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लोकसभा में अपने ही नेता से खफ़ा हो गईं सोनिया गाँधी, पलट कर माँगा स्पष्टीकरण: देखें Video

लोकसभा में कॉन्ग्रेस सांसद दल के मुखिया अधीर रंजन चौधरी ने ऐसी बयानबाजी कर डाली, जिससे सत्ताधारी भाजपा के साथ-साथ उनके अपने संप्रग की अध्यक्षा सोनिया गाँधी भी नाराज़ हो गईं। उन्होंने कश्मीर मसले पर बिल लाने की सरकार की हैसियत को ही चुनौती दे डाली। अधीर रंजन चौधरी के अनुसार चूँकि कश्मीर मामला 1948 से संयुक्त राष्ट्र (UN) में लंबित है, तो भला यह आंतरिक मसला कैसे हो गया, और सरकार इस पर कोई बिल कैसे ला सकती है

उनके इस बयान पर भड़के गृह मंत्री और भाजपा सुप्रीमो अमित शाह ने तो उन्हें खरी-खोटी सुनाई ही, खुद सोनिया गाँधी भौंचक्की नज़र आईं। इंडिया टुडे के पत्रकार शिव अरूर ने सोनिया गाँधी के रिएक्शन का वीडियो ट्विटर पर शेयर किया। इसमें सोनिया गाँधी अधीर रंजन चौधरी की बातों से न केवल हैरान नज़र आतीं हैं, बल्कि पीछे पलट अन्य कॉन्ग्रेस नेताओं से स्पष्टीकरण माँगती भी दिखतीं हैं

उनके इस बयान पर गृह मंत्री अमित शाह ने कॉन्ग्रेस को घेरते हुए कहा, “आप ये स्पष्ट कर दें कि ये कॉन्ग्रेस का स्टैंड है कि संयुक्त राष्ट्र कश्मीर को मॉनिटर कर सकता है।” इस पर निचले सदन में दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। शाह ने सदन में यह भी साफ़ किया कि वह जब भी “कश्मीर” बोलेंगे, तो उनका तात्पर्य पाकिस्तान और चीन के कब्ज़े वाले गुलाम कश्मीर से भी होगा।

TMC नेता ने कोडेड शब्दों में किया BJP के कश्मीर फैसले का समर्थन, दीदी से डरते हैं क्या?

मनुष्य नश्वर है, आज है, कल नहीं, मगर देश तो हमेशा रहेगा इसलिए फैसला देश हित में होना चाहिए।

अखिल भारतीय तृणमूल कॉन्ग्रेस (टीएमसी) के राज्यसभा सांसद और चीफ व्हिप सुखेंदु शेखर रॉय ने अपने एक ट्वीट में जम्मू कश्मीर के अनुच्छेद 370 में हुए बदलाव का स्वागत किया।

सुखेंदु शेखर रॉय ने इस ट्वीट में अप्रत्यक्ष रुप से इस फैसले का स्वागत करते हुए लिखा कि दशकों पहले की गई गलती को अब सुधारा जा रहा है। उन्होंने सरकार के इस फैसले को काफी जबर्दस्त बताया और कहा कि परिवर्तन संसार का नियम है। साथ ही उन्होंने कहा कि मनुष्य तो नश्वर है, यानी कि आज है, कल नहीं। मगर, देश तो हमेशा रहेगा। इसलिए कोई भी फैसला देश हित को ध्यान में रखकर लिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि लोगों को बार-बार कल का राग नहीं अलापना चाहिए, बल्कि जो हो रहा है, उसे हो जाने देना चाहिए।

बता दें कि, टीएमसी ने सोमवार (अगस्त 5, 2019) को संसद में अनुच्छेद 370 को हटाने की पेशकश का विरोध किया था। कॉन्ग्रेस ने भी दशकों पहले जवाहरलाल नेहरू द्वारा किए गए गलती को सुधारने के कदम का विरोध किया था। हालाँकि, कॉन्ग्रेस में कई लोग पार्टी के स्टैंड के खिलाफ गए थे और अनुच्छेद 370 पर भारत सरकार के कदम का स्वागत किया था।

जब इस ट्वीट को लेकर एक यूजर ने उनसे पूछा कि वो इसके जरिए क्या बताना चाहते हैं, तो उन्होंने इसका जवाब एक स्माइल वाले इमोजी के साथ दिया और कहा कि लोग अपने तरीके से इसका निष्कर्ष निकालने के लिए स्वतंत्र हैं। वो इसके बारे में और ज्यादा व्याख्या नहीं करेंगे।

बता दें कि, कई राजनेताओं ने केंद्र सरकार के निर्णय को सही ठहराते हुए कहा कि ये भारत की क्षेत्रीय संप्रभुता और उसके लोगों के कल्याण के हित में लिया गया फैसला है। हालाँकि, इनमें से सभी नेता अपनी पार्टी के रुख का खुलकर विरोध नहीं कर रहे हैं। वहीं, बसपा और बीजेडी आदि पार्टियाँ खुलकर भाजपा के समर्थन में आई।

एक देश, एक स्कूली शिक्षा: मेडिकल-इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षाओं में सबको दिलाएगा बराबरी का मौका

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोमवार (जुलाई 5, 2019) को पूरे देश में एक स्कूली शिक्षा की माँग लोकसभा में उठाई। लोकसभा में शून्यकाल के दौरान उन्होंने कहा कि ऐसा करने से ग्रामीण प्रतिभाओं को भी बराबर का मौक़ा मिलेगा।

सदन में भाजपा सांसद ने अपने मत पर तर्क दिया कि प्रदेश बोर्डों में अलग-अलग पाठ्यक्रम होने के कारण मेडिकल और इंजीनियरिंग के दाखिले की परीक्षाओं में ग्रामीण इलाकों के बच्चे स्पर्धा नहीं कर पा रहे हैं। इसलिए उन्होंने कहा कि पूरे देश में एक बोर्ड होना चाहिए ताकि सभी बच्चे एक तरह की पढ़ाई करें और सबको बराबर का मौका मिले।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि लोकसभा में कल (अगस्त 5, 2019) निशिकांत दुबे समेत 74 सदस्यों ने अपनी बात रखी। जहाँ निशिकांत ने शिक्षा का मुद्दा उठाया, वहीं शून्यकाल के दौरान बीजू जनता दल के नेता माहताब ने 2021 की जनगणना में OBC समुदाय के लोगों की अलग से जनगणना का सुझाव दिया, जबकि भाजपा के जगदम्बिका पाल ने आंगनवाड़ी कर्मियों के विषय को उठाया और माँग की कि इन कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारी होने का दर्जा दिया जाए।

इस दौरान भाजपा के राजकुमार चाहर ने अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मस्थान पर उनकी बड़ी मूर्ति स्थापित करने की माँग की। वहीं भाजपा के रवि किशन ने लड़कियों को अनिवार्य रूप से सैन्य प्रशिक्षण देने की व्यवस्था बनाने की माँग को उठाया।

शून्यकाल के दौरान भाजपा के अन्य नेताओं ने भी अपने अच्छे सुझावों को सामने रखा। भाजपा के ही सुशील कुमार सिंह ने इस दौरान किडनी संबंधी डायलिसिस योजना का जिक्र किया और बिहार के औरंगाबाद के जिला सदर अस्पताल में ऐसा केंद्र खोलने की माँग की। साथ ही भाजपा के रमेश बिधुड़ी ने दिल्ली में झुग्गी बस्ती के लोगों को बुनियादी सुविधा सुनिश्चित किए जाने की माँग को उठाया।

इसके अलावा भाजपा के अनुराग शर्मा, वाईएसआर कॉन्ग्रेस के रामकृष्ण राजू, शिवसेना के विनायक राउत और कई अन्य सदस्यों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों के मुद्दे उठाए।

‘जम्मू-कश्मीर की तरह हमारे लिए बनाओ ग्रेटर कराची: पाकिस्तान में मुहाजिरों ने उठाई हक की आवाज’

जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 की ‘पावर’ को खत्म करके मोदी सरकार ने जो ऐतिहासिक कार्य कर दिखाया है, उससे पाकिस्तान में उथल-पुथल मच गई है। पाकिस्तान लगातार भारत के इस फैसले पर अपनी टिप्पणी कर रहा है। जिसपर मोहाजिर के वरिष्ठ नेता नदीम नुसरत की ओर से पाकिस्तान को दो टूक जवाब आया है। नदीम की मानें तो “पाकिस्तान को कश्मीरियों के बारे में बोलने का कोई हक नहीं, क्योंकि उसने खुद अपने नागरिकों को मूलभूत अधिकारों से वंचित रखा।”

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका में स्थित प्रवासी मोहाजिरों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक समूह वॉयस ऑफ कराची के अध्यक्ष नदीम नुसरत ने पाकिस्तान की टिप्पणियों पर बयान दिया है कि पाकिस्‍तान को तब तक कश्‍मीरियों के हक के लिए बोलने का कोई अधिकार नहीं है, जब तक कि वह खुद अपने यहाँ मुहाजिर, बलूच, पश्‍तून और हजारा समुदाय के लोगों को उनके अधिकार नहीं दे देता।

उल्लेखनीय है कि इस समय भारत में इतना बड़ा फैसला आने के बाद पाकिस्तान में भी स्वायत्त क्षेत्र की माँग उठने लगी है। अमेरिका-आधारित समूह ‘वॉयस ऑफ कराची’ ने सोमवार को प्रवासी मुहाजिरों का प्रतिनिधित्व करते हुए पाकिस्तान की सरजमीं पर एक स्वायत्त ग्रेटर कराची के निर्माण का आह्वान किया है।

इसी के मद्देनजर नदीम नुसरत ने पाकिस्तान के आलाकमानों से सवाल किया है कि पाकिस्तान कश्मीर में जनमत संग्रह की बात करता है, लेकिन क्‍या वह यही अधिकार अपने यहाँ के उन अल्‍पसंख्‍यकों को देने के लिए तैयार है, जो सांस्कृतिक व जातीय भिन्‍नता के कारण हाशिए पर हैं?

मोहाजिर प्रवासियों का प्रतिनिधित्व करने वाले नदीम पाकिस्तान सरकार के कई मंत्री व शीर्ष अधिकारी विदेशों में कश्मीरी अलगाववादी नेताओं से मिलते हैं और अस्थिरता को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा पाकिस्तान के पुनर्गठन की माँग में अपने प्रयासों को तेज करने के लिए वैश्विक अभियान शुरू किया जाएगा। उनकी मानें तो उनका संगठन ग्रेटर कराची के प्रस्तावित नक्शे को पहले ही प्रकाशित कर चुका है और जल्द ही पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पूर्व अपने प्रस्ताव का मुख्य लेख जारी करेगा।

हमने तो सिर्फ एक किताब फाड़ा, संविधान तो BJP ने फाड़ दिया: कुर्ता फाड़ने वाले सांसद

महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के सांसद नज़ीर अहमद लवे ने इंडियन एक्सप्रेस के साथ हुई बातचीत में संविधान की प्रति फाड़ने पर कहा कि उन्होंने तो सिर्फ एक किताब फाड़ा है। यानी कि उनके अनुसार देश के संविधान की प्रति उनके लिए महज एक किताब है। उनका कहना है कि संविधान उन्होंने नहीं, बल्कि भाजपा ने फाड़ा है।

इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी हरकत को सही ठहराते हुए कहते हैं कि ये तो सोचने वाली बात है कि जब सदन और संसद के प्रति सजग रहने वाले उनके जैसे सांसद सरकार की कार्रवाई को देखते हुए इतने उत्तेजित हो जाते हैं कि सरकार क्या कर रही है, तो फिर कश्मीर के आम नागरिक की क्या प्रतिक्रिया होगी? 

जब उनसे पूछा गया कि अब जम्मू कश्मीर की कानून व्यवस्था को सीधे तौर पर केंद्र नियंत्रित करेगा, तो इसका वहाँ के लोगों पर क्या असर पड़ेगा तो उन्होंने कहा कि सब कुछ कानून के हिसाब से होगा, लेकिन मुश्किलें बढ़ सकती है, क्योंकि वहाँ पर जनता के पास उनके द्वारा चुनी गई सरकार नहीं होगी। इसके साथ ही परिसीमन के बारे में बात करते हुए नज़ीर अहमद ने कहा कि अभी तो नहीं, लेकिन सरकार जल्द ही इसे भी कर सकती है और इससे लोग और भी अलग हो जाएँगे।

साथ ही नज़ीर अहमद ने सरकार के इस फैसले को चुनौती देने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोगों को इसके विरोध में संगठित होना चाहिए और सभी राजनीतिक नेताओं को एकजुट होकर चर्चा करनी चाहिए। फिर सभी को एक साथ कोर्ट जाना चाहिए। उनका कहना है कि कश्मीर का बचाव करना होगा अन्यथा कश्मीर के हालात बदतर हो जाएँगे।

गौरतलब है कि, पीडीपी सांसद नज़ीर अहमद लवे और एमएम फ़ैयाज़ ने सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर के अनुच्छेद 370 में किए गए बदलाव का विरोध करते हुए संसद परिसर में संविधान फाड़ दिया था। उनकी इस हरक़त से नाराज़ सभापति एम वेंकैया नायडू ने दोनों को संसद से बाहर जाने को कहा। इसके बाद भी दोनों सांसदो ने अपना हंगामा जारी रखा और अपने कपड़े फाड़ दिए।

ममता की पुलिस ने Article 370 पर जश्न मनाते 5 BJP कार्यकर्ताओं को किया गिरफ्तार

सोमवार (अगस्त 5, 2019) को भाजपा सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर के संबंध में अनुच्छेद 370 में किए गए बदलाव पर जहाँ पूरा देश जश्न मना रहा है, वहीं पश्चिम बंगाल में ममता सरकार ने जश्न मना रहे लोगोंं को हिरासत में लिया है। ममता की पुलिस ने सिलीगुड़ी में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के अध्यक्ष कंचन देबनाथ और महामंत्री समेत 5 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।

BJYM के जिला उपाध्यक्ष अनिकेत दास ने इस पर आपत्ति जताई और न्यूज़ एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा कि भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये पूरी तरह से असंवैधानिक है। देश में हर जगह लोग 370 के पावर खत्म होने पर जश्न मना रहे हैं, लेकिन ममता बनर्जी की सरकार जश्न नहीं मनाने दे रही। उन्होंने कहा कि वो तिरंगे के साथ जश्न मना रहे थे। उन्होंने किसी राजनीतिक दल का झंडा भी नहीं लिया था। इसके बावजूद उन्हें गिरफ्तार किया गया। वो इसके विरोध में थाने का घेराव करेंगे।

बता दें कि गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्यसभा में अनुच्छेद 370 हटाने के लिए संकल्प पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा मुहर लगाने के बाद अब जम्मू कश्मीर और लद्दाख दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश होंगे। हालाँकि, जम्मू कश्मीर की अपनी विधायिका होगी, लेकिन लद्दाख में विधायिका नहीं होगी। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर को मिला विशेष राज्य का दर्जा और दोहरी नागरिकता भी खत्म हो गई है। राज्यसभा से पारित होने के बाद इस बिल को मंगलवार (अगस्त 6, 2019) को लोकसभा में पेश किया गया।

Video: ‘हिन्दुस्तान तो फासिस्ट है, ये हमारे लिए लानत है’ – JNU में फिर शुरू हुआ ‘आजादी गैंग’ का खेल

अनुच्छेद-370 के ‘पॉवर’ के खत्म होने और उसके साथ 35-A खत्म होते ही देश भर में जश्न का माहौल है। लोग इसे ‘एक देश एक संंविधान’ बता रहे हैं, तो वहीं कुछ विपक्षी दलों द्वारा इसका विरोध भी किया जा रहा है। इसी बीच एक बार फिर से जेनयू से देश विरोधी नारों और ‘आजादी की गूँज’ सुनाई पड़ रही है। सोमवार (अगस्त 5, 2019) को राज्यसभा से विधेयक पारित होने के बाद आधी रात के अंधेरे में एक युवक काफी लोगों को इकट्ठा करके देश विरोधी बयान देता है और वहाँ मौजूद लोग भी उसका साथ देते हैं। आजादी-आजादी के नारे लगाते हैं।

ऊपर के वीडियो में आप देख सकते हैं कि एक युवक वहाँ उपस्थित लोगों से कहता है, “आप लोग डरिए मत, ये हम कह रहे हैं, इससे आपका कोई लेना-देना नहीं है। मैं यहाँ उपस्थित तमाम लोगों से कहना चाहता हूँ कि अगर आपके मकान पर मैं जाकर कब्जा कर लूँ, तो ये जुल्म होगा और ये जुल्म कश्मीरी बर्दाश्त नहीं करेगा। जब उसका कल्चर नहीं रहेगा, उसका तहजीब नहीं रहेगा, तो वो खुद को दुनिया के सामने क्या बताएगा? उसका क्या अस्तित्व रहेगा? वो दुनिया को क्या बतलाएगा कि मैं कौन हूँ? हिन्दुस्तान तो फासिस्ट है… ये हमारे लिए एक लानत है और मैं इस लानत को स्वीकार नहीं करूँगा।”

आगे उसने हिन्दुस्तान के तमाम बादशाऊर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि जिनकी खोपड़ी में दिमाग है, वो अपने इलाके के तमाम लीडर को कहें कि वो कश्मीर के साथ खड़े हो जाएँ। अगर वो खड़ा नहीं होगा कश्मीर को खो देगा और उसे खोना सबके लिए शर्मनाक होगा। इसके साथ ही वो बार-बार ‘370 वापस लाओ’ के नारे लगाता है और कहता है कि उसे ‘आजादी चाहिए- इस पार भी और उस पार भी।’

गौरतलब है कि इससे पहले भी जेएनयू ऐसे ही कारणों के कारण 3 साल पहले भी सुर्खियों को हिस्सा बना था। जब 9 फरवरी 2016 को वहाँ जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार समेत अन्य छात्र नेताओं ने संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को फाँसी पर लटकाए जाने के विरोध में कार्यक्रम आयोजित किया था। इस दौरान एबीवीपी (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) ने आरोप लगाया था कि यहाँ ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ और आतंकी ‘अफजल तेरे कातिल जिंदा हैं’, जैसे नारे लगे। जिसके बाद इस मामले पर बाकायदा कार्रवाई हुई। अभी फिलहाल इस मामले में दिल्ली की एक कोर्ट में सुनवाई चल रही है।

‘Pak को कश्मीर देने को तैयार हो गए थे सरदार पटेल, नेहरू की वजह से ये भारत के पक्ष में आया’

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 का ‘पॉवर’ खत्म किए जाने के बाद राज्यसभा में बहस के दौरान कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता कपिल सिब्बल ने सरदार पटेल पर विवादित बयान दे दिया। उन्होंने कहा, ”हम समझते हैं कि नेहरू की वजह से कश्मीर हमारे पक्ष में आया। अगर रेडक्लिफ अवॉर्ड न होता और गुरदासपुर हमारे पास न होता और मैजॉरिटी का सिद्धांत माना जाता तो शायद यह राज्य हमारे पक्ष में न आता। उस वक्त सरदार पटेल होम मिनिस्टर थे और वही यहाँ 370 लेकर आए।”

सिब्बल के इस बयान के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया और भाजपा ने उनके बयान के मद्देनजर उन्हें सदन की कार्यवाही से बाहर भेजने की बात कही। इतना ही नहीं, सभापति वैंकया नाडडू ने भी कपिल सिब्बल को सलाह दी कि उन्हें जवाहरलाल नेहरू और सरदार पटेल के बारे में इस तरह की बात नहीं करनी चाहिए।

गौरतलब है कि अपना बयान देते हुए सिब्बल सिर्फ़ यही नहीं रुके, उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि सरदार पटेल तो पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर को देने को तैयार हो गए थे। लेकिन कश्मीर के शासक अगर भारत में शामिल होना चाह रहे थे तो इसकी वजह नेहरू ही थे। उन्होंने मोदी सरकार पर टिप्पणी करते हुए कहा, “हम कहना चाहते हैं कि हमने कश्मीर जीता था और आप कश्मीर हार गए।”

सरदार पटेल पर होती इस तरह की टिप्पणी का भाजपा ने तीखा विरोध किया। भाजपा नेता और पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य सचिव भूपेन्द्र यादव ने सिब्बल की टिप्पणी पर उन्हें सदन की कार्यवाही से बाहर निकालने की बात रखी। साथ ही उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस जम्मू-कश्मीर मसले पर सरदार पटेल को लेकर अपना मत स्पष्ट करे। सभापति वैंकया नायडू ने भी इस दौरान कॉन्ग्रेस नेता को समझाया कि उन्हें नेहरू-पटेल के बारे में ऐसी बात नहीं करनी चाहिए।

बता दें कि कपिल सिब्बल ने इस बहस में ये भी कहा, “370 इतिहास पर धब्बा था या फिर हमारे संविधान की आत्मा को खत्म करने की कोशिश, ये तो इतिहास ही बताएगा।” इसके अलावा उन्होंने 370 हटाने और जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शाषित प्रदेशों में विभाजित करने के फैसले को जल्दबाजी बताया।

‘जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इसमें पाक अधिकृत कश्मीर भी आता है… जान दे देंगे इसके लिए’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में आज (अगस्त 6, 2019) बहस के दौरान पाकिस्तान द्वारा अधिकृत कश्मीर पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। और कश्मीर की सीमा में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) भी आता है… जान दे देंगे इसके लिए।”

गौरतलब है कि कल गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर को लेकर सालों से चल रही असंमजस की स्थिति को दूर करते हुए जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370(1) के अलावा अनुच्छेद 370 के सभी खंड हटाने का मोदी सरकार का निर्णय
राज्यसभा में पेश किया था। इसके बाद शाम में जम्मू-कश्मीर राज्य पुनर्गठन बिल भी 125-61 मतों से राज्यसभा में पास हो गया था।

लोकसभा में कॉन्ग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी अलग ही राग छेड़ते दिखे। उन्होंने बेतुकी बात कहते हुए कश्मीर मसले को UN का मसला बता दिया। इस पर अमित शाह ने करारा जवाब देते हुए कहा कि अब कश्मीर को संयुक्त राष्ट्र मॉनिटर करेगा?

अमित शाह ने कल राज्यसभा में बताया कि अनुच्छेद 370 (1) के अलावा सभी खंड राष्ट्रपति के अनुमोदन से खत्म होंगे। साथ ही कहा कि राष्ट्रपति के अनुमोदन के बाद अनुच्छेद 370 के सभी खंड लागू नहीं होंगे।

9 बच्चों की मौत, 5 की हालत गंभीर: उत्तराखंड के टिहरी में स्कूल बस खाई में गिरी

उत्तराखंड के टिहरी में स्कूल बस के खाई में गिरने से 9 बच्चों की मौत हो गई है। ये घटना टिहरी के कांगसाली में मंगलवार (अगस्त 6, 2019) की सुबह हुई। जानकारी के मुताबिक इस बस में हादसे के समय 18 बच्चे सवार थे।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही SDRF की टीम मौक़े पर पहुँच गई है और घायल बच्चों को नजदीकी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में 5 बच्चों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। अस्पताल में घायल बच्चों को हर संभव इलाज देने का प्रयास किया जा रहा है।

एएनआई की खबर के मुताबिक इस हादसे में 7 बच्चों की मौत हुई है जबकि आजतक अपनी खबर में 9 बच्चों की जान जाने की पुष्टि कर रहा है। जानकारी के मुताबिक बच्चे एंजेल पब्लिक स्कूल के बताए जा रहे हैं।

उत्तराखंड टिहरी में हुए इस हादसे पर राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ट्वीट करके दुख जताया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट पर अपनी शोक संवेदनाओं को व्यक्त किया है और हादसे की उच्चस्तरीय जाँच के आदेश दिए हैं।