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4 राज्यों के 13 शहरों में ‘किसान नेता’ राकेश टिकैत की प्रॉपर्टी, पेट्रोल पम्प, शोरूम, ईंट भट्ठा सब कुछ: रिपोर्ट

दिल्ली पुलिस की नौकरी छोड़कर राकेश टिकैत के ‘किसान नेता’ बनने की कहानी से हम आपको पहले ही अवगत करा चुके हैं। यह भी बता चुके है कि पिता महेंद्र सिंह टिकैत जिन सुधारों के लिए लड़े थे, राकेश टिकैत आज उसका ही विरोध कर रहे हैं। इतना ही नहीं नए कृषि कानूनों का शुरुआत में स्वागत करने के बाद वे पलट भी चुके हैं।

अब भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के प्रवक्ता राकेश टिकैत की प्रॉपर्टी को लेकर डीएनए की एक रिपोर्ट से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जहॉं देश के किसानों की औसत मासिक आय 6400 रुपए है, वहीं उनके कथित नेता की प्रॉपर्टी देश के 4 राज्यों में फैली हुई है।

तमाम शोध रिपोर्ट्स में बताते हैं कि देश के 100 में से 52 किसानों पर औसतन 1,40,000 रुपए का क़र्ज़ है। 2019 में लगभग 10,000 किसानों ने आत्महत्या की थी। लगभग 76 फ़ीसदी किसान इस क्षेत्र को छोड़ना चाहते हैं। सिर्फ 1 फ़ीसदी युवा कृषि क्षेत्र में अपना भविष्य देखते हैं। लेकिन राकेश टिकैत की सम्पति से जुड़े आँकड़े अलग ही कहानी कहते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक राकेश टिकैत की सम्पत्ति कुल 4 राज्यों- उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र में हैं। इन राज्यों के कुल 13 शहरों में उनकी सम्पत्तियाँ मौजूद हैं। इन शहरों में मुज़फ़्फरनगर, ललितपुर, झांसी, लखीमपुर खीरी, बिजनौर, बदायूं, दिल्ली, नोएडा, गाज़ियाबाद, देहरादून, रुड़की, हरिद्वार और मुंबई शामिल हैं। इन सम्पत्तियों की कुल कीमत 80 करोड़ आँकी गई है। जिस वक्त राकेश टिकैत दिल्ली के बॉर्डर पर बैठ कर किसानों के प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे हैं, उस दौरान भी उनका धंधा पूरी रफ़्तार से आगे बढ़ रहा है। उनके पास ज़मीन, पेट्रोल पम्प, शोरूम, ईंट भट्टा जैसी तमाम चीज़ें हैं।     

राकेश टिकैत ‘किसान नेता’ बनने के पहले दिल्ली पुलिस में कॉन्स्टेबल थे। 51 वर्षीय टिकैत का विवाह 1985 में सुनीता देवी से हुआ था। इनके बेटे का नाम चरण सिंह और बेटियों का नाम सीमा और ज्योति है। दोनों बेटियों की शादी हो चुकी है। छोटी बेटी ऑस्ट्रेलिया में रहती है। 8 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में ‘किसान’ आंदोलन के समर्थन में रैली निकाली गई थी और ज्योति टिकैत ने उसमें हिस्सा लिया था। 

कुछ रिपोर्ट्स में यहाँ तक दावा किया जाता है कि राकेश टिकैत के पास हिरण भी है, जो कि गैरकानूनी है। नियमों के मुताबिक़ हिरण समेत अन्य वन्य जीवों को पकड़ना या उन्हें अपने पास रखना दंडनीय अपराध है। इसके लिए 7 साल तक की जेल और 25,000 रुपए का जुर्माना या दोनों हो सकता है।   

बिहार में प्रशांत किशोर के पुश्तैनी मकान पर चला बुलडोजर, देखने के लिए उमड़ी भीड़: बंगाल में व्यस्त हैं PK

बिहार के बक्सर जिले में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के पुश्तैनी मकान के एक हिस्से पर शुक्रवार (फरवरी 12, 2021) को प्रशासन का बुलडोजर चला। जदयू के नेता रहे प्रशांत किशोर की मकान की चहारदीवारी राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में आड़े आ रही थी, इसलिए ये कार्रवाई की गई।

स्थानीय लोग लगातार आरोप लगा रहे थे कि जहाँ रसूखदार लोगों के अवैध निर्माणों को तोड़ने में प्रशासन कोताही बरत रहा है, वहीं आम लोगों के साथ इस मामले में कोई नरमी नहीं दिखाई जा रही है। इसी क्रम में प्रशासन ने प्रशांत किशोर के घर के परिसर की बाउंड्री और अंदर के कुछ हिस्से को ध्वस्त किया है। इन हिस्सों का NH निर्माण के लिए अधिग्रहण हो चुका है, जिसका मुआवजा भी बनकर तैयार है। प्रशांत किशोर के पिता श्रीकांत पांडेय बक्सर के एक बड़े डॉक्टर हुआ करते थे। उन्होंने ही इस मकान का निर्माण करवाया था। उनका 2019 में दिल्ली में निधन हो गया था। फ़िलहाल ये घर खाली है और यहाँ परिवार का कोई सदस्य नहीं रहता है।

केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि बक्सर-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग-84 के निर्माण का कार्य इस वर्ष के अंत तक पूरा कर लिया जाना चाहिए, जिस कारण रास्ते में आने वाले हर अवरोध को हटाया जा रहा है। इस दौरान चुरामनपुर के नजदीक स्थित यशोदाब्रह्म स्थान को भी हटाया जाना है, लेकिन यहाँ प्रशासन को विरोध का सामना करना पड़ा। वरिष्ठ अधिकारियों ने लोगों को समझा-बुझाकर भरोसे में लिया और ब्रह्म बाबा को स्थानांतरित किया।

प्रशांत किशोर की संपत्ति पर हुई कार्रवाई को 15 मिनट में जल्दी निपटा दिया गया, क्योंकि लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। अनुमंडल अधिकारी (SDM) केके उपाध्याय ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय राजमार्ग-84 के चौड़ीकरण के दौरान भूमि अधिग्रहण के क्रम में दोनों किनारे पर बने मकान तथा धार्मिक स्थलों को हटाया जा रहा है। भूस्वामियों को मुआवजा दिया जा रहा है, वहीं धार्मिक स्थलों को स्थानांतरित किया जा रहा है।

2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी और 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के साथ काम कर चुके प्रशांत किशोर को बिहार में कैबिनेट मंत्री स्तर की सुविधाएँ दी गई थीं और जदयू में उपाध्यक्ष पद से भी नवाजा गया था। लेकिन, कुछ ही दिनों में नीतीश से उनकी दूरी बढ़ती चली गई। फ़िलहाल वे पश्चिम बंगाल में TMC के लिए काम कर रहे हैं। उनका विरोध करते हुए कई नेताओं ने हाल में तृणमूल छोड़ा है।

‘गाना’ वाली तंजिला के खिलाफ क्रिमिनल कंप्लेन, रिंकू शर्मा हत्या की जाँच अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच करेगी

दिल्ली के मंगोलपुरी में बजरंग दल कार्यकर्ता रिंकू शर्मा की हुई हत्या की जॉंच अब दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच करेगी। इस बीच, चंडीगढ़ में म्यूजिक स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ‘गाना (Gaana)’ की कर्मचारी तंज़िला अनीस के खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज कराई गई है।

चंडीगढ़ भाजपा के प्रवक्ता गौरव गोयल ने माँग की है कि तंज़िला अनीस को कंपनी तुरंत निकाल बाहर करे। तंजिला ने रिंकू शर्मा की बर्बर हत्या के बाद एक ट्वीट किया था। लोगों का आरोप है कि इस ट्वीट के माध्यम से उसने रिंकू शर्मा की हत्या को जायज ठहरने की ठहराने की कोशिश की थी।

गौरव गोयल ने ‘Gaana’ के CEO प्रशान अग्रवाल को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने कंपनी की कंटेंट हेड तंज़िला पर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने और राम मंदिर के लिए चंदा इकट्ठा करने के कारण रिंकू शर्मा की हत्या का जश्न मनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस पत्र में लिखा है कि वो धर्म की भूमि भारत में जन्म लेने के लिए खुद को भाग्यशाली मानते हैं, जहाँ हर सजीव वस्तु की पूजा की जाती है, क्योंकि इकोसिस्टम को बनाए रखने में सभी का किरदार है।

उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न धर्मों का पोषण करने वाला देश है, जहाँ कई भाषाएँ और संस्कृतियों के लोग साथ में शांति से निवास करते हैं। लेकिन, उन्होंने ये भी कहा कि समय-समय पर कई लोगों ने इस सांप्रदायिक सद्भाव को भंग करने की कोशिश की है और इसमें ताज़ा नाम तंज़िला अनीस का है। उन्होंने कहा कि ‘टाइम्स इंटरनेट’ समूह की ‘Gaana’ की इस पदाधिकारी ने अप्रिय, निंदात्मक और आपत्तिजनक ट्वीट्स किए हैं।

उन्होंने कहा कि तंज़िला ने अपनी कई ट्वीट्स में हिन्दू देवी-देवताओं को नीचा दिखाया है। उन्होंने प्रशान अग्रवाल से पूछा कि क्या आपकी कंपनी भी अपनी इस पदाधिकारी के विचारों का समर्थन करती है? उन्होंने लिखा कि वे स्वदेशी कंपनी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करना चाहते, इसीलिए उन्हें जानना है कि तंज़िला के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। साथ ही साइबर क्राइम में शिकायत देकर FIR दर्ज करने की माँग भी की गई है।

गौरतलब है कि रिंकू शर्मा की निर्मम हत्या के बाद तंजिला अनीस ने एक ट्वीट किया था। इसमें कहा गया था: बजरंग दल का कार्यकर्ता। इतना काफी है। विवाद होने पर उसने ट्वीट डिलीट करते हुए सफाई देते हुए कहा था कि उसे हत्या के बारे में जानकारी नहीं हुई थी। उसके ट्वीट का मकसद केवल यह बताना था कि ‘कट्टरपंथी संगठन’ बजरंग दल से जुड़े व्यक्ति को ‘एक्टिविस्ट’ नहीं कहा जाना चाहिए।

तंज़िला के खिलाफ आपराधिक शिकायत, FIR दर्ज करने की माँग

उधर, दिल्ली पुलिस ने कहा है कि रिंकू शर्मा हत्याकांड की जाँच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। इससे पहले पुलिस ने कहा था कि मामले में हर एंगल से जाँच की जा रही है। पुलिस ने कहा था कि वह पीड़ित परिवार से लगातार संपर्क बनाए हुए है और उनसे जो भी सूचना मिल रही है, उस पर काम किया जा रहा है। शुरुआत में पुलिस ने कम्युनल एंगल से इनकार किया था। लेकिन, लेकिन राम मंदिर निर्माण के लिए निकाली गई रैली के दौरान विवाद की बात सामने आने के बाद जाँच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।

‘आंदोलन किसान का नहीं, पंजाब की आज़ादी का’: भगत सिंह का अपमान, PM मोदी को बताया- आतंकी

‘किसान आंदोलन’ में शामिल कट्टर सिख संगठनों ने शुक्रवार (फरवरी 12, 2021) को शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के नेतृत्व में खालिस्तानी अलगाववादी जरनैल सिंह भिंडरावाले की जयंती कार्यक्रम मनाई। इसमें ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगे। ‘किसान आंदोलन’ को कौम और पंजाब की आजादी का आंदोलन करार दिया गया। राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का अपमान करने वाले आरोपितों के परिजनों को सम्मानित किया गया। फेसबुक पर इसका लाइव प्रसारण भी हुआ।

दिल्ली की सीमाओं पर जारी कथित किसान आंदोलन के बीच इस कार्यक्रम का आयोजन एसएडी (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान की ओर से फतेहगढ़ साहिब में आयोजित किया गया। इस दौरान मंच से खालिस्तानी भिंडरावाले का गुणगान और भारत सरकार के खिलाफ जमकर जहर उगला गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे जो रह-रह कर खालिस्तान जिंदाबाद और भिंडरवाले के सम्मान में नारे लगा रहे थे।

इस कार्यक्रम में गणतंत्र दिवस के दिन (जनवरी 26, 2021) को दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा के अपमान करने वाले आरोपित जुगराज सिंह के दादा सरदार मेहल सिंह और एक अन्य आरोपी के भाई को सरदार सिमरनजीत सिंह मान ने सिरोपा और 50 हजार रुपए देकर सम्मानित किया। इसी दौरान बलजीत सिंह खालसा वंगार वाले की पुस्तक ‘राज करेगा खालसा’ का विमोचन भी किया गया। ये पुस्तक खालिस्तानी विचारधारा को आगे बढ़ाती है।

सरदार सिमरनजीत सिंह मान ने मंच से वहाँ बैठे लोगों से शपथ दिलाई कि लाल किला पर ‘कौमी झंडा’ हर पंजाबी ने चढ़ाया है। मान ने मंच से कहा कि 26 जनवरी की हिंसा को लेकर दर्ज किए गए केस अगर मोदी सरकार ने 10 दिन में वापस नहीं लिए तो फतेहगढ़ साहिब गुरुद्वारा से सात सिखों को प्रधानमंत्री के दफ्तर भेजा जाएगा। ये सातों लाल किले पर ‘कौमी झंडा’ फहराने की जिम्मेदारी लेंगे और कहेंगे कि जो करना है कर लो।

एसएडी (अमृतसर) से जुड़े किसान नेता जसकरण सिंह ने इस कार्यक्रम में कहा ये ‘जंग’ किसान आंदोलन ना होकर कौम और पंजाब की आजादी की लड़ाई है। जसकरण सिंह ने कहा कि चाहे उन्हें संयुक्त किसान मोर्चा से बोलने दे या ना दें, लेकिन वे दिल्ली जीतकर जाएँगे। साथ ही कहा कि ज्यादा से ज्यादा पार्टी के लोग दिल्ली पहुँचें। उन्होंने ऐलान किया कि पार्टी जिन लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुए हैं उनके साथ कंधा से कंधा मिलाकर खड़ी है।

जसकरण सिंह ने कहा कि दिल्ली में चल रहे किसान मोर्चा में वो अकेले नहीं गए थे। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी को पहला ट्रैक्टर हरजीतसिंह गगड़वाल का था, जिसने नाका तोड़ा। साथ ही बताया कि लाल किले के लिए ट्रैक्टरों की अगुवाई अकाली दल अमृतसर ने ही की थी और वहाँ कोई किसान नेता था ही नहीं। जसकरण सिंह ने मंच से संबोधित करते हुए कहा:

“दिल्ली में 26 जनवरी को कुछ हुआ, उसके लिए सबसे बड़ा रोल अकाली दल अमृतसर ने निभाया। मैं अपील करता हूँ कि सिमरनजीत सिंह मान के सर्मथन में लोगों को दिल्ली में पहुँचना चाहिए। वहाँ हमें आपकी जरूरत है। आप दिल्ली चलो। ये जंग हिंद और पंजाब के बीच है। कोई किसानी मसला नहीं है। अगर ये जंग हार गए तो सिख कौम हार जाएगी। हम जीत गए तो सिख कौम जीतेगी। ऐसे हर झंडे का खात्मा हो जाएगा जो खालिस्तान और खालसा का विरोध करेगा।”

‘किसान आंदोलन’ में भी शामिल थे इस कार्यक्रम का आयोजन करने वाले अकाली नेता

खालिस्तानी अलगाववादी जसकरण सिंह ने मंच से लोगों को भड़काते हुए कहा कि अगर आपको खालिस्तान बनाना है तो इसके लिए जरनैल सिंह भिंडरावाले की बात को याद करना होगा, जिन्होंने कहा था कि जिस दिन दरबार साहिब पर हमला होगा उसी दिन खालिस्तान की नींव रखी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि खालिस्तान कहना, बोलना, सुनना ये सब मानवतावादी है। वहीं उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए ‘आतंकवादी’ शब्द का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने ‘संविधान का उल्लघंन करके’ किसान मोर्चा के आगे बैरिकेड्स लगाए है।

कार्यक्रम में मंच से शहीद भगत सिंह का भी अपमान किया गया। अकाली दल अमृतसर के जसकरण सिंह ने कहा कि भगत सिंह ने शहीदी इंडिया के लिए दी थी, कौम के लिए नहीं दी थी। उन्होंने कहा, “कौम के लिए शहीदी जरनैल सिंह भिंडरावाले ने दी है। भगत सिंह को उस समय कहना चाहिए था कि गाँधी, नेहरू और RSS बुरे हैं। मुझे तो अपना घर खालिस्तान लेना है।” उन्होंने भगत सिंह पर ‘इंडिया के नीचे लगे रहने’ का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर वो उक्त बातें बोलते तो आज परिस्थिति कुछ और होती।

वरिंदर सिंह सेखों गाजीपुर सीमा पर ‘किसान आंदोलन’ में भी शामिल था

इस कार्यक्रम के आयोजन में भूमिका निभाने वाले और लोगों को भड़काने वाले खालिस्तानी वरिंदर सिंह सेखों गाजीपुर बॉर्डर स्थित राकेश टिकैत के मंच पर भी मौजूद था। वो शिरोमणि अकाली दल अमृतसर यूथ विंग का प्रधान है। सेखों 26 जनवरी की हिंसा में भी शामिल था, जब पुलिस बैरिकेड्स तोड़े गए थे।

‘जय श्रीराम बोलो डॉक्टर… जय श्री राम’: रिंकू शर्मा की माँ ने बेटे के आखिरी वक्त के बारे में दुनिया को बताया

रिंकू शर्मा की निर्मम हत्या के बाद दिल्ली के मुस्लिम बहुल इलाके में रहने वाले हिंदू दहशत में हैं। एक मुस्लिम भीड़ ने 10 फरवरी 2021 की रात बजरंग दल के कार्यकर्ता रिंकू के घर में घुसकर हमला किया था। अगले दिन रिंकू ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

मंगोलपुरी के K ब्लॉक की जिस संकरी गली में 26 साल का रिंकू रहता था, वह शुक्रवार (12 फरवरी 2021) को मीडियाकर्मियों और विहिप तथा बजरंग दल से जुड़े लोगों की आवाजाही से खचाखच भरा था। शाम को न्याय की माँग करते हुए स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च भी निकाला।

ऑपइंडिया के पास एक एक्सक्लूसिव वीडियो है। यह वीडियो विहिप के संयुक्त महासचिव और बजरंग दल के राष्ट्रीय प्रमुख सुरेंद्र जैन और रिंकू शर्मा की माँ के बीच बातचीत का है। इसमें आसपास और लोग भी खड़े नजर आ रहे हैं।

इस वीडियो में आप सुन सकते हैं कि रिंकू की माँ राधा देवी बता रहीं हैं कि उनका बेटा लहूलुहान होने के बावजूद अस्पताल में आखिरी साँस तक डॉक्टरों से ‘जय श्रीराम; के नारे लगाने को कह रहा था। सुरेंद्र जैन से रिंकू की माँ कहती हैं कि संजय गॉंधी अस्पताल में गुरुवार को दोपहर 12 बजे के करीब दम तोड़ने से पहले उनके बेटे के आखिरी शब्द थे, “जय श्रीराम बोलो डॉक्टर …जय श्रीराम।”

विहिप नेता से बातचीत में राधा देवी यह भी उल्लेख करती हैं कि उनके बेटे की निर्मम हत्या में शामिल एक व्यक्ति की पत्नी को सालभर के भीतर रिंकू ने दो बार खून दिया था। हम पहले ही बता चुके हैं कि हत्या के आरोपितों में से एक इस्लाम की पत्नी पत्नी डेढ़ साल पहले गर्भवती थी। गंभीर हालत में उसे खून की जरूरत पड़ी और उसकी जान बचाने के लिए रिंकू ने दो बार खून दिया था।

ऑपइंडिया के पास मौजूद एक्सक्लूसिव वीडियो

इसके अतिरिक्त दिल्ली पुलिस ने भी पाया है कि इस्लाम के भाई शकरू के कोरोना संक्रमित होने के बाद ​अस्पताल में दाखिल करवाने में भी रिंकू ने मदद की थी। यकीनन, उस समय उसे पता नहीं रहा होगा कि कुछ महीने बाद शकरू का भाई ही उसके खून का प्यासा हो जाएगा और उसकी हत्या कर देगा।

सुरेंद जैन ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि बजरंग दल दोषियों को सजा दिलाकर रहेगा। उन्होंने सारे सीसीटीवी फुटेज पास में होने का दावा किया। बिलखते हुए राधा देवी कहती हैं, “जय श्रीराम बोलते हुए गया मेरा बच्चा।” इस पर विहिप नेता कहते हैं कि रिंकू शर्मा असली रामभक्त था। वह बलिदान हो गया, लेकिन हमारे हृदय में हमेशा जीवित रहेगा। विहिप नेता ने परिवार को भरोसा दिलाया कि रिंकू शर्मा को न्याय मिलेगा। जैन ने परिवार को वित्तीय मदद का भरोसा देते हुए कहा, यदि पुलिस नाकाम होती है तो बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करेंगे कि रिंकू शर्मा को न्याय मिले। जैन ने रिंकू के भाई को नौकरी का भी भरोसा दिलाया।

इस बीच, इस्लामी कट्टरपंथियों की साजिशों के बारे में बात करते हुए नरेश नाम के एक युवक ने बताया है कि हाल ही में उसे भी पार्क में कुछ मुस्लिमों ने घेर लिया था। उनलोगों ने उसे घेर कर धमकाना शुरू किया। लेकिन इससे पहले कि कुछ नुकसान पहुॅंचा पाते नरेश के दोस्त मौके पर पहुॅंच गए और मुस्लिम युवक भाग गए। नरेश का दावा है कि इस्लामवादियों के निशाने पर वे सभी हिंदू हैं जो राम मंदिर निर्माण के लिए धन संग्रह को लेकर निकाली गई जागरुकता रैली में शामिल थे।

रिंकू के परिवार के साथ विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता

गौरतलब है कि बुधवार देर रात 20-25 लोगों की भीड़ लाठियों, डंडों और चाकू लेकर रिंकू शर्मा के घर में घुस गई और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। उन्होंने रिंकू शर्मा को घर से बाहर खींच लिया और उसे नीचे गिरा दिया। उसके बाद उस पर बेरहमी से चाकू से वार किया गया।

भयावह घटना को याद करते हुए बजरंग दल के राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रमुख राकेश पांडे ने ऑपइंडिया से बातचीत में कहा कि उन्मादी हमलावर भीड़ में औरतें भी थीं। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान मोहम्मद इस्लाम, दानिश नसीरुद्दीन, दिलशान और दिलशाद इस्लाम के तौर पर हुई है।

जम्मू में गुरुद्वारे के बाहर नजर आया खालिस्तानी आतंकी भिंडरावाले का पोस्टर, स्थानीय लोगों का दावा- सालों से यहाँ

जम्मू से आई एक तस्वीर ने आज (12 फरवरी 2021) लोगों को सोशल मीडिया में चौंका दिया। खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले का एक पोस्टर जम्मू के गांग्याल में एक गुरुद्वारे के बाहर लगा नजर आया। यह पोस्टर किसने लगाया है और कब से यहाँ लगा है, यह स्पष्ट नहीं है।

स्थानीय लोगों का दावा इसके बारे में अलग-अलग है। कुछ का कहना है कि यह पोस्टर करीब 2 साल से लगा है। कुछ इसके 10 साल से मौजूद होने का दावा कर रहे। पोस्टर जम्मू में गांग्याल के डिगियाना कैंप क्षेत्र स्थित मुख्य गुरुद्वारे के बाहर लगा है।

हालाँकि, जम्मू में भिंडरावाले का यह एकमात्र पोस्टर नहीं है जिसे अब देखा गया है। द डेली पायनियर के पत्रकार मोहित कंधारी ने 9 नवंबर, 2020 को एक ट्वीट करते हुए जम्मू में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा की दो तस्वीरें पोस्ट की थी, जिसमें भिंडरावाले की तस्वीर को गुरुद्वारा के मुख्य गुंबद के नीचे प्रमुखता से दिखाया गया था।

उल्लेखनीय है कि खालिस्तानी किसान आंदोलन की आड़ में अपने नापाक इरादों को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि कानून के खिलाफ लोगों को उकसा कर खालिस्तानी समर्थक भारत में एक बड़ी साजिश के फिराक में हैं। जिसका नमूना 26 जनवरी को लाल किले पर हुए हिंसा के दौरान देखा गया।

ऑपइंडिया अपने रिपोर्ट्स के जरिए पाकिस्तानियों, खालिस्तानी समूहों और यहाँ तक ​​कि कुछ हद तक कनाडाई सरकार द्वारा किसान आंदोलन की आड़ में भारत को बदनाम करने वाली साजिशों का खुलासा कर चुकी है।

‘रिंकू शर्मा की हत्या करने वाली भीड़ में औरतें भी शामिल थीं, चाकू नहीं निकला तो पीठ में और धँसा दिया’

दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में बजरंग दल के कार्यकर्ता रिंकू शर्मा की चाकू घोंप कर निर्मम हत्या कर दी गई। रिंकू अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के लिए जारी धन संग्रह अभियान में भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे थे।

मृतक के परिवार ने बताया कि कैसे बुधवार देर रात 20-25 लोगों की भीड़ लाठियों, डंडों और चाकू लेकर उनके घर के अंदर घुस गई और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। उन्होंने रिंकू शर्मा को घर से बाहर खींच लिया और उसे नीचे गिरा दिया। उसके बाद उस पर बेरहमी से चाकू से वार किया गया।

भयावह घटना को याद करते हुए बजरंग दल के राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रमुख राकेश पांडे ने ऑपइंडिया से बातचीत में कहा कि उन्मादी हमलावर भीड़ में औरतें भी थीं।

घर में घुसने के बाद भीड़ ने रिंकू शर्मा के परिवार के सदस्यों पर लाठी और डंडों से धावा बोल दिया। उन्होंने कथित तौर पर गैस सिलेंडर भी लीक कर दिया। इस बीच रिंकू शर्मा ने वहाँ से भागने की कोशिश की। जिसके बाद भीड़ में से कुछ लोगों ने रिंकू को पकड़ लिया और एक तेज चाकू से उस पर वार किया।

सुदर्शन न्यूज़ से बात करते हुए, रिंकू शर्मा के भाई ने कहा कि हत्यारे पाँच मुस्लिम भाई अपने बच्चों, बीवी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ उनके घर में घुस गए और सभी ने मिलकर उनके परिवार के सभी सदस्यों को बहुत मारा और उसके भाई (रिंकू) को तो जान से ही मार डाला।

भाई ने कहा कि मुस्लिम भाइयों ने राम मंदिर के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के कारण उनके परिवार को पहले भी धमकी दी थी। ये सभी मंगोलपुरी में रहते हैं और श्री राम के नारे और कार्यक्रमों का विरोध करते थे।

बजरंग दल के एक अन्य कार्यकर्ता ने ऑपइंडिया को बताया कि जिस चाकू से रिंकू शर्मा को मारा गया था, वह उसकी पीठ में धँस गया था। आरोपितों ने शायद दोबारा चाकू मारने की मंशा से उसकी पीठ से चाकू बाहर निकालने की बहुत कोशिश की। लेकिन वे नाकामयाब रहे। फिर उन्होंने निर्दयतापूर्वक रिंकू की पीठ के अंदर चाकू को और धकेल दिया। जिससे रिंकू गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद वह भाग गए। खून से लथपथ रिंकू को मंगोलपुरी के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। गुरुवार दोपहर 12 बजे के करीब उसने दम तोड़ दिया।

बता दें रिंकू पश्चिम विहार के एक अस्पताल में लैब टेक्नीशियन की नौकरी करता था। रिंकू की माँ राधा देवी के अनुसार छुरा घोंपने के दौरान भी उनका बेटा जय श्री राम का नारे लगा रहा था। रिंकू पड़ोस के मुसलमानों के रडार में था, क्योंकि उसने अगस्त में राम मंदिर के भूमि पूजन के बाद इलाके में जय श्री राम के नारों के साथ एक रैली भी निकाली थी।

‘एक-दूसरे के करीब रेस्टोरेंट को खोलने’ वाले दिल्ली पुलिस के बयान के बारे में बात करते हुए राकेश पांडे ने कहा, “मुझे नहीं पता कि दिल्ली पुलिस क्या कह रही है। लेकिन अगर मामला इतना आसान था और घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं था तो इलाके में हिंदुओं के बीच उतना गुस्सा नहीं होता। पुलिस मामले से मीडिया का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।”

बाहरी दिल्ली के एडिशनल डीसीपी एस धामा ने 4 आरोपितों की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए मीडिया को बताया था, “रिंकू शर्मा को 10 फरवरी को मंगोलपुरी में एक जन्मदिन की पार्टी में चाकू मार दिया गया। यह झड़प एक रेस्टोरेंट के बंद हो जाने की वजह से शुरू हुआ था। किसी भी अन्य मकसद से हत्या की बात गलत है।”

इससे पहले सुदर्शन न्यूज़ को रिंकू के पिता अजय शर्मा ने रोते हुए अपने बेटे की बेरहमी से किए गए हत्या की जानकारी देते हुए बताया था कि, “वे (आरोपित) लाठी और चाकू से लैस थे। उन्होंने मेरे बेटे को मार डाला। वह हमेशा के लिए चला गया।” अजय शर्मा ने यह भी कहा था, “राम मंदिर के मुद्दे पर पहले भी इसी तरह की घटना हुई थी। इसके बाद दोषियों ने पीएम मोदी को गालियाँ दीं और कहा कि रिंकू बीजेपी से जुड़ा है।”

ट्विटर को 1.14 बिलियन डॉलर का घाटा, पक्षपाती सेंसरशिप को लेकर है विवादों में

ट्विटर को साल 2020 में 1.14 बिलियन डॉलर का घाटा हुआ है। माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर इस समय बड़े पैमाने पर पक्षपाती सेंसरशिप के लिए वैश्विक स्तर पर विवादों का सामना कर रहा है।

वैश्विक कोरोना वायरस महामारी के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट के बीच भारत सरकार के साथ सोशल मीडिया दिग्गज की काफी खींचतान चल रही है। दरअसल, सरकार ने भारत में कृषि कानून आंदोलन के बाद भड़की हिंसा के मद्देनजर कुछ उपद्रवी तत्वों के अकाउंट को बैन करने की माँग की थी, जिससे ट्विटर ने इनकार कर दिया था।

रिपोर्टों के अनुसार ट्विटर के एक्सपेंडिचर में 19 फीसदी की वृद्धि हुई है और यह बढ़कर 3.69 बिलियन डॉलर हो गया है। इसी दौरान रेवेन्यू 7 फीसदी की वृद्धि के साथ 3.72 बिलियन डॉलर हो गया है। हालॉंकि कंपनी ने 27 मिलियन डॉलर का ऑपरेटिंग इनकम दर्ज किया। ब्याज और कर देनदारी की वजह से कंपनी 1,135,626,000 को डॉलर का नेट लॉस हुआ है।

ट्विटर का फाइनेंशियल स्टेटमेंट

कथित तौर पर ट्विटर इस साल की पहली तिमाही में 940 मिलियन से 1.04 बिलियन डॉलर के बीच रेवेन्यू की उम्मीद कर रहा है। 2020 की आखिरी तिमाही में ट्विटर को 1.29 बिलियन डॉलर का राजस्व मिला। इसके कारण बुधवार को इसके शेयर में 7 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, साल-दर-साल राजस्व में 28% की वृद्धि हुई। मोनेटिसबल डेली यूजर संख्या में 27% बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते यूज़र्स की संख्या कुल 192 मिलियन हो गई है।

ट्विटर के सीईओ जैक डोर्सी ने मंगलवार जानकारी दी थी, “साल 2020 ट्विटर के लिए काफी अच्छा रहा। हमें सार्वजनिक वार्तालाप, विशेषकर इस अभूतपूर्व समय में सेवा देने के लिए पहले से कहीं अधिक गर्व है।”

उन्होंने दावा किया कि माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट सही बातचीत को बढ़ावा देने की योजना बना रहा है और 2021 में नवीनकरण को लेकर काफी उत्साहित भी है। इसके अलावा उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को आड़े हाथों लेते हुए दावा किया कि ट्विटर किसी एक विषय या व्यक्ति से बड़ा है।

गौरतलब है ट्विटर के अड़ियल रुख पर केंद्र सरकार के सख्त रवैये के बाद ट्विटर ने आखिरकार सरकार द्वारा दी गई सूची में से 97% से अधिक अकाउंट पर प्रतिबंध लगा दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने ट्विटर को 1,435 ट्विटर अकाउंट पर एक्शन लेने का आदेश दिया था, जिनमें से अब तक 1,398 अकाउंट को हटा दिया गया है।

इसके अलावा, ट्विटर ने अपनी भारत की टीम को पुनर्गठित करने की भी बात कही है, ताकि अपने स्थानीय कार्यालयों में अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को नियुक्त कर वो कानून संबंधी मामलों को अधिक कुशलता से देख सके। यह खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब यह चर्चा जोर पकड़ रही थी कि भारत सरकार ट्विटर के कुछ शीर्ष अधिकारियों को भारत के कानूनों के खिलाफ मनमानी करने और आदेशों की अवहेलना के चलते गिरफ्तार कर सकती है।

वहीं आज (फरवरी 12, 2021) सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर केंद्र और ट्विटर को नोटिस जारी करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभद्र भाषा और अपमानजनक सामग्री को रोकने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि ट्विटर पर इस तरह के संदेश आने के बाद उनकी तरफ से क्या किया जा सकता है?

‘जय श्रीराम बोलने को खड़े हैं, कितनों की हत्या करोगे’: रिंकू शर्मा के निए न्याय माँगते सड़क पर उतरे लोग

दिल्ली के मंगोलपुरी में बजरंग दल के कार्यकर्ता रिंकू शर्मा की निर्मम हत्या से पूरा देश आक्रोशित है। उनके लिए न्याय की माँग करते हुए स्थानीय लोगों ने शुक्रवार (12 फरवरी 2021) की शाम कैंडल मार्च निकाला। मार्च रिंकू शर्मा के घर से शुरू होकर पूरे मंगोलपुरी में निकाला गया।

इसमें रिंकू के छोटे भाई मन्नू, विहिप, बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ काफी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। मार्च में शामिल लोग ‘रिंकू शर्मा के हत्यारों को फाँसी दो’ के नारे लगा रहे थे। बीजेपी बाहरी दिल्ली के जिलाध्यक्ष बजरंग शुक्ला ने इस दौरान ऑपइंडिया से बता करते हुए कहा कि रिंकू शर्मा एक होनहार युवक थे, जिनकी नृशंस हत्या कर दी गई। उनको श्रद्धांजलि देने के लिए यह मार्च निकाला गया है।

उन्होंने कहा, “हम इसके जरिए जय श्रीराम कहने पर रिंकू की हत्या करने वाले आतताइयों और जुल्मी लोगों को संदेश देना चाहते हैं। रिंकू बलिदान हो गया। ​लेकिन आज भी लोग जय श्रीराम बोलने के लिए खड़े हैं। आप बोलो कितने लोगों की हत्या करोगे? हत्या आपका उद्देश्य है तो हम उससे डरने वाले लोग नहीं हैं। भय खाने वाले लोग नहीं हैं। जय श्रीराम।”

पश्चिम विहार स्थित एक अस्पताल में बतौर लैब टेक्नीशियन काम करने वाले 26 वर्षीय रिंकू शर्मा पर घर में घुसकर बुधवार (10 फरवरी 2021) की रात हमला किया गया था। अगले दिन अस्पताल में उनकी मौत हो गई। कथित तौर पर 25-30 लोगों के समूह ने हमला किया था। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान मोहम्मद इस्लाम, दानिश नसीरुद्दीन, दिलशान और दिलशाद इस्लाम के तौर पर हुई है।

रिंकू अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए चलाए जा रहे धन संग्रह अभियान में सक्रिय थे। रिपोर्ट के अनुसार बीते महीने इलाके में राम मंदिर निर्माण को लेकर एक जागरुकता रैली निकाली गई थी। उस दौरान रिंकू का विवाद हो गया था। उस समय स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से मामला खत्म हो गया था। इसके बाद एक जन्मदिन पार्टी में रिंकू का आरोपितों से विवाद हुआ था। उसके बाद बुधवार की रात घर में घुसकर हमला किया गया।

मीडिया रिपोर्टों से यह बात सामने आई है कि जिन लोगों के लिए उम्मीद की किरण बन कर रिंकू शर्मा ने अपना खून दिया था, उन्हीं लोगों ने उनकी बेरहमी से हत्या की। इस हत्याकांड में शामिल मोहम्मद इस्लाम की पत्नी लगभग 1.5 साल पहले गर्भवती थी। दिल्ली के रोहिणी स्थित अस्पताल में उसका उपचार हो रहा था। उसकी पत्नी की हालत गंभीर थी और उसे खून की सख्त ज़रूरत थी। इसके बाद रिंकू ने इस्लाम की पत्नी को एक नहीं बल्कि दो बार खून दिया था। आरोपितों को रिंकू शर्मा की ओर से मदद का सिलसिला यहीं ख़त्म नहीं होता है। रिंकू शर्मा ने आरोपित मोहम्मद इस्लाम के भाई को कोरोना होने पर अस्पताल में भर्ती कराने में भी मदद की थी।

देश रिंकू शर्मा की निर्मम हत्या से सकते में, लिबरल जमात माँगे मुनव्वर फारूकी के लिए ‘इंसाफ’

दिल्ली के मंगोलपुरी में बजरंग दल के कार्यकर्ता रिंकू शर्मा की निर्मम हत्या से पूरा देश सकते में हैं। दूसरी ओर, करीब 100 ‘कलाकार’ और ‘लेखकों’ ने मुनव्वर फारूकी के समर्थन में झंडा उठाया है। इनमें धुर वामपंथी भारत विरोधी प्रोपेगेंडा को हवा देने वाली अरुंधति रॉय, स्वरा भास्कर, कल्कि कोचलीन जैसे नाम शामिल हैं। इनकी माँग है कि मुनव्वर के खिलाफ लगाए गए सारे आरोप निरस्त किए जाएँ।

मुनव्वर फारूकी कौन था? एक कथित कॉमेडियन जो हिंदू घृणा से सना है। जो कॉमेडी के नाम पर हिंदू और उनके देवी-देवताओं का मजाक उड़ाता है। ऐसे व्यक्ति का समर्थन करते हुए स्वयंभू और विवादित लेखकों एवं कलाकारों ने एक बयान में कहा है, “एक कलाकार और व्यक्ति के तौर पर हम चिंतित हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र होने का दावा करने वाले देश में एक स्टैंड अप आर्टिस्ट ऐसे अपराध के लिए महीने भर से ज्यादा जेल में रहा और उस पर गंभीर आपराधिक आरोप लगाए गए, जो उसने किया ही नहीं।”

इस बयान पर राजमोहन गाँधी, मल्लिका साराभाई, पूजा भट्ट, सोनाली बोस, आनंद पटवर्धन के भी हस्ताक्षर हैं। खुद को ‘कॉमेडियन’ बताने वाले कुछ लोगों ने जिनमें कुणाल कामरा, संजय राजौरा, अनुभव पाल, प्रशस्ति सिंह, अरविंद एसए, उरूज डिंगानकर और अनिर्बन दासगुप्ता शामिल हैं, ने भी इस पर हस्ताक्षर किए हैं।

कुछ लेखक अमिताव कुमार और तान्या सेल्वारत्नम, कनैडियाई फिल्ममेकर जॉन ग्रेसन, फिल्ममेकर श्रुति राय गांगुली, आर्किटेक्ट सोफिया करीम और ब्राजील की महिला एक्टिविस्ट सोनिया को​रेया, जो हिंदू की भावनाओं को आहत करने की आरोपित है, भी मुनव्वर के समर्थन में कूदे हैं।

गौरतलब है कि एडविन एंथनी, प्रखर व्यास, प्रियम व्यास और नलिन यादव के साथ के मुनव्वर को इंदौर में एक शो के दौरान हिंदू देवताओं का मजाक उड़ाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इनके खिलाफ हिंदू रक्षक संगठन के मुखिया एकलव्य सिंह गौर ने शिकायत दर्ज कराई थी। मुनव्वर को न्यायिक हिरासत में 13 जनवरी तक जेल भेजा गया जो बाद में बढ़ाकर 27 जनवरी तक कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद उसे 6 फरवरी 2021 की रात इंदौर सेंट्रल जेल से रिहा किया गया था।

एक शो में माता सीता पर अभद्र टिप्पणी करते हुए मुनव्वर ने कहा था, “मेरा पिया घर आया ओ राम जी। राम जी डोंट गिव अ फ़*** अबाउट पिया। यह सुन राम जी कहते हैं मैं खुद चौदह साल से घर नहीं गया। अगर सीता ने सुन लिया, वो तो शक करेगी। सीता को तो माधुरी पे पहले से ही शक है। वो गाना है तेरा करूँ गिन-गिन इंतजार। उसे लग रहा है वनवास गिन रही है 14 पर आकर रुक गई।”

इस हरकत के बाद उस पर एफ़आईआर भी दर्ज की गई थी। इसके अलावा उसने गोधरा में जलाकर मार डाले गए 59 कारसेवकों का मजाक उड़ाया था। गोधरा कांड के लिए उसने अमित शाह और आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया था। संज्ञान में यह वीडियो आने के बाद राष्ट्रीय सेवा संघ (RSS) ने उस पर कानूनी एक्शन लेने की बात कही थी।