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उड़ता बॉलीवुड: अकाली दल MLA सिरसा ने लिखा खुला खत, कहा- ‘ड्रग पार्टी’ के लिए माफी माँगे सितारे

बॉलीवुड सितारों की ‘ड्रग पार्टी’ के वीडियो पर अकाली दल के विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने एक खुला खत लिखा है। इसमें उन्होंने देश की जनता का भरोसा तोड़ने के लिए बॉलीवुड सितारों से माफी मॉंगने को कहा है। ‘ड्रग पार्टी’ के वीडियो में शाहिद कपूर, रणबीर कपूर, दीपिका पादुकोण सहित कई नामचीन सितारे दिखाई पड़ते हैं।

सिरसा ने लोगों से अपने पत्र को पढ़ने और ट्विटर तथा इंस्टाग्राम पर इसे बॉलीवुड सितारों को टैग करने की अपील भी की है।

उन्होंने पत्र में लिखा है, “यदि सचिन तेंदुलकर को हमारे देश में पूजा जाता है तो रजनीकांत जैसे सितारों को पूजने वाले भी लाखों हैं। फैन बॉयज और फैन गर्ल्स की इस दुनिया में, बॉलीवुड के सितारे राष्ट्रीय मंच के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी जनता के अटूट प्रेम और समर्थन का आनंद लेते हैं।”

उन्होंने लिखा है, “राष्ट्रीय उत्सवों और समारोह में आपको अग्रिम पंक्ति दी जाती है। विदेश में आपके साथ भारत के अनौपचारिक राजदूतों की तरह व्यवहार किया जाता है। हेयरकट, कपड़े और यहां तक कि बच्चों का नाम भी आपसे प्रभावित होकर रखे जाते हैं। ऐसे में क्या यह उचित है कि आप जवाबदेही से बचने के लिए निजी जीवन का हवाला दे इंस्टाग्राम पर अपनी ड्रग पार्टी का दिखावा करें?”

दरअसल, निर्देशक-निर्माता करण जौहर जौहर ने 28 जुलाई, 2019 को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर यह वीडियो पोस्ट किया था। इस पार्टी में दीपिका पादुकोण, शाहिद कपूर, विक्की कौशल, रणबीर कपूर, अर्जुन कपूर, मलाइका अरोड़ा, वरुण धवन, सोनम कपूर समेत कई हस्तियाँ मौजूद थीं।

सिरसा ने पत्र में पूछा है, “अगर यह एक ड्रग पार्टी नहीं थी तो वहाँ खाने-पीने की चीजें क्यों नहीं मौजूद थीं? यदि वहाँ ड्रग नहीं था तो आप सब नशे में धुत और शर्मनाक रूप से बेसुध क्यों दिखाई दे रहे थे?”

फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ का हवाला देते हुए सिरसा ने यह भी कहा, “क्या ड्रग्स और मादक पदार्थो को लेकर आपकी नापसंदगी केवल ऑन-स्क्रीन उपस्थिति और कुछ सस्ती पब्लिसिटी के लिए एक राज्य को बदनाम करने (और चंद पैसों) तक ही सीमित है?”

सिरसा ने मुंबई के पुलिस आयुक्त से वीडियो में नजर आने वाले बॉलीवुड स्टार्स के ख़िलाफ़ FIR दर्ज करने की माँग भी की है।


मुस्लिम महिलाओं के हित में तीन तलाक कानून, अब जारी नहीं करेंगे फतवा: दरगाह-ए-आला हज़रत

बरेली का दरगाह-ए-आला हजरत अब तीन तलाक पर फतवा जारी नहीं करेगा। फौरी तीन तलाक को अपराध बनाने वाले कानून के अमल में आने के मद्देनजर यह फैसला किया गया है।

दरगाह-ए-आला हज़रत के प्रवक्ता मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा, “संसद द्वारा ट्रिपल तलाक पर रोक सम्बन्धी बिल पारित होने के बाद हमने यह तय किया है कि इस तरह के मामलों में कोई फतवा जारी नहीं करेंगे। हमारे द्वारा लिखित में कुछ भी नहीं दिया जाएगा। अगर कोई कानून का सहारा लेते हुए पुलिस या अदालत का दरवाजा खटखटाता है तो हम कानून की जटिल प्रक्रियाओं में फँस सकते हैं।”

हालॉंकि यदि कोई सलाह मॉंगता है तो उसे कुरान और हदीस के मुताबिक राय दी जाएगी। उन्होंने नए कानून की प्रशंसा करते हुए इसे मुस्लिम महिलाओं के हित में भी बताया है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह कानून तीन तलाक के मामलों को रोकने में मददगार साबित होगा।

गौरतलब है कि संसद से पास होने के बाद तीन तलाक को अपराध करार देने वाले ऐतिहासिक विधेयक को बुधवार (जुलाई 31, 2019) देर रात राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपनी मंजूरी दी थी। राष्‍ट्रपति के हस्‍ताक्षर के साथ ही मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक कानून अमल में आ चुका है। इस कानून को 19 सितंबर 2018 से लागू माना जाएगा। इस कानून के तहत 3 साल की सज़ा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

सरकार जाते ही कर्नाटक कॉन्ग्रेस में सिर फुटौव्व्ल, नेता विपक्ष पद को लेकर घमासान

कर्नाटक में जदएस-कॉन्ग्रेस सरकार गिरने के चंद दिनों के भीतर ही प्रदेश कॉन्ग्रेस नेताओं की आपसी लड़ाई तेज हो गई है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि विधानसभा में विपक्ष का नेता बनने के लिए शीर्ष नेताओं के बीच खींचतान चल रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, वरिष्ठ नेता जी परमेश्वरा और डीके शिवकुमार केन्द्रीय नेताओं के सामने इस पद पर अपनी दावेदारी जता चुके हैं। एएनआई ने वरिष्ठ कान्ग्रेस नेता के हवाले से बताया है कि पॉंच साल सीएम रहे सिद्धरमैया की लोगों के बीच छवि अच्छी है। लेकिन, उप मुख्यमंत्री रहे परमेश्वरा और शिवकुमार भी इस पद के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। इसके लिए तीनों नेता सभी विकल्प आजमा रहे हैं।

प्रदेश कॉन्ग्रेस की आखिरी बैठक में वीरप्पा मोइली, परमेश्वरा, दिनेश गुंडु राव, रहमान खान, सिद्धरमैया, केएच मुनियप्पा, शिवकुमार, रामलिंगा रेड्डी सहित राज्य के सभी नेताओं ने नेता विपक्ष पद को लेकर अपने विचार रखे थे। एक नेता ने बताया कि ज्यादातर नेता चाहते हैं कि सिद्धरमैया विपक्ष का नेता बनें। जनाधार होने के साथ-साथ उन्हें वित्त सहित राज्य के अन्य मसलों की गहरी जानकारी है। पार्टी कार्यकर्ता भी सिद्धरमैया को ही इस पद पर देखना चाहते हैं।

लेकिन, कॉन्ग्रेस नेता के मुताबिक शिवकुमार अपने लिए पर्दे के पीछे से सक्रिय हैं। दो विधानसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करने वाले परमेश्वरा भी इस पद के लिए बेकरार बताए जाते हैं।

कॉन्ग्रेस में यह उठापठक ऐसे वक्त में चल रही है जब गुरुवार को कॉन्ग्रेस-जदएस के 15 बागी विधायकों ने तत्कालीन स्पीकर आर रमेश कुमार के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। गठबंधन सरकार गिरने के बाद रमेश कुमार ने इन विधायकों को विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने तक तत्काल प्रभाव से अयोग्य करार दिया था।

J&K: अमरनाथ पर अलर्ट के बाद किश्तवाड़ में दुर्गा यात्रा पर रोक, बारामूला में आतंकी ढेर

अमरनाथ यात्रा को लेकर अलर्ट एडवाइजरी जारी होने के अगले दिन शनिवार को किश्तवाड़ के माछिल में दुर्गा यात्रा स्थगित कर दी गई है। किश्तवाड़ के जिला उपायुक्त अंग्रेज सिंह राना ने यह जानकारी दी है। हालाँकि यात्रा किन कारणों से रोकी गई है यह उन्होंने नहीं बताया है। दूसरी ओर, सुरक्षा बलों ने बारामूला में एक आतंकी को मार गिराया है।

बारामूला के सोपोर के मालमापंपोरा में चल रहे मुठभेड़ में एक जवान के जख्मी होने की भी खबर है।
सुरक्षाबल जब इस इलाके में तलाशी अभियान चला रहे थे तो घात लगाए आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने जवाबी कार्रवाई की। इलाके में दो आतंकी के छिपे होने की खबर थी, जिसमें से एक को मार गिराया गया है।

गौरतलब है कि सेना ने शुक्रवार को खुफिया जानकारियों का हवाला देते हुए कहा था कि पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। इसके तुरंत बाद, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों से घाटी की अपनी यात्रा में ‘‘कटौती करने’’ और जल्द से जल्द लौटने को कहा था।

यात्रा मार्ग से हथियार और विस्फोटक बरामद होने की सूचना देते हुए सेना ने कहा था कि सुरक्षा बल तीर्थयात्रियों पर हमले के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद हैं। एक जुलाई से शुरू हुई यात्रा फिलहाल खराब मौसम की वजह से रुकी हुई है। यात्रा 4 अगस्त से दोबारा शुरू होने की उम्मीद है और यह 15 अगस्त को संपन्न होगी।

सैनिकों की तैनाती और विभिन्न आदेशों से जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने जैसे कुछ बड़े फैसलों को लेकर अटकलें जोरों पर है। सरकार का कहना है कि ये कदम आतंकी मंसूबों को नाकाम करने तथा सुरक्षा को और सुदृढ़ करने के मकसद से उठाए गए हैं। लेकिन, जम्मू-कश्मीर के नेताओं की बयानबाजी से अफवाहों का बाजार गरम है। इसके कारण घाटी में लोगों ने राशन और अन्य आवश्यक सामान जमा करने शुरू कर दिए हैं। स्‍कूल बंद होने की अफवाहें फैलाई जा रही है। एटीएम और पेट्रोल पंपों पर भीड़ लग गई है। हालांकि प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर विश्‍वास न करने की सलाह दी है। प्रशासन का कहना है कि राज्‍य में कहीं किसी तरह का कर्फ्यू नहीं लगाया गया है। स्कूल भी बंद नहीं हैं।

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शुक्रवार देर रात मिलने आए नेताओं को शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की नसीह​त दी। साथ ही कहा कि अमरनाथ यात्रा को लेकर जारी एडवाइजरी और अन्य मसलों को जोड़कर ‘बेवजह का डर’ पैदा किया जा रहा है।

राज्यपाल से पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट के प्रमुख शाह फैसल और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन तथा इमरान रजा अंसारी ने मुलाकात की थी।

मामचंद के घर चोरी करते धरा गया शफक्कत, भीड़ ने ट्रैक्टर से बाँधकर पीटा

उत्तर प्रदेश के शामली के थाना भवन इलाके में चोरी के आरोप में एक युवक को ट्रैक्टर से बाँधकर स्थानीय लोगों ने बेरहमी से पीटा। चोर को गिरफ्तार कर पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, मामचंद के घर में चोरी करने के लिए चपटी उर्फ शफक्कत आधी रात को पीछे की दीवार फाँदकर घुसा था। मामचंद ने उसे घर में घुसते देख शोर मचाया। शोर सुन शफक्कत भागने लगा लेकिन मामचंद ने उसे पकड़ लिया। शफक्कत ने चोरी का सामान घर के पीछे खाली पड़ी जमीन में फेंक दिया था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने ट्रैक्टर से बाँधकर उसकी पिटाई की।

अखबार में छपी खबर का स्क्रीनशॉट

मामचंद ने शफक्कत को ट्रैक्टर से बाँधकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर आरोपित शफक्कत को हिरासत में ले लिया। थाना प्रभारी संदीप बालियान का कहना है कि सूचना मिलने के कुछ  ही समय बाद पुलिस मौके पर पहुँच गई थी। इस बीच चोर के पीटने का वीडियो भी वायरल हो रहा है, मगर पुलिस ने चोर की बेरहमी से पिटाई की बात को गलत बताया है।

मामचंद का कहना है कि उसके घर से कई कीमती सामान चोरी हो गए, लेकिन शफक्कत सिर्फ 200 रुपए की चोरी की बात कह रहा है। शफक्कत के पास से कई मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

हुड्डा के पोस्टर से गॉंधी परिवार गायब, हरियाणा में कॉन्ग्रेस का संकट गहराया

विधानसभा चुनाव से पहले हरियाणा में कॉन्ग्रेस का संकट गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे एक पोस्टर से गॉंधी परिवार नदारद है। यह पोस्टर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की 18 अगस्त को होने वाली परिवर्तन रैली को लेकर 4 अगस्त को रोहतक में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन से जुड़ा है।

यूॅं तो गॉंधी परिवार वह ‘फेविकोल’ बताया जाता है जो पूरे कॉन्ग्रेस को जोड़कर रखती है। पर इस पोस्टर को देखकर लगता है कि हरियाणा में इस फेविकोल की पकड़ कमजोर हो गई है। 4 अगस्त के परिवर्तन कार्यकर्ता सम्मेलन के पोस्टर में हुड्डा के अलावा उनके पुत्र पूर्व सांसद दीपेंद्र हुड्डा की ही तस्वीर है। इस पोस्टर ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के अलग पार्टी बनाने की अटकलों को और हवा दे दी है।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने बताया है कि इस मामले पर दीपेंद्र ने यह कहते हुए प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया कि सोशल मीडिया पर कोई भी कुछ डाल देता है। दीपेंद्र ने राज्य की बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए उसे उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “राज्य में बदलाव की जरूरत है और हम जनता को विकल्प मुहैया कराएंगे। इसके लिए हम 4 अगस्त को परिवर्तन कार्यकर्ता सम्मेलन और 18 अगस्त की रैली से अपने अभियान की शुरुआत करेंगे।”

बताया जाता है कि दस साल तक हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे हुड्डा पर उनके समर्थक विधायकों की ओर से अब कोई ठोस फैसला लेने का दबाव है। यही कारण है कि वे कॉन्ग्रेस आलाकमान को चुनौती देते दिख रहे हैं। माना जा रहा है कि रोहतक रैली से पहले यदि हुड्डा को प्रदेश कॉन्ग्रेस की कमान नहीं सौंपी गई तो वे अलग पार्टी बनाकर विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर सकते हैं।

मीडिया रिपोर्टों की माने तो हुड्डा समर्थक विधायकों ने आलाकमान को दो विकल्प दिए हैं। पहला तंवर को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर हुड्डा को कमान सौंपी जाए। दूसरा, हुड्डा को टिकट बॅंटवारे की आजादी दी जाए।

तराबुद्दीन ने फोन पर तो इम्तियाज ने व्हाट्सएप पर दिया तीन तलाक, ससुर ने चेक थमाकर किया रिश्ता खत्म

तीन तलाक के विरुद्ध कानून बनने के बाद भी लोगों में इसका खौफ नहीं दिख रहा है। एक के बाद एक तीन तलाक के कई मामले सामने आ रहे हैं। कहीं पर शौहर बीबी को व्हाट्सएप मैसेज के जरिए तीन तलाक दे रहा है, तो कहीं पर फोन पर तलाक-तलाक-तलाक बोलकर रिश्ते खत्म कर रहा। उत्तर प्रदेश की फातिमा खातून को उसके शौहर ने फोन पर तीन तलाक दे दिया। वहीं महाराष्ट्र की जन्नत बेगम को व्हाट्सएप मैसेज से तीन तलाक देकर उसका पति दूसरी बीबी के साथ रहने लगा।

बता दें कि, कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के गाँव शोभा छपरा की फातिमा को उसके शौहर तराबुद्दीन ने सऊदी अरब से फोन पर तलाक दे दिया। आनन-फानन ससुराल में शुक्रवार (अगस्त 2, 2019) को पंचायत बैठ गई, जहाँ इस रिश्ते की कीमत लगाते हुए तराबुद्दीन के पिता अब्दुल रहीम ने फातिमा को डेढ़ लाख रुपए का चेक थमाकर कहा कि उनका उससे अब कोई रिश्ता नहीं है।

फातिमा का कहना है कि उसका जीवन बर्बाद करने वालों को कानून सजा दे। फातिमा का 2014 में तराबुद्दीन के साथ निकाह हुआ था। निकाह के 4 महीने बाद ही वो सऊदी चला गया और जब बीच में आता था तो उसका फातिमा के प्रति व्यवहार अच्छा नहीं रहता था। साथ ही वो उसे दूसरी लड़की की फोटो दिखाकर उससे शादी की बात कहकर प्रताड़ित करता था।

गुरुवार (अगस्त 1, 2019) को फातिमा के ससुर ने उसकी तराबुद्दीन से फोन पर बात करवाई। जैसे ही फातिमा ने हैलो कहा, तराबुद्दीन ने तलाक तलाक तलाक कहकर फोन काट दिया। इसके बाद उसके ससुर ने पंचायत बुलाकर फातिमा को डेढ़ लाख रुपए का चेक दे फोटो खिंचवाई और पहले से लिखे स्टांप पेपर पर अँगूठा लगवाकर रिश्ता खत्म करने का एलान कर दिया। सीओ नवीन कुमार नायक ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई कर आरोपित के विरुद्ध सख्त कदम उठाया जाएगा।

वहीं, महाराष्ट्र के ठाणे में पुलिस ने व्हाट्सएप के जरिए अपनी बीबी को तलाक देने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मुंब्रा के नजदीक पुलिस ने गुरुवार (अगस्त 1, 2019) रात आरोपित के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए और मुस्लिम महिला (वैवाहिक अधिकारों की रक्षा) अधिनियम की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया। जानकारी के मुताबिक, इम्तियाज गुलाम पटेल ने पिछले साल 30 नवंबर को बीबी जन्नत बेगम को फोन और व्हाट्सएप मैसेज के जरिए तलाक दे दिया था। तलाक के बाद इम्तियाज अपनी दूसरी बीबी के साथ मुंबई में रह रहा है, जबकि जन्नत पिछले 8 महीने से अपने पिता के घर मुंब्रा में रह रही है।

देर रात मिलने आए कश्मीरी नेताओं से बोले राज्यपाल- बेवजह का डर पैदा किया जा रहा

आतंकी मंसूबों को नाकाम करने के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर में उठाए जा रहे कदमों पर जारी राजनीतिक बयानबाजी को लेकर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने शुक्रवार देर रात मिलने आए नेताओं को शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की नसीह​त दी। साथ ही कहा कि अमरनाथ यात्रा को लेकर जारी एडवाइजरी और अन्य मसलों को जोड़कर ‘बेवजह का डर’ पैदा किया जा रहा है।

राज्यपाल से पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट के प्रमुख शाह फैसल और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद लोन तथा इमरान रजा अंसारी ने मुलाकात की। इसके बाद राजभवन ने बयान जारी कर कहा कि नेताओं ने एडवाइजरी और सरकार की ओर से उठाए गए अन्य कदमों से कश्मीर घाटी में डर की स्थिति पैदा होने के बारे में चिंताएँ जताई।

जवाब में मलिक ने कहा कि अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियों के पास विश्वसनीय सूचनाएँ हैं। लिहाजा सरकार ने यात्रियों और पर्यटकों से जल्द से जल्द लौटने को कहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिहाज से उठाए जा रहे कदमों को अन्य मुद्दों से जोड़कर भय का वातावरण बनाया जा रहा है।

सैनिकों की तैनाती और विभिन्न आदेशों से जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने जैसे कुछ बड़े फैसलों को लेकर अटकलें जोरों पर है। इसके कारण घाटी में लोगों ने राशन और अन्य आवश्यक सामान जमा करने शुरू कर दिए हैं।

गौरतलब है कि सेना ने शुक्रवार को खुफिया जानकारियों का हवाला देते हुए कहा था कि पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। इसके तुरंत बाद, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने यात्रियों और पर्यटकों से घाटी की अपनी यात्रा में ‘‘कटौती करने’’ और जल्द से जल्द लौटने को कहा था।

यात्रा मार्ग से हथियार और विस्फोटक बरामद होने की सूचना देते हुए सेना ने कहा था कि सुरक्षा बल तीर्थयात्रियों पर हमले के किसी भी प्रयास को विफल करने के लिए पूरी तरह से मुस्तैद हैं। एक जुलाई से शुरू हुई यात्रा फिलहाल खराब मौसम की वजह से रुकी हुई है। यात्रा 4 अगस्त से दोबारा शुरू होने की उम्मीद है और यह 15 अगस्त को संपन्न होगी।

AIMIM नेता अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ FIR दर्ज, ’15 मिनट वाला घाव’ का है मामला

एआईएमआईएम (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन) नेता अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ करीमनगर थाने में भड़काऊ भाषण के मामले में FIR दर्ज कराई गई है। अकबरुद्दीन ओवैसी ने 6 साल पहले एक जनसभा में दिए अपने 15 मिनट वाले बयान का जिक्र करते हुए कहा था कि दुनिया उसी से डरती है जो डराता है। अकबरुद्दीन ने कहा था, “15 मिनट ऐसा घाव है, जो अभी तक नहीं भर सका।”

हाल ही में लंबी बीमारी से ठीक होने के बाद अकबरुद्दीन ने तेलंगाना के करीमनगर में एक जनसभा में मॉब लिंचिंग का जिक्र करते हुए अपने 15 मिनट वाले भाषण का जिक्र किया। ओवैसी ने सभा में आए लोगों से कहा कि उन्हें राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, बजरंग दल और भारतीय जनता पार्टी से डरने की जरूरत नहीं है, ये लोग उसका बाल भी बाँका नहीं कर सकते।

इस दौरान उसने 2013 में दिए गए 15 मिनट वाले बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उसने कहा था, “हम 25 करोड़ हैं और तुम (हिंदू) 100 करोड़ हो, 15 मिनट के लिए पुलिस हटा दो, देख लेंगे किसमें कितना दम है।”

तीन तलाक गुनाह: सुप्रीम कोर्ट पहुॅंचा सुन्नी समुदाय का संगठन, नए कानून पर रोक की मॉंग

पत्नी को फौरी ‘तीन तलाक’ को अपराध करार देने वाले कानून के खिलाफ सुन्नी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। ‘समस्त केरल जमीयतुल उलेमा’ ने शीर्ष अदालत से इस कानून पर रोक लगाने और इसे असंवैधानिक करार देने का अनुरोध किया है। याचिका में इस कानून को संविधान की धारा 14, 15 और 21 का उल्लंघन बताया गया है।

‘समस्त केरल जमीयतुल उलेमा’ वही संगठन है जिसने कुछ महीने पहले केरल में एमईएस द्वारा कैंपस में चेहरा ढकने वाले सभी पहनावों पर प्रतिबंध लगाने पर नाराजगी जताई थी। उसके अध्यक्ष सैयद मुहम्मद जिफरी थंगल ने कहा था कि यह धार्मिक मसला है और इस पर फैसला लेने का हक एमईएस को नहीं है।

गौरतलब है कि संसद से पारित महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने गुरुवार को मंजूरी दी थी। यह कानून तत्काल तीन तलाक को गैर कानूनी बनाता है और इसके लिए पुरुषों को तीन साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है।

इस कानून का समुदाय की आम महिलाओं द्वारा स्वागत किया जा रहा है। लेकिन, मजहबी संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कैबिनेट में शामिल सिद्दिकुल्लाह चौधरी ने इस कानून को इस्लाम पर हमला बताया था। उन्होंने इसे कबूल नहीं करने की बात कही थी। चौधरी जमीयत उलेमा-ए-हिंद के पश्चिम बंगाल यूनिट के अध्यक्ष भी हैं।