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13 साल की लड़की को अगवा कर 3 ने रेप किया, इस्लाम कबूल करवाया: पीड़ित पिता बोले- गैर मुस्लिमों को इंसाफ मिलना पाकिस्तान में असंभव

पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता राहत ऑस्टिन ने रविवार को ट्विटर पर एक वीडियो साझा की। इस वीडियो में एक 13 वर्षीय नाबालिग ईसाई लड़की के पिता ने अपने परिवार के साथ हुए अत्याचार के बारे में बताया है।

पीड़ित पिता के मुताबिक साजिद अली, सुमैरा और तारव ने लाहौर के कंजरा से उनकी बेटी महविश को अगवा कर लिया। रेप के बाद जबरन उसका धर्मांतरण किया गया। उन्होंने बताया, “पुलिस ने मामले की जॉंच की। दस्तावेजों की जॉंच के बाद पुलिस ने उसे फर्जी बताया। बावजूद, इस मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।” उन्होंने यह भी बताया कि आरोपितों द्वारा लड़की के निकाहनामे और धर्मांतरण से जुड़े दस्तावेज भी नकली हैं।”

पीड़ित पिता से पूछा गया कि क्या उन्होंने इस मामले को लेकर किसी नेता से मदद माँगी? जवाब में हताश पिता ने कहा,” शुरू में हमने दो बार मंत्री जाहज आलम घस्ती से मिलने की कोशिश की, लेकिन मिल नहीं सके। हालाँकि, बाद में 3 बार उनसे अलग-अलग मौकों पर मिले। लेकिन उन्होंने कहा कि इसमें मैं क्या कर सकता हूँ।”

पीड़ित पिता ने वीडियो में आगे कहा, “यदि प्रधानमंत्री, मंत्री, मुख्य न्यायाधीश और सांसद मेरी पीड़ा नहीं सुनते और मेरी बच्ची की सही सलामत वापसी नहीं सुनिश्चित करवाते तो मैं पूरे परिवार के साथ मरने को मजबूर हो जाऊँगा। पाकिस्तान में इंसाफ मिलना असंभव है। न्याय तभी मिलेगा जब मेरी बेटी मेरे पास वापस आएगी। मेरी बातों को हल्के में न लें। अगर मेरी बेटी वापस नहीं आती है, तो मैं वही करूँगा जो मैंने कहा है।”

सॉलिडैरिटी एंड पीस मूवमेंट (MSP) ने अनुमान लगाया है कि 12 और 25 साल के बीच की लगभग 1000 ईसाई और हिंदू लड़कियों का अपहरण, बलात्कार और फिर जबरन धर्म परिवर्तन कर उन्हें निक़ाह के लिए मजबूर किया जाता है। वहीं पैसों से मजबूर कई पीड़ित परिवारों द्वारा तो मामले ही दर्ज नहीं किए जाते हैं।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल 10 अक्टूबर को 14 वर्षीय हुमा यूनुस को कराची में उसके माता-पिता के घर से पंजाब के डेरा गाजी खान निवासी अब्दुल जब्बार नामक एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा अपहरण कर लिया गया था। वहीं फरजाना (14) और सेहरिश (16) के साथ 3 मुस्लिम युवकों ने सामूहिक बलात्कार किया, लेकिन परिजनों को अदालत के बाहर ही मामला सुलझाने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

इनके अलावा मुसलमानों द्वारा अपहरण की गई सना जॉन (13) और महविश (14) के मामले में पुलिस ने कड़ी जाँच की थी, फिर भी उन्हें वापस नहीं लाया जा सका। मारिया सरफराज नाम की 11 साल की एक ईसाई लड़की के साथ भी 3 दिनों तक सामूहिक बलात्कार किया गया, लेकिन उसे भी मामले को दबाने के लिए मजबूर होना पड़ा। अप्रैल 2020 में मुहम्मद नक़श और उसके साथी द्वारा 14 वर्षीय ईसाई लड़की मायरा शहबाज़ को पाकिस्तान के फैसलाबाद में अगवा कर लिया गया था।

कोरोना वैक्सीन में सूअर का माँस… यहूदियों की ‘माइक्रो चिप’: हराम-हलाल के बीच अटके मुल्ला-मौलवी

कोरोनो वायरस टीकों को लेकर दुनिया भर के मुस्लिम देशों की चिंता बाकि देशों से जरा हटकर हैं क्योंकि जिलेटिन को सड़े हुए पशुओं की खालों, हड्डियों, मवेशियों और सूअरों के टिशुओं को उबाल कर बनाया जाता है। सामान्य भाषा में कहें तो यही पोर्क से बनने वाला जिलेटिन, टीकों में स्टेबलाइजर के रूप में उपयोग किया जाता है।

ऐसे में इस्लामी देशों की चिंता का विषय यह है कि सूअर का माँस मजहब विशेष में ‘हराम’ माना जाता रहा है। वैक्सीन के भंडारण और ढुलाई के दौरान उनकी सुरक्षा और प्रभाव बनाए रखने के लिये सूअर के माँस (पोर्क) से बने जिलेटिन का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।

हालाँकि, वैक्सीन निर्माता कम्पनी फाइजर, मॉडर्न, और एस्ट्राजेनेका के प्रवक्ताओं ने कहा है कि उनके COVID-19 टीकों में सूअर के माँस से बने उत्पादों का इस्तेमाल नहीं किया गया है। लेकिन कई कंपनियाँ ऐसी हैं, जिन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया है कि उनके द्वारा विकसित की जा रही वैक्सीन में सूअर के माँस से बने उत्पादों का इस्तेमाल किया गया है या नहीं। ऐसे में इंडोनेशिया जैसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले देशों में चिंता फ़ैल गई है।

हाल ही में एक खबर भी सामने आई थी, जिसमें बताया जा रहा था कि मुस्लिम देश कोरोना वैक्सीन के लिए हलाल सर्टिफिकेट की माँग कर रहे हैं। फाइजर, मॉडर्न और एस्ट्राजेनेका के प्रवक्ताओं ने कहा है कि पोर्क उत्पाद उनके कोरोनावायरस टीकों का एक घटक नहीं हैं। लेकिन ऐसे हालातों में मिलियन डॉलर के व्यवसाय, और सीमित आपूर्ति के बीच परिणामस्वरूप, कि इंडोनेशिया जैसे कुछ मुस्लिम देशों को ऐसे टीके मिलेंगे जो अभी तक जिलेटिन मुक्त होने के लिए प्रमाणित नहीं हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रिटिश इस्लामिक मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव सलमान वकार का कहना है कि ‘ऑर्थोडॉक्स’ यहूदियों और मुस्लिमों समेत विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच वैक्सीन के इस्तेमाल को लेकर असमंजस की स्थिति है, जो सूअर के माँस से बने उत्पादों के इस्तेमाल को धार्मिक रूप से अपवित्र मानते हैं। स्विट्जरलैंड की दवा कंपनी ‘नोवारटिस’ ने सुअर का मांस इस्तेमाल किए बिना दिमागी बुखार का टीका तैयार किया था।

सिनोवैक बायोटेक, कोरोना वायरस टीकों की निर्माता एक चीनी कम्पनी, और अन्य चीनी कंपनियों सिनफार्मा और कैनसिनो बायोलॉजिक्स ने टीके में इस्तेमाल किए गए घटकों पर पूछे गए सवालों के जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने पहले से ही दुनिया भर के मुस्लिम देशों के साथ लाखों की डील की हुई हैं। पाकिस्तान CanSino Biologics वैक्सीन के क्लिनिकल परीक्षण कर रहा है और ये परिक्षण अंतिम चरण में हैं।

समुदाय विशेष में हैं टीकाकरण को लेकर अफवाहें

मजहबी धर्मगुरुओं के बीच भी कोरोना वैक्सीन के हलाल प्रमाणित होने की बहस जारी है। देखा जाए तो मुस्लिम समुदाय द्वारा ’हराम’ या पोर्क उत्पादों से युक्त होने के कारण वैक्सीन का प्रतिकार कोई नई घटना नहीं है। वर्ष 2018 में, इंडोनेशियाई उलेमा काउंसिल, जो कि हलाल प्रमाणपत्र जारी करती है, ने घोषणा की कि पोर्क से बने जिलेटिन के कारण खसरा और रूबेला के टीके ‘हराम’ हैं।

यह भी देखा गया है कि मुस्लिम समुदाय में अक्सर टीकाकरण को लेकर अफवाह और फर्जी दावे बेहद ‘लोकप्रिय’ रहे हैं। कोरोना वायरस की शुरुआत से ही सोशल मीडिया पर ऐसे तमाम वीडियो देखे जाते रहे हैं, जिनमें कोई मुस्लिम मौलवी या इस्लामी धर्मगुरु टीके के साथ शरीर में ‘चिप’ फिट कर देने की बातें लोगों से कहते देखे जा सकते हैं।

मजहबी धर्मगुरु अल्लामा कौकब नूरानी ने तो ये दावा तक कर द‍िया क‍ि कोरोना वैक्सीन के बहाने वैक्सीन लगवाने वालों के मिजाज पर काबू करने के ल‍िए लोगों के शरीर में एक ‘चिप’ डालने की साज‍िश की जा रही है। उनका दावा था कि इस चिप से आप सिर्फ वही सोच सकेंगे जो वो (यहूदी) चाहेंगे।

कलाम की मूर्ति को फूलों से सजाने वाले बुजुर्ग शिवदासन की हुई थी हत्या, वीडियो वायरल होने से चिढ़े शख्स ने जमकर पीटा था

पिछले दिनों केरल के कोच्चि में सड़क किनारे 63 वर्षीय शिवदासन का शव मिला था। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। इसमें वे पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की मूर्ति की सफाई करते और उसे फूलों से सजाते नजर आए थे। पुलिसिया जाँच से यह बात सामने आई है कि इसी प्रसिद्धि के कारण उनकी हत्या कर दी गई।

वायरल वीडियो में शिवदासन सड़क किनारे लगी कलाम की मूर्ति को फूलों से सजा रहे थे। साथ ही उन्होंने वे केरल में रहते हुए उनसे दो बार मिल चुके थे। इस दौरान कलाम ने उन्हें 500 रुपए भी दिए थे। इस वीडियो ने लाखों लोगों का दिल जीता और वह लोगों के बीच जाने-माने चेहरे बन गए।

शिवदासन की बढ़ती लोकप्रियता के चलते सड़क किनारे रहने वाले राजेश को उनसे जलन होने लग गई। इसी चिढ़ में उसने शिवदासन की हत्या कर दी। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने 16 दिसंबर को कथित तौर पर अब्दुल कलाम मार्ग (मरीन ड्राइव) से शिवदासन की लाश बरामद की थी। शुरुआत में लगा कि यह सामान्य मौत है। लेकिन, पोस्टमार्टम से पता चला कि मौत अंदरूनी चोटों की वजह से हुई थी। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जाँच शुरू की।

जाँच के दौरान पुलिस को पता चला कि कुछ दिनों पहले सड़क पर ही रहने वाले राजेश ने शिवदासन को बुरी तरह पीटा था। इसके कारण उन्हें काफी चोटें आई थी। पुलिस को मरीन ड्राइव से भी हत्या के कई सबूत मिले। प्रारंभिक जाँच के आधार पर परवूर निवासी राजेश की गिरफ्तार किया गया।

एर्णाकुलम के सहायक पुलिस आयुक्त के लालजी ने शनिवार को मीडिया को बताया, “शिवदासन को हाल ही में अब्दुल कलाम की प्रतिमा को फूलों से सजाने पर बहुत लोकप्रियता मिली थी। हमें कई लोगों से पता चला है कि आरोपित इससे चिढ़ गया था। कई लोगों ने राजेश को लाश मिलने से दो दिन पहले शिवदासन को मारते हुए देखा था।”

गौरतलब है कि शिवदासन कोल्लम के रहने वाले थे और काफी समय से मरीन ड्राइव में रह रहे थे। वहीं पर अब्दुल कलाम की एक मूर्ति भी स्थापित है। मूर्ति के आसपास गंदगी देख शिवदासन ने रोजाना कलाम की मूर्ति की सफाई और उसे फूलों से सजाना शुरू कर दिया। कलाम के प्रति उनके प्रेम को देखते हुए किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी। जिसे लोगों ने काफी पसंद किया था।

कोरोना वैक्सीन आ जाए फिर एनआरसी भी फाइनल कर देंगे: बंगाल से अमित शाह का CAA-NRC पर मैसेज

केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता अमित शाह पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर हैं। रविवार (दिसंबर 20, 2020) को दौरे के अंतिम दिन उन्‍होंने बीरभूम जिले में हनुमान मंदिर स्टेडियम रोड से बोलपुर सर्कल तक रोड शो किया। इस दौरान उन्होंने कोरोना वायरस वैक्सीन और CAA-NRC की ‘क्रोनोलॉजी को लेकर भी बयान दिए।

बोलपुर में केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता ने कहा कि मैंने अपने जीवन में इस तरह का रोड शो नहीं देखा है। यह रोड शो पीएम नरेंद्र मोदी के प्रति बंगाल के लोगों के प्यार और विश्वास को दर्शाता है। बंगाल के लोग बदलाव चाहते हैं।

रोड शो के बाद मीडिया से बात करते हुए जब केंद्रीय गृहमंत्री से कोरोना वैक्सीन और एनआरसी-सीएए की ‘क्रोनोलॉजी’ को लेकर सवाल पूछा गया तो इस पर अमित शाह ने जवाब दिया, “सीएए और एनआरसी के नियमों को अभी तैयार नहीं किया गया है। यह देशवासियों के लिए कोरोना वैक्सीन उपलब्ध हो जाने के बाद ही होगा।”

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “अभी सीएए के नियम बनने बाकी हैं और बड़ा अभियान नहीं चलाया जा सकता। इसलिए जब टीका लगने की शुरुआत होगी और कोरोना की सायकिल की शुरुआत होगी, तभी हम आपको सूचित करेंगे। क्रोनोलॉजी में पहला पहला तो समाप्त होने दीजिए।”

बंगाल में होती आ रही भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या और भाजपा नेताओं से हिंसा के प्रश्न पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा चरम सीमा पर है, 300 से ज्यादा भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्याएँ कर दी गई हैं और उसकी जाँच में एक इंच भी प्रगति दिखाई नहीं दे रही है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि बंगाल की जनता परिवर्तन चाहती है और जनता तय कर चुकी है कि चुनाव के मैदान में इस बार कमल खिलेगा। उन्होंने कहा, “यह परिवर्तन बंगाल के विकास के लिए है.. यह परिवर्तन बांग्लादेश से घुसपैठ रोकने के लिए है.. यह परिवर्तन हिंसा खत्‍म करने के लिए है।”

शाह ने कहा कि कुछ दिन पहले हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष के बंगाल दौरे के दौरान उन पर TMC के कार्यकर्ताओं ने जिस तरह से हमला किया था, उसकी भाजपा निंदा करती है और मैं व्यक्तिगत रूप से भी इसकी निंदा करता हूँ। अमित शाह ने कहा, “TMC कार्यकर्ताओं की ओर से किया गया हमला केवल भाजपा अध्यक्ष पर हमला नहीं है, यह बंगाल के अंदर लोकतंत्र की व्यवस्था पर हमला है। इसकी ज़िम्मेदारी TMC सरकार और TMC कार्यकर्ताओं की है।”

गुजरात में दुनिया का सबसे बड़ा चिड़ियाघर बनाएगी रिलायंस, 280 एकड़ में होंगे 100 टाइप के जीव-जंतु

रिलायंस इंडस्ट्रीज गुजरात के जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा चिड़ियाघर बनाने के प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। इसमें विभिन्न प्रजातियों के 100 से भी अधिक जानवरों, पक्षियों और सरीसृपों को रखा जाएगा। यहाँ जानवर देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से लाए जाएँगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जामनगर में चिड़ियाघर बनाने के प्रोजेक्ट को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी के सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी देख रहे हैं। यह चिड़ियाघर जामनगर के पास मोती खावड़ी में रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनरी परियोजना के समीप 280 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के डायरेक्टर परिमल नाथवानी का कहना है कि इस प्रोजेक्ट को ग्रीन्स जियोलॉजिकल रेस्क्यू और रिहैबिलिटेशन किंगडम (Greens Zoological Rescue and Rehabilitation Kingdom) नाम दिया गया है। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार के तमाम विभागों की अनुमति भी ली जा चुकी है। अनुमान है अगले 2 साल में यह प्रोजेक्ट बनकर पूरी तरह से तैयार हो जाएगा। इस साल लॉकडाउन और कोरोना की वजह से इस प्रोजेक्ट में थोड़ी देरी हुई है।

चिड़ियाघर के लिए लेआउट केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण द्वारा पहले ही एप्रूव्ड करवा लिया गया है और इसकी जानकारी प्राधिकरण की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। सीजेडए वेबसाइट के अनुसार, “रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा गुजरात के जामनगर में ग्रीन्स जूलॉजिकल रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन किंगडम की प्रस्तावित स्थापना के लिए मास्टर (लेआउट) योजना के साथ प्रस्तुत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को 12 फरवरी, 2019 में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की 33 वीं बैठक द्वारा एप्रूव्ड किया गया था।”

उल्लेखनीय है कि इस चिड़ियाघर में सभी जानवरों के लिए अलग-अलग सेक्शन होंगे। इसमें फॉरेस्ट ऑफ इंडिया, फ्रॉग हाउस इंसेक्ट, लाइव ड्रैगन लैंड, एग्जॉटिका आईलैंड, वाइल्ड ट्रेल्स ऑफ गुजरात, एक्वेटिक किंगडम के नाम से सेक्शन बनाए जाएँगे। चिड़ियाघर का लेआउट केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की वेबसाइट पर साझा किया गया है।

यहाँ जानवरों को उस तरह का वातावरण दिया जाएगा जो उनके रहने के लिए अनुकूल हो। वहीं इस जू में आप बार्किंग डीयर, स्लेंडर लोरिस, स्लॉथ बियर, फिशिंग कैट, कोमोडो ड्रैगन, इंडियन वुल्फ और रोजी पेलिकन सहित विभिन्न जानवरों को देख पाएँगे। इसमें क्राउनड क्रेन, जैगुआर, अफ्रीकन लॉयंस के अलावा 12 शुतुरमुर्ग, 20 जिराफ, 10 काइमैन, 18 मीरकैट्स, 7 चीते, अफ्रीकी हाथी और 9 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड भी चिड़ियाघर के मुख्य आकर्षण होंगे।। फ्रॉग हाउस में करीब 200 अलग-अलग प्रजाति के मेढक तो वहीं एक्वेटिक किंगडम में 350 तरह की मछलियाँ मौजूद होंगी।

चिड़ियाघर को लेकर वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के एडिशनल डायरेक्टर जनरल सौमित्र दासगुप्ता ने कहा, “हम वन्य जीवन और इसके संरक्षण के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की रुचि और जुनून से अवगत हैं। परियोजना विवरणों के बारे में पूरी तरह से जानकारी नहीं होने के बावजूद, मुझे यकीन है कि यह वन्यजीव संरक्षण में निजी भागीदारी के लिए एक अच्छा उदाहरण स्थापित करेगा।”

दासगुप्ता ने कहा कि भारत में निजी चिड़ियाघरों का कॉन्सेप्ट कोई नया नहीं है। देश के सबसे पुराने चिड़ियाघरों में से एक कोलकाता का ‘द जूलॉजिकल गार्डन’ भी एक प्राइवेट जू में शामिल है। बता दें आरआईएल ने जामनगर में एक संरक्षण केंद्र भी स्थापित किया है, जहाँ कुछ तेंदुओं को हाल ही में राज्य के वन विभाग द्वारा जंगल से लाया गया था। नथवाणी ने बताया कि यह केंद्र एक सीएसआर पहल के तहत है। यह चिड़ियाघर परियोजना से अलग है। यह जनता के लिए नहीं खुला है।

तमिलनाडु: 350 साल पुराने मंदिर में तोड़फोड़, ‘मंगलसूत्र’ चोरी

तमिलनाडु में मंदिर के भीतर चोरी का एक और मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ अज्ञात बदमाशों ने थंजवूर (Thanjavur) जिले के थिरुविदाइमरुथुर (Thiruvidaimaruthur) क्षेत्र स्थित प्राचीन मंदिर में तोड़फोड़ की। वहाँ स्थापित देवी की मूर्ति से सोने का मंगलसूत्र (थाली) चुरा लिया। चोरी की वारदात लगभग 350 साल पुराने ‘आनंदवल्ली समेथा भास्करेस्वरार’ मंदिर में कुछ दिनों पहले अंजाम दी गई थी। 

पुजारी शिवानंदियार सेनाथीपति रात में पूजा करने के बाद मंदिर में ताला लगा कर घर चले गए थे। अगले दिन मंदिर के गार्ड ने मंदिर का मुख्य द्वार खोला तो उन्होंने देखा कि मंदिर के चारों ताले टूटे हुए थे। मंदिर परिसर के भीतर दाखिल होने पर पता चला कि अम्बल श्राइन में रखे गए पूजा-पाठ में उपयोग होने वाले थिरुमंगलयम, सोने और चाँदी के अन्य सामान गायब थे। 

प्रशासनिक लापरवाही की वजह से हुई चोरी 

घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर के प्रबंधक कृष्णासामी ने इस संबंध में थिरुविदाइमरुथुर पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने घटना की जाँच शुरू कर दी है। कथीर न्यूज़ (kathir news) की रिपोर्ट के मुताबिक़ मंदिर के कोष विभाग ने तमाम शिकायतों के बावजूद सुरक्षाकर्मियों की तैनाती नहीं करवाई। मंदिर में पूजा-पाठ करने वाले श्रद्धालुओं का आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही की वजह से चोरी की यह घटना हुई है।

मोदी अपनी पत्नी के साथ 5 दिन भी नहीं रह सका, वो देश पर कैसे शासन करेगा: ईसाई प्रचारक एजरा सरगुनम

विवादास्पद ईसाई प्रचारक, पादरी और DMK समर्थक बिशप एजरा सरगुनम ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ अपमानजनक बयान देते हुए कहा है कि वो देश पर शासन करने के लायक नहीं हैं क्योंकि वह अपनी पत्नी के साथ पाँच दिनों तक भी नहीं रह पाए।

रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार (दिसंबर 20, 2020) को बिशप एजरा सरगुनम (Bishop Ezra Sargunam), जो अक्सर हिंदू घृणा और पीएम मोदी से नफरत के लिए जाने जाते हैं, ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) प्रमुख एमके स्टालिन के नेतृत्व में नए कृषि कानूनों के खिलाफ ‘भूख हड़ताल’ में भाग लिया। इसमें उनके साथ अन्य हिंदू-विरोधी प्रचारक एमडीएमके प्रमुख वाइको, मनिठान्या मक्कल काची के नेता जवाहिरुल्लाह और विपक्षी दलों से संबंधित नेता भी उनके साथ थे।

इस कार्यक्रम में बोलते हुए बिशप एजरा सरगुनम ने पीएम मोदी की नीतियों को लेकर सरकार पर हमला किया और कहा कि वे जो कुछ भी बोल रहे हैं, वह दिल्ली में गूँजना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में कही गई बातें मोदी के कानों में पड़नी चाहिए।

अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जहर उगलते हुए बिशप ने कहा, “वह वैसे भी अपना दिमाग नहीं बदलने वाला है। वह एक ऐसा व्यक्ति है जो देश को लूटने आया है और अपना काम सही तरीके से कर रहा है। उसका कर्तव्य चार अमीर लोगों का समर्थन करना है। वह गरीबों की परवाह नहीं करता है लेकिन वह कहता रहेगा ‘मैं गरीब पैदा हुआ था, मैंने चाय बेची है, मैं गरीबों के लिए अपना जीवन जी रहा हूँ। लेकिन दोस्तों, वह इसके बिल्कुल विपरीत काम करता है।”

अपने अपमानजनक बयानों को जारी रखते हुए, बिशप एजरा ने कहा कि पीएम मोदी भगवान से डरते नहीं हैं क्योंकि उनके पास विवेक नहीं है। पीएम मोदी के खिलाफ व्यक्तिगत गालियाँ देते हुए विवादास्पद क्रिश्चियन प्रचारक ने कहा कि अगर मोदी कम से कम 5 दिनों के लिए अपनी पत्नी के साथ रहते तो उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी की कठिनाइयों का पता चल जाता।

पीएम मोदी के खिलाफ और जहर उगलते हुए, एजरा सरगुनम ने कहा, “क्या आप शादी एक बाद एक हफ्ते के लिए भी अपनी पत्नी के साथ नहीं रह सकते हैं? इस देश पर शासन करने के लिए आपके पास क्या योग्यता है? यह फेक आदमी.. जब तक इस मोदी को हटा नहीं दिया जाता, तब तक हमें ऐसी कठिनाइयाँ होती रहेंगी। वह किसी भी तरह की मुश्किलों को नहीं जानता है। अगर वह बच्चों की परवरिश करता, तभी उसे मुश्किलों का पता होता! हम नहीं जानते कि वह किसके साथ रहता था! हम अब उसके साथ फँस गए हैं। हम सबको उसके खत्म होने की प्रार्थना करनी चाहिए।”

हैरान करने वाली बात यह है कि ईसाई प्रचारक ने ये सभी बयान DMK प्रमुख एमके स्टालिन और अन्य विपक्षी नेताओं की मौजूदगी में दिए। सरगुनम को द्रमुक का समर्थक माना जाता है। वह इससे पहले भी अपने बयानों से विवाद खड़े कर चुके हैं।

हिन्दुओं को तमाचा मारने की इच्छा रखने वाला ईसाई प्रचारक एजरा सरगुनम

बिशप एजरा सरगुनम तमिलनाडु राज्य का एक विवादास्पद मिशनरी प्रचारक है। राजनीतिक दल DMK के साथ उसके बेहद करीबी संबंध हैं और कई मौकों पर, खासकर चुनावों के दौरान वह उनका समर्थन करता रहा है। बिशप एजरा को हिंदुओं से गहरी नफरत के लिए भी जाना जाता है।

2019 में, एजरा सरगुनम को हिंदुओं के खिलाफ अभद्र भाषा कहते हुए पाया गया था, जब उन्होंने कहा था कि हिंदू धर्म नाम का कोई धर्म ही नहीं था। एजरा ने आगे कहा, “उनके (हिंदुओं) चेहरे पर थप्पड़ लगाओ, उनका खून बहने दो। फिर उन्हें सच्चाई (ईसाई धर्म) जानने दो।”

ईसाई मिशनरी एजरा के अनुसार, “उस समय ब्राह्मणों के एक समूह ने कहा था कि वे अनुसूचित जाति और आदिवासी लोगों को हिंदू के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे। वे केवल एक ‘अच्छे ब्राह्मण’ को ही एक हिंदू के रूप में स्वीकार करेंगे।”

उसने यह भी दावा किया कि इन ब्राह्मणों ने देश की 50% आबादी को हिंदू के रूप में वर्गीकृत किया है। चुनावों में ‘हिंदू राष्ट्रवाद’ के नए उदय का उल्लेख करते हुए बिशप ने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि सभी लोग राजनीतिक लाभ के लिए ‘हिंदूकृत’ थे। ईसाई प्रचारक ने कहा कि हिंदू धर्म एक ‘कृत्रिम धर्म’ है।

रेप करने के लिए 6 साल की मासूम को छत पर ले गया इरशाद, चिल्लाई तो गला दबाकर नीचे फेंका

कोलकाता से एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। नशे में धुत इरशाद माली रेप के इरादे से 6 साल की मासूम बच्ची को छत पर ले गया। फिर पकड़े जाने के डर से गला दबाकर बच्ची को छत से नीचे फेंक दिया। बच्ची की हालत नाजुक बताई जा रही है। आरोपित इरशाद को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटना कोलकाता के राजा बागान थाना क्षेत्र के कानखुली इलाके की है। बच्ची अपने मामा के घर अपने अन्य दोस्तों के साथ लुका-छुपी खेल रही थी। इसी दौरान बगल की छत पर बैठे इरशाद की नजर उस पर पड़ी। आरोपित इरशाद अपनी छत से नीचे उतर कर 6 साल की बच्ची को बहलाने-फुसलाने में लग गया। उसने मासूम को कहा कि वह छुपने की एक अच्छी जगह जानता है, जहाँ कोई भी उसे ढूँढ़ नहीं सकता। बच्ची उसकी बातों में आ गई।

इरशाद माली उसे लेकर छत पर चला गया और यौन शोषण करने लगा। इसी दौरान बच्ची को ढूँढते हुए उसके मामा ने आवाज लगाई जिसे सुन बच्ची भी चीखने-चिल्लाने लगी। बच्ची के चिल्लाते ही आरोपित सहम गया और चुप कराने के लिए उसका गला दबा दिया। बच्ची बेहोश हो गई तो इरशाद को लगा कि वह मर गई है। फिर उसने बच्ची को छत से नीचे फेंक दिया। खून से लथपथ बच्ची को तत्काल अस्पताल ले जाया गया। पुलिस जाँच में एक महिला ने शराब में धुत इरशाद के बारे में जानकारी दी जिसे उसने छत से जल्दी-जल्दी नीचे उतरते देखा था। पूछताछ के दौरान इरशाद ने बच्ची के साथ दुष्कर्म और जान से मारने की कोशिश करने की बात स्वीकार ली।

‘बांग्लादेश से घुसपैठ रोकेंगे, राजनीतिक हत्याएँ बंद होंगी’: मेगा रोड शो में अमित शाह ने बंगाल से कहा- BJP को 1 मौका दीजिए

अपने 2 दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे के क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (दिसंबर 20, 2020) को बीरभूम के बोलपुर में 1 किलोमीटर के विशाल रोड शो में हिस्सा लिया, जिसमें हजारों कार्यकर्ताओं और आम लोगों की भीड़ जुटी। उससे पहले उन्होंने स्थानीय हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की। स्टेडियम रोड से बोलपुर चौराहा तक चले इस रोड शो के दौरान भीड़ ‘जय श्री राम’ का नारा भी लगाती रही।

अमित शाह ने कहा कि गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर का तेज अभी भी यहाँ पर है और बंगाल के खोए हुए गौरव को पुनर्स्थापित करने के गुरुदेव के सपनों को पूरा करने के लिए भाजपा पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बीरभूम का महत्व इसीलिए भी है क्योंकि यहाँ 2 लोकसभा सीटें हैं और पश्चिम बंगाल के 294 विधानसभा सीटों में से 11 यहाँ पर हैं। ऐसे में यहाँ पार्टी ज्यादा मेहनत कर रही है।

अमित शाह ने इस दौरान कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में इस तरह का रोड शो नहीं देखा है और ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति बंगाल का प्यार दिखाने के साथ-साथ दीदी को लेकर उनका विरोध भी दिखाता है। उन्होंने कहा कि ये बदलाव विकास के लिए होगा और न सिर्फ बांग्लादेश से घुसपैठ रोकेंगे, बल्कि राजनीतिक हत्याएँ भी बंद होंगी। उन्होंने बताया कि जहाँ भी भाजपा सत्ता में है, उस राज्य में विकास हुआ है।

शाह ने दावा किया कि बंगाल विकास के रास्ते से भटक चुका है। उन्होंने बंगाल की जनता से कहा कि आपने कॉन्ग्रेस को मौका दिया, कम्युनिस्टों को मौका दिया, TMC को मौका दिया है। साथ ही आग्रह किया कि एक बार भाजपा को मौका दीजिए, हम 5 साल में सोनार बांग्ला बना कर रहेंगे।

2016 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कॉन्ग्रेस ने बीरभूम के 11 सीटों में से 9 पर जीत दर्ज की थी। अमित शाह के यहाँ रोड शो करने से पार्टी को यहाँ आशा दिख रही है। यहाँ तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसद रहे अनुपम हाजरा अब भाजपा में हैं, ऐसे में समीकरण बदल रहे हैं।

अमित शाह ने कहा कि उन्हें आज एक ऐसे महान व्यक्ति को श्रद्धांजलि देने का अवसर मिला, जिन्होंने दुनिया में भारतीय ज्ञान, साहित्य, दर्शन और कला को लोकप्रिय बनाया है। उन्होंने कहा कि गाँधी और बोस, दोनों ही उनसे प्रेरित थे। उन्होंने कहा कि जहाँ एक ओर, रवींद्रनाथ ने विश्व-भारती और शांति निकेतन के माध्यम से भारतीय संस्कृति, कला और दर्शन को बढ़ावा दिया। दूसरी ओर, दुनिया की विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों को भारतीय परंपराओं से जोड़ा गया है। उन्हें नोबेल से पहचान नहीं मिली, नोबेल को उनसे पहचान मिली।

इससे पहले उन्होंने शांति निकेतन पहुँच गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि दी। वे कोलकाता के विस्टीन होटल से बीरभूम के लिए निकले, जहाँ शांति निकेतन के विश्व भारती विश्वविद्यालय का उन्होंने दौरा किया। इसके बाद वे रवींद्र भवन पहुँचे, जहाँ टैगोर को श्रद्धांजलि देने के बाद संगीत भवन के लिए रवाना हुए। विश्व भारती विश्वविद्यालय में उन्होंने पारम्परिक बंगाली ‘बाउल’ संगीत को सुना और कलाकारों की प्रस्तुति का भी आनंद लिया।

काबुल में कार बम धमाका: 9 लोगों की मौत, सांसद मोहम्मद वारदाक की हालत गंभीर

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में आतंकियों ने एक साथ कई कारों में बम धमाका किया। इन विस्फोटों में अब तक 9 लोगों की मौत हो गई है। घायलों की संख्या 20 से ज्यादा बताई जा रही है।

विस्फोट इतना भयंकर था कि आस-पास की बिल्डिंग की खिड़कियों में लगे काँच टूट कर बिखर गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सासंद मोहम्मद वारदाक को इस हमले में निशाना बनाया गया था। उनकी हालत गंभीर है, जबकि उनके कई सुरक्षाकर्मियों की इस हमले में मौत हो गई।

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति ने अशरफ गनी ने इस आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा, “आम लोगों पर आतंकी हमले से शांति के प्रयासों को धक्का लगा है।”

अफगानिस्तान में आंतरिक मामलों के मंत्री मसूद अंदाराबी ने इन कार बम धमाके की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अब तक 9 लोगों की मौत हो गई जबकि 20 अन्य घायल हैं।

अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि कार बम से हुए आतंकी धमाके में बच्चे, महिलाएँ और बुजुर्ग समेत 20 लोग घायल हुए हैं। विस्फोट से आस-पास के घरों को गंभीर नुकसान भी पहुँचा है।