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अमित शाह… अल्लाह को जल्दी प्यारे हो जाओ: कोरोना+ खबर के बाद कट्टरपंथियों ने कहा – ‘ईदी मिल गई’

"सहायक पुजारी कोरोना पॉजिटिव। राम मंदिर में तैनात 16 पुलिसकर्मी भी कोरोना पॉजिटिव और अब अमित शाह कोरोना संक्रमित। वो प्लान करते हैं, मगर अल्लाह बेस्ट प्लानर है... अल्लाह को जल्दी प्यारे हो जाओ।"

गृह मंत्री अमित शाह कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जिसके बाद उन्हें डॉक्टर्स की सलाह पर मेदांता अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अमित शाह ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

अमित शाह ने ट्वीट किया, “कोरोना के शुरुआती लक्षण दिखने पर मैंने टेस्ट करवाया और रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मेरी तबीयत ठीक है परन्तु डॉक्टर्स की सलाह पर अस्पताल में भर्ती हो रहा हूँ। मेरा अनुरोध है कि आप में से जो भी लोग पिछले कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आए हैं, कृपया स्वयं को आइसोलेट कर अपनी जाँच करवाएँ।”

अमित शाह के कोरोना पॉजिटिव आने से लिबरलों और कट्टरपंथी इस्लामी लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर किसी ने इसे अमित शाह की अंतिम रात बताते हुए उनके मौत की दुआ माँगी तो कई ने इसे सबसे अच्छा ‘ईदी’ बताया।

एक यूजर ने लिखा, “सहायक पुजारी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। राम मंदिर के पास तैनात 16 पुलिसकर्मी भी कोरोना पॉजिटिव पाए गए और अब अमित शाह कोरोना संक्रमित हो गए हैं। वो प्लान करते हैं, मगर अल्लाह बेस्ट प्लानर है।” वहीं एक अन्य ने लिखा, “अल्लाह को जल्दी प्यारे हो जाओ।”

एक सोशल मीडिया यूजर लिखती है, “ईदी मिल गई दोस्तों, ईदी मिल गई। इससे अच्छी ईदी और क्या होगी?” इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर लिखता है कि यार पहले मरने तो दे।

एक यूजर ने लिखा कि अमित शाह ने दुनिया के पतंजलि के द्वारा बनाया गया बेहतरीन वैक्सीन कोरोनील का इस्तेमाल किया होगा।

मोहम्मद आसिफ खान लिखता है, “अमित शाह ने कौन सी जमात में शिरकत की थी?”

वहीं मोहम्मद जीशान फारूकी लिखता है, “आपको जमात में जाने की क्या जरूरत थी सर।”

सैय्यद जाबिर ने भी इसी को लेकर लिखा, “जमात में गए थे या जमात वाले आए थे मिलने।” इतना ही नहीं, एक ने तो उन्हें ‘तबलीगी शाह’ तक कह दिया।

हालाँकि लोगों ने लिबरलों को भी कई सलाह दे डाली। एक यूजर ने लिखा, “बरनॉल नहीं मिल रही है तो, उस की जगह सैनिटाइजर लगा कर पास में माचिस की तीली जलाने से भी ठंडक मिलती है। बहुत गुप्त जानकारी है। किसी को मत बताना।”

एक ने लिखा कि चाहे कोई भी बात हो पर कोरोना की देन तो तुम जमातियों की ही है।

एक यूजर ने उनकी परवरिश पर बात करते हुए कहा, “आप के माँ-बाप ने आपकी अच्छी ही परवरिश की होगी। अब आपको देखना होगा कि आप ने इस तरह की गंदी बातें सीखी कहाँ, अगर आपको कुछ सही करना है तो… वरना इस दुनिया में जानवर की भी ज़िन्दगी गुजर जाती है।। तुम्हारी और मेरी भी गुजर जाएगी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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