गुजरात एटीएस (Anti-Terrorist Squad) ने 11 और 12 नवंबर को हैदराबाद के डॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन सैयद के घर पर छापा मारा। यह कार्रवाई ‘रिसिन टेरर साजिश’ की जाँच के तहत की गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एटीएस टीम ने डॉक्टर के राजेंद्रनगर स्थित फ्लैट से कुछ अज्ञात केमिकल और कच्चा माल बॉक्सों में भरकर जब्त किया। इस दौरान साइबराबाद पुलिस दूर से नजर रखे हुए थी।
डॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन सैयद इस जैविक (बायो) टेरर साजिश का मुख्य आरोपित है। जाँच में सामने आया है कि उसका घर एक तरह का वर्कशॉप बन चुका था, जहाँ वह रिसिन नामक घातक केमिकल पर काम कर रहा था। जब्त की गई सामग्री को अब फॉरेंसिक साइंस लैब में जाँच के लिए भेजा गया है।
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह अभी तक अरंडी के बीजों (Castor beans) से रिसिन टॉक्सिन को पूरी तरह निकाल नहीं पाया था और न ही उसने हमले का तरीका तय किया था।
जाँच एजेंसियाँ अब 2018 में जर्मनी के कोलोन शहर में हुई रिसिन बम साजिश का भी अध्ययन कर रही हैं, जिसमें एक कट्टरपंथी दंपती ने रिसिन तैयार किया था, लेकिन हमले से पहले ही पकड़े गए थे। वहीं, राजेंद्रनगर पुलिस का कहना है कि उन्हें इस गिरफ्तारी की जानकारी तभी मिली जब गुजरात पुलिस ने आधिकारिक रूप से इसकी घोषणा की।
कौन हैं डॉ अहमद मोहिउद्दीन सैयद?
जानकारी के मुताबिक, डॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन सैयद एक जनरल फिजिशियन हैं। इसका निकाह नहीं हुआ हैं और हैदराबाद के राजेंद्रनगर स्थित फोर्ट व्यू कॉलोनी में असद मंजिल अपार्टमेंट की एक फ्लैट में अकेले रहता था। सैयद ने अपनी MBBS की पढ़ाई चीन से की थी और मरीजों को इंटरनेट पर मुफ्त परामर्श देता था। वह किसी अस्पताल या क्लिनिक से जुड़ा नहीं था। इसके अलावा, वह एक ऑनलाइन फूड बिजनेस का पार्टनर भी था।
सैयद छह भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। उसका परिवार तेलंगाना के खम्मम का रहने वाला है। उसे अपनी इंटरमीडिएट (कक्षा 11-12) की पढ़ाई हनमकोंडा में पूरी की जो वारंगल के पास है।
वह 2007 में चीन MBBS की डिग्री लेने गया था और 2012–13 में भारत लौटने के बाद कुछ समय खम्मम में रहा। इसके बाद वो राजेंद्रनगर के फ्लैट में रहने लगे। बताया जाता है कि वहाँ उसकी एक होटल मालिक से दोस्ती हुई और दोनों ने मिलकर एक ऑनलाइन फूड जॉइंट शुरू किया, जो ऐप्स के जरिए सैंडविच और शावरमा बेचता था।
हालाँकि, जब स्थानीय पुलिस ने उसके पार्टनर से पूछताछ की, तो उसने सैयद की हिस्सेदारी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। गुजरात ATS के अनुसार, जब सैयद के भाई उमर फारूकी से संपर्क किया गया, तो उसने बताया कि सैयद एक बिजनेस डील फाइनल करने के लिए गुजरात गया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, परिवार ने सैयद से उन पार्सलों के बारे में सवाल भी किए थे जो अक्सर उसके पास आते थे और जिनमें जहरीले पदार्थ होते थे। इस पर सैयद ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि वह एक ऐसी दवा बना रहा हैं जिससे परिवार अमीर हो जाएगा।
राजेंद्रनगर पुलिस अधिकारी ने बताया कि फारूकी के अनुसार, यह परिवार लगभग 20 साल पहले हैदराबाद आया था। पहले वे मेहदीपट्टनम में रहे, फिर टोलिचौकी चले गए। करीब चार साल पहले परिवार ने अपरपल्ली इलाके में भाइयों और अन्य सदस्यों के लिए अलग-अलग फ्लैट खरीदे।
आतंकी साजिश की जड़ तक पहुँच रही गुजरात ATS
गुजरात ATS की जाँच में पता चला है कि डॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन सैयद के पास से कैस्टर ऑयल (अरंडी का तेल) बरामद हुआ है। इसके अलावा उसने जो सामग्री खरीदी थी, उनके स्रोत और उनके ChatGPT व सर्च इंजन पर की गई खोजों के सबूत भी ATS को मिले हैं। यही दो प्रमुख कारण हैं, जिनसे अधिकारियों को यह शक हुआ कि सैयद किसी बायोटेरर (जैविक आतंकी) साजिश में शामिल था।
रविवार (9 नवंबर 2025) को गुजरात ATS ने बताया कि सैयद एक संदिग्ध आतंकी गिरोह का हिस्सा था और रिसिन नामक घातक रासायनिक पदार्थ का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर हमला करने की योजना बना रहा था। ATS के अनुसार, उसका हैंडलर अबू खालिदा, जो अफगानिस्तान में स्थित इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) से जुड़ा है, उसे निर्देश दे रहा था।
ATS ने इस मामले में दो और युवकों को गिरफ्तार किया है, शामली के 20 साल का दर्जी आजाद सुलेमान शेख और लखीमपुर खीरी का 23 साल का छात्र मोहम्मद सुहैल मोहम्मद सलीम खान को बनासकांठा से हिरासत में लिया गया। इन तीनों पर आर्म्स एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) और UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत केस दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, ATS की टीमें अब आरोपितों के घरों और उन सभी स्थानों पर जाएँगी जहाँ उन्होंने हमले की साजिश के दौरान आना-जाना किया था। इसके लिए अधिकारी लखीमपुर खीरी और शामली भी जाएँगे।
एक अधिकारी के अनुसार, पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे अभी तक रिसिन को पूरी तरह अलग नहीं कर पाए थे और हमले का तरीका तय नहीं किया था। उनका कहना था कि जब रिसिन तैयार हो जाता, तब ही हमले की विधि तय की जाती। गुजरात ATS अब इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश में जुटी है।
रिसिन के जरिए हिंदुओं को निशाना बनाने की आतंकी साजिश
गुजरात ATS ने अहमदाबाद–मेहसाणा रोड पर स्थित अडालज टोल प्लाजा के पास एक सिल्वर फोर्ड फिगो कार को रोककर डॉक्टर अहमद मोहिउद्दीन सैयद को गिरफ्तार किया, जिससे रिसिन टेरर साजिश का भंडाफोड़ हुआ। SP के सिद्धार्थ की ATS टीम ने कार से दो ग्लॉक पिस्तौल, एक बेरेटा हैंडगन, 30 जिंदा कारतूस और 10 लीटर के कंटेनर में रखे लगभग 4 लीटर कैस्टर ऑयल बरामद किया।
सैयद से मिले डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जाँच के आधार पर ATS ने दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया। जाँच में सामने आया कि ये दोनों युवक राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक डेड ड्रॉप स्थान से हथियार और कारतूस उठाकर सैयद तक पहुँचाते थे।
ATS को यह भी पता चला है कि आरोपित पाकिस्तान के कई लोगों से संपर्क में था और उसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के दफ्तरों समेत कई धार्मिक और संगठनात्मक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ के पैटर्न का निरीक्षण किया था। पिछले छह महीनों में उसने अहमदाबाद के नारोदा फल मंडी और दिल्ली के आज़ादपुर कृषि उपज मंडी (APMC) जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों की भी रेकी की थी।













