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जौनपुर के ‘गोबर वाले’ बुजुर्ग गोपाल सिंह से मिलिए, PM मोदी का नाम लेते ही हो जाते हैं भावुक: बोले- ऐसा ईमानदार और योग्य प्रधानमंत्री नहीं देखा

आजतक की बुलेट रिपोर्टर चित्रा त्रिपाठी से बात करते हुए बुजुर्ग ने अपना नाम गोपाल सिंह बताया और कहा कि वो चरवाही का काम करते हैं। ये पूछे जाने पर पीएम मोदी कैसा काम करते हैं, बुजुर्ग ने कहा, “देश के पीएम, नेहरू के समय से, पहले ऐसे पीएम आए हैं जो इतने ईमानदार और योग्य हैं।”

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में हर मीडिया संस्थान के रिपोर्टर ग्राउंड पर जाकर आम जनता का मन टटोलकर बताने में लगे हैं कि कौन क्या चाहता है। इसी बीच आजतक की बुलेट रिपोर्टर चित्रा त्रिपाठी ने जौनपुर से एक बुजुर्ग की वीडियो शेयर की है। इस वीडियो में बुजुर्ग देश के पीएम के लिए बात करते-करते बार-बार भावुक हो रहे हैं। उनका कहना है कि आज तक देश में इतना ईमानदार प्रधानमंत्री कभी नहीं चुना गया।

चित्रा त्रिपाठी से बात करते हुए बुजुर्ग अपना नाम गोपाल सिंह बताते हैं और कहते हैं कि वो चरवाही का काम करते हैं। ये पूछे जाने पर कि पीएम मोदी कैसा काम करते हैं, बुजुर्ग ने कहा, “देश के पीएम, नेहरू के समय से, पहले ऐसे पीएम आए हैं जो इतने ईमानदार और योग्य हैं।” उनसे जब काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जो जिस संप्रदाय से होता है वो अपने धर्म के लिए करता ही है।

चित्रा त्रिपाठी पूछती हैं कि जब मोदी जीते थे तो क्या सच में गोपाल सिंह ने मिठाई बाँटी थी। इस पर वह कहते हैं, “हाँ, 500 रुपए का लड्डू मैंने बाँटा था, गोबर उठाने वाला व्यक्ति हूँ। इसलिए कि भावनात्मक लगाव है मेरा पीएम से। इसलिए कि वो इतने बड़े पद पर हैं और ईमानदार व योग्य हैं।”

जब उनसे पूछा गया कि क्या मोदी ने उनके लिए अच्छा काम किया है। इस सवाल पर वे भावुक होकर पूछते हैं, “हमने देश के लिए क्या किया है। जब हम नहीं किए तो निजी स्वार्थ के लिए कुछ नहीं कह सकते।”

वो कहते हैं कि जो लगाव नरेंद्र मोदी से है वही लगाव अब मुख्यमंत्री योगी से हो गया है। उनको 400 सीट आएगी। वो भावी प्रधानमंत्री बनेंगे। गोपाल कहते हैं कि उन्हें आज तक फ्री में राशन नहीं मिला। लेकिन इसके लिए भी वो पीएम या सीएम को दोष नहीं देते हैं। वो कहते हैं माफिया हर जगह हैं।

उनके अनुसार पाँच यूनिट में से उन्हें राशन सिर्फ 2 यूनिट ही मिलता है। फ्री वाले राशन से तो उनका नाम ही गायब है। उन्होंने कई बार कहा मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। अधिकारी ने उनका नाम दर्ज नहीं किया। नाम काट दिया। वह बताते हैं कि वो महीने में 5-6 हजार कमाते थे। हालाँकि अभी उनकी कमाई 2 हजार हो रखी है।

लोग इस वीडियो को देखने के बाद अचंभे में हैं और बुजुर्ग के विश्वास को देख उनकी तारीफ में जुटे हैं। कोई कह रहा है पीएम मोदी को उनसे बात करनी चाहिए तो कोई कह रहा है कि देश की जनता के इसी विश्वास ने पीएम मोदी को जिताया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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