Homeदेश-समाजUP में RSS कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या, हथियार मौके पर ही छोड़कर बदमाश...

UP में RSS कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या, हथियार मौके पर ही छोड़कर बदमाश फरार

स्थानीय आदर्श इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉक्टर सुरेश यादव (62) को अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। सुरेश यादव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हुए थे।

उत्तर प्रदेश में आम चुनाव से ठीक पहले एक संघ कार्यकर्ता की हत्या का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में शनिवार (मार्च 30, 2019) सुबह सैर करने के लिए निकले RSS के एक कार्यकर्ता डॉक्टर सुरेश यादव (62) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि वे एक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य भी थे। घटना सोनभद्र जिले के राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र का है।

पुलिस अधीक्षक एसटी पाटिल ने मीडिया को बताया कि स्थानीय आदर्श इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉक्टर सुरेश यादव (62) को अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। सुरेश यादव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े हुए थे। परिजनों के अनुसार वे रॉबर्ट्सगंज के छपका स्थित वन विभाग कार्यालय के पास सुबह करीब साढ़े पाँच बजे टहलने के लिए निकले थे, इसी दौरान रास्ते में कुछ मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उन्हें गोली मारी और हथियार वहीं छोड़कर भाग गए।

पुलिस ने जब घर वालों से पूछताछ की तो यादव के दामाद कृष्ण कांत ने बताया कि उनके ससुर का किसी से कोई विवाद नहीं था। एक तरफ पुलिस जहाँ इस हत्या को आपसी रंजिश के तौर पर देख रही है, वहीं संघ से संबंध के चलते इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से भी देखा जा रहा है। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -