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J&K पर अमित शाह की अध्यक्षता में 2 हाई लेवल मीटिंग: LG मनोज सिन्हा, NSA डोभाल भी हुए शामिल

मीटिंग में शामिल होने डोभाल के अलावा जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह, गृह सचिव अजय भल्ला, इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर अरविन्द कुमार, रॉ के चीफ समंत कुमार गोयल और सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल कुलदीप सिंह भी गृह मंत्रालय पहुँचे।

जम्मू-कश्मीर को लेकर शुक्रवार (18 जून 2021) को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दो उच्च स्तरीय बैठकें हुई।एक बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी शामिल हुए। दूसरी बैठक में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल और जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह भी गृह मंत्रालय पहुँचे।

पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर को लेकर हलचल बढ़ी थी। गृह मंत्री की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में भाग लेने के लिए वे आज दोपहर दिल्ली पहुँचे। इस मीटिंग में जम्मू-कश्मीर में हुए विकास कार्यों को लेकर चर्चा हुई। गृह मंत्री शाह ने कश्मीर में 76% टीकाकरण होने पर उपराज्यपाल को बधाई दी और अधिकारियों को यह निर्देशित किया कि कश्मीर के लोगों के सर्वांगीण कल्याण के लिए मोदी सरकार की योजनाएँ जन-जन तक पहुँचाई जाए।

गृह मंत्री ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में रह रहे शरणार्थियों को शरणार्थी योजनाओं का लाभ मिले तथा केंद्र शासित प्रदेश में कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना हो जिससे यहाँ के लोगों को पर्याप्त रोजगार मिल सके।

इसके अलावा न्यूज एजेंसी एएनआई के हवाले से यह भी खबर मिली कि गृह मंत्री शाह की अध्यक्षता वाली एक दूसरी हाई लेवल मीटिंग में शामिल होने के लिए एनएसए अजित डोभाल और अन्य उच्च अधिकारी भी केन्द्रीय गृह मंत्रालय पहुँचे। मीटिंग में शामिल होने डोभाल के अलावा जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह, गृह सचिव अजय भल्ला, इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर अरविन्द कुमार, रॉ के चीफ समंत कुमार गोयल और सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल कुलदीप सिंह भी गृह मंत्रालय पहुँचे।

हालाँकि खबर लिखे जाने तक यह जानकारी नहीं मिल सकी थी कि यह हाई लेवल मीटिंग किसलिए बुलाई गई है लेकिन यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि इस मीटिंग में आगामी समय में अमरनाथ यात्रा प्रारंभ करने की तैयारियों, जम्मू-कश्मीर की वर्तमान सुरक्षा व्यवस्थाओं और जम्मू-कश्मीर में ही कुछ नए प्रोजेक्ट के सिलसिले में भी चर्चा हो सकती है।

वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में भी भारी गिरावट देखने को मिली है और केंद्र शासित प्रदेश में टीकाकरण कार्यक्रम भी तेजी से चल रहा है, ऐसे में हो सकता है कि यात्रा शुरू करने पर विचार किया जाए। अमरनाथ यात्रा हर साल जून के आखिर में शुरू होती है और संभव है कि इस मीटिंग में गृह मंत्री इसके संबंध में कश्मीर में सुरक्षा-व्यवस्थाओं का जायजा लें।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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