Homeराजनीतिउस्मानिया यूनिवर्सिटी ने राहुल गाँधी को कैम्पस में आने की नहीं दी इजाजत, नाराज़...

उस्मानिया यूनिवर्सिटी ने राहुल गाँधी को कैम्पस में आने की नहीं दी इजाजत, नाराज़ कॉन्ग्रेस ने TRS पर फोड़ा ठीकरा

इस मामले को लेकर कॉन्ग्रेस ने तेलंगाना राष्ट्र समिति के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाया है कि टीआरएस ने राहुल गाँधी के दौरे को रोकने के लिए यूनिवर्सिटी पर दबाव बनाया है।

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी को उस्मानिया यूनिवर्सिटी ने अपने कैंपस में आने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी 6 और 7 मई को तेलंगाना के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान राहुल गाँधी 7 मई को हैदराबाद के उस्मानिया यूनिवर्सिटी का भी दौरा करने वाले थे, जो अलग राज्य के आंदोलन का केंद्र रहा है। इसे एक गैर-राजनीतिक दौरा बताया जा रहा था।

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने लिखित रूप से दौरा रद्द करने की जानकारी नहीं दी है, लेकिन उस्मानिया यूनिवर्सिटी की आधिकारिक परिषद ने कथित रूप से इनकार किया है। इसके बाद से कॉन्ग्रेस और टीआरएस आमने-सामने हैं।

इस मामले को लेकर कॉन्ग्रेस ने तेलंगाना राष्ट्र समिति के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाया है कि टीआरएस ने राहुल गाँधी के दौरे को रोकने के लिए यूनिवर्सिटी पर दबाव बनाया है। कॉन्ग्रेस विधायक जग्गा रेड्डी ने कहा है कि राज्य सरकार ने राहुल गाँधी की उस्मानिया यूनिवर्सिटी में विजिट को लेकर संस्थान पर दबाव बनाया है।

उन्होंने कहा कि उस्मानिया यूनिवर्सिटी हमेशा तेलंगाना आंदोलन समेत छात्र आंदोलनों के लिए जानी जाती है। हालाँकि, उन्होंने साफ कहा था कि ये दौरा गैर राजनीतिक होगा लेकिन फिर भी उन्होंने इसे कैंसिल कर दिया। 23 अप्रैल को इस कार्यक्रम के लिए आवेदन किया गया था। जिसमें कहा गया था कि ये दौरा गैर-राजनीतिक होगा। इसके अलावा इसी मामले को लेकर कुछ छात्रों ने हाईकोर्ट का रुख किया है। वो तेलंगाना हाईकोर्ट चले गए और कहा कि उनके कैंपस में राहुल गाँधी के दौरे की अनुमति दी जाए। उधर, तेलंगाना कॉन्ग्रेस वारंगल में करीब 5 लाख समर्थकों के साथ राहुल गाँधी की एक भव्य बैठक की तैयारी कर रही है।

2017 से संस्थान में गैर-शैक्षणिक गतिविधियों पर लगी है रोक

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक एक अधिकारी ने बताया कि साल 2017 में कार्यकारी परिषद ने एक प्रस्ताव रखा था जिसमें राजनीति के साथ-साथ गैर-शैक्षणिक गतिविधियों पर कैंपस में रोक लगा दी थी। ऐसा प्रस्ताव जून 2017 में रखा गया था और अपना लिया गया था। इसके एक साल पहले हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यूनिवर्सिटी कैंपस में राजनीतिक और सार्वजनिक बैठकों की अनुमति नहीं देने के आदेश दिए थे। उस दौरान रानीतिक गतिविधियों को लेकर हो रही परेशानी को लेकर कोर्ट में एक याचिका डाली गई थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में लगे खालिस्तानी नारे, आतंकी भिंडरावाले को सेना ने इसी दिन 42 साल पहले किया था ढेर: जानें कट्टरपंथी क्यों...

श्री अकाल तख्त साहिब के पास बड़ी संख्या में कट्टरपंथी और समर्थक इकट्ठा हुए, जिन्होंने खालिस्तानी संगठनों और भिंडरावाले के पोस्टर लहराए।

₹15 लाख करोड़ के संदिग्ध रेवेन्यू से SEBI की कार्रवाई तक: जानिए कौन हैं राजेश मेहता और क्यों घिरी उनकी कंपनी Rajesh Exports

सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक राजेश मेहता के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
- विज्ञापन -