HomeराजनीतिBSP जिलाध्यक्ष पर 12 साल के बालक का अपहरण कर दुष्कर्म का आरोप, मुकदमा...

BSP जिलाध्यक्ष पर 12 साल के बालक का अपहरण कर दुष्कर्म का आरोप, मुकदमा दर्ज

पीड़ित बालक 7 सितंबर को अचानक से गायब हो गया। उसके पिता का कहना है कि कुछ दिनों पहले राधाष्टमी के मौके पर अपने भाई के पास गया था। जहाँ से वो लापता हो गया था।

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह और उसके साथी चंद्रभान पर 12 वर्षीय किशोर के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने का आरोप लगा है। बच्चे के साथ हुई घटना की तहरीर परिजन ने पुलिस को दी। जिसके आधार पर पुलिस ने जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह के खिलाफ अप्राकृतिक कृत्य के आरोप में मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित बालक 7 सितंबर को अचानक से गायब हो गया। उसके पिता का कहना है कि कुछ दिनों पहले राधाष्टमी के मौके पर अपने भाई के पास गया था। जहाँ से वो लापता हो गया था। कुछ लोगों ने पीड़ित को बसपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह और सुरवारी गाँव के पूर्व प्रधान चंद्रभान को बाइक पर ले जाते देखा।

जिसके बाद खोजबीन करने पर बालक गाँव के बाहर के एक झोपड़ी में मिला। शरीर पर खरोंच के निशान थे। जिसे वह उपचार के लिए सीएचसी कोसीकलाँ के सामुदायिक अस्पताल ले गए, जहाँ से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। होश आने पर बालक ने परिजनों को बताया कि आरोपित उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ एक झोपड़ी में ले गए थे। जहाँ उन्होंने उसके साथ यह कृत्य किया।

प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार ने बताया कि पीड़ित रविवार (सितंबर 15, 2019) की रात को थाने पहुँचे, जहाँ उनकी तहरीर पर दोनों आरोपितों के खिलाफ धारा 377 एवं पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। मामले में पूर्व प्रधान को भी नामजद किया गया है। वहीं, बसपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह का कहना है कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि गाँव में चल रहे एक मुकदमे के मामले में दबाव बनाने के लिए उन्हें साजिश के तहत फँसाया जा रहा है। पीड़ित बालक द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। 

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -