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कोई बीमारी नहीं, फिर भी साल में 39 बार एम्बुलेंस को बुलाया: दफ्तर से पैदल घर जाने से बचने के लिए आलसी शख्स ने किया कारनामा

जब अस्पताल के कर्मचारियों ने इस मामले में पुलिस में शिकायत की तो वांग उन पर ही चीखने-चिल्लाने लगा। हालाँकि, बाद में पुलिस ने उसे कड़ी चेतावनी दी कि अगर उसने दोबारा से सार्वजनिक संसाधनों का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश की तो उसे दंडित किया जाएगा।

पूर्वी एशियाई देश ताइवान से हैरान कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक व्यक्ति ने एक साल में 39 बार एम्बुलेंस को कॉल करके बुलाया। जबकि, उसे कोई बीमारी नहीं थी। वह पूरी तरह से स्वस्थ था, लेकिन वह आलसी था और जिस सुपर मार्केट में वो काम करता था वहाँ से पैदल अपने घर नहीं जाना चाहता था। इसीलिए वो एम्बुलेंस को मुफ्त टैक्सी के तौर पर इस्तेमाल करता था। इस मामले में अस्पताल प्रशासन ने उस व्यक्ति को चेतावनी दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, वांग नाम का व्यक्ति जिस सुपर मार्केट में काम करता था, वहाँ से उसके घर की दूरी करीब 200 मीटर थी और उसी के पास एक अस्पताल भी स्थित है। ऐसे में घर पैदल जाने से बचने के लिए वह अस्पताल के एम्बुलेंस को कॉल कर बुला लेता था। जब एक बार वह रंगे हाथ पकड़ा गया तो उसकी पोल खुल गई।

इसके बाद मामले की जाँच की गई तो पता चला कि व्यक्ति ने साल में 39 बार एम्बुलेंस को कॉल कर मुफ्त टैक्सी के रूप में इस्तेमाल करता था। ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, वांग अक्सर बीमार होने का दिखावा करता था और अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस को बुलाता था। लेकिन, एक बार अस्पताल को पता चला कि वह व्यक्ति एम्बुलेंस में आता तो था, लेकिन वह हर बार बिना चेक-अप किए बाहर निकल जाता था।

जब अस्पताल के कर्मचारियों ने इस मामले में पुलिस में शिकायत की तो वांग उन पर ही चीखने-चिल्लाने लगा। हालाँकि, बाद में पुलिस ने उसे कड़ी चेतावनी दी कि अगर उसने दोबारा से सार्वजनिक संसाधनों का गलत इस्तेमाल करने की कोशिश की तो उसे दंडित किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि ताइवान में आपातकालीन रोगियों के लिए निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा दी जाती है। मरीजों को पास के अस्पतालों या क्लीनिक्स में ले जाया जाता है। सरकार की इसी योजना का पूरा फायदा वांग ने उठाया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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