Home Blog Page 4229

‘गटर वाली बात’ पर सना खान ने की मुफ्ती अनस से निकाह, शौहर बोले- मैंने अल्लाह से माँगी थी दुआ…

इस्लाम की खातिर फिल्मी दुनिया से दूर हो चुकी सना खान ने पहली बार अपने निक़ाह और शौहर मुफ्ती अनस सैयद को लेकर खुलकर बात की है। सना खान का कहना है कि उन्होंने अनस से निकाह फैसला रातों-रात नहीं किया। उन जैसा इंसान पाने के लिए उन्होंने कई सालों इबादत की है।

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में सना खान ने अनस से एक मुलाकात के दौरान हुई बातचीत का हवाला देते हुए कहा, “उन्होंने मुझसे कहा था कि अगर कोई चीज गटर में गिर गई हो तो उसके ऊपर आप 10 बाल्टी पानी भी डाल दो, वो साफ नहीं होती। लेकिन आप उसे गटर से बाहर निकालकर एक गिलास पानी डाल दो तो वह साफ हो जाती है। उनकी इस बात ने मुझे काफी प्रभावित किया था।”

अपनी निकाह को लेकर सना ने कहा, “अनस के अंदर जो चीज मुझे सबसे अच्छी लगती है वो ये है कि अनस शरीफ हैं। उनके अंदर हया है। वो जजमेंटल नहीं हैं।” उन्होंने कहा, “ये कोई जल्दबाजी का निर्णय नहीं था। ऐसे इंसान को पाने के लिए मैंने सालों इबादत की है।”

वहीं सना को लेकर उनके शौहर मुफ्ती अनस ने TOI के इंटरव्यू में बताया, “उन्होंने (सना) लगभग 6 महीने पहले इंस्टाग्राम पर ऐलान किया था कि उन्होंने हिजाब ले लिया है। लोगों को लगा कि यह पैनडेमिक और काम ना मिलने की वजह से है, लेकिन वो हमेशा खुद को इन सबसे दूर करना चाहती थी। मैं चाहता था कि वो इसे थोड़ा वक्त दें और इस बारे में सोचे लेकिन वो निर्णय कर चुकी थी। असल में मुझे भी झटका लगा था जब उन्होंने कहा कि वह इंडस्ट्री छोड़ रही हैं।”

उन्होंने आगे कहा, ”मैंने अल्लाह से दुआ माँगी थी कि मुझे सना से शादी करनी है और उसने मेरी सुन ली। मुझे लगता है कि मैं इतना खुश ना होता अगर मैंने किसी और से शादी की होती। सना घमंडी नहीं है। वो अच्छी हैं, माफ करने वाली हैं और उनका दिल साफ है।”

मौलाना ने सना की तारीफ में आगे कहा, ”मैं हमेशा से एक ऐसे लड़की की साथ रहना चाहता था जो मुझे पूरा करे। लोग मुझसे पूछते हैं कि मेरी शादी आखिर एक एक्ट्रेस से कैसे हो गई, लेकिन ये छोटी सोच के लोग हैं। यह मेरी जिंदगी है और किसी को उस पर कुछ बोलने का हक नहीं है। लोग यह सोचने के लिए आजाद हैं कि हम मिसमैचड जोड़ी हैं, लेकिन सिर्फ हम जानते हैं कि हम एक-दूसरे के लिए ठीक हैं।”

रुबिका लियाकत ने AAP के संजय सिंह को बताया कि वो किसकी गोद में बैठा है

नए कृषि कानून को लेकर एक ओर जहाँ किसान धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर, समाचार चैनलों पर भी इस विषय को लेकर बहस का माहौल बना हुआ है। विपक्षी राजनीतिक दल भी इसे केंद्र सरकार पर हमलावर होने का एक और बहाना बनाकर भुनाने का प्रयास कर रहे हैं।

इसी क्रम में समाचार चैनल एबीपी न्यूज़ पर शुक्रवार (दिसंबर 18, 2020) शाम पाँच बजे कृषि कानूनों को लेकर चल रही बहस में आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह और न्यूज़ चैनल की पत्रकार रुबिका लियाकत के बीच बहस तनातनी में बदल गई। बहस के बीच संजय सिंह का चेहरा तब देखने लायक हो गया जब टीवी एंकर ने साक्ष्य पेश कर बता दिया कि AAP नेता किसकी गोद में बैठे हैं।

आज शाम के इस शो का शीर्षक था- “मोदी के किसान सम्मेलन से दूर होगा ‘कन्फ्यूजन’?” बहस के दौरान रुबिका लियाकत ने AAP नेता संजय सिंह को जमकर लताड़ लगा दी और ऐसा सवाल पूछ लिया जिसका संजय सिंह के पास कोई जवाब नहीं था।

ट्विटर पर मिहिर झा ने इस शो की एक क्लिप ट्वीट करते हुए लिखा है, “ये आपिया @SanjayAzadSln उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी से लड़ने की बात करता है; इसे तो महिला पत्रकार @RubikaLiyaquat ने ही पटक पटक के धो दिया।”

दरअसल न्यूज़ चैनल की एंकर रुबिका लियाकत ने कृषि कानूनों को काला कानून बता रहे AAP नेता संजय सिंह से पूछा कि जब कृषि कानून किसान विरोधी है तो फिर दिल्ली की अरविन्द केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में नवंबर 23, 2020 को नोटिफाई कर लागू क्यों किया? ये सवाल सुनते ही AAP नेता संजय सिंह बौखला गए और टीवी एंकर को जवाब देने के बजाय आक्रामक हो गए और उल्टा सवाल पूछने लगे कि क्या आप मोदी की पैरवी में बैठी हैं?

रुबिका लियाकत ने फिरसे सवाल किया कि अगर यह काला कानून था तो फिर आखिर आम आदमी पार्टी ने इसे नोटिफाई क्यों किया? इस पर संजय सिंह टीवी एंकर को धमकाते हुए मोदी और अडानी तक का नाम बहस के बीच लेने लगे और ABP न्यूज़ चैनल को बिकाऊ कहने लगे।

संजय सिंह ने रुबिका लियाकत पर आरोप लगाया कि वो मोदी के लिए काम कर रही हैं, मोदी का चैनल चला रही हैं और अडानी के साथ मिली हुई हैं। यही नहीं, AAP नेता ने यहाँ तक कह दिया कि वो अडानी के गुलामों के पक्ष में बोल रही हैं। इस पर रुबिका ने कहा कि इससे उन्हें क्यों परेशानी हो रही है?

इतना सुनने के बाद रुबिका लियाकत ने भी संजय सिंह के ही अंदाज में उन्हें जवाब देते हुए कहा कि खबरदार अगर मेरे चैनल को बिका हुआ कहा। रुबिका लियाकत ने कहा, “आप मेरे चैनल पर आए हैं और इज्जत के साथ अपनी बात को रखिए। यहाँ पर बैठकर मुझे ज्ञान मत दीजिए। आप जिनकी गुलामी कर रहे हैं उनकी बात करिए, मैं देश की गुलामी कर रही हूँ, हिंदुस्तान की गुलामी कर रही हूँ।”

इसके बाद रुबिका लियाकत ने अपने मोबाइल स्क्रीन पर आम आदमी पार्टी का पोस्टर दिखते हुए कहा कि इसे देखिए। आम आदमी पार्टी के ट्विटर अकाउंट पर पोस्ट की गई इस पोस्टर में अरविन्द केजरीवाल की तस्वीर लगी नजर आ रही है और इस पर लिखा था, “पंजाब AAP दे नाल। कृषि क्षेत्र को प्रभावी बनाने के लिए प्राइवेट इन्वेस्टमेंट।” दरअसल, यह पोस्टर वर्ष 2016 में आम आदमी पार्टी द्वारा शेयर किया गया था।

रुबिका लियाकत ने हमलावर होते हुए कहा, “अडानी की वकालत कौन कर रहा था? क्या आम आदमी पार्टी रुबिका लियाकत है? किसकी गोद में बैठ गए आप? किसकी गुलामी करने लगे आप?”

ABP न्यूज़ की एंकर ने कटाक्ष करते हुए संजय सिंह से ही सवाल किया कि ये क्या लिखा हुआ है? उन्होंने AAP नेता से कहा कि अगर गलत किया है तो बताना चाहिए कि झूठ बोलना तो आपकी आदत है।

भदोही में MLA विजय मिश्रा का अवैध निर्माण ध्वस्त, जानिए बाहुबलियों के साम्राज्य पर कब-कब चला योगी का बुलडोजर

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की सरकार माफियाओं के अवैध निर्माण पर लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार (18 दिसंबर, 2020) को प्रशासन ने बाहुबली विधायक विजय मिश्रा की भदोही के ऊँज थाना क्षेत्र के नवधन में ग्राम समाज की जमीन पर बनी बाउंड्री को ध्वस्त कर दिया। करीब ढाई बीघे अतिरिक्त जमीन पर विधायक ने बाउंड्री बनाई थी, जिसकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है।

विधायक विजय मिश्रा ने नवधान में कुछ समय पहले जमीन खरीदी थी। बाद में बगल की जमीन पर भी कब्जा कर लिया। भदोही विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी की शिकायत पर राजस्व विभाग ने जाँच कराई तो 0.600 हेक्टेयर रकबे पर विधायक का कब्जा पाया गया। जिसे खाली कराने के लिए मामला तहसील तक पहुँचा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तहसीलदार न्यायालय से इस मामले में बेदखली का आदेश जारी किया। इसके बाद जिलाधिकारी न्यायालय में भी विधायक की अपील को खारिज कर दिया गया। प्रशासन के आदेश के बाद अब अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया गया है। ज्ञानपुर के एसडीएम, तहसीलदार और भारी फोर्स की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण का कार्य किया गया। यही नहीं विधायक पर पाँच लाख रुपए की क्षतिपूर्ति भी लगाई गई है।

फिलहाल विधायक विजय मिश्रा रिश्तेदार से संपत्ति विवाद में आगरा जेल में बंद हैं। इससे पहले योगी सरकार की कार्रवाईयों से सहमे मिश्रा ने प्रयागराज स्थित अपने अवैध शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर खुद ही हथौड़ा चलवा दिया था। मिश्रा की प्रयागराज शहर के अल्लाहपुर इलाके में पुलिस चौकी के ठीक सामने चार मंजिला इमारत बनी थी।

बिल्डिंग का विकास प्राधिकरण से सिर्फ दो मंजिल का ही नक्शा पास था, जबकि विधायक ने ऊपर की दो मंजिल अवैध तरीके से बनवाई थी। राज्य सरकार की कुर्की से सहमे विधायक ने बिल्डिंग को पूरी तरह से ध्वस्त होने से बचाने के लिए खुद ही ऊपरी दो मंजिल को तोड़ने का ठेका दे दिया था।

गौरतलब है बाहुबलियों, भूमाफियाओं, गैंगस्टरों के खिलाफ योगी सरकार का ताबड़तोड़ एक्शन लगातार जारी है। कुछ हालिया कार्रवाइयों का ब्यौरा नीचे है;

  • 17 दिसंबर 2020 को रायबरेली के लखनऊ-प्रयागराज NH-30 स्थित सिविल लाइन चौराहा के बहुचर्चित करोड़ों की फर्जी कमला नेहरू ट्रस्ट पर बुलडोजर चला था।
  • 9 दिसंबर 2020 को प्रयागराज प्रशासन ने पूर्व सांसद अतीक अहमद गैंग के शॉर्प शूटर मुबारक खान के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए उसके 2 अवैध इमारतों को जमींदोज कर दिया था।
  • 19 नवंबर 2020 को मुजफ्फरनगर में प्रशासन ने वन विभाग की जमीन पर कब्जा किए हुए पीर खुशहाल के अवैध चिल्लागाह पर बुलडोजर चला कर उसे ध्वस्त कर दिया था।
  • 17 नवंबर 2020 को पूर्व सांसद अतीक अहमद के साढ़ू इमरान जई की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलाया गया था।
  • 1 नवंबर 2020 को गाजीपुर में ‘मुख़्तार अंसारी का ताजमहल’ कहे जाने वाले गजल होटल को ध्वस्त कर दिया गया था।
  • 5 नवंबर 2020 माफिया मुख्तार अंसारी गैंग के मेराज़ और ईसा खान की गैर कानूनी इमारतों पर बुलडोज़र चलाया गया था।
  • 18 अक्टूबर 2020 को पूर्व सांसद अतीक अहमद के करीबी जुल्फिकार उर्फ तोता के तीन मंजिला अवैध मकान को धूमनगंज में पीडीए ने ध्वस्त कर दिया था। इस मकान की कीमत करोड़ो में थी।

मोहम्मद शारिक और मुनीर अहमद के सऊदी अरब के आतंकियों से लिंक: मंगलुरु की दीवारों पर लिखा था- लश्कर जिंदाबाद

मंगलुरु ग्राफिटी मामले में पुलिस ने गुरुवार (17 दिसंबर, 2020) को एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने बताया कि मामले के आरोपितों के सऊदी अरब के आतंकवादियों से संपर्क थे। पब्लिक टीवी रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने कहा कि आरोपित लगातार आतंकियों के साथ संपर्क में थे और उन्होंने शहर में लश्कर-ए-तैयबा और तालिबान जैसे इस्लामी आतंकवादी संगठनों के समर्थन में दीवारों पर ग्राफिटी बनाई थी।

मंगलुरु के पुलिस आयुक्त विकास कुमार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आरोपित एक बड़े रैकेट का हिस्सा थे, जिसे सऊदी अरब में बैठे आतंकवादियों द्वारा नियंत्रित किया जाता था। उन्होंने कहा कि अब तक की जाँच में पता चला है कि मजहबी कट्टरता में लिप्त आरोपितों को इस काम के लिए प्रेरित किया गया था। पुलिस अब सऊदी अरब में उन लोगों के आतंकवादी कनेक्शन की पड़ताल कर रही है और इसी संबंध में लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य आरोपित मोहम्मद शारिक और मुनीर अहमद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से कई कट्टरपंथी इस्लामी संगठनों के संपर्क में थे। इसके अलावा दोनों एक ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप का हिस्सा थे, जिसमें इस तरह के अपराधों की योजना पर चर्चा की गई थी। पुलिस ने ग्रुप से जुड़े बाकी सदस्यों का भी पता लगाया है, जिनमें से अधिकांश भारत के हैं। पुलिस इनकी डिटेल खँगालने में जुटी है।

जाँच में पता चला है कि आरोपित इन व्हाट्सएप ग्रुपों में जानकारी इकठ्ठा करने के लिए जुड़े थे। वहीं इंवेस्टिगेटिंग टीम से मोहम्मद शारिक के रिश्तेदारों में से एक सआदत ने मामले के संबंध में एक अहम जानकारी का खुलासा किया है।

कथित तौर पर, आरोपित इस्लामी साहित्य पढ़ते थे। जिसके चलते उन्हें इस तरह के काम को करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने उनके घरों से कई किताबें बरामद की, जिससे उनको उकसाया जाता था। जाँच में यह भी पता चला कि शहर में इस तरह के घृणा से भरे ग्राफिटी को बनाने में कट्टरपंथी इस्लामी संगठन के स्लीपर सेल का हाथ था।

इस बीच मंगलवार (15 दिसंबर, 2020) को मामले के तीसरे आरोपित सआदत को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। साथ ही यह बात भी सामने आई है कि शारिक कथित रूप से इन कट्टरपंथी इस्लामी गतिविधियों फंडिंग करता था और उसके साथी उसे आतंकवादी’ के रूप में संदर्भित करते थे।

वहीं अन्य दो आरोपित मोहम्मद शारिक और मुनीर अहमद को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा क्योंकि उनकी पुलिस हिरासत की अवधि उसी दिन समाप्त हो जाएगी। गौरतलब है कि मंगलुरु में 28 नवंबर को पुलिस चौकी की दीवार पर एक ग्राफिटी देखी गई थी। इसमें लिखा था, “गुस्ताख़-ए-रसूल की एक ही सज़ा, सर तन से जुदा।”

इसके अलावा इससे पहले एक अपार्टमेंट की दीवार पर लिखा गया था, “हमें इस बात के लिए मजबूर नहीं किया जाए कि हमें संघियों और मनुवादियों का सामना करने के लिए लश्कर-ए-तैय्यबा और तालिबान की मदद लेनी पड़े।” आगे लश्कर के समर्थन में लिखा था, “‘लश्कर जिंदाबाद।”

ऑपइंडिया ने इस संबंध में पुलिस से बात की थी। पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा था कि पहली ग्राफिटी मंगलुरु के सर्किट रोड स्थित अपार्टमेंट पर बनाई गई। इसके बाद कदरी पुलिस थाने ने इस प्रकरण के संबंध में मामला दर्ज किया गया था। मंगलुरु पुलिस ने मोहम्मद शारिक और मुनीर अहमद नाम के दो अपराधियों को गिरफ्तार किया था। जिन्होंने पिछले सप्ताह शहर के विभिन्न हिस्सों में लश्कर-ए-तैयबा और तालिबान जैसे इस्लामी आतंकवादी संगठनों के समर्थन में ग्राफिटी बनाया था।

नशे में मर्सिडीज चला रहे 19 साल के तैफ़ूर शेख ने Zomato के डिलीवरी बॉय को रौंदा, मौत

मुंबई में एक मर्सिडीज कार की चपेट में आने से एक 21 साल के युवक की मौत हो गई। हादसे में जान गँवाने वाला युवक की पहचान सतीश परसलाल गुप्ता के रूप में हुई, जो कि एक फ़ूड डिलीवरी बॉय था और ऑनलाइन फ़ूड डिलीवरी ऐप ज़ोमैटो (Zomato) के लिए काम करता था।

शुक्रवार (दिसंबर 18, 2020) को फूड (Zomato) डिलीवरी बॉय सतीश पारसनाथ गुप्ता को अंधेरी स्थित लोखंडवाला इलाके में एक तेज रफ्तार से आ रही मर्सिडीज़ कार ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद युवक को कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना अंधेरी (डब्ल्यू) के लोखंडवाला के पास शुक्रवार की रात 2.30am पर हुई। सतीश गुप्ता ओशिवारा में एक ग्राहक को एक फ़ूड पैकेज देने के लिए जा रहे थे, तभी एक तेज रफ्तार से आ रही मर्सिडीज कार ने सतीश की स्कूटी को टक्कर मारी और उन्हें गिरा दिया।

इस मामले में अब ओशिवारा पुलिस ने कार चालक तैफुर तनवीर शेख (19) को हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि शेख एक विद्यार्थी है और एक कार को ओवरटेक करते समय उसकी कार की गति नियंत्रण से बाहर हो गई और सतीश के दोपहिया वाहन से जा टकराई।

ऐसे में अंधेरी (डब्ल्यू) निवासी सतीश गुप्ता कार के पहियों में फंस गए और कार के साथसड़क पर घसीटते चले गए। जब मर्सिडीज चालक तैफ़ूर शेख की कार रुकी, तो कार में बैठे लोगों ने सतीश को निकला और उन्हें एक ऑटो रिक्शा में अस्पताल ले गए, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

ओशीपुर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक दयानंद बाँगर के अनुसार, “कार 19 वर्षीय तैफूर शेख चला रहा था, जिसे जब्त कर लिया गया और आरोपित तैफ़ूर शेख को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक जाँच में पता चला है कि जब शेख कार चला रहा था तब उसका दोस्त उसके साथ था। अचानक कार पर शेख का नियंत्रण नहीं रहा और वह गुप्ता की स्कूटी से जा टकराई।”

पुलिस ने मौके पर पहुँचकर तैफ़ूर शेख को हिरासत में ले लिया, जिसके बाद उसे मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया गया। इसके बाद शेख को गिरफ्तार किया गया और भारतीय दंड संहिता और मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसमें लापरवाही और नशे में वाहन चलाने के कारण मौत का मामला दर्ज किया गया है।

‘हिंदू अपनी संपत्ति छोड़ शहर से बाहर जाएँ’: हिंदू लड़के को पीटती इस्लामी भीड़ और कारोबारियों पर फायरिंग, सिंध की घटना

पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता राहत ऑस्टिन (Rahat Austin) ने शुक्रवार (18 दिसंबर 2020) को सिंध के उमरकोट का एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में मुस्लिम भीड़ एक हिन्दू लड़के को बुरी तरह पीटती हुई नज़र आ रही है। वीडियो में देखा जा सकता है कि गुस्साई भीड़ में शामिल लोग हिन्दू लड़के का बाल पकड़ कर उसे लगातार थप्पड़ मार रहे हैं। एक हमलावर ने लड़के का हाथ उसकी जैकेट से बाँध रखा है और अन्य उसका सिर झुका कर उसे बुरी तरह पीटते हैं। 

राहत ऑस्टिन ने अपने ट्वीट में लिखा है, “पाकिस्तान, सिंध के उमरकोट में कई मुस्लिम एक हिन्दू लड़के को पीट रहे हैं। बीते दिन ठीक इसी क्षेत्र में हिन्दुओं की दुकानों पर हमला किया गया था, इस घटना में 3 हिन्दू व्यापारियों को गोली भी लगी थी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। यहाँ पर हालात बदतर होते जा रहे हैं, मुस्लिम चाहते हैं कि यहाँ रहने वाले हिंदू अपनी सम्पत्ति छोड़ इस शहर से बाहर चले जाएँ।” 

राहत ऑस्टिन ने एक और वीडियो साझा किया था जो कि सिंध के मुस्लिम आबादी वाले आयशा मार्केट क्षेत्र का था। इसमें इस्लामी भीड़ 3 हिन्दू व्यापारियों पर हमला करती है। इन तीनों व्यापारियों का नाम राजा मल्ही, आनंद और अशोक माली है, यह तीनों गोली लगने की वजह से घायल हुए थे। 

गैर मुस्लिमों की सम्पत्ति पर किए गए इस्लामी अतिक्रमण का उल्लेख करते हुए राहत ऑस्टिन ने लिखा, “पाकिस्तान के अधिकांश लोग गैर मुस्लिम समुदाय के लोगों की सम्पत्ति को खैरात का माल समझते हैं, इसलिए वह अक्सर इसे हड़पने का प्रयास करते हैं।” 

सिंध में रहने वाले हिन्दुओं के घरों पर इस्लामी हमले 

राहत ऑस्टिन ने इस बात की जानकारी सोमवार को दी थी कि पाकिस्तान के सिंध में इस्लामवादी भील समुदाय के हिन्दुओं के घरों पर हमला करते हैं। पाकिस्तान में भील समुदाय सामाजिक और आर्थिक रूप से काफी पिछड़ा हुआ माना जाता है। क्षेत्र में रहने वाले मोहम्मद असलम ने कई अन्य लोगों के साथ वहाँ के हिन्दुओं पर अत्याचार किया और उन्हें शहर छोड़ने के लिए मजबूर भी किया। प्रताड़ित हिन्दू अब अपने घर वापस लौटने से भी डरते हैं। उन्होंने बदिन, पाकिस्तान के सेशन जज और एसएसपी पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है।

हाथरस केस: CBI ने आखिरी बयान को बनाया आधार, चार्जशीट में 4 मर्डर और रेप के आरोपित

हाथरस मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने 22 सितंबर को पीड़िता द्वारा दिए गए अंतिम बयान के आधार पर चार आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया है। बता दे, 14 सितंबर को कथित तौर पर 19 वर्षीय युवती के साथ आरोपितों ने सामूहिक बलात्कार किया था।

आरोपितों के वकील मुन्ना सिंह पुंढीर ने बताया कि सीबीआई मृतका के भाई को फोरेंसिक साइकोलॉजिकल टेस्ट के लिए गुजरात लेकर जाएगी।

विपक्षी नेताओं और मीडिया द्वारा मामले में राज्य सरकार को बदनाम करने वाली मंशा को देखते हुए यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले की सीबीआई जाँच की सिफारिश की थी। घटना के तूल पकड़ते ही कॉन्ग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता, भीम आर्मी और इस्लामवादी पीएफआई जैसे संगठनों ने निजी फायदे के लिए इस मामले का राजनीतिकरण करने का प्रयास किया था।

सीबीआई ने अपनी जाँच के दौरान जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों से मुलाकात की थी। जहाँ पीड़िता को कथित सामूहिक बलात्कार के बाद भर्ती किया गया था। वहीं स्कूल की मार्कशीट के आधार पर एक आरोपित नाबालिग भी पाया गया था।

गौरतलब है कि 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई। हालाँकि प्रारंभिक मेडिकल रिपोर्ट में बलात्कार के कोई संकेत नहीं मिले थे। पीड़िता के भाई द्वारा 14 सितंबर को थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में भी बलात्कार का कोई उल्लेख नहीं था। बलात्कार का पहला आरोप पीड़िता द्वारा 22 सितंबर को लगाया गया था।

मामले में सीबीआई की रिपोर्ट एक विशेष एससी/एसटी कोर्ट में दायर की गई है। CBI ने आरोपित बनाए गए चार लोगों के खिलाफ IPC की धारा 302, 354, 376 A और 376 D के तहत चार्जशीट फाइल की है।

OLX पर ₹7.5 करोड़ में PM मोदी का बनारस ऑफिस बेच रहे थे धंधेबाज, 4 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी स्थित कार्यालय की बिक्री का विज्ञापन लगाने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपित ने पीएम मोदी के कार्यालय के लिए 7.5 करोड़ रुपए की कीमत लगाई थी।

पुलिस ने कहा कि आरोपित, जिन्हें जवाहर नगर कॉलोनी से गिरफ्तार किया गया, ने ऑनलाइन सामान खरीद-बिक्री वाली वेबसाइट ओएलएक्स पर प्रधानमंत्री के वाराणसी कार्यालय की एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें कहा गया था कि परिसर बिक्री के लिए उपलब्ध है।

इस मामले में पुलिस की ओर से बयान भी जारी किया गया है। वाराणसी पुलिस द्वारा अपने ट्विटर हैंडल पर इस से सम्बंधित बयान जारी किया गया। पुलिस का कहना है कि जिस व्यक्ति ने कार्यालय की तस्वीर क्लिक कर OLX पर डाला, उसके अलावा तीन अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। इनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और आगे की जाँच जारी है। 

यह मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद OLX से विज्ञापन हटा दिया गया जिसके बाद एक प्राथमिकी दर्ज की गई। ओएलएक्स पर डाले गए इस विज्ञापन में कहा गया था कि वाराणसी के रवींद्रपुरी इलाके में पीएम का संसदीय कार्यालय बिक्री के लिए उपलब्ध है। पीएम मोदी का ये कार्यालय वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र के जवाहर नगर एक्सटेंशन में है।

विज्ञापन में इस परिसर को चार कमरे और चार बाथरूम के साथ एक विला के रूप में दिखाया गया था। वेबसाइट पर विक्रेता का नाम लक्ष्मीकांत ओझा लिखा था। लेकिन यह पूरा मामला फर्जी नाम से कुछ शरारती तत्वों द्वारा ही किया गया। OLX पर इस पोस्ट में कार्यालय का पता कृष्ण देव नगर बताया गया था, जबकि पीएम मोदी का संसदीय कार्यालय वाराणसी के गुरुधाम कॉलोनी में है।

गौरतलब है कि वाराणसी पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र है, जहाँ से वर्ष 2014 और साथ ही वर्ष 2019 के आम चुनाव में पीएम मोदी लोकसभा के लिए चुने गए।

BJP-आरएसएस ऑफिस पर हमला, कैंडिडेट और नेताओं के बच्चों के घर भी बने निशाना: केरल में CPIM की गुंडई

केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में जीत हासिल करने के बाद कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया-मार्क्सिस्ट (सीपीआईएम) के कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हथियारबंद होकर हमला कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ सीपीआईएम के अराजक तत्वों ने केरल, कसरगोद जिले स्थित कंजनगाडू क्षेत्र के भाजपा कार्यालय में हमले की यह घटना अंजाम दी थी। इसी तरह के हमलों की घटना अपट्टी और पुथियाकोट्टा में अंजाम दी गई थी।

सीपीआईएम कार्यकर्ताओं ने अराई कार्तिका और अराई पलक्कल में भाजपा कार्यालय पर हमला किया। तोड़फोड़ की इस घटना के दौरान खिड़कियों के शीशे और दरवाज़े तोड़े गए और कार्यालय में रखी चीज़ों को भी नुकसान पहुँचाया गया। घटना के वक्त दो भाजपा कार्यकर्ता कार्यालय के भीतर मौजूद थे, सीपीआईएम के गुंडों ने उनके साथ मारपीट की। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ भाजपा नेता उमानाथ राव की बेटी के घर पर पथराव भी किया गया था। सीपीआईएम के गुंडे यहीं नहीं रुके, उन्होंने नेलिक्कट से भाजपा उम्मीदवार माधवन के घर पर पटाखे फेंके। जिसकी वजह से इस घटना में उनकी पत्नी को गंभीर चोटें आई। 

अलप्पी में आरएसएस कार्यालय पर हमला 

इसके पहले ख़बर आई थी कि बुधवार (16 दिसंबर 2020) को अलाप्पुज़ा के कार्तिकापल्ली स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय पर सीपीआईएम के कार्यकर्ताओं ने हमला किया था। पुलिस ने हमले की इस घटना के संबंध में 5 लोगों पर मामला दर्ज किया था। इस घटना की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई थी जिसमें साफ़ देखा जा सकता था कि किस तरह अराजक तत्व बेख़ौफ़ होकर कार्यालय में तोड़फोड़ कर रहे हैं।

टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के मुताबिक़ एक आरोपित दो पहिया वाहन से आया और उसने कार्यालय पर बम फेंका। घटना के बाद बरामद की गई फुटेज देख कर यह पता चलता है कि कार्यालय के बाहर आग लगाईं गई थी। केरल में इस तरह की घटनाएँ बेहद आम होती जा रही है, विशेष तौर पर मलप्पुरम के उत्तरी क्षेत्र में। इसके अलावा प्रदेश के अलाप्पुज़ा में इस तरह के हिंसक हमले की घटनाएँ अंजाम दी गई हैं। 

त्रिवेंद्रम कॉरपोरेशन और पलक्कड़ म्युनिसिपलिटी में 13.28 फ़ीसदी वोट हासिल करने और केरल में बीजेपी को राजनीतिक ज़मीन बनाते देख सीपीआईएम के गुंडों ने ये हमले किए हैं। भाजपा ने कई ऐसी सीटों पर भी जीत हासिल की है जो कम्युनिस्ट पार्टी का गढ़ मानी जाती रही हैं, इसमें कन्नूर और कसरगोद शामिल हैं। इस तरह की तमाम बातों की वजह से कम्युनिस्ट पार्टी के खेमे में काफी हलचल है।   

जानवरों की चर्बी, सींग, खुर और हड्डियों से बनाते थे घी: आगरा की फैक्ट्री सील, चाँद बाबू सहित 4 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश पुलिस ने आगरा के खंदौली क्षेत्र में नकली घी बनाने वाली फैक्ट्री का खुलासा किया। इस फैक्ट्री में जानवरों की चर्बी, सींग, हड्डियों और खुर को उबालकर घी बनाया जाता था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से लगभग 100 किलोग्राम से अधिक नकली घी बरामद किया। इसके अलावा पुलिस ने घटना के संबंध में कुल 4 लोगों को गिरफ्तार भी किया है जबकि दो अन्य मौके से भागने में सफल रहे। फ़िलहाल पुलिस ने इन सभी आरोपितों पर मामला दर्ज कर फैक्ट्री को सील कर दिया है। 

खाद्य सुरक्षा विभाग ने सूचना मिलने के बाद मंगलवार (15 दिसंबर 2020) को फैक्ट्री पर छापा मारा। छापेमारी की कार्रवाई के बाद विभाग ने बरामद किए गए 100 किलोग्राम घी का नमूना जाँच के लिए भेज दिया था। इस फैक्ट्री के नज़दीक स्थित बाड़े में अवैध बूचड़खाना भी चलाया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी त्रिभुवन सिंह की तहरीर के आधार पर कुल 6 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। 

मामले के आरोपितों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 272-273 (विक्रय के लिए खाद्य या पेय वस्तु का अपमिश्रण) और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 26 (असुरक्षित-संदूषित-अवमानक खाद्य) के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में फैक्ट्री संचालक चाँद बाबू, शेफी, इकबाल और ताहिर शामिल हैं। फ़िलहाल पुलिस घटना के दो अन्य फ़रार आरोपितों शल्लो और शोहिल की तलाश में जुटी हुई है।  

इस घटना पर थाना प्रभारी अरविन्द कुमार निर्वाल ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया, “मोहल्ला व्यापारियान में भैंस के सींग और जानवरों की चर्बी को आग में पिघला कर नकली घी बनाने का कारोबार चल रहा था। इसके अलावा मौके पर कई अन्य तरह के रासायनिक पदार्थ (chemicals) बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग चर्बी को घी में बदलने के लिए किया जाता था। पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि जानवरों की चर्बी से नकली घी बनाने का कारोबार पिछले काफी समय से चल रहा था।” 

यह लोग जानवरों की चर्बी को चूल्हे पर उबालकर इसमें तय मात्रा में वनस्पति और रिफाइंड मिलाते थे। इसकी खुशबू की वजह से यह एकदम असली घी लगता था और इसका उत्पादन इतने बड़े पैमाने पर होता था कि आस-पास के कई शहरों में भेजा जाता था। पूछताछ के दौरान आरोपितों ने बताया कि एक किलो घी तैयार करने में लगभग 23 रुपए का खर्च आता था। यह व्यापारियों को 60 रुपए/किलोग्राम में बेचा जाता था और व्यापारी यही घी 200 रुपए/किलोग्राम तक बेचते थे।