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बाड़मेर से जालंधर तक, सांबा से पठानकोट तक… फिर जगह-जगह उड़ते नजर आए पाकिस्तानी ड्रोन: भारतीय सेना ने सबको मार गिराया, कहा- स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में

पिछले कुछ दिनों से भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। सोमवार (12 मई 2025) रात करीब 9 बजे पाकिस्तान ने लगातार तीसरे दिन सीजफायर (गोलीबारी न करने की सहमति) का उल्लंघन किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के सांबा, पंजाब के जालंधर और पठानकोट, और राजस्थान के बाड़मेर इलाकों में संदिग्ध ड्रोन (बिना पायलट वाले विमान) देखे गए।

भारतीय वायु रक्षा प्रणाली तुरंत हरकत में आई और सांबा तथा पठानकोट में इन ड्रोन को मार गिराया। पंजाब के होशियारपुर में भी धमाकों की आवाज सुनाई दी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। हालांकि, भारतीय सेना ने सोमवार (12 मई 2025) रात करीब 11:30 बजे स्पष्ट किया कि अब किसी भी दुश्मन के ड्रोन की सूचना नहीं है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।

इन घटनाओं के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। सोमवार (12 मई 2025) रात को पंजाब के अमृतसर में भी ब्लैकआउट (बिजली बंद) कर दिया गया था। अमृतसर के जिला उपायुक्त (डीसी) ने लोगों से घरों की बत्तियां बंद रखने और खिड़कियों से दूर रहने की अपील की थी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। इसी तरह, होशियारपुर जिले में भी कुछ इलाकों में एहतियात के तौर पर आंशिक ब्लैकआउट किया गया था।

इन तनावपूर्ण हालातों के बीच, सोमवार (12 मई 2025) शाम 5 बजे भारत और पाकिस्तान के बड़े सैन्य अधिकारियों (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स – DGMO) के बीच बातचीत हुई। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य सीमा पर शांति बनाए रखना और गोलीबारी को पूरी तरह से रोकना था। दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि भविष्य में सीमा पर किसी भी तरह की गोलीबारी नहीं की जाएगी।

दोनों देशों के बीच 10 मई 2025 की शाम से ही सीजफायर लागू है। इसके बावजूद, सीमा पर ड्रोन की गतिविधियां चिंता का विषय बनी हुई हैं। पिछले कुछ दिनों से हमारी सेना के बड़े अधिकारी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं, जो सीमा पर सुरक्षा और जवाबी कार्रवाई से संबंधित है।

ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को शुरू हुआ था और तब से लेकर अब तक पाकिस्तान की तरफ से हुई गोलीबारी में हमारे 5 सैनिक, 2 BSF जवान शहीद हो गए हैं, जबकि 60 जवान घायल हुए हैं। इसके अलावा, दुर्भाग्य से 27 आम नागरिकों की भी जान चली गई है।

सीमा पर लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण स्थानीय लोगों में डर का माहौल है, लेकिन भारतीय सेना पूरी तरह से मुस्तैद है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।

न्यूक्लियर ब्लैकमेल नहीं सहेगा भारत, पाकिस्तान से केवल PoK पर होगी बात: PM मोदी ने राष्ट्र को किया संबोधित, कहा- खून और पानी साथ नहीं बहेंगे, ‘ऑपरेशन’ सिंदूर ने खींची नई लकीर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद राष्ट्र के नाम संबोधन में पाकिस्तान को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा कि भारत का एक्शन अभी सिर्फ स्थगित हुआ है, खत्म नहीं। पाकिस्तान अगर आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा, तो भारत उसकी हर हरकत का हिसाब लेगा।

पीएम मोदी ने दोहराया कि टेरर और टॉक एक साथ नहीं चल सकते। अगर पाकिस्तान से कोई बात होगी, तो वो सिर्फ आतंकवाद और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) पर होगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि व्यापार और आतंक, पानी और खून भी एक साथ नहीं बह सकते।

22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को हिला दिया था। आतंकियों ने मासूम पर्यटकों को धर्म पूछकर बेरहमी से मार डाला। इस बर्बरता का जवाब देने के लिए भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर‘ शुरू किया। 6 मई की रात और 7 मई की सुबह भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। पीएम ने कहा कि ये आतंकी दशकों से पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे थे और भारत के खिलाफ साजिश रच रहे थे।

मोदी ने पाकिस्तान की बौखलाहट का भी जिक्र किया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारत ने इन हमलों को आसमान में ही नाकाम कर दिया। पीएम ने कहा कि इससे पाकिस्तान का असली चेहरा दुनिया के सामने बेनकाब हो गया। उन्होंने भारत की सेनाओं, खुफिया एजेंसियों और वैज्ञानिकों की तारीफ की, जिन्होंने इस ऑपरेशन को कामयाब बनाया।

जवाबी कार्रवाई सिर्फ स्थगित, उसका रवैया नहीं बदला तो…

पीएम मोदी ने कहा, “दुनिया ने देखा कि कैसे पाकिस्तान के ड्रोन्स और पाकिस्तान की मिसाइलें, भारत के सामने तिनके की तरह बिखर गईं। भारत के सशक्त एयर डिफेंस सिस्टम ने, उन्हें आसमान में ही नष्ट कर दिया। पाकिस्तान की तैयारी सीमा पर वार की थी, लेकिन भारत ने पाकिस्तान के सीने पर वार कर दिया। भारत के ड्रोन्स, भारत की मिसाइलों ने सटीकता के साथ हमला किया। पाकिस्तानी वायुसेना के उन एयरबेस को नुकसान पहुँचाया, जिस पर पाकिस्तान को बहुत घमंड था। भारत ने पहले तीन दिनों में ही पाकिस्तान को इतना तबाह कर दिया, जिसका उसे अंदाजा भी नहीं था। इसलिए भारत की आक्रामक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा।

उन्होंने आगे कहा, “पाकिस्तान दुनिया भर में तनाव कम करने की गुहार लगा रहा था। और बुरी तरह पिटने के बाद इसी मजबूरी में 10 मई की दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने हमारे DGMO को संपर्क किया। तब तक हम आतंकवाद के इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर तबाह कर चुके थे, आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया था, पाकिस्तान के सीने में बसाए गए आतंक के अड्डों को हमने खंडहर बना दिया था।”

पीएम मोदी ने कहा, “भारत से पिटने के बाद पाकिस्तान की तरफ से गुहार लगाई गई। पाकिस्तान की तरफ से जब ये कहा गया, कि उसकी ओर से आगे कोई आतंकी गतिविधि और सैन्य दुस्साहस नहीं दिखाया जाएगा। तो भारत ने भी उस पर विचार किया। और मैं फिर दोहरा रहा हूँ, हमने पाकिस्तान के आतंकी और सैन्य ठिकानों पर अपनी जवाबी कार्रवाई को अभी सिर्फ स्थगित किया है। आने वाले दिनों में हम पाकिस्तान के हर कदम को इस कसौटी पर मापेंगे, कि वो क्या रवैया अपनाता है।”

पीएम मोदी ने कहा, “पाकिस्तानी फौज, पाकिस्तान की सरकार, जिस तरह आतंकवाद को खाद-पानी दे रहे है, वो एक दिन पाकिस्तान को ही समाप्त कर देगा। पाकिस्तान को अगर बचना है तो उसे अपने टैरर इंफ्रास्ट्रक्चर का सफाया करना ही होगा। इसके अलावा शांति का कोई रास्ता नहीं है।”

उन्होंने कहा कि भारत का मत एकदम स्पष्ट है—

  1. टैरर और टॉक, एक साथ नहीं हो सकते
  2. टैरर और ट्रेड, एक साथ नहीं चल सकते।
  3. और पानी और खून भी एक साथ नहीं बह सकता।

मैं आज विश्व समुदाय को भी कहूँगा, हमारी घोषित नीति रही है..

  1. अगर पाकिस्तान से बात होगी, तो टेरेरिज्म पर ही होगी।
  2. अगर पाकिस्तान से बात होगी, तो पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कश्मीर, PoK उस पर ही होगी।

भारत ने तय कर दिया है तीन पैमाना

पीएम मोदी ने कहा कि भारत की तीनों सेनाएँ, हमारी एयरफोर्स, हमारी आर्मी, और हमारी नेवी, हमारी बॉर्डर सेक्योरिटी फोर्स- BSF, भारत के अर्धसैनिक बल, लगातार अलर्ट पर हैं। सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद, अब ऑपरेशन सिंदूर आतंक के खिलाफ भारत की नीति है। ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक नई लकीर खींच दी है, एक नया पैमाना, न्यू नॉर्मल तय कर दिया है।

  1. भारत पर आतंकी हमला हुआ तो मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा। हम अपने तरीके से, अपनी शर्तों पर जवाब देकर रहेंगे। हर उस जगह जाकर कठोर कार्रवाई करेंगे, जहाँ से आतंक की जड़ें निकलती हैं।
  2. कोई भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल भारत नहीं सहेगा। न्यूक्लियर ब्लैकमेल की आड़ में पनप रहे आतंकी ठिकानों पर भारत सटीक और निर्णायक प्रहार करेगा।
  3. हम आतंक की सरपरस्त सरकार और आतंक के आकाओं को अलग-अलग नहीं देखेंगे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दुनिया ने पाकिस्तान का वो घिनौना सच फिर देखा है, जब मारे गए आतंकियों को विदाई देने, पाकिस्तानी सेना के बड़े-बड़े अफसर उमड़ पड़े। स्टेट स्पॉन्सरड टेरेरिज्म का ये बहुत बड़ा सबूत है। हम भारत और अपने नागरिकों को किसी भी खतरे से बचाने के लिए लगातार निर्णायक कदम उठाते रहेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर न्याय की प्रतिज्ञा

पीएम ने ऑपरेशन सिंदूर को देश की हर बेटी, बहन और माँ को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि न्याय की प्रतिज्ञा है। भारत अब किसी भी न्यूक्लियर ब्लैकमेल को नहीं सहेगा। मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन शांति के लिए शक्ति जरूरी है। उन्होंने भगवान बुद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि शांति का रास्ता शक्ति से होकर जाता है।

पीएम मोदी ने कहा, “आज बुद्ध पूर्णिया है। भगवान बुद्ध ने हमें शांति का मार्ग दिखाया है। शांति का मार्ग शक्ति से होकर जाता है। मानवता शांति और समृद्धि की तरफ बढ़े। हर भारतीय शांति के साथ जी सके। विकसित भारत के सपने को पूरा कर सके, इसके लिए भारत का शक्तिशाली होना बहुत जरूरी है। और आवश्यकता पड़ने पर इस शक्ति का इस्तेमाल भी जरूरी है। पिछले कुछ दिनों में भारत ने यही किया है।”

पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए पीएम ने कहा कि भारत की सेना पूरी तरह अलर्ट है। अगर पाकिस्तान ने फिर से कोई गलती की, तो भारत उसका मुँहतोड़ जवाब देगा। मोदी ने देशवासियों की एकजुटता की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश एक साथ खड़ा होता है, तो फौलादी फैसले लिए जाते हैं। ऑपरेशन सिंदूर ने दुनिया को दिखा दिया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ कितना सख्त है।

पीएम ने साफ किया कि भारत का लक्ष्य आतंकवाद को जड़ से खत्म करना है। पाकिस्तान के वादों को अब भारत कसौटी पर कसेगा। अगर पाकिस्तान आतंकवाद को नहीं रोकता, तो भारत का अगला कदम और सख्त होगा।

पाकिस्तान के भीतर 150+ किमी तक घुस गए थे भारत के लड़ाकू विमान, कराची के मलीर कैंट को कर दिया तबाह: IAF ने दिखाए आसमान में ही दुश्मन को नष्ट करने के वीडियो

भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में 150 किलोमीटर अंदर तक घुसकर कराची के मलिर कैंट में सैन्य ठिकानों पर हमला किया। यह हमला पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने बताया कि मलिर कैंट में सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल साइट को निशाना बनाया गया। इसके अलावा चकलाला, रफीक, रहीम यार खान, सरगोधा, भुलारी और जैकोबाबाद के हवाई अड्डों पर भी सटीक हमले किए गए। इन हमलों में रडार साइट, कमांड सेंटर और हथियार डिपो तबाह हुए।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में एक वीडियो दिखाया गया। वीडियो में पाकिस्तान वायु सेना का मिराज फाइटर जेट टुकड़ों में बिखरा हुआ दिख रहा था। भारतीय वायु रक्षा प्रणालियों ने पाकिस्तानी हमलों को विफल कर इस जेट को भी मार गिराया।

भारतीय वायुसेना की ओर से सोमवार (12 मई 2025) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के सबूत पेश किए। एयर मार्शल एके भारती ने बताया कि भारत की मजबूत वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तान के हर हमले को नाकाम किया। खास तौर पर स्वदेशी आकाश मिसाइल सिस्टम ने शानदार प्रदर्शन किया। एक वीडियो में पाकिस्तानी मिराज लड़ाकू विमान के टुकड़े दिखाए गए, जिसे ऑपरेशन के दौरान नष्ट किया गया। भारती ने कहा, “हमारी लड़ाई आतंकियों और उनके ढाँचे के खिलाफ थी, लेकिन पाकिस्तानी सेना ने उनका साथ दिया, जिसके चलते उन्हें नुकसान उठाना पड़ा।”

आईएएफ ने सैटेलाइट तस्वीरें जारी कीं, जिनमें बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद और मुरीदके में लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों को तबाह करने के सबूत थे। रहीम यार खान हवाई अड्डे पर हमले से रनवे में बड़ा गड्ढा बन गया, जो भारत के हथियारों की सटीकता को दर्शाता है। भारतीय सेना ने साफ किया कि हमले आतंकी ढाँचे पर केंद्रित थे, नागरिकों को नुकसान नहीं पहुँचाया गया।

पाकिस्तान के जवाबी हमलों में ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ। हालाँकि भारत की एस-400 और आकाश जैसी रक्षा प्रणालियों ने इन्हें नाकाम कर दिया। शनिवार को दोनों देशों ने संघर्षविराम पर सहमति जताई, लेकिन पाकिस्तान ने इसका उल्लंघन किया। भारतीय सेना ने कहा कि सीमा पर शांति बनी हुई है, लेकिन सतर्कता जारी है।

पाकिस्तान के जिस फौजी का बाप था ग्लोबल आतंकी, उसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के खिलाफ बकैती को किया आगे: अब्बू था लादेन का शागिर्द, अलकायदा को देना चाहता था न्यूक्लियर बम

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की फौज को भी भारतीय सेनाओं ने बुरी तरह धूल चटाई। भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस तक तबाह कर दिए। इन सबके बीच पाकिस्तान को अपनी इज्जत बचाना मुश्किल हो गया।

इस काम के लिए पाकिस्तान ने अपने फौज के अधिकारी अहमद शरीफ चौधरी को लगाया। चौधरी DG ISPR है, जो कि पाक फौज का आधिकारिक प्रवक्ता होता है। चौधरी एक ग्लोबल आतंकी का बेटा भी है और इस्लामी कट्टरपंथी है।

भारत के ऑपरेशन सिंदूर के खिलाफ अपने जवाबी ऑपरेशन का नाम पाकिस्तानी फ़ौज ने कुरान की आयत के नाम पर ‘ऑपरेशन बनयान-उन-मर्सूस’ रखा था। इसका मतलब है अभेद्य दीवार। 11 मई, 2025 को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, एक पाकिस्तानी पत्रकार ने DG ISPR से पूछा कि कुरान की आयत के नाम अभियान का नाम रखने का ख्याल किसका था।

इसके जवाब में अहमद शरीफ ने कहा कि ईमान, तक़वा, जिहाद फ़ि-सबिलिल्लाह पाकिस्तानी सेना का आदर्श वाक्य है। ईमान का मतलब है आस्था, तक़वा का मतलब है अल्लाह से डरना और जिहाद फ़ि-सबिलिल्लाह का मतलब है अल्लाह के बताए रास्ते पर लड़ना।

चौधरी ने कहा, “इस्लाम न केवल हमारे मजहबी विश्वास का हिस्सा है, बल्कि यह हमारे ट्रेनिंग का भी हिस्सा है। ईमान, तक़वा, जिहाद फ़ि-सबीलिल्लाह, यही हमें लड़ने के लिए प्रेरित करता है और यही हमारा आदर्श वाक्य है।”

चौधरी ने आगे कहा कि मोमिन जो अल्लाह की लड़ाई में लड़ते हैं वे उस स्टील की दीवार की तरह हैं जैसे हमने एक स्टील की दीवार की तरह काम किया। किसी इस्लामी आतंकी संगठन के सरगना की तरह चौधरी का बातें करना किसी को आश्चर्य में नहीं डाल गया। दरअसल, वह खुद ही एक आतंकी का बेटा है।

उसके बाप का नाम सुल्तान बशीरुद्दीन महमूद था। महमूद आतंकी सरगना ओसामा बिन लादेन का सहयोगी था। उसका नाम संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधों की सूची में था। चौधरी का बाप भी जिंदगी भर काफिरों के खिलाफ ‘जिहाद’ करने में जुटा रहा था।

महमूद पाकिस्तान के परमाणु प्रोग्राम का हिस्सा था और इस्लामी आतंकी भी था। अमेरिका ने अपनी जाँच में पाया था कि महमूद ने उम्माह तामीर ए-नौ (यूटीएन) की सह-स्थापना की थी। उसने अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन से मुलाकात की थी और उसे केमिकल, बायोलॉजिकल और परमाणु हथियारों के बारे में जानकारी दी थी।

9/11 के हमलों के बाद अहमद शरीफ चौधरी के अब्बू को दिसंबर 2001 में UNSC द्वारा आधिकारिक रूप से आतंकवादी के रूप में पंजीकृत किया गया था। UNSC की प्रतिबंध समिति ने महमूद को ओसामा बिन लादेन, अल-कायदा और तालिबान के साथ मिलकर हथियारों की आपूर्ति करने को लेकर प्रतिबंधित किया था।

चौधरी का बाप महमूद अल कायदा और तालिबान जैसे इस्लामी आतंकी संगठनों को परमाणु बम से लैस करना चाहता था। अब उसका बेटा भी उसी जिहादी काम को आगे बढ़ाना चाहता है लेकिन इसके लिए उसने पाकिस्तान की फ़ौज की वर्दी पहन ली है।

चौधरी का जिहाद के प्रति समर्पण उसके हाफिज अब्दुल रऊफ को ‘पारिवारिक आदमी’ और ‘मौलाना’ बताने से ही साफ़ हो जाता है। रऊफ असल में एक आतंकी है और उस पर भी सैक्शन लगाए गए हैं। चौधरी की इस परिभाषा के हिसाब से ओसामा और उसका बाप भी मासूम होने चाहिए।

‘सीजफायर के लिए गिड़गिड़ाते हुए आया था पाकिस्तान’: सिंगापुर के भारतीय हाई कमिश्नर ने कश्मीर पर अमेरिकी पेशकश ठुकराई, कहा- सिर्फ PoK पर होगी बात

भारत के सिंगापुर में उच्चायुक्त (हाई कमिश्नर) शिल्पक अंबुले ने सोमवार (12 मई 2025) को कहा कि भारत-पाकिस्तान के हाल के झगड़े में किसी तीसरे देश की मध्यस्थता की कोई बात नहीं है। सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त शिल्पक अंबुले ने सोमवार (12 मई 2025) को ब्लूमबर्ग टीवी पर हसलिंदा अमीन से बातचीत में कहा, “हमारे लिए कश्मीर एक द्विपक्षीय मुद्दा है, न कि अंतरराष्ट्रीय। कश्मीर के मामले में मध्यस्थता शब्द हमारे लिए काम नहीं करता।”

ऑपरेशन सिंदूर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने पहले हमला शुरू किया था। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान की 11 वायुसेना ठिकानों पर जोरदार हमले किए, जिसके बाद पाकिस्तान को सीजफायर (युद्धविराम) के लिए मजबूर होना पड़ा। यह बयान तब आया जब अमेरिका ने कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की इच्छा जताई थी। भारत ने हमेशा से कश्मीर को अपने और पाकिस्तान के बीच का मामला माना है और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को सिरे से खारिज किया है।

अंबुले ने कहा कि भारत नहीं चाहता था कि मामला बढ़े। लेकिन पाकिस्तान ने भारत के नागरिक और सैन्य ठिकानों, जैसे अस्पतालों और धार्मिक स्थलों पर हमले शुरू किए। उन्होंने कहा, “अब पाकिस्तान को सोचना है। हमने सिर्फ सीमा पार आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए जवाब दिया। लेकिन पाकिस्तान ने नागरिकों पर हमले करके मामला और बिगाड़ा, तो हमें भी जवाबी हमला करना पड़ा।”

उन्होंने बताया कि कई दिनों की सीमा पर गोलीबारी के बाद पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) ने भारत के DGMO से बात की। अंबुले ने कहा, “पाकिस्तान का DGMO हमारे DGMO के पास गिड़गिड़ाने आया, जब हमने उनके 11 वायुसेना ठिकानों को तबाह कर दिया। तब जाकर उन्होंने सीजफायर माना।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि उन्होंने सीजफायर में भूमिका निभाई। लेकिन अंबुले ने इन दावों को साफ नकार दिया। उन्होंने कहा, “कश्मीर का मसला भारत और पाकिस्तान के बीच का है। हम दूसरों से अपनी बात समझाते हैं, लेकिन मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं। कश्मीर कोई अंतरराष्ट्रीय मुद्दा नहीं है।”

सिंधु जल समझौते और पीओके पर भी रखी बात

इंडस वाटर ट्रीटी (सिंधु जल समझौता) के बारे में अंबुले ने कहा कि पाकिस्तान के आतंकवाद को बढ़ावा देने की वजह से भारत ने इस समझौते को रोक दिया है। इस मुद्दे पर अंबुले ने कहा, “यह समझौता पहले से ही पाकिस्तान की तरफ ज्यादा झुका था। जब तक सीमा पार आतंकवाद चलता रहेगा, यह समझौता लागू नहीं होगा।” पाकिस्तान के साथ बातचीत के सवाल पर उन्होंने भारत का पुराना रुख दोहराया, “आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं हो सकते। एकमात्र मुद्दा है – पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) जो गैरकानूनी है।”

इससे पहले, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार (10 मई 2025) को दावा किया था कि दोनों देश तटस्थ स्थान पर बातचीत के लिए सहमत हुए हैं। लेकिन अंबुले ने इसे साफ तौर पर खारिज करते हुए कहा, “भारत ने कभी ऐसा नहीं किया। आतंक और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते।” यह बयान भारत की उस नीति को दर्शाता है, जो आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और कश्मीर पर अपनी संप्रभुता को प्राथमिकता देती है।

अंबुले ने कहा कि भारत तब तक पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखेगा, जब तक वह सीमा पार आतंकवाद को बंद नहीं करता। दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों खासकर DGMO के बीच बातचीत जारी रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, “अगर पाकिस्तान आतंकवाद रोक दे, तो हम बातचीत के लिए तैयार हैं। लेकिन ध्यान पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और 22 अप्रैल 2025 के हमले के पीड़ितों को इंसाफ दिलाने पर रहेगा।”

गौरतलब है कि चार दिन की तीखी झड़पों के बाद शनिवार (10 मई 2025) को दोनों देशों ने युद्धविराम पर सहमति जताई। युद्धविराम (Ceasefire) से पहले भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तानी वायुसेना की कमर तोड़ दी और आतंक के ठिकानों को चुन-चुन कर नष्ट कर दिया। भारत के आक्रमण से घबराए पाकिस्तान ने ही सीजफायर की गुहार लगाई। सिंगापुर में भारत के हाई कमिश्नर शिल्पक अंबुले ने भी इस बात को दोहराया।

शिल्पक अंबुले ने कहा कि पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस ने अपने भारतीय समकक्ष से संपर्क किया, जिसके बाद यह युद्धविराम संभव हुआ। इसमें किसी तीसरे पक्ष की जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत ने “आतंकी ठिकानों को नष्ट करने” का अपना उद्देश्य हासिल कर लिया।

चीन के मिसाइल फुस्स, तुर्की के ड्रोन मार गिराए: भारत का डिफेंस सिस्टम भेद नहीं पाया पाकिस्तान, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के Videos दिखा एयर मार्शल बोले- भय बिनु होय न प्रीति

पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया और पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में न सिर्फ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया बल्कि पाकिस्तानी एयरफोर्ट को भी पंगु बना कर रख दिया। सोमवार (12 मई 2025) को दिल्ली में तीनों सेना प्रमुखों ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस कार्रवाई का पूरा ब्यौरा दिया और पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया।

इस दौरान भारतीय वायुसेना के डीजी ऑपरेशंस एयर मार्शल एके भारती ने गोस्वामी तुलसीदास की ‘रामचरित मानस’ की चौपाई ‘विनय न मानत जलधि जड़, गए तीन दिन बीत, बोले राम सकोप तब, भय बिनु होय न प्रीति’ पढ़कर पाकिस्तान को चेतावनी दी कि बिना भय के शांति संभव नहीं।

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, डीजीएमओ ने कहा, “पहलगाम तक पाप का घड़ा भर चुका था। हमने पूरी तैयारी के साथ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए।” उन्होंने बताया कि भारत का एयर डिफेंस सिस्टम दीवार की तरह अडिग रहा और पाकिस्तान की मिसाइलें, ड्रोन, और हवाई हमले नाकाम हो गए।

एयर मार्शल एके भारती ने स्पष्ट किया, “हमारी लड़ाई आतंकवादियों के खिलाफ थी, लेकिन पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों का साथ देकर इसे अपनी जंग बना लिया। इसके लिए हुए नुकसान की जिम्मेदारी उनकी है।”

इस दौरान भारत की तरफ से साफ कर दिया गया कि भारत ने पाकिस्तान के किसी भी परमाणु ठिकाने को निशाना नहीं बनाया।

बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर 7 मई को शुरू हुआ, जब भारतीय वायुसेना ने आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए। पाकिस्तान ने 8-9 मई को जवाबी हमले किए, जिसमें उसने उधमपुर, पठानकोट, और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। लेकिन भारत के मजबूत एयर डिफेंस ने इन हमलों को विफल कर दिया। शनिवार को दोनों देशों के बीच सीजफायर हुआ, जिसके बाद सीमा पर शांति है।

पाकिस्तानी हथियारों का मलबा

एयर मार्शल भारती ने कहा, “हमारे सभी सैन्य अड्डे, हथियार, और सिस्टम पूरी तरह तैयार हैं। अगर जरूरत पड़ी, तो हम अगली बार नए तरीके से जवाब देंगे।” प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना ने यह भी बताया कि कैसे स्वदेशी हथियारों ने इस ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई। यह आत्मनिर्भर भारत का युद्ध था, जिसने न सिर्फ आतंकवाद को जवाब दिया, बल्कि भारत की सैन्य ताकत को दुनिया के सामने पेश किया।

भारत ने पाकिस्तानी हथियारों को भी दिखाया, जिसे भारतीय रक्षकों ने मार गिराया। इसमें चीनी मिसाइलें और तुर्किये के ड्रोन भी शामिल हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले दिखाए गए एक वीडियो ने सबका ध्यान खींचा। इस वीडियो में भारतीय सेना की ताकत और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को दर्शाया गया। वीडियो में कविवर रामधारी सिंह दिनकर की कविता की पंक्ति ‘जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है’ का इस्तेमाल किया गया, जिसने वीर और रौद्र रस को जागृत कर दिया। इसने न सिर्फ सेना की शक्ति दिखाई, बल्कि पाकिस्तान के नापाक इरादों को ध्वस्त करने के भारत के संकल्प को भी दोहराया।

संदेश साफ है- भारत अब चुप नहीं रहेगा। रामचरित मानस की चौपाई और दिनकर की कविता के जरिए सेना ने न सिर्फ पाकिस्तान को चेतावनी दी, बल्कि यह भी दिखाया कि भारत की शक्ति और संस्कृति का मेल अजेय है।

भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच राजस्थान में मिला 2000 किलो विस्फोटक, लावारिस गाड़ी से पुलिस ने किया बरामद: जयपुर का मामला, FIR दर्ज

राजस्थान के भीतर एक गाड़ी में 2 हजार किलोग्राम से अधिक विस्फोटक मिला है। यह विस्फोटक एक लावारिस गाड़ी में रखा गया था। विस्फोटक को पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस इस विस्फोटक के मालिक का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह विस्फोटक जयपुर में जयपुर-भरतपुर हाईवे पर खड़े एक पिकअप से बरामद हुआ है। इस पिकअप से 2075 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और ऑप्टी स्टार विस्फोटक जब्त किया गया है। यह बरामदगी 10 मई 2025 की रात करीब 2.30 बजे मोहनपुरा पुलिया के पास आगरा रोड पर एक दुकान से बरामद हुआ है।

पुलिस ने बताया कि यहाँ एक लावारिस सफेद रंग का पिकअप ट्रक खड़ा था। इस गाड़ी का स्टीयरिंग लॉक था और भीतर कई संदिग्ध डिब्बे दिखाई दे रहे थे। पुलिस को ट्रक से 63 डिब्बे मिले। इसमें मौजूद हर डिब्बे में 12 बंडल थे, जिनका वजन 25 किलोग्राम था। पुलिस ने ऐसे 756 बंडल बरामद किए।

डिब्बों पर ऑप्टी स्टार एक्सप्लोसिव क्लासिक का लेबल लगा था। यहाँ इसके अलावा 10 प्लास्टिक बैग भी मिले। 50 किलोग्राम वजनी इन बैग पर अमोनियम नाइट्रेट का लेबल लगा था। जाँच में पुष्टि हुई कि बरामद किया गया सामान विस्फोटक सामग्री था।

पुलिस ने इस बरामदगी के बाद पिकअप के रजिस्ट्रेशन नंबर की जाँच की। इसमें पता चला कि पिकअप भीलवाड़ा के ईश्वर सिंह के नाम से रजिस्टर्ड है। पुलिस ने पिकअप के मालिक और ड्राइवर से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन सम्पर्क स्थापित नहीं हो पाया। पुलिस ने पिकअप को जब्त कर लिया है।

पुलिस ने अब मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता करने का प्रयास कर रही है कि विस्फोटक कहाँ से आए और इसका उपयोग कहाँ किया जाना था ? यह भी पता लगाने का प्रयास हो रहा है कि इसका इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि में तो नहीं होना था। यह सावधानी भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े हुए तनाव के चलते और भी बढ़ गई है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ से पाकिस्तान में भारत ने मचाई भयंकर तबाही, आतंक के अड्डे ही नहीं पाक एयरफोर्स के बेस-रडार सिस्टम भी तबाह: सैटेलाइट तस्वीरों में देखिए- भारतीय सेना का पराक्रम

ऑपरेशन सिंदूर एक ऐसा सैन्य अभियान है, जिसने पाकिस्तान की सैन्य ताकत को करारा जवाब दिया और भारत की सामरिक शक्ति का लोहा मनवाया। यह ऑपरेशन पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें भारत ने न सिर्फ आतंकियों को सबक सिखाया, बल्कि पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को भी भारी नुकसान पहुँचाया। इस अभियान के तहत भारतीय वायु सेना (IAF) ने 8 और 10 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में कई बड़े हमले किए।

भारतीय वायु सेना ने ड्रोन और फाइटर जेट्स का इस्तेमाल करके पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। ये हमले इतने प्रभावी थे कि पाकिस्तान की वायु सेना की ताकत को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया। हालाँकि, पाकिस्तान इन हमलों को नकार रहा है, लेकिन सैटेलाइट तस्वीरें साफ दिखाती हैं कि उनके एयरबेस और सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान हुआ है।

भारत ने पाकिस्तान के कई बड़े और महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयरबेस, रडार साइट्स, कमांड सेंटर और हथियारों के गोदाम शामिल थे। आइए, इन ठिकानों के बारे में विस्तार से जानते हैं:

सारगोधा एयरबेस (PAF मुशाफ)

कहाँ है?- पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में।

क्यों महत्वपूर्ण?- यह पाकिस्तानी वायु सेना का सेंट्रल कमांड हब है। यहाँ F-16, JF-17, मिराज विमान और हेलिकॉप्टर तैनात हैं। साथ ही, यह पाकिस्तान की वायु सेना का प्रशिक्षण केंद्र भी है।

नुकसान- भारतीय हमलों में इस एयरबेस को भारी क्षति हुई। सैटेलाइट तस्वीरें दिखाती हैं कि रनवे, हैंगर और अन्य सुविधाएँ तबाह हो गईं। नीचे की सैटेलाइट तस्वीरें इसकी गवाही देती हैं।

सरगोधा एयरफील्ड, हमले से पहले और हमले के बाद। (फोटो साभार: PIB India)

सुक्कुर एयरबेस

कहाँ है?- पाकिस्तान के सिंध प्रांत में।

क्यों महत्वपूर्ण?- यह एयरबेस 2017 में शुरू हुआ था और कराची के पास तटीय सुरक्षा के लिए बनाया गया था। यहाँ F-16 विमान तैनात हैं।

नुकसान- भारत के हमलों में इस एयरबेस को भारी नुकसान हुआ। साथ ही, पास की रडार साइट भी नष्ट कर दी गई।

सुक्कुर एयरबेस की तबाही सैटेलाइट तस्वीर के जरिए

मुरीदके एयरबेस

कहाँ है?- चकवाल, पंजाब में।

क्यों महत्वपूर्ण?- यह पाकिस्तान के ड्रोन और मानव रहित हवाई वाहनों (UAVs) के लिए बड़ा केंद्र है।

नुकसान- भारतीय हमलों ने इसकी ड्रोन ऑपरेशन क्षमता को लगभग खत्म कर दिया।

मुरीदके एयरबेस

नूर खान एयरबेस

कहाँ है?- रावलपिंडी के चकलाला में, इस्लामाबाद से 10 किमी दूर।

क्यों महत्वपूर्ण?- यह पाकिस्तानी वायु सेना का मुख्यालय और VIP उड़ानों का केंद्र है। यहाँ C-130, IL-78 विमान और अर्ली वॉर्निंग सिस्टम (AEW&C) तैनात हैं। रावलपिंडी में पाकिस्तानी फौज का मुख्यालय होने के कारण यह रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है।

नुकसान- भारत ने इस एयरबेस को निशाना बनाकर पाकिस्तानी फौज की रीढ़ पर वार किया।

नूर खान एयरबेस की धज्जियाँ उड़ी

रहीम यार खान एयरबेस

कहाँ है?- पंजाब में, राजस्थान की सीमा के पास।

क्यों महत्वपूर्ण?- यह भारत की सीमा के करीब होने के कारण रणनीतिक रूप से अहम है।

नुकसान- भारतीय हमलों ने इसकी सैन्य क्षमता को पंगु कर दिया।

फोटो साभार: PIB India

चूनियाँ एयरबेस

कहाँ है?- लाहौर से 70 किमी दूर, पंजाब में।

क्यों महत्वपूर्ण?- यह एक रडार साइट और हवाई रक्षा केंद्र है।

नुकसान- इसे पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।

भोलारी एयरबेस

कहाँ है?- सिंध प्रांत में।

क्यों महत्वपूर्ण?- यह एयरबेस F-16, JF-17 और अन्य विमानों का ठिकाना है। 2020 में यहाँ चीन के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास हुआ था।

नुकसान- भारतीय हमलों में इसे भारी क्षति पहुँची।

स्कर्दू और जैकबाबाद एयरबेस

कहाँ है?– PoK और सिंध में।

क्यों महत्वपूर्ण?- ये दोनों एयरबेस पाकिस्तान की रणनीतिक योजनाओं का हिस्सा हैं।

नुकसान– इन ठिकानों को भी भारी नुकसान पहुँचाया गया।

पसरूर और आरिफवाला रडार साइट्स

कहाँ है?- पाकिस्तान के पंजाब में।

क्यों महत्वपूर्ण?– ये रडार साइट्स पाकिस्तान की हवाई रक्षा और अर्ली वॉर्निंग सिस्टम का हिस्सा थीं।

नुकसान– भारतीय हमलों में इन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।

पसरूर रेडार स्टेशन
आरिफवाला रेडार

पाकिस्तानी एयरफोर्स के ठिकानों के साथ ही आतंकियों के ठिकानों पर निशाना बनाने की भी सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं। ये तस्वीर बहावलपुर आतंकी अड्डे की है, जहाँ आतंकियों को प्रशिक्षण मिला था। ऑपरेशन सिंदूर में इसके परखच्चे उड़ गए। हमले से पहले और हमले के बाद की तस्वीरें सबकुछ बयाँ कर रही हैं।

मुरीदके आतंकी सेंटर की तबाही सैटेलाइट तस्वीरों में साफ दिख रही है।

लश्कर कैंप को 4 हमलों में किया गया तबाह

ये मरकज सुभानपुर की तबाही की तस्वीरें हैं।

इस तरह से पाकिस्तान को घुटनों के बल लाया भारत

भारतीय वायु सेना ने इन हमलों के लिए अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों का इस्तेमाल किया। ड्रोन, फाइटर जेट्स और सटीक मिसाइलों की मदद से ये हमले किए गए। हर हमला इतना सटीक था कि सिर्फ सैन्य ठिकाने ही निशाना बने, और आम लोगों को कोई नुकसान न हो। सैटेलाइट तस्वीरों और खुफिया जानकारी के आधार पर इन हमलों की योजना बनाई गई थी।

ह्यूमन इंटेलीजेंस (HUMINT) और ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) की मदद से भारत ने इन ठिकानों की सटीक लोकेशन और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई। इसके बाद, भारतीय वायु सेना ने रात के अंधेरे में इन ठिकानों पर हमला किया, जिससे पाकिस्तान को संभलने का मौका ही नहीं मिला।

ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पाकिस्तान को साफ संदेश दिया है कि वह आतंकवाद और सीमा पर उकसावे की हरकतों को अब और बर्दाश्त नहीं करेगा। इन हमलों ने पाकिस्तान की हवाई रक्षा और कमांड स्ट्रक्चर को गहरी चोट पहुँचाई है। भारत ने दिखा दिया कि वह अपनी सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

ऑपरेशन सिंदूर भारत की सैन्य ताकत और रणनीतिक कौशल का शानदार उदाहरण है। सैटेलाइट तस्वीरें इस बात की गवाही देती हैं कि भारत ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचाया। इस अभियान ने न सिर्फ आतंकियों को सबक सिखाया, बल्कि पाकिस्तान की सैन्य ताकत को भी कमजोर किया। भारतीय वायु सेना की सटीकता और खुफिया जानकारी की ताकत ने इस ऑपरेशन को ऐतिहासिक बना दिया। यह ऑपरेशन भारत के दुश्मनों के लिए एक चेतावनी है कि भारत अब चुप नहीं रहेगा और हर हमले का करारा जवाब देगा।

लश्कर आतंकी के चेहरे पर ‘मामूली मुल्ला’ का बुर्का डाल रही थी पाकिस्तानी फौज, पर जो नेशनल ID दिखाई वह ‘ग्लोबल टेररिस्ट सूची’ से मेल खा गई: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद जनाजे की अगुवाई करता दिखा था

पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (DG ISPR) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने 10 मई 2025 को एक वायरल तस्वीर पर अपनी प्रतिक्रिया दी। वायरल तस्वीर में एक आदमी को सेना के वर्दीधारी जवानों के साथ जनाजे की नमाज अता करते हुए देखा जा रहा था। बाद में उस आदमी को लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हाफिज अब्दुर रऊफ के तौर पर पहचाना गया था।

DG ISPR ने प्रेस से बात करते हुए दावा किया कि जिस आदमी को भारतीय अधिकारियों और मीडिया ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का आतंकी कहा है, असल में वह महज एक प्रचारक और निर्दोष आदमी है। अपने दावे के समर्थन में DG ISPR ने हाफिज का पहचान पत्र और वीडियो बयान को भी सबके सामने रखा।

उल्लेखनीय है कि हाफिज अब्दुर रऊफ अमेरिकी वित्त विभाग ने ग्लोबल टेररिस्ट (वैश्विक आतंकी) के तौर पर नामित किया है। लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की गतिविधियों और उसके लिए फंड रेजिंग में उसका अहम किरदार है। इसके बावजूद DG ISPR ने दावा किया कि वह एक निर्दोष व्यक्ति है।

पाकिस्तानी फौज को सफाई देने की जरूरत क्यों पड़ी

DG ISPR का यह बयान एक्सप्रेस न्यूज के पत्रकार खालिद महमूद के सवाल के जवाब में सामने आया। पत्रकार ने पूछा कि भारतीय अधिकारियों और मीडिया संस्थानों ने एक तस्वीर साझा की थी, जिसमें पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी एक अंतिम संस्कार के दौरान प्रार्थना करते दिख रहे थे। उसी अंतिम संस्कार में, हाफिज अब्दुर रऊफ को नमाज अता करते हुए देखा गया। इस विवाद ने पाकिस्तान के आतंकवाद से जुड़े दावों को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के एक्शन के तौर पर 7 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकवादी 9 ठिकानों पर सटीक हमले किए। इन हमलों में लगभग 100 आतंकवादी मारे गए।

भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने 8 मई 2025 को पाकिस्तान पर सार्वजनिक तौर पर आतंकियों को सम्मान देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF), लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के सरगनाओं से जुड़ा हुआ है और उन्हें राज्य स्तरीय सम्मान देता है।

उन्होंने एक वायरल तस्वीर साझा की, जिसमें रऊफ आतंकवादियों के अंतिम संस्कार की नमाज पढ़ते हुए दिखाई दे रहा था। इसमें पाकिस्तानी फौज के अधिकारी अपनी यूनिफॉर्म में उसके पीछे खड़े दिख रहे हैं।

भारत ने ऑपरेशन के दौरान मारे गए लश्कर और जैश आतंकवादियों की सूची भी जारी की। एक संबंधित रिपोर्ट में ऑपइंडिया ने उल्लेख किया था कि हाफिज ने अंतिम संस्कार की नमाज पढ़ी।

ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी ने भी एक इंटरव्यू में इसी तस्वीर पर बात की। उन्होंने बताया कि हाफिज एक नामित आतंकवादी है। वह अंतिम संस्कार की नमाज पढ़ रहा था, जबकि पाकिस्तानी सेना के अधिकारी पीछे खड़े थे। उन्होंने इसे पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को प्रायोजित करने के सबूत के रूप में सामने रखा।

OFAC आतंकवादी सूची से मेल खाता पहचान पत्र

दिलचस्प बात ये है कि DG ISPR ने हाफिज अब्दुर रऊफ को निर्दोष साबित करने के लिए उसका राष्ट्रीय पहचान पत्र सार्वजनिक तौर पर दिखाया। हालाँकि इस पहचान पत्र में लिखी जन्मतिथि और राष्ट्रीय पहचान संख्या अमेरिका के वित्त विभाग और OFAC की प्रतिबंधित सूची (Sanctions List) में शामिल जानकारी से मेल खा गई।

DG ISPR की प्रेस ब्रीफिंग में दिखाए गए हाफिज के प्रमाण पत्र का स्क्रीनशॉट

अमेरिकी वित्त विभाग के अनुसार, हाफिज अब्दुल रऊफ 1999 से लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की टीम का सदस्य रहा है। वह LeT से जुड़े संगठन फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (FIF) का सरगना था। ये संगठन राहत कार्यों और फंडिंग की गतिविधियाँ संचालित करता है। LeT ने 2009 से FIF का नाम इस्तेमाल करना शुरू किया, ताकि अंतरराष्ट्रीय दबाव से बच सके, क्योंकि यह संगठन 26/11 मुंबई आतंकी हमले के पीछे था।

वैश्विक आतंकी को ‘मसीहा’ बता रहा पाकिस्तान

पाकिस्तान की ओर से हाफिज अब्दुल रऊफ को एक प्रचारक के तौर पर बताया जाना अमेरिकी सरकार द्वारा नामित आतंकी के बिल्कुल उलट है। पाकिस्तान ने भारतीय आरोपों को खारिज करने की कोशिश की, लेकिन इस चक्कर में एक वैश्विक आतंकवादी के साथ अपने संबंधों को सबके सामने ला दिया। इससे भारत के आरोपों सही साबित हो गए।

क्या पाकिस्तान के परमाणु हथियार वाले अड्डे पर अटैक से आया भूकंप, क्या न्यूक्लियर लीक रोकने पहुँचा है अमेरिका और मिस्र का विमान? जानिए सब कुछ

7 मई, 2025 को भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चला कर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर के 9 आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इसके जवाब में पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की। जिसे भारत ने फेल कर दिया। शनिवार (10 मई, 2025) की सुबह पाकिस्तान ने एक मिसाइल भारत पर दागी। इसे सिरसा में मार गिराया गया। आशंका जताई गई कि यह पाकिस्तान की फतह-II बैलिस्टिक मिसाइल थी। इसके जवाब में भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस उड़ा दिए। इनमें एयरबेस नूर खान और मुशाफ भी थे।

नूर खान एयरबेस पाकिस्तान के रावलपिंडी में है और राजधानी इस्लामाबाद से मात्र 10 किलोमीटर दूर स्थित है। यह एयरबेस पाकिस्तान के सबसे महत्वपूर्ण एयरबेस में से एक है। यहाँ पाकिस्तान के C-130 कार्गो, IL-76 रिफ्युलर समेत कई महत्वपूर्ण विमान तैनात रहते हैं। जबकि मुशाफ एयरबेस पाकिस्तान के सरगोधा में है। मुशाफ एयरबेस से भारत सीमा से मात्र 150 किलोमीटर की दूरी पर है। इस एयरबेस पर पाकिस्तान के F-16, JF-17 और मिराज समेत कई महत्वपूर्ण विमान तैनात रहते हैं।

मुशाफ एयरबेस पर हुए हमले की तस्वीरें (फोटो साभार: @detresfa_/X)

यह भी कयास हैं कि इनमें से कई विमानों को भारत ने नुकसान पहुँचाया है। इसकी तस्वीरें भी सामने आई है। सैटेलाईट से ली गई तस्वीरों में भी भारतीय हमले का असर साफ दिखा है। मुशाफ और नूर खान जैसे सैन्य ठिकानों पर हमला दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव में एक महत्वपूर्ण मोड़ था। क्योंकि नूर खान पाकिस्तान के परमाणु हथियारों का कमांड एंड कण्ट्रोल सिस्टम है। और किराना हिल्स था, जो कि सरगोधा के निकट ही मौजूद है, उसकी परमाणु स्टोरेज फैसिलिटी।

हमले के बाद नूर खान एयरबेस को हुई क्षति (फोटो साभार: @detresfa_/X)

सिर्फ मुशाफ बेस ही नहीं, किराना हिल्स भी?

सरगोधा के मुशाफ एयरबेस पर हमला जहाँ काफी बड़ी बात है, वहीं इससे अहम एक और घटना संभवतः इसी बीच घटी। कई विश्लेषकों ने बताया कि भारतीय वायु सेना और सेना का हमला सिर्फ नूर खान और बाकी 10 एयरबेस पर ही नहीं हुआ, बल्कि इसी के साथ पाकिस्तान की परमाणु हथियारों की स्टोरेज फैसिलिटी किराना हिल्स पर भी हमला किया गया है। किराना हिल्स सरगोधा जिले में ही स्थित है और मुशाफ एयरबेस के पास मौजूद है।

किराना हिल्स पहाड़ का नाम है। यह इलाका पूरी तरह से पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने अपने कब्जे में ले रखा है। यहाँ पाकिस्तान ने पहाड़ के नीचे अपनी स्टोरेज फैसिलिटी बनाई हुई है, इसमें हथियार रखे जाते हैं। यह भी सामने आया है कि यहाँ पाकिस्तान ने अपने परमाणु हथियार छुपाए हुए हैं। विश्लेषकों ने कई फुटेज और लोकेशन का विश्लेषण करके दावा किया है कि इस फैसिलिटी के दरवाजों पर भारत ने हमला किया है। एक फुटेज भी इस संबंध में वायरल हो रही है।

विश्लेषकों का दावा है कि यह इस फैसिलिटी पर भारत ने कोई ब्रह्मोस जैसी मिसाइल दागी है, जिसने बड़ा नुकसान यहाँ पहुँचाया है। यह भी दावा है कि यहाँ पर भारत ने एक से अधिक हमले एक साथ किए हैं, जिसके चलते इस फैसिलिटी को नुकसान पहुँचा है। विश्लेषकों के अनुसार, यह हमला भारत ने 10 मई को सिरसा पर मिसाइल छोड़े जाने के बाद भारत ने किया। इस हमले में कितना नुकसान हुआ है, इसको लेकर भी विश्लेषकों के अलग-अलग दावे हैं।

किराना हिल्स के परमाणु हथियार भी उड़ाए?

किराना हिल्स को लेकर सबसे पहले दावा करने वाले विश्लेषक जयदेव जमवाल ने एक्स (पहले ट्विटर) पर बताया है कि इस हमले में पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को नुकसान पहुँचा है। उन्होंने बताया है कि हमला संभवतः इस जगह पर बनाई गई सुरंगों के ऊपर था। कुछ वर्ष पहले सामने आई तस्वीरों से पता चलता है कि इस पहाड़ में जाने के लिए पाकिस्तान ने कई सुरंगे बना रखी हैं। उनका दावा है कि लगातार हुए हमलों के चलते इस इन्फ्रा को नुकसान पहुँचा और इसके चलते अंदर रखे परमाणु हथियार भी डैमेज हुए। इसका असर भी देखने को मिला।

भूकंप और अमेरिकी विमान की आमद से मिला और बल

भारत के पाकिस्तान की इस किराना हिल्स फैसिलिटी पर हमले की थ्योरी को और भी बल कुछ और घटनाओं से मिला। 10 मई, 2025 को पाकिस्तान में दोपहर में ही रिक्टर स्केल पर 4.0 की तीव्रता का एक भूकंप आया। दरअसल, परमाणु हमलों के समय भी ऐसे ही भूकंप महसूस किए जाते हैं। विश्लेषकों ने दावा किया कि कहीं यह भूकंप परमाणु हथियारों के फटने के चलते तो नहीं आए। भारतीय हमले के अलावा यह भी एक आशंका जताई गई कि पाकिस्तान ने स्वयं ही यह धमाका किया हो ताकि इसका सन्देश जाए।

इसके बाद 11 मई, 2025 को एक और घटना घटी। इस दिन पाकिस्तान में एक अमेरिकी विमान की आमद हुई। यह बीचक्राफ्ट कम्पनी का एक विमान था। इसका नम्बर N111SZ था। विश्लेषकों ने दावा किया कि यह विमान अमेरिका के एनर्जी विभाग का है। एनर्जी विभाग ही अमेरिका और उससे जुड़े देशों में परमाणु हथियारों की देखरेख करता है। विश्लेषकों का दावा है कि यह एयरक्राफ्ट पाकिस्तान में परमाणु हथियार फटने हुए रेडियो विकिरण को जाँचने आया है।

यह एयरक्राफ्ट इस्लामाबाद और आसपास के इलाकों में उड़ान भरता देखा गया। विश्लेषकों का कहना है कि किराना हिल्स से हुए विकिरण को जाँचने यह विमान हवा में चक्कर काट रहा था। हालाँकि, इसके उलट भी कुछ दावे हुए। बताया गया कि यह एयरक्राफ्ट 2010 में ही अमेरिकी एनर्जी विभाग से डीरजिस्टर हो चुका था और अब यह पाकिस्तान के लिए काम करता है। किसी भी पक्ष की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी। इस विमान की उड़ान के भी कई सबूत सोशल मीडिया पर रखे गए।

ईजिप्ट के विमान ने शक को और भी बढ़ाया

भारत के पाकिस्तान के परमाणु हथियारों पर हमला करने और उसके बाद सीजफायर होने की थ्योरी को एक और घटना ने बल दिया है। फ्लाईट की आवाजाही पर नजर रखने वाले लोगों ने बताया कि ईजिप्ट से 11 मई, 2025 को एक विमान पाकिस्तान पहुँचा। इसके एक दिन बाद एक और विमान ईजिप्ट से पकिस्तान आया है। इसका नम्बर EGY1916 बताया गया। यह विमान ईजिप्ट की एयरफ़ोर्स के थे। इसके बाद लोगों के मन में प्रश्न उठे।

इन विमानों की आमद को लोगों ने बोरान लाए जाने से जोड़ा। विश्लेषकों ने कहा कि बोरान का इस्तेमाल परमाणु हथियार फटने से हुए रेडियो विकिरण को कम करने में किया जाता है। ऐसे में संभवत पाकिस्तान ईजिप्ट से बोरान ही मँगा रहा था। इस दावे को इस बात से बल मिला कि ईजिप्ट बोरान का एक बड़ा उत्पादक है और यह ईजिप्ट के नील नदी के डेल्टा में बड़ी मात्रा में उत्खनन होता है। हालाँकि, इसको लेकर ना ही ईजिप्ट और ना ही पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर कोई जानकारी दी है।

क्या परमाणु धमाका ही था वह ‘इंटेल’?

भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के बीच 10 मई, 2025 को ही शाम 5 बजे सीजफायर का ऐलान हुआ। इसका ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने किया। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की भी इसमें भूमिका बताई गई। यह बात जितनी महत्वपूर्ण थी, उससे महत्वपूर्ण थी यह क्यों हुआ। अमेरिकी मीडिया संस्थान CNN ने एक रिपोर्ट में बताया कि जेडी वेंस ने दोनों देशों से बातचीत और शांति समझौते के लिए प्रयास का यह कदम एक चिंताजनक खुफिया जानकारी के बाद उठाया।

भारतीय सेनाओं के किराना हिल्स पर हमले और अमेरिका के उसके बाद सक्रिय होने को लेकर यही एक कड़ी है। यह बात स्पष्ट नहीं है लेकिन संभवतः परमाणु फैसिलिटी पर हमला या फिर भारत का इस संबंध में स्पष्ट कर देना कि अब उसका निशाना सामान्य पाकिस्तनी एयरबेस या सैन्य अड्डे ना होकर परमाणु फैसिलिटी होंगी, अमेरिका को चिंतित कर गया। इसके समर्थन में एक बात और भी है। दरअसल, 10 मई 2025 तक दोनों देश लगातार एक दूसरे पर हमला कर रहे थे और भारत को बढ़त हासिल थी।

यह स्थिति 10 मई, 2025 को 2 बजे दोपहर तक थी। लेकिन इसी बीच ऐसा क्या हुआ कि 5 बजे सीजफायर का ऐलान दोनों देशों ने कर दिया। एक और प्रश्न उठता है कि इस सीजफायर को लेकर अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रम्प ने जहाँ पीठ ठोंकी वहीं 2 दिन पहले वह इस मामले से दूर भाग रहे थे। उनका मत था कि यह मामला दोनों देशों के बीच का है और वही इसे निपटाएंगे। ऐसे में कुछ घंटो के भीतर क्या हुआ कि अमेरिका इस पूरे बवाल में इंट्रेस्टेड हो गया।

इस परिस्थिति को लेकर जितने भी प्रश्न अभी चल रहे हैं, उनमें से एक का जवाब भी अभी आधिकारिक तौर पर नहीं आया है। अधिकांश जगह एक सिरे से दूसरा मिला कर ही बातें कही जा रही हैं। संभवत: यह जानकारी इतनी संवेदनशील है कि इसको लेकर कभी कुछ सामने ही ना आए। भारतीय वायु सेना के DG ऑपरेशन AK भारती ने भी यह स्पष्ट किया है कि उन्होंने किराना फैसिलिटी को निशाना नहीं बनाया है। उन्होंने परमाणु हथियार वहाँ मौजूद हैं यह बात बताने के लिए मीडिया का धन्यवाद भी किया है।