी बैठी हुई हैं। नेटिज़न्स ने तुरंत इस बात पर गौर किया और पूछा कि जब समिति ने हमारे बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा, तो "मैडम" क्यों बैठी रहीं।

कॉन्ग्रेस पार्टी ने मंगलवार (जून 23, 2020) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्य समिति की तीसरी बैठक का आयोजन किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कॉन्ग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) बैठक के दौरान खड़े होने की एक तस्वीर ट्वीट करते हुए कहा कि सीडब्ल्यूसी ने 20 बहादुर भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए दो मिनट का मौन रखा, जो गलवान घाटी में चीन के साथ हिंसक झड़प के दौरान वीरगति को प्राप्त हो गए थे।

अपनी तस्वीर साझा करते हुए अशोक गहलोत ने ट्वीट किया, “कॉन्ग्रेस कार्य समिति की आभासी बैठक में हमारे बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया, जिन्होंने भारत-चीन सीमा पर बलिदान दिया”।

अशोक गहलोत ने दो तस्वीरें साझा कीं। एक तस्वीर में गहलोत खड़े दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरे में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी बैठी हुई हैं। नेटिज़न्स ने तुरंत इस बात पर गौर कर लिया और पूछा कि जब समिति ने हमारे बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा, तो “मैडम” क्यों बैठी रहीं।

एक ट्विटर यूजर ने कहा कि शायद सोनिया गाँधी देश के नुकसान से अप्रभावित हैं, उन्हें इससे कोई दुख नहीं है, इसीलिए उन्होंने हमारे बहादुर सैनिकों के लिए खड़े होने और श्रद्धांजलि देने की आवश्यकता महसूस नहीं की। इस पर एक दूसरे ने जवाब दिया कि भारतीयों ने सैनिकों को श्रद्धांजलि दी है, इटालियंस ने नहीं।

एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा, “वाह एक राज्य का मुख्यमंत्री खड़ा है और चमचों की राजमाता बैठी हुई हैं।”

एक यूजर ने लिखा कि वो चीनी आर्मी को श्रद्धांजलि देती है।

गौरतलब है कि भारत और चीन की सेनाओं के बीच लद्दाख बॉर्डर पर गलवान घाटी के पास हिंसक झड़प में चीन के 43 सैनिकों के हताहत होने की बात मीडिया में सामने आई है, जिसमें चीन के मारे गए, घायल और गंभीर घायल चीनी सैनिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं, भारतीय सेना ने स्पष्ट किया है कि इस झड़प में 20 भारतीय सैनिकों को वीरगति प्राप्त हुई। बताया जा रहा है कि इस झड़प के दौरान किसी तरह की कोई गोली नहीं चली है, यानी हाथापाई और पत्थरबाजी हुईं, जिनमें सैनिकों को क्षति पहुँची है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -