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असम में अतिक्रमण हटाने के दौरान बड़ा बवाल: हिंसक झड़प में सद्दाम हुसैन और शेख फरीद की मौत, 9 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल

"पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलियाँ चलाईं। इसमें दो आम नागरिकों की मौत हो गई है। हिंसा में कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हैं इनमें अस्टिटेंट सब इंस्पेक्टर मोनिरुद्दीन की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। उन्हें गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज शिफ्ट कर दिया गया है। मृतकों की पहचान सद्दाम हुसैन और शेख फरीद के रूप में हुई है।"

असम के दरांग जिले में अतिक्रमण हटाने को लेकर एकबार फिर बड़ा बवाल हुआ है। करीब 800 परिवारों के पुनर्वास को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में दो लोगों के मारे जाने की खबर है। वहीं प्रदर्शन में पत्तरबाजी और हिंसा की वजह से कई पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच ये झड़प तब हुई जब एक स्पेशल टीम अतिक्रमण हटवाने गई थी। कम से कम 10 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में ज्‍यादातर पुलिसकर्मी हैं। घायलों में कई की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी संख्‍या में लोग असम के दरांग जिला प्रशासन की ओर से बेदखल किए गए 800 परिवारों के पुनर्वास की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। बेदखल किए गए परिवारों ने सिपझार में विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। प्रदर्शनकारियों की माँग थी कि बेदखली को रोका जाए और उन्हें एक व्यापक पुनर्वास पैकेज प्रदान किया जाए। तभी अचानक प्रदर्शनकारियों और पुलिस बल के बीच झड़प शुरू हो गई। बाद में पुलिस बल की ओर से की गई फायरिंग में दो लोगों की मौत हो गई जबकि कम से कम 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “पुलिस ने आत्मरक्षा में गोलियाँ चलाईं। इसमें दो आम नागरिकों की मौत हो गई है। हिंसा में कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हैं इनमें अस्टिटेंट सब इंस्पेक्टर मोनिरुद्दीन की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। उन्हें गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज शिफ्ट कर दिया गया है। मृतकों की पहचान सद्दाम हुसैन और शेख फरीद के रूप में हुई है।”

इस मामले में कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने ट्वीट कर कहा है- “असम इस वक्त राज्य प्रायोजित आग में जल रहा है। मैं अपने असम के भाई-बहनों के साथ खड़ा हूँ।

वहीं इस मामले में दरांग के पुलिस अधीक्षक सुशांत बिस्वा सरमा ने कहा कि परेशानी तब शुरू हुई जब धारदार हथियारों से लैस प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और आम लोगों पर हमला बोल दिया। सुशांत बिस्वा सरमा ने बताया कि पुलिस के जवानों ने आत्मरक्षा में गोलियाँ चलाईं जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। दोनों पक्षों में हुई झड़प में कम से कम 10 लोग घायल हो गए। घायलों में अधिकांश पुलिसकर्मी हैं।”

साथ ही एसपी सुशांत सरमा ने इस हिंसा में 9 पुलिस के जवानों के घायल होने की बात करते हुए कहा कि मैं सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बारे में भी जाँच करवा रहा हूँ।

गौरतलब है कि सुशांत बिस्वा सरमा ने यह भी कहा है कि अतिक्रमण हटाए जाने का काम चलता रहेगा। अब तक 602.04 हेक्टेयर जमीन खाली करवा ली गई है। बीते 7 जून को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इलाके का दौरा किया था। उन्होंने इलाके को खाली कराने का निर्देश स्थानीय प्रशासन को दिया था जिससे सामुदायिक खेती करवाई जा सके।

बता दें कि कि धौलपुर 25000 एकड़ भूमि के साथ करीब 5000 साल पुराने शिव मंदिर और गुफा वाला क्षेत्र है। ऑपइंडिया को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है कि फिलहाल यह क्षेत्र अतिक्रमण के अधीन है और धीरे-धीरे और अधिक लोग आ रहे हैं। बाहरी लोगों के आने से वहाँ के स्थानीय लोग पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। लूट और डकैती का सिलसिला लगातार जारी है। हमारे सूत्र ने यह भी दावा किया है कि अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान करीब 10,000 से अधिक लोगों ने पुलिस पर हमला किया। जो सभी के सभी मुस्लिम अप्रवासी बताए जा रहे हैं। कहा जा रहा है उन्होंने वहाँ 30000 एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया है।

सरमा सरकार ने बेदखली की पहल की है जिस पर स्थानीय मुस्लिमों के साथ चर्चा भी की गई है। उन्हें भूमि नीति के अनुसार भूमि देने का वादा किया गया था। कहा जा रहा है वे सहमत हैं। पिछले दो दिनों तक अतिक्रमण हटाने का अभियान शांतिपूर्ण रहा। लेकिन आज 10,000 लोगों ने पुलिस पर हमला किया और जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की 2 लोगों की मौत हो गई और करीब 10 घायल बताए जा रहे हैं। राज्य सरकार ने न्यायिक जाँच के आदेश दिए हैं। इस झड़प के पहले से राज्य सरकार सभी मुस्लिम संगठनों के संपर्क में है ताकि स्थिति सामान्य रहे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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