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इस्लामिक बैंकिंग घोटाला: मामले की जाँच कर रहे IAS अधिकारी ने ली ₹1.5 करोड़ की रिश्वत, गिरफ्तार

IAS विजय शंकर ने यह घूस आईएमए संस्थापक मंसूर खान से ली है। ये वही मंसूर खान है, जिसने बेहतर ब्याज का लालच देकर 40000 निवेशकों (अधिकतर मुस्लिम) से अरबों रुपए ऐंठ लिए और बाद में विदेश भाग गया।

कर्नाटक के आईएमए ग्रुप पोंजी घोटाले में एसआईटी ने सोमवार (जुलाई 8, 2019) को बंगलुरू अर्बन जिले के डिप्टी कमिश्नर बीएम विजय शंकर को 1.5 करोड़ रुपए की घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार विजय शंकर ने यह घूस आईएमए संस्थापक मंसूर खान से ली है। ये वही मंसूर खान है जिसने बेहतर ब्याज का लालच देकर 40000 निवेशकों (अधिकतर मुस्लिम) से अरबों रुपए ऐंठ लिए और बाद में विदेश भाग गया।

एसआईटी के प्रेस नोट के मुताबिक आईएस अधिकारी बीएम विजय ने आरबीआई द्वारा राज्य को दिए कंपनी की जाँच के आदेश के बाद, रिश्वत लेकर कंपनी के पक्ष में रिपोर्ट दी थी। इसी आधार पर गिरफ्तारी की गई है। इस मामले में एसआईटी अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।

बीएम विजय शंकर से पहले एजेंसी ने बंगलुरू नॉर्थ सब डिविजन के सहायक कमिश्नर एलजी नागराज और एक ग्रामीण अकॉउंटेंट मंजूनाथ को गिरफ्तार किया था। इन लोगों पर मंसूर खान से 4.5 करोड़ रुपए लेकर क्लीनचिट देने का आरोप है। इनके अलावा एक पार्षद और बंगलुरू विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

गौरतलब है इस बार हज यात्रियों से आईएमए ग्रुप के संस्थापक मंसूर खान के लौटने की दुआ करने को कहने वाले राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बीजेड जमीर अहमद खान से भी ईडी ने पूछताछ की है, क्योंकि उन्होंने भी मंसूर को अपनी एक संपत्ति बेची थी। इसके अलावा ईडी के एक अधिकारी ने भी जमीर अहमद को नोटिस जारी करके उनके सामने पेश होने के लिए एक हफ्ते का वक्त दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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