Homeदेश-समाजशाहिद पिच्चा और मोहम्मद अनस भागते-भागते गोली चला रहा था... UP पुलिस ने टाँग...

शाहिद पिच्चा और मोहम्मद अनस भागते-भागते गोली चला रहा था… UP पुलिस ने टाँग में मारी गोली

कानपुर का हिस्ट्रीशीटर अपराधी शाहिद पिच्चा और उसके साथी अन्नू पिस्टल उर्फ मोहम्मद अनस की UP पुलिस से मुठभेड़ हो गई। इस दौरान दोनों तरफ से गोलीबारी हुई। दोनों ही अपराधियों पैर में गोली लगी।

उत्तर प्रदेश के कानपुर का हिस्ट्रीशीटर अपराधी शाहिद पिच्चा और उसके साथी अन्नू पिस्टल उर्फ मोहम्मद अनस की सोमवार (12 जुलाई 2021) की देर रात पुलिस से मुठभेड़ हो गई। इस दौरान दोनों तरफ से गोलीबारी हुई। दोनों ही अपराधियों पैर में गोली लगी। इस बीच मौका पाकर तीसरा आरोपित भागने में कामयाब रहा। बताया जाता है कि शाहिद पिच्चा पुलिस की टॉप 10 अपराधियों की हिट लिस्ट में शामिल था।

दोनों को हिरासत में लेकर पुलिस ने इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया है। फिलहाल दोनों के हालत में सुधार है। उनके पास से दो अवैध असलहे, 30 एमएम की पिस्टल और कारतूस के साथ क्रेटा कार बरामद हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि शाहिद पिच्चा अपने साथियों के साथ चकेरी की ओर जा रहा है। इसी के आधार पर रेल बाजार थाना क्षेत्र में आने वाले सीओडी पुल के पास पुलिस ने चेकिंग लगाई थी।

चेकिंग के समय एक कार को पुलिस ने रोका तो वो भागने लगा। पुलिस की टीम ने कार का पीछा किया तो आरोपितों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने भी पलटवार किया। एनकाउंटर के दौरान दो बदमाशों के पैर में गोली लग गई, जबकि अन्य फरार हो गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, शाहिद और अनस के खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में कई केस दर्ज हैं। पुलिस लंबे समय से इनकी तलाश कर रही थी। चमनगंज के तलाक महल इलाके में बीते दिनों शाहिद और उसके साथियों की सबलू गैंग के साथ गैंगवार हुआ था। दोनों गैंग के बीच हुई वर्चस्व की इस लड़ाई में शाहिद ने सुब्हान रायनी को गोली मार दी थी। गोली उसके हाथ में लगी थी। इस मामले में शाहिद समेत आठ आरोपितों के खिलाफ बेकनगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। फिलहाल, पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -