पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम के बेटे और कॉन्ग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम की रिपोर्ट कोरोना पॉजीटिव आई है। इसकी जानकारी खुद कार्ति ने ट्वीट करके दी है।
कार्ति ने लिखा, “मैं अभी कोरोना पॉजीटिव पाया गया हूँ। मुझे हल्के लक्षण हैं, जिसके बाद मैं होम क्वारंटाइन में हूँ। मैं उन सबसे मेडिकल प्रोटोकॉल फॉलो करने की अपील करता हूँ, जो हाल ही में मेरे संपर्क में आए हैं।”
I have just tested positive for #Covid. My symptoms are mild and as per medical advice I am under home quarantine. I would urge all those who have recently been in contact with me to follow medical protocol.
इससे पहले रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। फिलहाल दोनों की हालत स्थिर है। उन्हें डॉक्टरों की सलाह पर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान का भी पिछले सप्ताह की शुरुआत में कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया था।
देश में कोरोना वायरस का प्रकोप जारी है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार अबतक देश में कोरोना के कुल 17 लाख 50 हजार 724 मामले सामने आ गए हैं। इनमें से पाँच लाख 67 हजार 730 एक्टिव केस हैं, वहीं 11 लाख 45 हजार 630 मरीज ठीक हो गए हैं। 37 हजार 364 संक्रमितों की इस महामारी के चलते अब तक मौत हुई है। रिकवरी रेट 65.44 फीसद हो गई है और मृत्यु दर 2.13 फीसद है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार (अगस्त 3, 2020) को कोरोना पॉजिटिव पाए गए। उन्होंने खुद ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनकी तबीयत ठीक है, लेकिन डॉक्टर्स की सलाह पर मेदांता अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। इसके बाद से कट्टरपंथियों और ‘सेकुलर लिबरलों’ ने जश्न मनाना शुरू कर दिया।
इसमें पत्रकार तलवीन सिंह के बेटे आतिश तासीर भी शामिल थे। आतिश तासीर ने अपने ट्वीट में अमित शाह को ‘fat b**tard’ लिखा था। आतिश ने लिखा, “जिस तरह एक स्वतंत्र प्रेस के हमारे प्यार के लिए हमें @DailyMailUK का बचाव करने की आवश्यकता होती है, उसी तरह अब हमें इस fat b**tard (जिसने अपने जीवन में बुराई के अलावा कुछ नहीं किया है) के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करनी है।”
Every now and then @TheTweetOfGod stretches the limits of our our moral universe. Just as our love of a free press requires us to defend the @DailyMailUK, so now too we are called upon to wish this fat bastard (who has done nothing but evil in his life) a speedy recovery. https://t.co/warr3KdkFS
आतिश ने अपने ट्वीट में TheTweetOfGod को भी टैग किया है। बता दें कि TheTweetOfGod एक पैरोडी अकाउंट है, जो खुद को भगवान के रूप में प्रस्तुत करता है। यदि कोई इसे फॉलो करता है और उसका टाइमलाइन चेक करता है, तो वह किसी ऐसे प्रचारक से कम नहीं है जो बराबर जहर फैलाता रहता है।
आतिश तासीर, तवलीन सिंह और पूर्व पाकिस्तानी राजनेता सलमान तासीर की संतान हैं। आतिश का जन्म तवलीन और सलमान की शादी से पहले हुआ है। कैम्ब्रिज डिक्शनरी के अनुसार bas**rd का मतलब ऐसे इंसान से है, जिसका जन्म उसके माता-पिता की शादी से पहले हुआ हो।
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कई सोशल मीडिया यूजर्स ने तासीर को बताया कि गृह मंत्री के खिलाफ उनकी अभद्र नफरत उनके खुद के परवरिश और नफरत भरे दिमाग को प्रदर्शित कर रही है।
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गौरतलब है कि पिता के पाकिस्तानी होने के बावजूद तासीर ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) स्टेटस का लाभ उठा रहे थे। 7 नवंबर 2019 को आतिश तासीर का OCI कार्ड रद्द कर दिया गया था। कानून के अनुसार, यदि किसी के माता-पितामें से किसी का कोई पाकिस्तानी संबंध है, तो वह व्यक्ति ओसीआई के लिए पात्र नहीं है।
Home Ministry’s dismissal of fake claims in media
गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार, तासीर ओसीआई कार्ड के लिए अयोग्य हो गए हैं, क्योंकि ओसीआई कार्ड के लिए बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में वो असमर्थ रहे। उन्होंने अपने पिता के पाकिस्तानी होने की बात अधिकारियों व सरकारी रिकॉर्ड में छिपाई।
OCI कार्ड रद्द होने के बाद से आतिश और तवलीन प्रेस और लेख के माध्यम से लगातार जहर उगल रहे हैं। तासीर और तवलीन दोनों ने यह नैरेटिव फैलाया कि भारत सरकार ने ‘तासीर की नागरिकता’ छीन ली है और उसे ‘बाहर निकाल दिया है।’ जबकि सच यह है कि तासीर कभी भी भारतीय नागरिक नहीं थे। वे जन्म से ब्रिटेन के नागरिक और पाकिस्तानी मूल के व्यक्ति थे।
सरकार द्वारा आतिश के ओसीआई को रद्द किए जाने पर मीडिया हाउस द प्रिंट ने दावा किया था कि तासीर के टाइम मैगजीन में इस लेख के लिखने के बाद से ही उसके ओसीआई को रद्द किए जाने पर विचार किया जा रहा था। हालाँकि, विदेश मंत्रालय ने मीडिया हाउस द्वारा फैलाए जा रहे झूठ को पूरी तरह से नकार दिया। विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि द प्रिंट की रिपोर्टिंग पूरी तरह से गलत और तथ्यरहित है।
तवलीन सिंह और उनके बेटे ने लगातार एक नैरेटिव गढ़ा कि सरकार की OCI निरस्त करने की वजह से ‘तवलीन’ को विदेश यात्रा करने से और तासीर को भारत आने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है।
हालाँकि तासीर कभी भी भारत आ सकता है, वह सामान्य तरीके से वीजा के लिए आवेदन कर सकता है। इसी तरह, तवलीन को अपने बेटे से मिलने के लिए अमेरिका या ब्रिटेन जाने से कोई नहीं रोक सकता।
Sunil if you had been wrongly thrown out of your country you might find it hard to wish the man who did it well. What is more ‘uncouth’ and ‘uncivilised’ than exiling a writer because you didn’t like what he wrote? https://t.co/BBhURw4HCV
तवलीन सिंह ने भी अपने हिंदूफोबिक बेटे के ट्वीट का समर्थन किया। जब एक यूजर ने लिखा कि तासीर को एक व्यक्ति (भारत के गृह मंत्री) की बीमारी पर इस तरह के असभ्य भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, तो तवलीन ने एक बार फिर से उसी OCI को लेकर आतिश को देश से ‘निर्वासित’ करने का ढिंढोरा पीटा, जो कि सरासर झूठ है।
बता दें कि इससे पहले भारत सरकार द्वारा सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर 59 चाइनीज ऐप को बैन करने के फैसले के बाद तवलीन सिंह ने इसका मखौल उड़ाते हुए ट्विटर पर लिखा कि क्या इन ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने से चीनी सैनिक हमारे क्षेत्र से पीछे हट जाएँगे।
उन्होंने अपनी कुत्सित बुद्धि का परिचय देते हुए वीरगति को प्राप्त एक जवान की माँ के लिए अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया। तवलीन ने बलिदान हुए एक सैनिक की माँ मेघना गिरीश को बीजेपी ट्रोल तक कह दिया था।
अयोध्या में 5 अगस्त को होने वाले राम मंदिर भूमि पूजन की तैयारियाँ लगभग पूरी हो चुकी हैं। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की भूमिका इस पूरी प्रक्रिया में अहम है। ख़बरों के मुताबिक़ ट्रस्ट लोगों से दान और आर्थिक सहयोग भी लेने वाला है। चाहे वह राशि के तौर पर हो या किसी वस्तु का दान हो। इसके लिए कोई नियम नहीं होगा, श्रद्धालु अपनी-अपनी श्रद्धा से दान कर सकेंगे।
अभी तक राम मंदिर निर्माण के लिए धर्म गुरुओं समेत तमाम लोगों ने दान किया है। सभी ने ट्रस्ट के माध्यम से दान किया है। राम मंदिर दान के लिए ट्रस्ट ने एक वेबसाइट बनाई है। इसका लिंक नीचे है। यहाँ पर दान से जुड़ी सारी जानकारी मौजूद है,
इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से भी दान किया जा सकता है। भारतीय स्टेट बैंक ने इसका तरीका भी बताया है, जिसके मुताबिक़ श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम से दान कर सकते हैं। फिर उन्हें दान की ऑनलाइन रसीद भी मिल जाएगी। भले आपका कोई भी बैंक हो अथवा कोई भी बैंक का एटीएम कार्ड या क्रेडिट कार्ड हो, उसके द्वारा वांछित धनराशि दान की जा सकती है।
सबसे पहले कम्प्यूटर या मोबाइल पर जाकर onlinesbi.com पर लॉग इन करना होगा। इसके बाद स्टेट बैंक कलेक्ट (SB collect) का विकल्प चुनना होगा। इस पर क्लिक करते ही सामने आगे बढ़ने का विकल्प आएगा। इस पर क्लिक करने से पहले आपको शर्तों को मानने के बॉक्स पर क्लिक करना होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन में शामिल होंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी सुबह 11 बजे अयोध्या पहुँचेंगे। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजकर 10 मिनट तक अयोध्या में रहेंगे। 5 अगस्त को भूमि पूजन का कार्यक्रम सुबह 8 बजे शुरू होगा।
इस कार्यक्रम में कुल 200 लोग शिरकत करेंगे। कोरोना वायरस संक्रमण आपदा के बीच हो रहे इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में सोशल डिस्टेन्सिंग और सैनिटाइजेशन के नियमों का ध्यान रखा जाएगा। इस दिन को न्यूयॉर्क में भी यादगार बनाने के लिए के लिए कोशिशें की जा रही हैं। 5 अगस्त को न्यूयॉर्क की प्रतिष्ठित इमारत टाइम्स स्क्वायर पर भगवान राम की भव्य तस्वीर प्रदर्शित होगी। 17,000 वर्ग फीट वाली एलईडी स्क्रीन पर उनकी त्रिआयामी (थ्रीडी) चित्रों का प्रदर्शन किया जाएगा।
वकील प्रशांत भूषण ने सोमवार (3 अगस्त, 2020) को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के खिलाफ अपने ट्वीट को लेकर माफी माँग ली है। इसमें उन्होंने मुख्य न्यायाधीश के हेलमेट नहीं पहनने को लेकर सवाल किए थे।
प्रशांत भूषण ने माफी मॉंगते हुए कहा है कि वे इस बात पर ध्यान नहीं दे पाए कि सीजेआई जब बाइक पर बैठे थे तो वह स्टैंड पर खड़ी थी। इसके अलावा अवमानना नोटिस के जवाब में उन्होंने किसी अन्य मसले पर खेद नहीं जताया है।
29 जून को प्रशांत भूषण ने बाइक पर बैठे मुख्य न्यायाधीश एसएस बोबडे की एक तस्वीर ट्वीटर पर शेयर की थी। इसमें उन्होंने उनके बिना मास्क और हेलमेट होने को लेकर सवाल किए थे। उन्होंने इसके लिए माफी माँगते हुए कहा है कि मैंने ध्यान नहीं दिया कि बाइक स्टैंड पर है और स्टैंड पर खड़ी बाइक पर हेलमेट लगाना जरूरी नहीं होता, ऐसे में वो इस बात के लिए माफी माँगते हैं कि उन्होंने हेलमेट को लेकर सीजेआई से सवाल किया।
सर्वोच्च न्यायालय ने 22 जुलाई को प्रशांत भूषण को नोटिस जारी कर पूछा था कि उनके खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला क्यों नहीं चलाया जाना चाहिए।
अवमानना के नोटिस का जवाब देते हुए प्रशांत भूषण ने 134 पन्नों के इस जवाब में हेलमेट को लेकर जरूर माफी माँगी है, लेकिन इसके अलावा अपनी ओर से कही किसी बात के लिए खेद प्रकट नहीं किया है।
प्रशांत ने न्यायपालिका की विफलताओं पर दिए गए अपने बयानों को सही ठहराते हुए सहारा-बिड़ला डायरी मामले से लेकर लोया की मौत, कलिखो पुल आत्महत्या मामले से लेकर मेडिकल प्रवेश घोटाले तक, मास्टर ऑफ रोस्टर विवाद, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने से लेकर नागरिकता संशोधन अधिनियम तक के कई पुराने मामलों का हवाला दिया।
उल्लेखनीय है कि अवमानना कार्यवाही का कारण अधिवक्ता प्रशांत भूषण द्वारा किए गए 2 ट्वीट हैं। ये ट्वीट 27 जून और 29 जून को किए गए थे। एक ट्वीट में उन्होंने सुप्रीम कोर्ट पर निशाना साधा था। साथ ही कहा था कि खासकर पिछले 4 मुख्य न्यायधीशों ने देश का लोकतंत्र ध्वस्त करने में अपनी भूमिका निभाई है। वहीं दूसरे ट्वीट में वर्तमान सीजेआई की बाइक के साथ तस्वीर पर सवाल उठाए थे।
अपने एक ट्वीट में प्रशांत भूषण ने कहा था, “जब भविष्य में इतिहासकार वापस मुड़कर देखेंगे कि किस तरह से पिछले 6 वर्षों में औपचारिक आपातकाल के बिना ही भारत में लोकतंत्र को नष्ट किया गया है, तो वे विशेष रूप से इस विनाश में सर्वोच्च न्यायालय की भूमिका को चिह्नित करेंगे, और पिछले 4 CJI की भूमिका को और भी अधिक विशेष रूप से।”
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने रविवार (2 अगस्त, 2020) को राज्य में जहरीली शराब त्रासदी के मामले में सीबीआई जाँच की माँग करने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने काम से काम रखना चाहिए। जहरीली शराब कांड में अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
Mind your own business, says @capt_amarinder Singh to @ArvindKejriwal‘s demand for handing over hooch deaths probe to CBI. Pulls up Delhi CM for making political meat from tragedy to revive AAP’s lost political fortunes in Punjab ….(1/2)
अरविंद केजरीवाल को आड़े हाथों लेते हुए अमरिंदर सिंह ने एक बयान में आरोप लगाया कि, इतने सारे लोग मारे गए हैं और अरविंद केजरीवाल को इस घटना से राजनीतिक मुद्दा बनाने में दिलचस्पी है।
आम आदमी पार्टी पंजाब की प्रमुख विपक्षी पार्टी है। कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि इस मामले में बिना देरी किए वे जल्द से जल्द इसकी जाँच करवाएँगे। वह उन सभी व्यक्तियों के खिलाफ जल्द कड़ी कार्रवाई चाहते हैं, जिनके लालच के कारण राज्य में 100 के करीब जान गई हैं।
बता दें, केजरीवाल ने रविवार को ट्वीट कर इस हादसे पर सीबीआई जाँच की माँग की थी।
Saddened by the loss of lives in Punjab due to illicit liquor. State govt needs to immediately take necessary steps to curb such mafias. The case should be handed over to CBI immediately as none of the illicit liquor cases from the last few months have been solved by local police
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि पंजाब पुलिस द्वारा पिछले कुछ महीनों के दौरान अवैध शराब का कोई भी केस हल नहीं किया गया है।
अब तक 100 से ज्यादा लोगों की जहरीले शराब कांड में मौत हो चुकी है।
The death toll in the unfortunate #HoochTragedyPunjab has reached 104, with 80 deaths in Tarn Taran and 12 each in Batala and Amritsar Rural. Police station wise death toll attached. pic.twitter.com/8bAYg9oY4Y
इस त्रासदी में तरन तारन सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र है। जहाँ 80 से ज्यादा लोग अपनी जान गँवा चुके हैं। पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि इस मामले में 30 लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले में पाँच एफआईआर दर्ज किए गए हैं।
इसके अलावा, पुलिस, आबकारी और टैक्सेशन विभाग के 13 अधिकारियों को लापरवाही के लिए निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में आगे की जाँच की जा रही है।
आज रक्षाबंधन है। इस त्योहार की अहमियत हमारे लिए शब्दों से परे है। भाई-बहन के रिश्ते का एक अहम दिन। लेकिन अफ़सोस कुछ लोगों को आज के दिन भी सुकून नहीं है। महत्वपूर्ण त्योहार भी उनके एजेंडे से अछूता नहीं है। एक इतिहासकार ने इस कड़ी में में रक्षाबंधन को मुग़लों का त्योहार बता दिया।
राना साफ़वी कथित तौर पर इतिहासकार हैं, लेकिन आज के दिन अलग ही भूमिका निभा रही हैं। वह लिखती हैं, “बहुत से लोग नहीं जानते हैं पर रक्षाबंधन एक मुग़ल त्योहार है। यह कहीं और से नहीं बल्कि दिल्ली से शुरू हुआ था।” इसके अलावा साफ़वी ने अपनी इस दलील को साबित करने के लिए एक घटना भी जोड़ी है।
This “eminent historian” declares that Mughals invented Rakhi in 18th century.
Such blatant lies contradict every available primary source. Anyone having elementary knowledge would laugh at these factually incorrect lies. But in India such authors are promoted by establishment pic.twitter.com/r6A4lJgscz
साफ़वी अपनी किताब City of my heart में लिखती हैं, “साल 1759 में वज़ीर गाज़ी-उद-दीन खान फिरोज़ जंग 3 ने मुग़ल शासक आलमगीर 2 को फुसलाकर बुलाया। वह आलमगीर को फिरोज़ शाह कोटला की जामा मस्जिद से हटाना चाहता था। आलमगीर इसके लिए तैयार हो गया और वह अकेले ही मस्जिद के भीतर गया जहाँ वजीर घात लगा कर उसका इंतज़ार कर रहा था। उन्होंने आलमगीर को छूरा घोंपा और इसके बाद यमुना नदी में फेंक दिया।”
How a Hindu woman came to tie a rakhi to a Mughal emperor is a story that has been documented in a couple of Urdu accounts from the second half of the 19th century. I translated some later as #CityofMyHeart Do read https://t.co/o2FmeXqNZE
अगले दिन एक हिंदू महिला ने आलमगीर को पहचाना। फिर महिला ने उसका सिर अपने गोद में रखा। फिर आलमगीर के वारिस शाह आलम 2 ने उस महिला को उसकी (आलमगीर) बहन घोषित कर दिया। तब से उस दिन का नाम ‘सलोना त्योहार’ (रक्षा बंधन) रख दिया गया। वहीं से राखी और मिठाइयों की शुरुआत हुई, यह रिवाज़ बहादुर शाह ज़फ़र के लाल किले से हटने तक चला था।
खैर यह तो मामले का एक पक्ष है। लेकिन राना साफ़वी सरीखे इतिहासकारों को हमेशा एक पक्ष ही पता होता है। या यूँ कहें वह एक पक्ष की समझते हैं और एजेंडे की सूरत देकर उसका ही प्रचार कहते हैं। सनातन पद्धति में सबसे अच्छी बात यही है कि हर मान्यता, परंपरा, त्योहार के पीछे एक नहीं बल्कि अनेक तथ्य और तर्क हैं। रक्षाबंधन की ही बात करें तो ऐसे अनेक दृष्टांत हैं जो साफ़वी की एजेंडा नुमा बातों को सिरे से खारिज करते हैं।
रक्षाबंधन का उल्लेख महाभारत के समय से ही मिलना शुरू हो गया था। यह उल्लेख मिलता है द्रौपदी और कृष्ण के बीच। श्री कृष्ण की ऊँगली से खून निकल रहा था। तभी द्रौपदी ने अपनी साड़ी का छोटा सा हिस्सा निकाल कर कृष्ण की ऊँगली पे बाँध दिया। बदले में कृष्ण ने भी वादा किया कि वह हमेशा द्रौपदी की रक्षा करेंगे। यही कारण था कि जब कौरवों और पांडवों की भरी सभा में द्रौपदी का चीर हरण हो रहा था। तब श्री कृष्ण ने द्रौपदी की मदद की।
रक्षाबंधन का दूसरा बड़ा उल्लेख मिलता है भविष्य पुराण में। जिसके मुताबिक़ इंद्र देव को शुचि (इंद्राणी) ने राखी बाँधी थी। इसके अलावा विष्णु पुराण में उल्लेख मिलता है कि राजा बाली को लक्ष्मी ने राखी बाँधी थी। इस त्योहार से जुड़ी यमराज और यमुना की कहानी भी काफी प्रचलित है। इस तरह की न जाने कितनी और कहानियाँ हैं जो रक्षाबंधन का प्राचीन इतिहास साबित करती हैं।
True Indology नाम के ट्विटर एकाउंट ने साफ़वी के इस दावे को कारिज करते हुए ट्वीट किया है। कुछ इस तरह रक्षाबंधन मनाया जाता है,
श्रावण/ सावन माह की पूर्णिमा के दिन “श्रावणी उपाक्रम” किया जाता है। इस दिन सनातन धर्म के लोग अपना यज्ञोपवीत (जनेऊ) बदलते हैं। श्रावणी, शरीर को शुद्ध करने की प्रक्रिया भी कही जाती है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को रक्षिका (रक्षा सूत्र) बांधती हैं। यहाँ तक कि आम लोग अपने प्रियजनों को भी सूत्र बाँधते हैं और उनकी लंबी आयु की कामना करते हैं।
Then, the Brāhmaṇ tied a thread called rakṣikā to the wrist of people.
This thread is an oath of protection. Sons tied it to their fathers. Sisters to their brothers. Brahmans to Kshatriyas, Vaishyas and Shudras. Even lovers to their beloved (2)
इसका अर्थ यह है कि रक्षासूत्र बांधते समय ब्राह्मण या पुरोहत अपने यजमान से कहता है,
जिस रक्षासूत्र से दानवों के महापराक्रमी राजा बलि धर्म के बँधन में बाँधे गए थे अर्थात धर्म में प्रयुक्त किए गए थे, उसी सूत्र से मैं तुम्हें बाँधता हूँ, यानी धर्म के लिए प्रतिबद्ध करता हूँ। इसके बाद पुरोहित रक्षासूत्र से कहता है कि हे रक्षे तुम स्थिर रहना, स्थिर रहना। इस प्रकार रक्षा सूत्र का उद्देश्य ब्राह्मणों द्वारा अपने यजमानों को धर्म के लिए प्रेरित एवं प्रयुक्त करना है।
सुशांत सिंह आत्महत्या की जाँच करने मुंबई पहुँचे पटना के एसपी विनय तिवारी को बीएमसी के अधिकारियों ने 14 दिनों के लिए क्वारंटीन कर दिया है। विनय तिवारी रविवार रात मुंबई पहुँचे थे। वहीं एसआईटी को इस मामले में यह पता चला कि 9 से 13 जून के बीच सुशांत सिंह के मोबाइल में 14 सिम बदले गए थे।
IPS officer Binay Tiwari reached Mumbai today from patna on official duty to lead the police team there but he has been forcibly quarantined by BMC officials at 11pm today.He was not provided accommodation in the IPSMess despite request and was staying in a guest house in Goregaw pic.twitter.com/JUPFRpqiGE
— IPS Gupteshwar Pandey (@ips_gupteshwar) August 2, 2020
सुशांत सिंह राजपूत केस की जाँच करने गए बिहार पुलिस के अधिकारियों के लिए सुराग इकट्ठा करना काफी मुश्किल हो रहा है। इसकी वजह बताई जा रही है कि मुंबई पुलिस सही तरह से उनका सहयोग नहीं कर रही है।
बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने देर रात ट्वीट कर इसकी जानकारी दी और एसपी विनय तिवारी के हाथ पर लगी क्वारंटीन की मोहर की तस्वीर शेयर की। विनय तिवारी को मुंबई में 15 अगस्त तक क्वारंटीन रहना होगा।
ये हैं बिहार cadre के IPS अधिकारी विनय तिवारी जिनको मुंबई में आज रात में 11 बजे रात में ज़बरदस्ती क्वोरंटीन कर दिया गया.SSR केस में जाँच करनेवाली टीम का नेतृत्व करने गए थे.अब ये यहाँ से कहीं निकल नहीं सकते!@IPSVinayTiwaripic.twitter.com/6Le4AXjuJ8
— IPS Gupteshwar Pandey (@ips_gupteshwar) August 2, 2020
डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने ट्वीट में लिखा, “आज आईपीएस ऑफिसर विनय तिवारी पुलिस टीम को लीड करने के लिए आधिकारिक ड्यूटी पर पटना से मुंबई पहुँचे थे, लेकिन रविवार रात 11 बजे बीएमसी अधिकारियों ने उन्हें जबरन क्वारंटीन कर दिया। उन्हें आईपीएस मेस में रहने की सुविधा नहीं दी गई। वह गोरेगांव के एक गेस्ट हाउस में रुके हुए हैं।”
5 दिन के अंदर सुशांत ने बदले 14 सिम
सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह द्वारा दर्ज किए गए एफआईआर के बाद जाँच के लिए मुंबई पहुँची बिहार पुलिस को कई अहम सबूत मिले हैं। एसआईटी को जाँच के दौरान इस बात की जानकारी हुई है कि आत्महत्या से पहले 9 से 13 जून के बीच सुशांत सिंह के मोबाइल में 14 सिम बदले गए थे।
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को इस बात की भी आशंका है कि सुशांत सिंह को अपनी पूर्व मैनेजर दिशा सलियन की आत्महत्या के पीछे का कारण पता चल गया था। जिसकी वजह से उन्होंने कुछ दिनों के भीतर इतने सिम बदले थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार दिशा ने आत्महत्या करने से पहले सुशांत को फ़ोन कर कई बातों का खुलासा किया था। इसी वजह से सुशांत को कुछ लोग फ़ोन पर धमकी देने लग गए थे। जिसके चलते सुशांत को इतने सिम बदलने पड़े।
वहीं पुलिस का मानना है कि सुशांत ने अपने रूम पार्टनर सिद्धार्थ पिठानी से भी दिशा की मौत को लेकर कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए थे। जाँच टीम ने यह भी कहा कि वे सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सलियन के परिवार से पूछताछ करेंगे, जिन्होंने सुशांत की मौत से कुछ दिन पहले आत्महत्या कर ली थी।
एसआईटी को यह भी शक है कि इस मामले में सोची समझी साजिश के तहत घटना के बाद बांद्रा सोसाइटी समेत सुशांत के फ्लैट में लगे सीसीटीवी कैमरे का फुटेज गायब किया गया। शायद यही वजह है कि पटना एसआईटी को अब तक फुटेज समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स सबूत नहीं मिल सके हैं।
सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून को मुंबई के बांद्रा में अपने घर पर फाँसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। इस मामले की जाँच पहले से ही मुंबई पुलिस कर रही है और अब तक कई लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। जिनमें सुशांत के फैमिली, करीबी और बॉलिवुड के कई बड़े नाम शामिल हैं।
महात्मा गाँधी दुनिया के पहले ऐसे व्यक्ति (अश्वेत) बनने वाले हैं, जो ब्रिटिश मुद्रा में नज़र आएँगे। ब्रिटिश राज कोष विभाग ने इस ऐतिहासिक कदम का ऐलान शनिवार के दिन किया। वह भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को वहाँ की मुद्रा में प्रकाशित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। ब्रिटिश सरकार ने यह फैसला वंचित वर्ग के लिए किए गए बापू के योगदान को देखते हुए लिया।
महात्मा गाँधी भारतीय मुद्राओं (नोट और सिक्कों) में साल 1987 से लगातार नज़र आ रहे हैं, हालाँकि 1969 में पहली बार उन्हें 100 रुपए के संस्मरणीय नोट पर छापा गया था। अब वह ऐसे पहले (अश्वेत) व्यक्ति बनने वाले हैं जो ब्रिटिश मुद्रा में नज़र आएँगे।
ब्रिटेन की रॉयल मिंट एडवाईज़री कमिटी इस मामले में काम शुरू कर चुकी है। इस मामले में चांसलर ऋषि सूनक ने भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने BAME अभियान (ब्लैक, एशियन एंड माइनॉरिटी एथिनिक) को समर्थन दिया। साथ ही माँग उठाई कि ऐसे लोगों ने ब्रिटेन के लिए बहुत योगदान दिया है। ऐसे योगदानों का सम्मान और उल्लेख किया जाना चाहिए।
पूर्व कंज़रवेटिव दावेदार ज़ेहरा ज़ैदी “We Too Built Britain” नाम के अभियान की मुखिया हैं। इस अभियान से जुड़े लोगों ने भी माँग उठाई थी कि ब्रिटिश मुद्रा में महात्मा गाँधी और उन जैसे कई लोगों को जगह दी जानी चाहिए। ज़ेहरा ज़ैदी को लिखे पत्र में ऋषि सूनक ने कई अहम बातें लिखीं। उन्होंने लिखा:
“एशियाई, श्वेत और अन्य जातीय अल्पसंख्यक समुदायों ने यूनाइटेड किंगडम के साझा इतिहास में उल्लेखनीय किरदार निभाया है। जिसे किसी भी सूरत में भुलाया नहीं जा सकता है।”
इसके अलावा उन्होंने यह भी लिखा, “इस देश (यूके) के लिए तमाम जातीय अल्पसंख्यक समुदायों ने लंबी लड़ाई लड़ी है। इस देश की नींव तैयार करने में न जाने कितने लोगों की जानें गई हैं और उनका ज़िक्र बहुत कम मिलता है। हमने अपने बच्चों को हमेशा यही सिखाया है कि बीमारी की देखभाल करनी चाहिए और बड़ों का सम्मान करना चाहिए। नतीजतन हमारे लोगों ने अपनी मेहनत और इच्छाशक्ति से अच्छा व्यवसाय शुरू किया है। जिससे बहुत से नौकरियाँ पैदा हुई हैं और देश का विकास हुआ है।”
रॉयल मिंट एडवाईज़री कमिटी विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र संस्था है। जो चांसलर को सिक्कों के आकार और संरचना का सुझाव देती है। ऋषि सूनक ने इस संस्था के प्रमुख को लिखे पत्र में भी कुछ अहम बातें लिखी।
ऋषि सूनक ने लिखा, “मैं यह पत्र रॉयल एडवाईज़री कमिटी की पीठ के मुखिया लार्ड वॉलडेग्रेव को लिख रहा हूँ। इसे वह एशियाई, अश्वेत और जातीय अल्पसंख्यकों का देश के लिए किया गया योगदान समझें। उनका योगदान सिर्फ इतिहास तक सीमित नहीं है बल्कि उन्होंने ब्रिटेन के वर्तमान और भविष्य के लिए भी योगदान दिया है।”
राजस्थान में जारी सियासी खींचतान के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा दाँव खेला है। सरकार ने राज्य की न्यायिक सेवा नियमावली में संशोधन किया है। जिसके बाद राज्य के गुर्जरों सहित अति पिछड़ा वर्ग को 5 फ़ीसदी तक आरक्षण मिलने वाला है। इस फैसले को लेकर मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है।
राजस्थान सरकार की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गई। बयान के मुताबिक़ राजस्थान न्यायिक सेवा नियम, 2010 में संशोधन किया गया है। जिसके बाद 1 फ़ीसदी आरक्षण के स्थान पर 5 फ़ीसदी तक आरक्षण मिलेगा। अति पिछड़े वर्ग से आने वाले लोग काफी समय से न्यायिक सेवा नियमावली में संशोधन की माँग कर रहे थे। अब उन्हें इसका लाभ मिलना शुरू होगा।
इस संशोधन के तहत कई जाति वर्ग के लोगों को लाभ मिलेगा। इसमें गुर्जर, रायका-रैबारी, गडिया-लुआर, बंजारा और गडरिया जैसी कई जातियाँ शामिल हैं। इस फैसले के बाद अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को अधिक संख्या में न्यायिक सेवा का हिस्सा बनने का मौक़ा मिलेगा। राज्य की न्यायिक सेवा में महिलाओं की बात करें तो उन्हें 50 फ़ीसदी आरक्षण मिल रहा है। इस फैसले के बाद प्रदेश की न्यायिक सेवा में आरक्षण बढ़ कर कुल 55 फ़ीसदी तक हो चुका है।
गहलोत सरकार के इस फैसले को राजनीतिक दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है। सचिन पायलट की बगावत के बाद गहलोत सरकार के प्रति राजस्थान के गुर्जर समाज की नाराज़गी बढ़ी थी। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी नाराज़गी कम करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह कदम उठाया है। इसके राजस्थान में जारी राजनीतिक उठा पटक के बीच गुर्जर समाज के लोगों ने अशोक गहलोत के खिलाफ़ प्रदर्शन भी किया था । राज्य के कई क्षेत्रों में उनके पुतले भी जलाए थे।
साल 2007 से साल 2009 के बीच हुए गुर्जर आरक्षण आन्दोलन में लगभग 68 से 70 लोगों की मृत्यु हुई थी। इस हिंसक विरोध प्रदर्शन में सरकार संपत्ति का भी काफी नुकसान हुआ था। जिसके बाद वसुंधरा राजे की सरकार ने गुर्जरों को आरक्षण दिलवाया था। सरकार के उस कदम पर उच्च न्यायालय ने साल 2011 में रोक लगा दी थी। जिसके चलते एक बार फिर राज्य में आन्दोलन शुरू हुआ। फिर अशोक गहलोत ने साल 2019 में विधानसभा के भीतर विधेयक पारित कराया। इसके पारित होने के बाद गुर्जर समाज सहित 5 अति पिछड़े वर्ग को आरक्षण दिया गया।
इसके अलावा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने टिड्डियों के मामले में भी केंद्र सरकार से माँग उठाई है। उनके मुताबिक़, “सालों बाद इतने बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। टिड्डियों को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर देना चाहिए। कुछ ज़िलों को छोड़ कर बाकी हर जगह के हालात बदतर हैं। यह साल भयावह है और इसके सम्बन्ध में मैंने प्रधानमंत्री मोदी को भी पत्र लिखा है। मैंने उनसे यह माँग की है कि टिड्डियों को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया जाए।”
केरल के सोना तस्करी मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ा कदम उठाया है। काफी दिनों से चल रहे इस मामले में कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 6 अलग-अलग स्थानों पर खोजबीन जारी है।
गिरफ्तार किए गए 6 लोगों में एक मोहम्मद अली नाम का व्यक्ति भी है। नाम से आम आरोपितों की तरह यह भी एक आरोपित है। लेकिन थोड़ा सर्च करने पर आप पाएँगे कि यह वही मोहम्मद अली है, जो 2010 में केरल में हाथ काटने के प्रकरण का भी आरोपित रह चुका है।
तब अली पर आरोप लगा था कि उसने प्रोफेसर टीजे जोसेफ का दाहिना हाथ काट डाला था। क्यों? क्योंकि प्रोफेसर ने पैगंबर पर सवाल उठाए थे। हालाँकि साल 2015 में वह इस मामले से बरी हो गया था। इतना ही नहीं मोहम्मद अली पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया का सदस्य भी है।
सोना तस्करी मामले से संबंधित गिरफ्तारी में तिरुवनंतपुरम स्थित यूएई के वाणिज्य दूतावास में मौजूद राजनयिक भी मददगार साबित हुए। इस मामले में अभी तक एनआईए ने कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के मुताबिक़ एनआईए ने 2 अगस्त के दिन कुल 6 अलग-अलग जगहों पर छापे मारी अभियान चलाया। इसमें एर्नाकुलम में जलाल एएम तथा राबिन्स हमीद के घर और मालापुरम में रमीज़ केटी, मोहम्मद शफी, सईद अलवी और अब्दु पीटी के घर शामिल हैं।
एनआईए के प्रवक्ता ने भी इस मामले पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई के दिन रमीज़ केटी के अलावा दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें एर्नाकुलम का जलाल एएम और मालापुरम का सईद अल्वी शामिल है।
इसके अलावा NIA ने बताया कि 31 जुलाई के दिन भी इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। जिसमें मालापुरम के मोहम्मद शफी पी और अब्दुल पीटी शामिल हैं। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि इसके बाद 1 अगस्त के दिन दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। यह दोनों भी एर्नाकुलम के ही रहने वाले मोहम्मद अली इब्राहिम और मोहम्मद अली शामिल हैं।
अभी तक की जाँच के दौरान एनआईए को यह पता चला कि यह सभी षड्यंत्र में शामिल थे। यह तिरुवनंतपुरम में रमीज केटी से तस्करी किया गया सोना लेने गए थे। इसके बाद उनकी योजना इस सोने को जलाल एएम की मदद से बाँटने की थी।
एनआईए के प्रवक्ता ने यह भी बताया कि तलाशी के दौरान उन्हें दो हार्ड डिस्क, एक टैबलेट कंप्यूटर, 8 मोबाइल फोन, 6 सिम कार्ड, 1 डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर और कुल 5 डीवीडी बरामद हुई। इतनी चीज़ों के अतिरिक्त बैंक पासबुक, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, पहचान पत्र समेत कई अहम दस्तावेज़ भी बरामद किए गए। मामले में अभी तक मुख्य आरोपति सरिता पीएस, स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर समेत कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
ख़बरों की मानें तो खाड़ी देशों से केरल में सोना की तस्करी किए जाने के मामले में भले सबकी नज़र आरोपित स्वप्ना सुरेश और संदीप नायर पर है। लेकिन NIA इस मामले में पाँचवे आरोपित रमीज़ को पूरे प्रकरण की अहम कड़ी मान कर चल रहा है। ये मामला डिप्लोमेटिक बैगेज में सोना तस्करी का है।
इसके पहले एनआईए ने प्रमुख संदिग्ध स्वप्ना सुरेश सहित चार लोगों के खिलाफ एक FIR दर्ज की थी। जाँच एजेंसी की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया था कि केरल सोना तस्करी मामले में गैर कानूनी गतिविधि (निवारक) अधिनियम, 1967 की धारा 16, 17 और 18 के तहत चार आरोपितों– पीएस सरित, स्वप्ना प्रभा सुरेश, फाजिल फरीद और संदीप नायर के खिलाफ त्रिवेंद्रम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पाँच जुलाई को कस्टम (प्रीवेंटिव) कमिशनरेट, कोचीन द्वारा 14।82 करोड़ रुपए मूल्य के 24 कैरेट के 30 किलोग्राम सोने की बरामदगी के सिलसिले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।