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नैनीताल में हिन्दू बच्ची से रेप करने वाले उस्मान के घर पर चलेगा बुलडोजर, धामी सरकार ने दिया नोटिस: वकील भी नहीं लड़ेंगे केस, लोग बोले- फाँसी दो

उत्तराखंड के नैनीताल में हिन्दू बच्ची से रेप करने वाले मोहम्मद उस्मान के घर पर बुलडोजर चलेगा। उसे प्रशासन ने इस संबंध में नोटिस भेज दिया है। मोहम्मद उस्मान का घर अवैध कब्जे वाला पाया गया है। उस्मान के खिलाफ लगातार नैनीताल में प्रदर्शन हो रहे हैं। इसके चलते शहर भर में अघोषित कर्फ्यू लगा हुआ है। उस्मान को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया है, यहाँ भी मौजूद वकीलों ने उसे पीटने की कोशिश की है।

धामी सरकार ने जारी किया नोटिस

बुधवार (30 अप्रैल, 2025) को मोहम्मद उस्मान के 12 वर्षीय हिन्दू बच्ची का रेप करने की बात सामने आई थी। इसके बाद उसके खिलाफ बड़ा प्रदर्शन हुआ था। मोहम्मद उस्मान ने इस बच्ची को अकेला पा कर गाड़ी के भीतर रेप किया था। बच्ची उस्मान के घर पर छोटे-मोटे काम के लिए आया-जाया करती थी।

मोहम्मद उस्मान के गिरफ्तार होने के बाद उसके घर की भी जाँच की गई है। 1 मई, 2025 को नैनीताल नगर पालिका के इस सर्वे में मोहम्मद उस्मान का घर कब्जे की जमीन पर पाया गया है। नगर पालिका को पता चला है कि मोहम्मद उस्मान का घर वन भूमि को अतिक्रमित करके बनाया गया है।

मोहम्मद उस्मान को इस संबंध में नोटिस भी जारी किया गया है। यह नोटिस उसके घर पर चस्पा किया गया है। नैनीताल नगर पालिका ने कहा है कि मोहम्मद उस्मान को 3 दिन के भीतर अपना अतिक्रमण हटाना होगा। अगर वह अपना अतिक्रमण नहीं हटाएगा तो नगर पालिका इस संबंध में कार्रवाई करेगी और इसे खुद हटा देगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मकान के ध्वस्तीकरण में कोई छूट नहीं देने वाला है। धामी सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ हर तरह की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने उस्मान को कोर्ट में किया पेश

मोहम्मद उस्मान को बुधवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। उसे गुरुवार (1 मई, 2025) को पुलिस ने हलद्वानी में कोर्ट में पेश किया है। बच्ची से रेप के चलते गुस्साए वकीलों ने उस्मान को पीटने का प्रयास कोर्ट में पेशी के दौरान किया। पुलिस किसी तरह उसे बचा कर पेश कर पाई। वकीलों ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह उस्मान का केस नहीं लड़ेंगे।

वहीं नैनीताल इस घटना के भारी आक्रोश है। घटना के विरोध में नैनीताल को गुरुवार को पूरी तरह से बंद कर दिया गया था। इस दौरान कोई दुकान और स्कूल-कॉलेज नहीं खुले। स्थानीय लोगों ने हिन्दू संगठनों के साथ मिलकर नैनीताल की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन में रैली निकाली।

उन्होंने आरोपित को फाँसी दिए जाने की माँग की है। उन्होंने यह मुकदमा फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की माँग भी की है। प्रदर्शन और बंद के चलते नैनीताल के भीतर अघोषित कर्फ्यू का माहौल बन गया है और सड़कों पर पर्यटक भी नहीं मौजूद हैं।

जिनकी फैमिली इनकम ₹25+ लाख सालाना, उनको नहीं मिलेगी स्कॉलरशिप: जानिए राजस्थान हाई कोर्ट ने क्यों लगाई रोक, क्यों बताया सरकारी पैसों का दुरुपयोग

राजस्थान उच्च न्यायालय ने 25 लाख रुपए से अधिक की वार्षिक आय वाले परिवारों के लिए सरकारी स्कॉलरशिप की व्यवस्था रोक दी है। ‘स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फॉर हाई स्टडीज’ के तहत ये स्कॉलरशिप राज्य सरकार द्वारा दी जाती है। पहले इसका नाम राजीव गाँधी के नाम पर था। एक अंतरिम आदेश में हाईकोर्ट ने कहा है कि उन छात्रों को ये स्कॉलरशिप नहीं मिलेगी जिनकी पारिवारिक आय साल में 25 लाख रुपए से अधिक है। ये कैंडिडेट्स E3 कैटेगरी के अंतर्गत आते हैं।

राजस्थान हाईकोर्ट का कहना है कि सरकारी खजाने से लाखों रुपए ऐसे छात्रों को दे दिए गए जिनके अभिभावक अमीर हैं, इससे ऐसे ज़रूरतमंद व गरीब छात्रों को स्कॉलरशिप से वंचित रहना पड़ा जो पढ़ने-लिखने में बहुत अच्छे हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि वो सरकार और उसके अधिकारियों के विवेकाधीन ऐसे फैसलों पर आँखें बंद करके नहीं रह सकता, जहाँ स्कॉलरशिप के नाम पर सरकारी खजाने से उनपर पैसे लुटाए जाएँ जो इसके अधिकारी नहीं हैं। जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने ये फ़ैसला सुनाया।

उन्होंने कहा कि करदाताओं के ख़ून-पसीने की कमाई को ग़लत तरीके से ख़र्च किया जा रहा है क्योंकि इस छात्रवृत्ति योजना के E3 कैटेगरी के अंतर्गत ऐसे संपन्न परिवारों ने इसका लाभ ले लिया है जिनकी आमदनी पर्याप्त है। हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे ये योजना उसी ख़ास वर्ग के लिए बनाई गई है। उच्च न्यायालय ने माना कि इसमें उत्कृष्ट अकादमिक रिकॉर्ड को मानक नहीं बनाया गया है, ऐसे में औसत प्रदर्शन वाले छात्रों को इसका फ़ायदा देना इसके मूल उद्देश्य को ही निष्फल कर देता है।

राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा, “ऐसे संपन्न परिवारों के छात्रों को छात्रवृत्ति का लाभ मिल गया जिनकी कोई जरूरत नहीं थी, और जिन छात्रों को वास्तव में इस आर्थिक सहायता की आवश्यकता थी — जो मेधावी हैं, जिनका शैक्षणिक रिकॉर्ड उत्कृष्ट है और जो देश-विदेश की प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करना चाहते हैं – उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पाया। इस तरह, यह योजना जरूरतमंदों के हक को छीनकर अमीरों की सुविधा का जरिया बन गई है।”

इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए उच्च न्यायालय ने इसे “छात्रवृत्ति की आड़ में सरकारी तंत्र द्वारा सार्वजनिक धन के दुरुपयोग” का मामला बताते हुए संज्ञान लिया। साथ ही सरकार से जवाब माँगा कि आखिर क्यों इसे रोकने के लिए इस योजना को बंद न किया जाए। बता दें कि इस योजना के तहत विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ने के इच्छुक छात्रों को छात्रवृत्ति मिलती है। 8 लाख रुपए से कम आय वालों को इसमें E1 और 8 से 25 लाख रूपए तक की आय वाले परिवारों को E2 कैटेगरी में रखा गया है।

हाईकोर्ट ने कहा कि आज के समय में जब शिक्षा सबसे मूल्यवान और महँगी अस्तु बन चुकी है, ऐसे में छात्रवृत्तियाँ सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि जीवन बदलने वाले अवसर बन गई हैं।

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने जनजातीय लड़की का किया कन्यादान, पैर भी धोए: कहा- विवाह ही कुटुंब का आधार, काशी में एक साथ हुईं 125 शादियाँ

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक साथ 125 हिन्दू जोड़ों का विवाह सम्पन्न करवाया गया। इस कायर्क्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत भी शामिल हुए। उन्होंने यहाँ एक जनजातीय समाज की कन्या का कन्यादान भी किया। उन्होंने इस दौरान यहाँ मौजूद लोगों को कुटुंब का महत्व समझाया।

संघ प्रमुख बुधवार (30 अप्रैल, 2025) को वाराणसी में अक्षय कन्यादान महोत्सव में पहुँचे थे। यहाँ पर 125 जोड़ों की शादी आयोजित की गई थी। यह जोड़े समाज के कमजोर तबकों से जुड़े हुए थे। इनके लिए वाराणसी के खोजवां इलाके में 125 मंडप तैयार किए गए थे। यह मंडप एक तालाब के किनारे पर बनाए गए थे।

इस दौरान लड़के-लड़की और तमाम परिजन भी मौजूद थे। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने यहाँ सोनभद्र की जनजातीय समाज से आने वाली लड़की राजवंती का कन्यादान किया। राजवंती के पिता मजदूर हैं। उसका विवाह अमन नाम के लड़के से सम्पन्न हुआ।

संघ प्रमुख भागवत ने यहाँ पहले राजवंती के पैर धोए और बाद में सभी संस्कार पूरे किए। उन्होंने विवाह सम्पन्न होने पर ₹501 का शगुन भी जोड़े को दिया। उन्होंने इस दौरान दूल्हे अमन को आशीर्वाद देते हुए कहा कि वह उनकी बेटी राजवंती को आगे प्रसन्न रखे और कमाता रहे।

125 विवाह का यह कार्यक्रम संघ के ही एक बड़े पदाधिकरी ने आयोजित किया था। इस आयोजन में ऐसा पहली बार हुआ कि सामूहिक विवाह में भी बारात निकली। इसके लिए बग्गियाँ तैयार की गई थीं। आयोजन में शामिल किए गए जोड़े सभी समाज से थे। इसमें दलित, जनजातीय और सवर्ण आदि जोड़ों का विवाह करवाया गया है।

संघ प्रमुख ने इस दौरान यहाँ मौजूद लोगों को सन्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि विवाह से कुटुंब बनते हैं और कुटुंब से ही समाज बनते हैं। संघ प्रमुख ने कहा कि समाज को मजबूत करने के लिए प्रतिवर्ष ऐसे आयोजन किए जाने चाहिए। उन्होंने परिवारों को सप्ताह में एक बार साथ भोजन करने और मातृभाषा का प्रयोग करने को भी कहा।

वाराणसी में सम्पन्न हुए इस कायर्क्रम में 5 हजार लोग पहुँचे थे। यहाँ शादियाँ सम्पन्न करवाने के लिए बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से ज्योतिषाचार्य बुलाए गए थे। उन्होंने मंत्रोच्चार के साथ यह शादियाँ सम्पन्न करवाईं।

‘इज्जत से समझौता’ कर कॉन्ग्रेस सरकार में महिलाओं को मिलती थी नौकरी: असम CM सरमा का दावा, विरोध पर कहा- जाकर जाँच कमीशन का गला पकड़ो

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आरोप लगाया है कि राज्य में कॉन्ग्रेस के शासनकाल में महिलाओं को सरकारी नौकरी पाने के लिए ‘इज्जत से समझौता’ करना पड़ता था। उनके इस बयान पर कॉन्ग्रेस बौखला गई है। वहीं मुख्यमंत्री सरमा ने कहा है कि उन्होंने सिर्फ तथ्यों के आधार पर बात कही है।

असम में वर्तमान में पंचायत चुनावों के लिए प्रचार चल रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा इसके लिए चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। उन्होंने इसी दौरान एक रैली में पूर्ववर्ती कॉन्ग्रेस सरकार पर यह आरोप जड़े। उन्होंने एक जाँच आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि कॉन्ग्रेस सरकार के दौरान महिलाओं को राज्य में नौकरी के लिए अपने ‘सम्मान से समझौता’ करना पड़ता था।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि कॉन्ग्रेस सरकार में नौकरियों में हुई गड़बड़ी को लेकर बनाए गए जस्टिस बिप्लब शर्मा जाँच आयोग के सामने एक पीड़िता ने अपने बयान में यह सभी बातें बताई थीं। उन्होंने कहा था कि यह गड़बड़ियाँ असम लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 2013-14 में हुई थी।

मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी इस दौरान कहा कि जब से राज्य में भाजपा सत्ता में आई है, तब से यह स्थिति बदल गई है और अब नौकरियों में गड़बड़ियाँ बंद हो गई हैं। हिमंता बिस्वा के इस बयान को कॉन्ग्रेस ने बड़ा मुद्दा बनाने का प्रयास किया। कॉन्ग्रेस ने दावा किया किया कि यह राज्य की महिलाओं का अपमान है।

वहीं मुख्यमंत्री सरमा ने इसका जवाब भी दिया। उन्होंने कहा कि रैली में कही गई सारी बातें उन्होंने जस्टिस बिप्लब शर्मा जाँच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर कही थीं। उन्होंने कहा कि अगर कॉन्ग्रेस को अधिक समस्या है तो वह जस्टिस शर्मा से जाकर प्रश्न पूछ सकती है। उन्होंने यह जवाब असम कॉन्ग्रेस अध्यक्ष रिपुन बोरा के आरोपों के बाद दिया।

गौरलतब है कि 2016 से पहले 15 वर्ष तक लगातार असम में कॉन्ग्रेस की सरकार रही थी। इस दौरान कॉन्ग्रेस नेता तरुण गोगोई राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे। उनकी सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे थे। उनकी सरकार पर नौकरियों में 2013-14 में गड़बड़ी का आरोप लगा था। भाजपा ने सत्ता में आने के बाद इसको लेकर दो जाँच कमीशन बनाए थे।

रिपोर्ट में पता चला था कि इस दौरान अभ्यर्थियों के नम्बर बढ़ाए गए थे, उत्तर पुस्तिकाओं में छेड़छाड़ हुई थी। इसके अलावा और भी कई गड़बड़ियाँ पाई गईं थी। यह रिपोर्ट फरवरी, 2025 में असम विधानसभा में रखी गई थी। अब इसी में आए एक बयान को लेकर बवाल मचा है।

पोर्न साइट पर हिन्दू लड़कियों का Video बेचने वाला था भोपाल का ‘मुस्लिम गैंग’, डांस एकेडमी से लेकर रेस्टोरेंट तक में यौन शोषण: मुर्शिदाबाद से मिली अबरार की लोकेशन

हाल ही में मध्य प्रदेश के भोपाल में ‘मुस्लिम गैंग’ द्वारा हिन्दू लड़कियों को शिकार बनाए जाने की घटना सामने आई। अब ‘लव जिहाद’ के इस मामले में अब नया खुलासा हुआ है। जाँच में सामने आया है कि मुख्य आरोपित फरहान छात्राओं के वीडियो पॉर्न साइट्स को बेचने वाला था। उसके फोन से इसके सबूत मिले हैं। उसने ये साजिश छात्रा को सबक सिखाने के लिए रची थी, जो कि उसे इग्नोर करने लगी थी।

फरहान को वीडियो बेचने का आइडिया उसके दोस्त और आरोपित अबरार और नबील ने दिया था। दरअसल इंदौर में रह रही छात्रा उसे लगातार इग्नोर करने लगी थी। फरहान उसे जबरदस्ती मिलने के लिए दबाव बना रहा था। वह छात्रा के इंदौर स्थित घर में हंगामा भी कर चुका था। लेकिन छात्रा उससे मिलने को राजी नहीं हुई। छात्रा को सबक सिखाने के लिए फरहान ने साथियों संग मिलकर वीडियो पॉर्न साइट पर बेचने की योजना बनाई।

पुलिस के मुताबिक, फरहान एक पॉर्न साइट के संपर्क में था और पीड़ित छात्राओं के अश्लील वीडियो उन साइट्स पर बेचने वाला था। उसके मोबाइल फोन में एक पॉर्न साइट पर वीडियो बेचने का लिंक और पॉर्न सर्च करने का सबूत मिला है, जिसमें उसकी मदद आरोपित अबरार और नबील कर रहे थे। इन दोनों ने ही फरहान को पॉर्न साइट्स पर वीडियो बेचने का तरीका सिखाया

फरहान के खास थे अबरार और नबील

पूरे मामले में आरोपित अबरार और नबील की भी अहम भूमिका है। दोनों आरोपित लड़कियों को अपने कमरे में कभी पढ़ाई तो कभी पार्टी के नाम पर बुलाया करते थे। कमरे में गुप्त जगहों पर पहले से ही मोबाइल वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ सेट कर दिए जाते थे। पार्टी के नाम पर लाउड म्यूजिक के साथ गांजे से भरी सिगरेट लड़कियों को दी जाती थी। मुख्य आरोपित फरहान भी अकसर लड़कियों को इन दोनों के ही कमरे पर लाया करता था। अबरार और नबील कॉलेज में फरहान के जूनियर थे। फरहान इन दोनों पर खास भरोसा रखता था।

फरहान की गिरफ्तारी के बाद से ही अबरार और नबील फरार थे। नबील को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नबील को पुलिस की दो टीमें पश्चिम बंगाल और बिहार में पिछले पाँच दिनों से इनकी तलाश में जुटी हुई थीअबरार की लास्ट लोकेशन मुर्शिदाबाद में ट्रेस की गई थी। हालाँकि, वह भी मूल रूप से बिहार का ही रहने वाला है।

बुधवार (30 अप्रैल 2025) को पुलिस ने फरहान की कोर्ट में पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिग से कराई। इससे पहले 13 अप्रैल, 2025 को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। अब आरोपित को अशोका गार्डन पुलिस 5 दिन की रिमांड पर लेगी।

क्लब-90 रेस्टोरेंट संचालक भी शामिल

फरहान हिंदू युवतियों को क्लब 90 नाम के रेस्टोरेंट लाया करता था। लगभग हर रोज उसका यहाँ आना-जाना लगा रहता था। छात्राओं को इसी लोकेशन पर बुलाकर गलत हरकत करता था। फिर यहाँ से नाइट क्लब, पार्टी और बड़े होटलों में ले जाया करता था। पुलिस को फरहान के फोन से जो तस्वीरें मिली हैं। वो इसी रेस्टोरेंट की हैं जो छात्राओं के कॉलेज से महज 100 मीटर की दूरी पर है।

पुलिस बुधवार (30 अप्रैल, 2025) को फरहान को लेकर क्लब-90 पहुँची। यहाँ पीछे 7 कमरे मिले, जिनमें बेड रखे हैं। रेस्टोरेंट संचालक प्राइवेसी के नाम पर घंटों बैठने के लिए केबिन देता था। साथ ही गाँजा भी उपलब्ध कराता था। पुलिस ने रेस्टोरेंट की सील कर दिया है। पुलिस अब संचालक को भी मामले में आरोपित बना सकती है।

साहिल की डांस एकेडमी मुख्य अड्डा

SIT की जाँच में पता चला है कि आरोपित साहिल की डाँस एकेडमी मुख्य अड्डा थी। यहाँ से 30 लड़कियों के डांस सीखने का रिकॉर्ड मिला है। इनमें सभी लड़कियाँ हिंदू हैं। साहिल इवेंट मैनेजमेंट का काम भी करता था। इसके नाम पर वह कई बड़े आयोजनों में लड़कियों को भेजने का काम भी करता था।

बता दें कि भोपाल के एक निजी कॉलेज छात्राओं के साथ लव जिहाद का मामला सामने आया। 18 अप्रैल, 2025 को मामले का खुलासा हुआ। जब पहली पीड़िता ने बागसेवनिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि आरोपित उसे अपनी सहेलियों को भी अपने साथियों से मिलवाले के लिए मजबूर कर रहे थे। बाद में उन लड़कियों के साथ भी गलत हरकतें की गई। पुलिस को शक है कि पीड़िताओं और आरोपितों की संख्या बढ़ सकती है। इसीलिए मामले की जाँच का दायरा बढ़ा दिया गया है।

सीएम मोहन यादव ने दी चेतावनी

भोपाल में लव जिहाद गैंग का पर्दाफाश होने के मामले में राज्य के सीएम मोहन यादव ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सुशासन के लिए पहचाना जाता है। जो भी व्यक्ति अपराध में संलिप्त पाया जाएगा। उसे सख्त सजा दी जाएगी। चाहे वह अपराधी राज्य के भीतर हो या राज्य छोडकर भाग गया हो। पुलिस उसे पकड़कर लाएगी और कानून के अनुसार दंडित करेगी।

76 साल के उस्मान ने 12 साल की हिंदू बच्ची का किया रेप, उबल पड़ा नैनीताल: तोड़फोड़-पथराव के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज , स्कूल-कॉलेज से लेकर बाजार तक बंद

उत्तराखंड के नैनीताल में एक बुजुर्ग मुस्लिम ने एक हिन्दू बच्ची से रेप किया। रेप करने वाला आरोपित उत्तराखंड के बाहर का रहने वाला बताया जा रहा है। रेप की घटना को लेकर हिन्दू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया है। आरोपित मुस्लिम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नैनीताल के मल्लीताल इलाके में बुधवार (30 अप्रैल 2025) रात को यह घटना सामने आई। लोगों को सूचना मिली कि उस्मान ठेकेदार नाम के एक शख्स ने 12 वर्षीय हिन्दू बच्ची के साथ रेप किया। यह घटना तब हुई जब बच्ची की माँ घर से बाहर थी।

उस्मान उत्तर प्रदेश के बरेली का रहने वाला बताया जा रहा है। बताया गया है कि उस्मान ने घर के काम के लिए तीन दिन पहले बच्ची को अपने यहाँ बुलाया था और उसे 200 रुपये भी दिए थे। यह भी सूचना मिली है कि उस्मान ने अपनी कार में बच्ची के साथ रेप किया।

घटना सामने आने के बाद हिन्दू संगठनों ने कार्रवाई की माँग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। भीड़ में शामिल कई लोगों ने कहा कि उस्मान को जनता के बीच लाया जाए। पथराव और हंगामे की भी सूचना सामने आई है। बाद में मौके पर पहुँची पुलिस ने किसी तरह भीड़ को शांत किया। भीड़ को काबू में लाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

इसके चलते नैनीताल के कई इलाकों में बाजार बंद हो गया। भारी प्रदर्शन के बाद उस्मान के विरोध में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने उस्मान के खिलाफ रेप और POCSO की धाराओं में मुकदमा लिखा है। उस्मान को हिरासत में भी लिया गया है।

प्रदर्शनकारी हिन्दू संगठनों ने पीड़िता का मेडिकल करवाने की माँग की। इस दौरान उन्होंने ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’ के भी नारे लगाए। थी। हिन्दू संगठनों ने घोषणा की है कि गुरुवार (1 मई 2025) को नैनीताल का पूरा बाजार बंद रहेगा। कोई भी दुकान नहीं खुलेगी। पुलिस अब इस मामले में जाँच कर कार्रवाई कर रही है।

‘ऑनलाइन निकाह जायज है भी या नहीं… CRPF जवान मुनीर अहमद के पाकिस्तानी बीवी से रिश्ते पर जम्मू-कश्मीर HC ने उठाए सवाल, ‘निकाहनामा’ में गड़बड़ी निकली

जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने मंगलवार (29 अप्रैल 2025) को एक सीआरपीएफ जवान मुनीर अहमद और उनकी पाकिस्तानी बीवी मीनल के ‘ऑनलाइन’ निकाह पर बड़ा सवाल उठाया है। कोर्ट ने कहा है कि यह निकाह कानूनी तौर पर सही है या नहीं, इस पर विचार करना होगा।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान पता चला कि मुनीर और उनकी पत्नी ने ‘ऑनलाइन’ निकाह किया है, लेकिन उनके निकाह के कागजात (निकाहनामा) में निकाह की जगह जम्मू के हंदवाल लिखी है। जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने इसे सही नहीं बताया, क्योंकि ऑनलाइन निकाह में दोनों अलग-अलग जगहों पर थे। बीवी पाकिस्तान में थीं और मुनीर जम्मू-कश्मीर में।

मुनीर और उनकी पत्नी ने ‘ऑनलाइन‘ निकाह की थी। पत्नी वीजा पर भारत आईं, लेकिन उनका वीजा 22 मार्च 2025 को खत्म हो गया है और वह अभी भी यहीं हैं। कोर्ट ने जोड़े से पूछा है कि जब निकाह ऑनलाइन हुई, तो कागजात में हंदवाल का नाम क्यों लिखा गया।

आगे जज राहुल भारती ने कहा कि भारत सरकार को यह देखना होगा कि ऐसी ऑनलाइन शादियाँ कानून में मानी जाएँगी या नहीं। कोर्ट ने यह भी कहा कि मुनीर ने अपने विभाग को अपने निकाह के बारे में बताया था। यह भी कहा था कि 5 नवंबर 2023 को निकाह होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। क्योंकि न तो मुनीर पाकिस्तान गया और न ही उनकी बीवी भारत आईं।

मुनीर ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने अपनी बीवी के वीजा के लिए लंबे समय से अर्जी दी है, मगर कोर्ट ने कहा कि वीजा देना या नहीं देना यह सरकार का काम है। अभी उनकी पत्नी का वीजा खत्म हो चुका है और वह गैरकानूनी तरीके से भारत में रह रही हैं।

हाई कोर्ट ने साफ किया कि जब सरकार इस मामले पर विचार करेगी, तभी पता चलेगा कि महिला को वीजा मिलेगा या नहीं। कोर्ट ने सरकार को दस दिन में जवाब देने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 10 मई 2025 को होगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि महिला को जम्मू-कश्मीर से निकाला जाएगा या नहीं, यह कोर्ट के आखिरी फैसले पर निर्भर करेगा।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम आतंकी हमले को लेकर मतभेद चल रहे हैं। इस मामले में एक सीआरपीएफ जवान अपनी बीवी को पाकिस्तान वापस भेजने से रोकने के लिए कोर्ट गया है। इससे यह भी पता चला है कि बहुत से पाकिस्तानी लोग, जो पहले वीजा लेकर भारत आए थे, अभी भी यहीं रह रहे हैं।

जमीन ही नहीं, आसमान में भी नहीं मिलेगी पाकिस्तान को जगह: भारत ने बंद किया एयरस्पेस: इस्लामी मुल्क ने आतंकी हाफिज सईद की सिक्योरिटी बढ़ाई

भारत ने पाकिस्तान की एयरलाइंस के लिए एयरस्पेस बंद कर दिया है। इससे पाकिस्तान को आर्थिक नुकसान होगा क्योंकि उड़ानों की दूरी और वक्त दोनों में इजाफा होगा। ये कदम पाकिस्तान के लिए सख्त कूटनीतिक संदेश भी है। इससे पहले भारत ने सिंधु जल समझौते को रद्द कर पाकिस्तान के खिलाफ वाटर स्ट्राइक की थी और अब एयरस्पेस रोक कर बड़ा एयरस्ट्राइक करने जा रहा है।

भारत के इस कदम का असर दक्षिण पूर्व एशिया जाने वाली उड़ानों पर खास तौर पर पड़ेगा और वहाँ जाने के लिए विमानों को भारत के चारों तरफ चक्कर लगानी होगी। इससे इंधन की खपत काफी बढ़ेगी जिसका असर विमान के किराए पर भी दिखेगा। यात्री पाकिस्तानी विमान से यात्रा करने से कतरा सकते हैं जिससे एयरलाइंस को राजस्व का नुकसान हो सकता है। पाकिस्तान ने पहले भी भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद कर चुका है।

भारत ने पाकिस्तानी एक्शन का जवाब दिया है। दरअसल अब दोनों देशों के विमान एक-दूसरे के एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। भारत का एयरस्पेस पाकिस्तान से कहीं बड़ा है, ऐसे में पाकिस्तान को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।

भारत के ताबड़तोड़ एक्शन और सैन्य तैयारी को देखते हुए पाकिस्तान घबरा गया है। उसने अपनी खुफिया एजेंसी ISI के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद असीम मलिक को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार यानी NSA भी बना दिया है।

दरअसल पाकिस्तान को अब अपने देश में छिपे मोस्ट वांटेड आतंकियों की चिंता सता रही है। उसे डर है कि कहीं भारत आतंकी आकाओं को मार कर उसकी पोल न खोल दे। यही वजह है कि आतंकी संगठन लश्कर ए तैय्यबा के चीफ हाफिज सईद की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उसे स्पेशल सर्विस ग्रुप के पूर्व कमांडरों की सुरक्षा में रखा गया है।

लाहौर के घनी आबादी वाले इलाके में सईद का ठिकाना है जो मदरसे और मस्जिद से सटा हुआ है ताकि उसे मारने से पहले भारत को पाकिस्तानी नागरिकों की सुरक्षा की चिंता रहे।

5000 फीट की जिस ऊँचाई पर वामपंथी आतंकियों का था कब्जा, वहाँ सुरक्षा बलों ने लहराया तिरंगा: अब बातचीत के लिए गिड़गिड़ा रहे नक्सलियों को BJP सरकार की ना

छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई आर-पार के मोड़ पर पहुँच रही है। नक्सली एक-एक कर अपने ठिकाने हार रहे हैं। सुरक्षाबल उनका सफाया करके उनके ठिकानों पर तिरंगा फहरा रहे हैं। नक्सलियों के खिलाफ 22 अप्रैल, 2025 से चालू हुए सबसे बड़े ऑपरेशन में निर्णायक सफलता मिल रही है। ऑपरेशन का केंद्रबिंदु कर्रेगुट्टा पहाड़ी है, उससे नक्सली भाग रहे हैं।

इस पर सुरक्षाबलों ने तिरंगा फहरा दिया है। इस पहाड़ी को भी छत्तीसगढ़ में CRPF, पुलिस और DRG और विशेष कमांडो ने घेर रखा है। सुरक्षाबलों के इस ऑपरेशन के चलते लाल आतंकी घबराए हुए हैं, वह सरकार से अब बात करना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार ने इससे इनकार कर दिया है।

जमीन छोड़ भाग रहे नक्सली

छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र की सीमा जहाँ मिलती है, वहाँ पर यह कर्रेगुट्टा पहाड़ी है। यह 5 हजार फीट की ऊँचाई पर है। पहाड़ी और उसके आसपास घना जंगल है। यहाँ तक कि आसपास कोई आबादी नहीं है। यहाँ 22 अप्रैल, 2025 को सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन चालू किया था। सुरक्षाबलों को सूचना थी कि यहाँ हिडमा जैसे कई बड़े नक्सली कमांडर ठहरे हुए हैं।

इसके बाद इसको छत्तीसगढ़ की पुलिस, DRG, CRPF, कोबरा कमांडो और महाराष्ट्र के कमांडो समेत 10 हजार जवानों ने इस पहाड़ी को घेरना चालू किया। इस पहाड़ी पर जवान ना पहुँचे, इसके लिए माओवादी IED भी लगा रखी थीं। हालाँकि सुरक्षाबलों के पहुँचने के बाद उनकी नक्सलियों से मुठभेड़ चालू हुई।

इसमें तीन महिला नक्सली मार गिराई गईं। इन पर ₹8 लाख का इनाम था। इनके अलावा 8 और नक्सलियों के मारे जाने की सूचना सुरक्षाबलों को मिली है। हालाँकि, इन नक्सलियों के शव नहीं बरामद हुए हैं। नक्सली और सुरक्षाबल लगातार आपस में टकरा रहे हैं।

सुरक्षाबलों की मजबूती देख कर नक्सल घबरा गए हैं, 200 स्क्वायर किलोमीटर से ज्यादा वाले इस इलाके में वह भागने का प्रयास कर रहे हैं। उनके भागने की दिशा तेलंगाना की तरफ है। तेलंगाना की तरफ से उतनी सख्ती ना होने के चलते यह नक्सली भागने की फिराक में हैं।

कर्रेगुट्टा पर फहराया तिरंगा

कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर सुरक्षाबलों के ऑपरेशन के चलते नक्सली भाग रहे हैं और जवान लगातार इलाकों में बढ़त बनाए हुए हैं। यहाँ जवान कुछ इलाकों में 9 दिन चढ़ाई करने के बाद पहुँचे हैं। उन्हें बड़ी मात्रा में IED भी यहाँ मिले हैं। अब इन इलाकों से नक्सलियों को भगा कर सुरक्षाबल तिरंगा फहरा रहे हैं। नक्सलियों के ऑपरेशनल हेडक्वार्टर रहे इस पहाड़ी का इंच-इंच अब मुक्त करवाने के बाद अपनी बढ़त दिखा रहे हैं। इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं।

सीजफायर माँग रहे नक्सली

कभी जंगली इलाकों में समानांतर सरकार चलाने वाले नक्सली अब घुटनों पर आ गए हैं। हजारों जवानों और आम लोगों को मारने वाले नक्सली अब सरकार से ‘सीजफायर’ करने को कह रहे हैं। CPI माओवादी ने सरकार से अपील की है कि वह उनके सफाए के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कगार’ को बंद कर दे।

इस सीजफायर को तेलंगाना के नेता भी समर्थन दे रहे हैं। BRS प्रमुख KCR भी यही अपील कर चुके है। वहीं तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी इस पर विचार करने की बात कर चुके हैं। लेकिन वर्षों से नक्सलवाद का दंश झेल रहे छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार इस मूड में नहीं है।

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने सीजफायर करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा, “मामला ये है कि शांति समझौता करने के लिए कुछ लोग इकट्ठा हो रहे हैं। ये कौन लोग हैं, ये तब कहाँ थे जब दरभाडोरा में 27 नागरिकों को नक्सलियों ने मार दिया था।”

उन्होंने आगे कहा, “जब बस्तर के आदिवासियों की हत्या हुई तब ये लोग कहाँ थे। अभी यह कैसे उभर कर आ रहे हैं… झीरम घाटी में जब इतने लोग मार दिए गए तब यह सब कहाँ थे?” डिप्टी सीएम विजय सीएम शर्मा ने कहा, “इनसे क्यों बात की जाए, ये कौन हैं… इनके प्रयासों से कुछ नहीं होने वाला है।”

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि जिन नक्सलियों को बात करनी है वह मुख्यधारा में आना चुनें वरना कोई बात नहीं होगी।

लगातार मारे जा रहे नक्सली

गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च, 2026 का समय सुरक्षाबलों को नक्सलियों का सफाया करने के लिए दिया है। इसे लिए लगातार ऑपरेशन हो रहे हैं। 2024 में सुरक्षाबलों ने 290 नक्सली मारे थे। वहीं 2025 में यह संख्या लगभग 130 पहुँच चुकी है। सैकड़ों की संख्या में नक्सली सरेंडर कर चुके हैं।

वर्ष 2025 में सुरक्षाबलों को नक्सलियों के खिलाफ लगातार बड़ी सफलताएँ हाथ लगी हैं। अब तक कई ऐसे ऑपरेशन छत्तीसगढ़ में हो चुके हैं, जिनमें एक दर्जन से ज्यादा नक्सली एक साथ मार गिराए गए हों। एक रिपोर्ट बताती है कि अब तक 2025 के भीतर छत्तीसगढ़ में 120 से अधिक नक्सली मार गिराए गए हैं।

2025 के पहले दिन से ही सुरक्षाबलों ने नक्सलियों पर शिकंजा कसना चालू कर दिया था। 2 जनवरी, 2025 को बीजापुर में हुई मुठभेड़ में 5 नक्सली मारे गए थे। उसके बाद यह सिलसिला चलता ही रहा। 16 जनवरी को हुई एक मुठभेड़ में 18 नक्सली मार गिराए गए थे।

21 जनवरी, 2025 को गरियाबंद पहाड़ी पर हुई एक मुठभेड़ में 16 नक्सली मारे गए थे। इनमें नक्सलियों का टॉप कमांडर चलापति भी था। चलापति ₹1 करोड़ का इनामी नक्सली था। उसके साथ ही एक-दो और भी बड़े कमांडर मारे गए थे।

इस वर्ष की सबसे बड़ी मुठभेड़ 9 फरवरी को हुई थी। नेशनल पार्क क्षेत्र में हुए ऑपरेशन के दौरान यहाँ 31 नक्सली मार गिराए गए थे। यह ऑपरेशन महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के सुरक्षाबलों ने मिलकर किया था। यह हमला नक्सलियों की एक मीटिंग पर हुआ था। इसी तरह के बड़े ऑपरेशन के चलते नक्सलियों की अब कमर टूट गई है।

सुरक्षाबल अब उन इलाकों में घुस रहे हैं, जहाँ पहले नक्सली एकक्षत्र राज कर रहे थे। उन्हें ग्रामीणों से मिलने वाला समर्थन भी अब कम हो चुका है। दुर्गम इलाकों में चौकियाँ बनाने के चलते सुरक्षाबल उनकी हर एक मूवमेंट पर नजर रख रहे हैं।

‘तू मेरी रखैल है’: जिब्राइल ने शादीशुदा शिक्षिका का कई बार किया रेप, मुस्लिम बनने का डाला दबाव; कहा- मेरे साथ नहीं गई तो पहलगाम की तरह तेरे परिवार वालों को मार डालूँगा

इंदौर में 27 वर्ष के एक शख्स जिब्राइल पर एक शिक्षिका का बलात्कार और इस्लामी धर्मांतरण कराने का आरोप लगा है। मंगलवार (29 अप्रैल 2025) को पीड़िता ने देर रात लसूड़िया थाने पहुँच कर इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। जिब्राइल ने उसे हत्या की धमकी भी दी थी। बकौल पीड़िता, हार्डवेयर कारोबारी जिब्राइल ने कहा कि अगर वो उसके साथ नहीं चली तो वो उसके परिवार को वैसे ही जान से मार डालेगा, जैसा पहलगाम में हुआ। बता दें कि 22 अप्रैल को आतंकियों ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हमला करके 28 पर्यटकों की जान ले ली थी।

पीड़िता ने बताया है कि जिब्राइल ने उसके घर पहुँचकर मारपीट की और गंदी-गंदी गालियाँ दी। पीड़िता की माँ से भी मारपीट की गई। उसने एक अस्पताल के पास पीड़िता को इसके बाद बुलाया और उससे लड़ने-झगड़ने लगा। इस दौरान उसने पीड़िता को अपनी रखैल बताते हुए ऐलान किया कि वो उसकी सगाई नहीं होने देगा। उसने सोने की चेन पहनाते हुए कहा , “तू मेरी रखैल है, ये ले अपना इनाम।” उसने लालच भी दिया कि वो उसकी सारी ज़रूरतें पूरी करेगा। जब पीड़िता ने उसकी सोने की चेन ठुकरा दी तो वो हत्या की धमकी देने लगा।

बकौल पीड़िता, जिब्राइल उसे जबरन एक होटल में भी ले गया और चाकू की नोंक पर उसे धमकी दी। वहीं उसने चाकू की नोंक पर ही पीड़िता के साथ बलात्कार किया। जाते समय उसने ये भी धमकाया कि अगर पीड़िता उससे बात करना बंद करती है तो वो और उसका परिवार अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे। कई बार रेप की बात सामने आ रही है। पीड़िता की पिता की मौत हो चुकी है और वो 2020 से इंदौर में रह रही है। जिब्राइल पहले से शादीशुदा है और उसके 4 बच्चे भी हैं। उसने पीड़िता का फोटो और वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी।

पीड़िता द्वारा दी गई शिकायत, फोटो साभार: ‘दैनिक भास्कर’

2025 में पीड़िता इंदौर आ गई तो वहाँ भी जिब्राइल ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और धमकाने लगा। जब उसे लड़की की सगाई की बात पता चली तो वो और उग्र हो उठा। एक सोने की दुकान में ले जाकर उसने कहा कि तुझे जो चाहिए वो गहने ले ले, लेकिन ये सगाई तोड़ दे।