Homeदेश-समाजसिकंदर ने भाई अंसार और साले सोहिल के साथ मिलकर भाभी के साथ किया...

सिकंदर ने भाई अंसार और साले सोहिल के साथ मिलकर भाभी के साथ किया गैंगरेप

पीड़िता राजस्थान के धौलपुर की रहने वाली है। वह अपने मायके आगरा आई हुई थी। उसे अगवा कर आरोपी पास के बिशनगिरी गाँव ले गए, जहाँ उसके साथ रेप किया गया।

उत्तर प्रदेश के आगरा में 25 वर्षीय एक महिला के साथ गैंगरेप की खबर सामने आई है। बाइक पर सवार 3 लोगों ने मिलकर पहले महिला को अगवा किया फिर उसके साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया। घटना शुक्रवार (सितंबर 13, 2019) की है। महिला शौच से वापस घर आ रही थी जब बाइक सवार तीन लोगों ने उसे अगवा कर लिया और फिर सुनसान जगह पर ले जाकर रेप किया।

बता दें कि, रेप करने वाले 3 आरोपितों में से दो महिला के सगे देवर हैं। जानकारी के मुताबिक, महिला राजस्थान के धौलपुर की रहने वाली है। वह अपने मायके आगरा आई हुई थी। 13 सितंबर को महिला के दोनों सगे देवर अंसार और सिकंदर अपनी भाभी के घर के पास पहुँच गए। फिर सिकंदर ने साले सोहिल के साथ मिलकर शौच से वापस आ रही भाभी को जबरदस्ती बाइक पर बैठा लिया। तीनों ने कपड़े से उसका मुँह बाँध दिया और फिर उसे पास के बिशनगिरी गाँव ले गए। जहाँ उसके साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया।

जब कुछ लोगों ने महिला की चिल्लाती हुई आवाज सुनी तो वे घटनास्थल पर पहुँचे। गाँव के लोगों ने दो संदिग्धों को पकड़ लिया, जबकि तीसरा आरोपित भाग निकलने में कामयाब हो गया। धौलपुर की स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) महेंद्र शर्मा ने कहा कि महिला ने शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जाँच की जा रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग से बनाई दूरी, CJP में फूट के बाद क्या अब आंदोलन की उलटी गिनती हो...

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर छात्र आंदोलन बंटता हुआ दिख रहा है। जहाँ सोनम वांगचुक ने इसे अपनी शर्तों में तरजीह नहीं दी है वहीँ सीजेपी की यह पहली शर्त है।

रवीश कुमार तुम ही पत्रकारों की पिटाई के जिम्मेदार हो, खुद ‘गोदी’ में बैठ करते रहे पत्रकारिता… अब चला रहे ‘गोदी मीडिया’ वाला प्रोपेगेंडा

रवीश कुमार की मौकापरस्ती सिर्फ एक व्यक्ति का पतन नहीं है, बल्कि यह उस विचार का पतन है जो खुद को 'पत्रकार' कहकर जनता को गुमराह करता रहा है।
- विज्ञापन -