Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयकाबुल में कार बम धमाका: 9 लोगों की मौत, सांसद मोहम्मद वारदाक की हालत...

काबुल में कार बम धमाका: 9 लोगों की मौत, सांसद मोहम्मद वारदाक की हालत गंभीर

विस्फोट इतना भयंकर था कि आस-पास की बिल्डिंग की खिड़कियों में लगे काँच टूट कर बिखर गए। सासंद मोहम्मद वारदाक को इस हमले में निशाना बनाया गया था। उनकी हालत गंभीर है, जबकि उनके कई सुरक्षाकर्मियों की मौत...

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में आतंकियों ने एक साथ कई कारों में बम धमाका किया। इन विस्फोटों में अब तक 9 लोगों की मौत हो गई है। घायलों की संख्या 20 से ज्यादा बताई जा रही है।

विस्फोट इतना भयंकर था कि आस-पास की बिल्डिंग की खिड़कियों में लगे काँच टूट कर बिखर गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सासंद मोहम्मद वारदाक को इस हमले में निशाना बनाया गया था। उनकी हालत गंभीर है, जबकि उनके कई सुरक्षाकर्मियों की इस हमले में मौत हो गई।

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने अशरफ गनी ने इस आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा, “आम लोगों पर आतंकी हमले से शांति के प्रयासों को धक्का लगा है।”

अफगानिस्तान में आंतरिक मामलों के मंत्री मसूद अंदाराबी ने इन कार बम धमाके की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अब तक 9 लोगों की मौत हो गई जबकि 20 अन्य घायल हैं।

अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि कार बम से हुए आतंकी धमाके में बच्चे, महिलाएँ और बुजुर्ग समेत 20 लोग घायल हुए हैं। विस्फोट से आस-पास के घरों को गंभीर नुकसान भी पहुँचा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दुनिया पर छाया भोजन का संकट, 140+ करोड़ भारतीयों का पेट भरने के लिए क्या कदम उठा रही मोदी सरकार: जानिए सब कुछ

वैश्विक खाद्य संकट के काले बादलों के बावजूद भारत की स्थिति दुनिया के अन्य देशों की तुलना में काफी मजबूत और सुरक्षित है।

फर्टिलाइजर डिप्लोमेसी के बाद भारत के सामने रबी सीजन की परीक्षा: जानिए खेती की चुनौतियों से निपटने के लिए मोदी सरकार ने की है...

इस रबी सीजन में भारत का मुख्य फोकस कृषि उत्पादन के रिकॉर्ड लक्ष्य के साथ जलवायु परिवर्तन और मानसून से होने वाले जोखिमों को कम करने पर है।
- विज्ञापन -