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‘राम-राम तो सभी करते हैं, आज इस बच्चे को मारा है, राम के नाम पर मारा है…’: रिंकू शर्मा के पड़ोस में रहने वाली वृद्धा की सुनिए

दिल्ली के मंगोलपुरी में बजरंग दल कार्यकर्ता रिंकू शर्मा की हत्या के बाद से इलाके में खौफ का माहौल है। सोशल मीडिया में पड़ोस में रहने वाली एक वृद्ध महिला का वीडियो वायरल हुआ है। इसमें वह घटना की रात (10 फरवरी 2021) को याद करते और रोते हुए अपने दर्द को बयाँ कर रहीं हैं।

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में रिंकू के परिवार की तरह वर्षों से पड़ोस में रहने वाली माया देवी रोते हुए कहती है, “बच्चे (रिंकू शर्मा) को हमारे सामने निर्दयता से मार दिया, लेकिन हम उसे बचाने के लिए कुछ भी नहीं कर सके।”

वृद्ध महिला कहती है कि इस घटना ने उन्हें आघात पहुँचाया है और अब वे भी इस क्षेत्र में रहने से डरने लगी हैं। रिंकू की मौत से पीड़ित पड़ोसी ने कहा “राम-राम तो सभी करते हैं, आज इस बच्चे को मारा है, राम के नाम पर मारा है, ऐसा नहीं होना चाहिए। दोषियों को मौत की सजा होनी चाहिए।”

वीडियो में माया देवी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि रिंकू शर्मा एक बहुत ही अच्छा और लायक लड़का था। वह राम और बालाजी (हनुमान) का भक्त था। लेकिन हमलावरों ने उनकी आँखों के सामने उसे मार डाला। अब वह भी डर गई हैं। बिलखते हुए वृद्ध महिला कहती हैं, “खून का बदला खून, बदला चाहिए हमें।”

गौरतलब है कि हमने आपको पिछले रिपोर्ट में बताया था कि कैसे पश्चिम विहार के एक अस्पताल में लैब टेक्नीशियन की नौकरी करने वाले रिंकू शर्मा को मौत के घाट के घाट उतार दिया गया था। रिंकू की माँ राधा देवी के अनुसार छुरा घोंपने के दौरान भी उनका बेटा जय श्री राम का नारे लगा रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि बजरंग दल से जुड़ने पर उनके मृत बेटे को धमकी भी दी गई थी।

बजरंग दल के एक अन्य कार्यकर्ता ने घटना की सूचना देते हुए ऑपइंडिया को बताया कि जिस चाकू से रिंकू शर्मा को मारा गया था, वह उसकी पीठ में धँस गया था। आरोपितों ने शायद दोबारा से चाकू मारने की मंशा से उसकी पीठ से चाकू बाहर निकालने की बहुत कोशिश की थी। हालाँकि वह नाकामयाब रहे। फिर उन्होंने निर्दयतापूर्वक रिंकू की पीठ के अंदर चाकू को और धकेल दिया। जिससे रिंकू गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद वह भाग गए।

खून से लथपथ रिंकू को मंगोलपुरी के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गुरुवार दोपहर 12 बजे उसने दम तोड़ दिया। हमें यह भी पता चला कि उस उन्मादी मुस्लिम भीड़ का हिस्सा महिलाएँ भी थी, जो चाकू, लाठी और डंडों के साथ घर में घुसी थी।

घर में घुसने के बाद भीड़ ने रिंकू शर्मा के परिवार के सदस्यों पर लाठी और डंडों से धावा बोल दिया। उन्होंने कथित तौर पर गैस सिलेंडर भी लीक कर दिया। इस बीच रिंकू शर्मा ने वहाँ से भागने की कोशिश की। जिसके बाद भीड़ में से कुछ लोगों ने रिंकू को पकड़ लिया और एक तेज चाकू से उस पर वार कर दिया।

रिंकू शर्मा की हत्या के बाद बजरंग दल पर ट्वीट कर विवादों में ‘गाना’ की तंजिला अनीस

दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में बजरंग दल के 26 वर्षीय कार्यकर्ता रिंकू शर्मा की हत्या कर दी गई। रिंकू अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जारी धन संग्रह अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रहे थे। पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान मोहम्मद इस्लाम, दानिश नसीरुद्दीन, दिलशान और दिलशाद इस्लाम के रूप में हुई है।

कथित तौर पर 25-30 लोगों के समूह ने बुधवार (10 फरवरी 2021) को घर में घुसकर रिंकू शर्मा पर हमला किया। गंभीर रूप से घायल रिंकू को अस्पताल ले जाया गया जहाँ उन्होंने अगले दिन दम तोड़ दिया।

रिंकू की हत्या के बाद ऑनलाइन म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ‘गाना’ की कंटेंट हेड तंजिला अनीस एक ट्वीट को लेकर विवादों में घिर गई हैं। इसमें उन्होंने कहा था: बजरंग दल का कार्यकर्ता। इतना काफी है। विवाद होने पर उसने ट्वीट डिलीट करते हुए सफाई देते हुए कहा था कि उसे हत्या के बारे में जानकारी नहीं थी। उसके ट्वीट का मकसद केवल यह बताना था कि ‘कट्टरपंथी संगठन’ बजरंग दल से जुड़े व्यक्ति को ‘एक्टिविस्ट’ नहीं कहा जाना चाहिए।

तंजिला ने अब यह ट्वीट डिलीट कर दिया है

ट्वीट सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने ‘गाना’ से तंजिला अनीस को बर्खास्त करने की माँग की है। नेटिज़न्स ने इस तरह के नफरत को पालने और ऑनलाइन मनोरंजन उद्योग में हिन्दू और उनकी संस्कृति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली को जगह देने के लिए टाइम्स ग्रुप के प्रति अपने गुस्से का इजहार करते हुए कंपनी की काफी आलोचना की है। बता दें, ऑनलाइन म्यूजिक ऐप ‘गाना’ टाइम्स मीडिया नेटवर्क की एक सहायक कंपनी है। कई नेटिज़न्स ने तो यह कहते हुए भी टाइम्स ग्रुप को लताड़ा वह कभी भी ऐसे हिंदूफोबिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेगा, बल्कि उन्हें बढ़ावा देगा। सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे टाइम्स ग्रुप ने सायमा जैसों को एक प्लेटफॉर्म प्रदान कर रखा है जो हिंदू विरोधी प्रोपेगेंडा में माहिर हैं।

इस मामले पर ऑपइंडिया ने भी ‘गाना’ का पक्ष जानने की कोशिश की है। अगर कंपनी हमारे प्रश्नों का जवाब देती है तो यह रिपोर्ट आगे अपडेट की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि ट्विटर पर तंजिला अनीस पहले ही भी हिंदू भावनाओं को आहत करने वाले पोस्ट कर चुकी है। इससे पहले भी उसने हिन्दू भावनाओं को आहत करने वाले कई पोस्ट शेयर किए है। सोशल मीडिया यूजर्स ने पिछले दिनों गाना कर्मचारी द्वारा किए गए कई अपमानजनक ट्वीट का खुलासा किया है।

यहाँ तंजिला अनीस द्वारा पोस्ट किए गए कुछ ऐसे ट्वीट हैं, जिसमें न केवल हिंदुओं का मजाक उड़ाया गया हैं, बल्कि हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल भी किया गया।

तंजिला अनीस ने 2012 में भगवान शिव के लिए आपत्तिजनक भाषा का उपयोग किया था।

तंजिला अनीस का ट्वीट

तंजिला अनीस द्वारा हिंदू भावनाओं को आहत करने का प्रयास कई बार किया जा चुका है।

तंजिला अनीस का ट्वीट

2015 में तंजीला ने एक ट्वीट में कहा था कि किसी को भी इस बात के लिए नाराज होना चाहिए शेफ ज्यादातर पुरुष क्यों होते? ज्यादातर पोर्नस्टार महिलाएँ क्यों होती हैं? भारत में अधिक हिंदू क्यों हैं?

तंजिला अनीस का ट्वीट

सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा शेयर किए गए बेतुके ट्वीट्स में से एक में तंजिला को भगवान सीता और भगवान हनुमान पर अश्लील कमेंट करते हुए भी देखा जा सकता है।

तंजिला अनीस का ट्वीट

वहीं एक ट्वीट में उसने रामायण का भी मजाक उड़ाया था।

तंजिला अनीस का ट्वीट

एक और ट्वीट में उसने हिंदू संस्कृति और धार्मिक ग्रंथों का भी अपमान किया था।

तंजिला अनीस का ट्वीट

उसने अप्रैल 2013 के एक ट्वीट में कहा कि भगवान कृष्ण को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

साभार: बाबूभैया/ट्विटर
साभार: बाबूभैया/ट्विटर

यहाँ तक कि तंजीला अनीस पाकिस्तान की बहुत बड़ी प्रशंसक भी है। यहाँ कुछ ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट हैं, जिसमें आप उसे पाकिस्तान के लिए खुश होते हुए देख सकते हैं।

तंजिला अनीस के ट्वीट

‘केवल मजहबी तालीम से नहीं चल सकती जिंदगी’: कर्नाटक के मदरसों में आधुनिक शिक्षा पर विवाद

भाजपा शासित कर्नाटक में मदरसों की शिक्षा को आधुनिक बनाने के प्रस्ताव पर बहस छिड़ी गई है। इस संबंध में राज्य के ​अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्रीमंत पाटिल की एक टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि मजहबी शिक्षा से बच्चों की जिंदगी नहीं चल सकती इसलिए सरकार मदरसों में शिक्षा को रेगुलराइज करने पर विचार कर रही है।

मुस्लिम समुदाय के कुछ नेताओं ने इसका स्वागत किया है, वहीं कई ने इस पर चिंता जताई है। ऐसे लोगों का आरोप है कि मदरसों पर प्रदेश सरकार नियंत्रण करना चाहती है।

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक़ मंगलुरु में बोलते हुए श्रीमंत पाटिल ने कहा कि कर्नाटक में हज़ारों मदरसे हैं। मदरसों में आने वाले बच्चों को सिर्फ मज़हबी तालीम दी जाती है। इसका उनके भविष्य में कोई उपयोग नहीं है। ऐसी शिक्षा से न तो उनके कौशल का विकास होता है और न ही वह रोज़गार के लायक बनते हैं।

कर्नाटक के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने कहा, “हमारी योजना के तहत एक मानक पाठ्यक्रम (standard syllabus) तैयार किया जाएगा। इसके अंतर्गत बच्चों को SSLC (सेकेंड्री स्कूल लीविंग) की बराबरी का सर्टिफ़िकेट दिया जाएगा। इसकी मदद से छात्रों को कॉलेज में दाख़िला लेने में या पेशेवर पाठ्क्रमों का चुनाव करने में आसानी होगी। मज़हबी शिक्षा से उनकी ज़िंदगी नहीं चल सकती है। इसलिए यह कदम बेहद ज़रूरी है और इसके लिए हमने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों से बातचीत भी शुरू कर दी है। हमें इस मुद्दे पर काफी सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ हासिल हुई हैं।”  

कर्नाटक सरकार के इस कदम पर जनता दल (सेक्यूलर) के अल्पसंख्यक नेता ने कहा, “अल्पसंख्यक समुदाय के सिर्फ 50 फ़ीसदी बच्चे स्कूल जाते हैं। उनमें से भी मदरसा जाने वालों की संख्या सिर्फ 4 फ़ीसदी है। सरकार को मदरसे में मज़हबी तालीम हासिल करने वालों की चिंता करने की जगह उन मुस्लिम बच्चों की चिंता करनी चाहिए जो स्कूल नहीं जाते हैं, या जिनकी पढ़ाई पूरी नहीं हो पाती है।”  

इससे पहले बीजेपी शासित असम में सरकार ने राज्य मदरसा बोर्ड को भंग कर उसकी सभी शैक्षणिक गतिविधियों को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को हस्तांतरित करने का फैसला किया था।

SC ने ट्विटर-केंद्र को नोटिस भेजकर दिए देशद्रोही और भड़काऊ पोस्ट के खिलाफ सिस्टम तैयार करने के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (फरवरी 12, 2021) को एक जनहित याचिका पर केंद्र और ट्विटर को नोटिस जारी किया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभद्र भाषा और अपमानजनक सामग्री को रोकने के निर्देश दिए हैं। मामले को एक अन्य याचिका के साथ जोड़ा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि ट्विटर पर इस तरह के संदेश आने के बाद उनकी तरफ से क्या किया जा सकता है?

याचिका में फेक न्यूज़ और फर्जी संदेशों के माध्यम से नफरत फैलाने वाले ‘देशद्रोही’ और ‘भारत विरोधी’ ट्विटर सामग्री और विज्ञापनों की जाँच करने के लिए एक सिस्टम विकसित करने की माँग की गई थी। ट्विटर पर निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट में मई, 2020 में एक याचिका दायर की गई थी। जनहित याचिका में टि्वटर पर पोस्ट होने वाली सामग्री की निगरानी करने के लिए मैकेनिज्म बनाए जाने की माँग की गई थी।

इसमें कहा गया था कि ऑनलाइन सामग्री की जाँच करने के लिए एक तंत्र या कानून की अनुपस्थिति में, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे- ट्विटर और अन्य साइट्स का उपयोग कुछ व्यक्तियों द्वारा ‘भारत संघ की भावना के खिलाफ गतिविधियों को बढ़ाने के लिए’ इस्तेमाल किया गया है।

भाजपा नेता विनीत गोयंका द्वारा दायर की गई याचिका में कहा गया है कि मशहूर लोगों और गणमान्य व्यक्तियों के नाम पर सैकड़ों फर्जी ट्विटर हैंडल और बोगस फेसबुक अकाउंट बनाए गए हैं।

याचिका में ये भी कहा गया है कि इन फर्जी ट्विटर हैंडल और फेसबुक अकाउंट में संवैधानिक अधिकारियों और मशहूर नागरिकों की वास्तविक तस्वीरों का इस्तेमाल किया जाता है और यही कारण है कि आम आदमी ऐसे ट्विटर हैंडल और फेसबुक अकाउंट से जारी संदेशों पर विश्वास कर लेते हैं।

केंद्र और ट्विटर के बीच चल रहे झगड़े के बीच सुप्रीम कोर्ट का यह नोटिस आता है। बृहस्पतिवार को ही, ट्विटर ने 97% से अधिक अकाउंट बैन कर दिए गए। ये अकाउंट पाकिस्तान-खालिस्तान का समर्थन करने के साथ ही ‘किसानों के नरसंहार’ जैसे भड़काऊ हैशटैग इस्तेमाल कर लोगों को भड़काने का काम करते पाए गए थे।

याचिका में यह भी माँग की गई थी कि ट्विटर-फेसबुक सहित सभी सोशल मीडिया अकॉउंट होल्डर्स का KYC किए जाने की जरूरत है, जिससे सोशल मीडिया पर भड़काऊ और नफरत फैलाने वाले पोस्ट शेयर करने वालों की आसानी से पहचान की जा सके। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली एक पीठ, जिसमें जस्टिस एएस बोपन्ना और वी रामासुब्रमण्यन शामिल थे, ने कहा कि वह इस मामले में नोटिस जारी कर रही है और अन्य लंबित मामलों के साथ इस याचिका को टैग कर रही है।

केरल: न्यायाधीश कलाम पाशा ने अपनी बीवी को दिया तीन तलाक, सजा से बचने के लिए तारीख में की हेरफेर

केरल के पलक्कड़ जिला सत्र अदालत के न्यायाधीश कलाम पाशा की पत्नी ने ट्रिपल तलाक देने के संबंध में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए केरल उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। कलाम पाशा की पत्नी ने यह भी आरोप लगाया है कि कलाम पाशा के भाई और सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बी कमाल पाशा ने उन्हें धमकी भी दी थी। महिला के अनुसार, कलाम पाशा ने उसे धमकी दी कि अगर उसने उसे तलाक देने से इंकार किया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

शिकायतकर्ता महिला ने कहा कि कलाम पाशा ने मार्च 1, 2018 को उनके खिलाफ ट्रिपल तलाक जारी किया था। उन्होंने उसी दिन उन्हें इस संबंध में एक पत्र भी भेजा था। लेकिन बाद में, उन्होंने उसे एक और पत्र भेजते हुए कहा कि टाइपिंग की त्रुटि थी और मूल तिथि मार्च 1, 2017 थी। महिला ने आरोप लगाया कि यह कानूनी प्रक्रियाओं से बचने का एक प्रयास था, जिस कारण तीन तलाक के खिलाफ कानून को लागू करने से पहले की किसी तारीख का उल्लेख किया गया।

सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार, किसी न्यायाधीश के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए संबंधित मुख्य न्यायाधीश की अनुमति आवश्यक है। दो साल से पहले, उच्च न्यायालय के संज्ञान में मामला आने के बाद इस पर प्राथमिक जाँच की गई थी। जुलाई 30, 2019 को भारत की संसद ने तीन तलाक के खिलाफ कानून पास कर इसे दंडनीय अपराध बनाया था। इसे उसी साल एक अगस्त से लागू भी कर दिया गया।

उसने यह भी आरोप लगाया कि कलाम पाशा के भाई और सेवानिवृत्त न्यायाधीश कमाल पाशा ने उसे धमकी दी थी और उसे बताया था कि अगर उसने कलाम पाशा को तलाक देने से इंकार कर दिया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

उल्लेखनीय है कि मुस्लिम महिला (विवाह पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत तीन बार ‘तलाक, तलाक, तलाक’ बोलना अपराध माना गया है। कानून बन जाने के बाद लिखित, मेल, एसएमएस, व्हाट्सऐप या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक चैट के माध्यम से तीन तलाक देना अब गैरकानूनी है। इस कानून के तहत दर्ज मामलों में अपराधी पाए जाने पर तीन साल तक सजा का प्रावधान है, साथ ही पीड़ित महिला और अपने और आश्रित बच्चों के लिए पति से मेन्टीनेंस (भरण-पोषण) लेने की भी हकदार है।

आमिर खान की बेटी ने सबको बता दिया – नुपुर शिखरे है उनका बॉयफ्रेंड, My Valentine लिख शेयर किया फोटो

आमिर खान की बेटी इरा खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘इन्स्टाग्राम’ पर कुछ पुरानी तस्वीरें साझा कीं। तस्वीर में उनके साथ नुपुर शिखरे मौजूद थे और तस्वीर का कैप्शन था, “It is honour to make promises to him” (उसके साथ वादे करना गर्व की बात है)। फ़िलहाल वैलेंटाइन वीक चल रहा है और बीते दिन (11 फरवरी 2021) ‘प्रॉमिस डे’ था।

इरा खान के इस पोस्ट के चलते इस बात की लगभग पुष्टि हो चुकी है कि वह नुपुर शिखरे को डेट कर रही हैं। इरा खान द्वारा साझा की गई एक तस्वीर में देखा जा सकता है कि दोनों एक दूसरे की तरफ देख कर मुस्करा रहे हैं। इसके अलावा दूसरी तस्वीर इरा खान के कज़िन की शादी की है। इसके बाद की तस्वीर में दोनों एक दूसरे के नज़दीक खड़े हैं। चौथी तस्वीर में दोनों लंच कर रहे हैं और पाँचवी तस्वीर ‘कैंडिड’ है।

तस्वीरों के इस पोस्ट में इरा खान ने लिखा है, “तुम्हारे साथ और तुम्हारे लिए प्रॉमिसेज़ करना गर्व की बात है।” इसके बाद पोस्ट में तमाम तरह के हैशटैग भी डाले गए थे, जिसमें पहला मायवैलेंटाइन (#myvalentine) और दूसरा ड्रीमबॉय (#dreamboy) है। इस पोस्ट और इसमें शामिल किए गए हैशटैग के बाद से दोनों को लेकर सुर्खियाँ काफ़ी तेज़ हो गई हैं। 

हाल ही में इरा खान ने अपनी कज़िन की शादी की तस्वीरें साझा की थीं। इस आयोजन की एक तस्वीर में नुपुर शिखरे को भी देखा गया था। इस तस्वीर के कैप्शन में इरा ने लिखा था, “दो बेहद खूबसूरत लोगों और इनके खूबसूरत रिश्ते के लिए। बस इतना कहना चाहूँगी, आखिरकार।” 


इरा खान, आमिर खान और उनकी पूर्व पत्नी रीना दत्ता की बेटी हैं। 2019 के दौरान Euripides’ Medea के नाट्य रुपांतरण के साथ इरा खान ने अपने निर्देशन करियर की शुरुआत की थी। इसके पहले तक इरा खान बॉलीवुड की दुनिया में बहुत सक्रिय नहीं थीं।  

भारत में मुस्लिम नेता का प्रधानमंत्री बनना बहुत मुश्किल, कुछ दशकों तक यह संभव नहीं: कॉन्ग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद

भारत के मुसलमानों को लेकर वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व सीएम गुलाम नबी आजाद ने बड़ा बयान दिया है। आजाद का कहना है कि किसी युवा मुस्लिम नेता के लिए देश का प्रधानमंत्री बनने का सपना देखना काफी मुश्किल है। उन्होंने कहा, “निकट भविष्य में मैं ऐसा होते हुए नहीं देख रहा हूँ।”

हिंदुस्तान टाइम्स अखबार को दिए एक इंटरव्यू में आजाद ने कहा, “मैं निकट भविष्य में इसका अनुमान नहीं लगाता, शायद कुछ दशक बाद।” बता दें, हाल ही राज्यसभा से रिटायर होने वाले कॉन्ग्रेस नेता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भावुक होने वाला भाषण और उनके लिए किए गए तारीफों के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि वह अब जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे।

हालाँकि, इसी से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि हाँ मैं भाजपा में शामिल होऊँगा अगर कश्मीर की वादियों में काले बर्फ गिरेंगे। यानी स्पष्ट रूप उन्होंने भाजपा में शामिल होने से इनकार कर दिया।

गौरतलब है कि राज्यसभा से उनकी विदाई के वक्त कई नेताओं ने उनको पीएम के रूप में देखने की बात कही थी, लेकिन आजाद ने स्पष्ट रूप से कहा है कि एक मुस्लिम नेता के लिए पीएम बनना काफी मुश्किल है।

इसके अलावा कॉन्ग्रेस के वरिष्‍ठ नेता ने राज्‍यसभा में अपने विदाई भाषण में यह भी कहा था, “अगर दुनिया में किसी भी मुस्लिम को गर्व महसूस करना चाहिए, तो यह भारतीय मुस्लिम होना चाहिए।”

खुद के भारतीय मुस्लिम होने पर फक्र करते हुए आजाद ने कहा था कि वह एक ऐसा सौभाग्यशाली भारतीय मुस्लिम हैं जो कभी पाकिस्तान नहीं गया। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर दुनिया में मुस्लिमों को अपने देश पर गर्व करने की बात आएगी तो वो भारतीय मुस्लिम होंगे जो सबसे ज्यादा गौरवान्वित महसूस करेंगे।

किसी मुस्लिम नेता के पीएम बनने की महत्वाकांक्षा को मुश्किल करार देने वाले गुलाम नबी आजाद ने 2018 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में एक कार्यक्रम में कहा था कि उनकी ही पार्टी के हिंदू नेता अब उन्हें प्रचार में बुलाने से हिचकते हैं।

गुलाम नबी आजाद ने कॉन्ग्रेस और उसके मुस्लिम एजेंडे का भंडाफोड़ करते हुए कहा था कि कॉन्ग्रेस के ऐसे काफी कम हिंदू उम्मीदवार हैं, जो उन्हें प्रचार के लिए बुलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “पहले 99 फीसदी हिंदू कैंडिडेट मुझे मुस्लिम वोटों को पाने के मकसद से चुनाव प्रचार में बुलाते थे। अब यह आँकड़ा 40 फीसदी ही रह गया है क्योंकि उन्हें मेरे जाने से हिंदू वोटों के खोने का डर है।”

उन्होंने अपने बीते दिनों के बारे में बताया कि यह वह भारत था, जहाँ उन्होंने 1979 में महाराष्ट्र से 95% हिंदू मतदाताओं वाले वोटबैंक में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उनके अनुसार, “मेरे खिलाफ जनता पार्टी का हिंदू उम्मीदवार था, लेकिन मैं फिर भी जीता।”

जिसकी गर्भवती पत्नी को 2 बार दिया खून, भाई को कोरोना पर किया मदद… उसी मो. इस्लाम ने रिंकू शर्मा को मारा चाकू

दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में बजरंग दल के कार्यकर्ता रिंकू शर्मा (26 वर्ष) की हत्या कर दी गई। रिंकू अयोध्या में होने वाले भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए जारी धन संग्रह अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रहे थे। अब इस मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जागरण की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि जिन लोगों के लिए उम्मीद की किरण बन कर रिंकू शर्मा ने अपना खून दिया था, उन्हीं लोगों ने ही रिंकू शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी। 

पुलिस ने इस मामले में अभी तक 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों की पहचान मोहम्मद इस्लाम, दानिश नसीरुद्दीन, दिलशान और दिलशाद इस्लाम के रूप में हुई है। इस हत्याकांड में शामिल मोहम्मद इस्लाम की पत्नी लगभग 1.5 साल पहले गर्भवती थी। दिल्ली के रोहिणी स्थित अस्पताल में उसका उपचार हो रहा था। उसकी पत्नी की हालत गंभीर थी और उसे खून की सख्त ज़रूरत थी। 

इसके बाद रिंकू ने इस्लाम की पत्नी को एक नहीं बल्कि दो बार खून दिया था। आरोपितों को रिंकू शर्मा की ओर से मदद का सिलसिला यहीं ख़त्म नहीं होता है। रिंकू शर्मा ने आरोपित मोहम्मद इस्लाम के भाई शुकरु को कोरोना होने पर अस्पताल में भर्ती कराने पर भी मदद की थी।

रिंकू ने इस बात की शायद ही कल्पना की होगी कि खून का एहसान कुछ इस तरह चुकाया जाएगा। तमाम मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि रिंकू शर्मा नेक दिल इंसान थे। उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। 

कथित तौर पर 25-30 लोगों के समूह ने बुधवार (10 फरवरी 2021) को घर में घुसकर 26 वर्षीय रिंकू शर्मा पर हमला किया था। वे अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चलाए जा रहे धन संग्रह अभियान में सक्रिय थे। रिपोर्टों के अनुसार पुलिस ने इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

सोशल मीडिया में रिंकू के पिता का रोते-बिलखते वीडियो भी आया है। वीडियो में वे बता रहे हैं कि किस बर्बरता से उनके बड़े बेटे को मारा गया। साथ ही उनके छोटे बेटे पर भी हमला हुआ।

रिंकू के पिता कहते हैं कि अचानक गेट खोलने के लिए आवाज आई और जैसे ही उनका छोटा बेटा गेट खोलने गया, सामने से 25-30 लोग आए। उन सबके हाथ में लाठियाँ थी। मेरे छोटे बच्चे को भी मारा। फिर वो घर में घुस गए। रिंकू किसी तरह बाहर भागा… थोड़ी देर बाद वे गेट पर लाठी बजाकर गए कि मार दिया, जा बचा ले अपने बच्चे को। पीछे से एक महिला ने बताया कि रिंकू को चाकू मार दिया है।  

रिपोर्ट के अनुसार बीते महीने इलाके में राम मंदिर निर्माण को लेकर एक जागरुकता रैली निकाली गई थी। उस दौरान रिंकू का विवाद हो गया था। उस समय स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से मामला खत्म हो गया था। इसके बाद एक जन्मदिन पार्टी में रिंकू का आरोपितों से विवाद हुआ। उसके बाद बुधवार की रात उसके घर में घुसकर हमला किया गया। हमलावरों के जाने के बाद लोग रिंकू को संजय गाँधी अस्पताल ले गए। इलाज के दौरान गुरुवार दोपहर उन्होंने दम तोड़ दिया।

बार डांसर के साथ मादक डांस करते दरगाह के सदर अरब अली का वीडियो वायरल, मजहबी संगठनों का पारा गरम

इंदौर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बड़े स्तर पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में खजराना स्थित नाहरशाहवली दरगाह के सदर, अरब अली पटेल बार डांसर के साथ डांस करते और उसे गले लगाते हुए देखे जा रहे हैं।

बृहस्पतिवार (फरवरी 11, 2021) को इस वीडियो के वायरल होने के बाद इस पर विवाद गहराता जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस वीडियो के सामने आने के बाद शहर काजी भी इस हरक़त से बहुत नाराज हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, वीडियो में बार डांसर के साथ नजर आ रहे सदर अरब अली पटेल ने कहा कि ये दो साल पुराना वीडियो उनके भांजे की शादी समारोह का है और अब ये वीडियो सिर्फ उन्हें बदनाम करने के लिए शेयर किया जा रहा है।

इस वीडियो में सूट-बूट में नजर आ रहे खजराना के नाहरशाहवली दरगाह के सदर, अरब अली पटेल पहले बार डांसर को गले लगाया और बाद में उसकी कमर में हाथ डालकर नाचते नजर आ रहे हैं। अरब अली पटेल कॉन्ग्रेस नेता अंसार पटेल के भाई बताए जा रह हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अंसार पटेल ने ही कॉन्ग्रेस के राज में विधायक सज्जन वर्मा के जरिए अरब अली को दरगाह का सदर नियुक्त करवाया था।

बताया जा रहा है कि शहरकाजी डॉ इशरत अली ने इस वीडियो की प्रमाणिकता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि किसी भी धार्मिक स्थल पर पर अच्छी मानसिकता के लोग ही होने चाहिए।

इशरत अली ने कहा कि ऐसी प्रकृति के लोगों को किसी भी धार्मिक दरगाह का सदर बनने की अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि पता नहीं कैसे ऐसे लोगों को ऐसी गरिमामयी जिम्मेदारियाँ मिल जाती हैं। उन्होंने कहा कि वो अरब अली को पद से हटाने के सम्बन्ध में कलेक्टर मनीष सिंह से भी बात करेंगे।

दरअसल, प्राचीन नाहरशाह वली की दरगाह पर हर साल श्रद्धालु जाकर चादर चढ़ाते हैं। इस वीडियो पर जिला हज कमेटी के पूर्व अध्यक्ष फारुक राइन ने भी आपत्ति जताई और कहा कि इस घटना के बाद वक्फ बोर्ड को सदर को बर्खास्त करने के लिए पत्र लिखेंगे। वीडियो को आप इस यूट्यूब लिंक पर भी देख सकते हैं –

पूरी दुनिया भारत से मँगा रही कोविड-वैक्सीन, छत्तीसगढ़ की कॉन्ग्रेस सरकार कह रही – ‘मत भेजो’

पूरी दुनिया कोरोना महामारी का सामना करने के लिए भारत की तरफ आशा भरी नज़रों से देख रही है। पड़ोसी देशों से लेकर दुनिया के तमाम बड़े देशों तक, सभी भारत से कोरोना वैक्सीन की माँग कर रहे हैं। इसके विपरीत भारत का एक राज्य ऐसा है, जिसने कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति (सप्लाई) पर रोक लगाने की माँग की है। छत्तीसगढ़ की कॉन्ग्रेस सरकार ने भारत सरकार से साफ़ तौर पर कहा कि कोवैक्सीन (COVAXIN) की सप्लाई पर रोक लगा दी जाए। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने गुरुवार (11 फरवरी 2021) को छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव से कहा कि कोवैक्सीन और कोविशील्ड दोनों ही वैक्सीन सुरक्षित हैं। महामारी का प्रसार रोकने के लिए इनका जल्द से जल्द इस्तेमाल बेहद ज़रूरी है। दरअसल कोवैक्सीन के परीक्षण (ट्रायल) पर चिंता जाहिर करते हुए टीएस सिंह ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिख कर इसकी सप्लाई पर रोक लगाने की माँग की थी। 

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री ने अपने पत्र में लिखा था, “मैंने उनसे (केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री) से अनुरोध किया है कि जब तक हमारे स्वास्थ्य विभाग की सहमति से जुड़े पहलुओं पर विचार नहीं किया जाता, तब तक छत्तीसगढ़ में कोवैक्सीन की सप्लाई नहीं की जाए। जिससे दवा की शुरूआती खुराक की एक्सपायरी और बर्बादी से बचा जा सके।”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने टीएस सिंह की इस बात का जवाब देते हुए कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट (Drugs and Cosmetics Act) 1940 के न्यू ड्रग्स एंड क्लिनिकल ट्रायल्स रूल्स (New Drugs and Clinical Trials Rules) 2019 के अंतर्गत इस वैक्सीन का परीक्षण किया गया है।

इसके अलावा डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि दोनों ही वैक्सीन सुरक्षित और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली हैं। लिहाज़ा इनका इस्तेमाल जल्द से जल्द किया जाना चाहिए, जिससे ज़रूरतमंदों को लाभ मिल सके। महामारी का दायरा बढ़ने से रोकने के लिए भी वैक्सीन ही इकलौता प्रभावी विकल्प है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक़ कोवैक्सीन पर एक्सपायरी तारीख नहीं होने की छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री की चिंता पूरी तरह निराधार है क्योंकि, वैक्सीन की शीशियों पर लेबल लगा कर इस तरह की जानकारी प्रदान की जाती है।   

गौरतलब है कि कुछ देशों ने भारत सरकार से इसकी माँग की है तो कुछ सीधे वैक्सीन डेवलपर कंपनियों को इसके ऑर्डर भेज रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत की वैक्सीन को लेकर डोमिनिकन रिपब्लिक अपनी काफी दिलचस्पी दिखाई थी। वहाँ के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था।

डोमिनिकन रिपब्लिक से पहले वैक्सीन को लेकर ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिख चुके हैं। इसके अलावा बोलीविया की सरकार ने 50 लाख डोज कोरोना वैक्सीन के लिए सीरम इंस्टीट्यूट के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया है।

दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, जापान, फिलीपींस, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, वियतनाम और थाईलैंड भी भारत की वैक्सीन के लिए बेताब हैं। भारत सरकार अपने पड़ोसी नेपाल, बांग्लादेश और म्यांमार समेत कई पड़ोसी देशों को पहले वैक्सीन की खेप भेजेगी। इसी के तहत कई देशों को वैक्सीन की आपूर्ति भी की जा चुकी है तो वहीं कुछ देशों को आने वाले कुछ ही दिनों में की जाएगी।